God’s descent and the restoration of virtue

May 16, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav– In a time long forgotten, there existed a land where the seeds of righteousness were sown deep within the hearts of its people. Religion flourished and its guiding principles of compassion, […]

शिवत्व की यात्रा : न मे मृत्युशंका न मे जातिभेदः

April 22, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– आश्रम में संध्या उतर चुकी थी। वटवृक्ष के नीचे बैठे सुधांशु की आँखें बंद थीं। आचार्य के शब्द उसके भीतर मर्मस्थान को वेध रहे थे। वास्तव मे ये विचार अब परिपक्व […]

प्रेरक कहानियाँ : शिवत्व की यात्रा मे पढ़ें मानसिक शत्रुओं का विरेचन और शान्ति की अनुभूति

April 4, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– संध्या का समय था। सूर्य धीरे-धीरे पश्चिम के क्षितिज में विलीन हो रहा था और आकाश में हल्की सुनहरी आभा फैल रही थी। हवेली के प्रांगण में एक विचित्र शान्ति थी, […]

शिवत्व की यात्रा : रहस्यमयी संन्यासी और पहली कसौटी

March 30, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात का सन्नाटा गहरा था। आकाश में बादल छाये हुए थे और चन्द्रमा कभी-कभी उनके बीच से झाँक जाता था। सुधांशु के घर के आँगन में दीपक की लौ हल्की-हल्की काँप […]

शिवत्व की यात्रा : परीक्षा का आरम्भ

March 26, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भोर का समय था। पूर्व दिशा में सूर्य की हल्की आभा प्रकट होने लगी थी। आश्रम के चारों ओर फैली निस्तब्धता धीरे-धीरे पक्षियों के कलरव से टूट रही थी। वृक्षों की […]

शिवत्व की यात्रा : रहस्य का पुनः उदय और गुरु की दृष्टि

March 22, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वसंत का प्रारम्भ हो चुका था। आम के वृक्षों पर कोमल बौर आ गया था और हवा में एक मदमस्त सुगन्ध फैलने लगी थी। जीवन में जैसे एक हल्का-सा उल्लास लौट […]

शिवत्व की यात्रा : सम्बन्धों की कसौटी मे धर्म की पहली परीक्षा

March 20, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शीत ऋतु का प्रारम्भ था। प्रातःकाल की धूप अभी कोमल थी और हवा में हल्की ठंडक थी। निरंजन अपने घर के बाहर बैठा था। सामने आँगन में तुलसी के चौरे पर […]

शिवत्व की यात्रा : साधना की गुप्त परम्परा

March 16, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– उस रहस्यमयी अतिथि के जाने के बाद कई दिनों तक निरंजन के भीतर एक अजीब जिज्ञासा बनी रही। वह व्यक्ति कौन था? उसका उद्देश्य क्या था? और उसे कैसे पता था […]

शिवत्व की यात्रा : साधना का दर्पण

March 14, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद की एक गहरी रात्रि थी। आकाश में बादल छाए हुए थे और हवा में एक विचित्र नमी थी। घर के बाहर पीपल के पत्तों की हल्की सरसराहट सुनाई दे रही […]

शिवत्व की यात्रा : गृहस्थाश्रम का यज्ञ

March 10, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव— समय धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। निरंजन का जीवन अब आश्रम की एकांत साधना से निकलकर गृहस्थ जीवन की जटिलताओं में प्रवाहित हो चुका था। उसका घर छोटा था, जीवन साधारण […]

शिवत्व की यात्रा का दार्शनिक स्वरूप : समाधि से समाज तक

March 4, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रभात का समय था। आश्रम में सामान्य दिनचर्या प्रारम्भ हो चुकी थी—गौशाला में सेवा, रसोई में धूप की सुगन्ध, प्रार्थना का मधुर गान। परन्तु निरंजन के भीतर कुछ असामान्य था। समाधि […]

शिवत्व की यात्रा : समाधि की देहरी

March 3, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद की स्वच्छ रात्रि थी। आकाश निर्मल, तारकाओं से भरा हुआ, मानो अनन्त का प्रत्यक्ष साक्षात्कार हो रहा हो। आश्रम के उत्तर दिशा में स्थित उस प्राचीन पीपल वृक्ष के नीचे […]

शिवत्व की यात्रा मे मर्यादा, प्रेम और त्याग का अग्निसंस्कार

February 26, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– आश्रम में उस दिन एक गंभीरता थी। प्रभात की वायु में भी जैसे कोई गूढ़ संकेत था। निरंजन शिवालय के सामने बैठा था, पर आज उसका ध्यान स्थिर नहीं था। उसके […]

शिवत्व की यात्रा का एक और चरण : आसक्ति से मुक्ति

February 23, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रभात का समय था। आश्रम के पीछे बहने वाली छोटी नदी के तट पर निरंजन अकेला बैठा था। जल का प्रवाह शांत था, परन्तु उसके भीतर निरन्तर गति थी। वह उसी […]