आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 5, 2025 0

प्रश्न एक– ‘प्राकृत पैंगलम्’ है :–१– एक ग्रन्थ है।२– एक प्रकार की लिपि३– चीन की एक ऐतिहासिक मीनार४– प्राकृतिक भाषा के प्रवर्तन करनेवाले ऋषि का नामप्रश्न दो– निम्नांकित बोलियोँ मे से कौन-सी बोली पश्चिमी हिन्दी […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 19, 2025 0

◆ आप इस विषय से सम्बन्धित किसी प्रकार के भ्रम को दूर करने वा शंका का समाधान करने के लिए मुक्त भाव से प्रश्न-प्रतिप्रश्न कर सकते हैँ। यदि आपको लगता हो कि हमने किसी अशुद्ध […]

शैक्षिक उपलब्धियोँ की तीव्रतर उड़ान भरता हुआ ‘हिन्दी-संसार’

January 5, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आज देश की अति विशिष्ट टी० जी० टी०-पी० जी० टी० (हिन्दी) शिक्षण-संस्था ‘हिन्दी-संसार’ मे हमारा जाना हुआ, जहाँ संस्थान के निदेशक एवं परम प्रिय शिष्य उदारमना डॉ० अशोक स्वामी जी […]

‘हिन्दी-संसार’ के भव्य समारोह मे ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ कृति का लोकार्पण हुआ

January 5, 2025 0

‘हिन्दी-संसार’ संस्था प्रयागराज की ओर से ५ जनवरी को संस्था-सभागार मे राष्ट्रीय स्तरीय पर प्रतिभा-सम्मान समारोह एवं भाषाविशेषज्ञ-सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमे वैयाकरण एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने सभागार मे देश के […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 17, 2024 0

◆ प्रस्तुत वाक्य ऐसे हैँ, जिन्हेँ लेकर ९५ प्रतिशत से अधिक सुशिक्षितजन अशुद्ध लेखन करते आ रहे हैँ।◆ यह प्रतियोगिता १८-१९ नवम्बर, २०२४ ई० तक रहेगी। जिसका उत्तर सर्वशुद्ध रहेगा, उसे नीचे दी गयी कृति […]

‘परिक्षा’ शुद्ध शब्द है और परीक्षा भी

November 8, 2024 0

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला•••••••••••••••••••••••••• ★ परिक्षा– इस ‘परिक्षा’ शब्द की वर्तनी (अक्षरी) देखते ही कोई भी सुस्पष्ट शब्दोँ मे कह देगा– यह जो ‘परिक्षा’ शब्द दिख रहा है, पूरी तरह से ग़लत है; […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 24, 2024 0

अध: टंकित वाक्य को सकारण शुद्ध करेँ :–● मैं दो दिन से गांव पर/पे है।सकारण उत्तर–सर्वप्रथम हम अपने प्रश्नात्मक वाक्य पर विचार करेँगे। यह वाक्य अशुद्ध है; क्योँकि वाक्य से निर्देश की ध्वनि आ रही […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

August 27, 2024 0

■ अधोटंकित वाक्य मे किसप्रकार की अशुद्धि/अशुद्धता है? आप इसे शुद्ध करते हुए, प्रस्तुत करेँ–● असफलताऐँ हमारे सोच को मन्द करता हो।■ हम ‘अधोटंकित’ शब्द का प्रयोग जाने कब से करते आ रहे हैँ, जोकि […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 8, 2024 0

निर्देश– शुद्धता की दृष्टि से अधोटंकित वाक्योँ पर विचार करेँ :– एक– एक से सौ तक की गिनती हमने सीख लीं हैं।दो– हमने एक से सौ तक की गिनतियाँ सीख ली है। विवेचन-विश्लेषण– दोनो वाक्य […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 5, 2024 0

◆ हमने समयाभाव के कारण सविस्तार नहीँ बताया है; क्योँकि इसकी विस्तृत जानकारी कराने मे लगभग एक हज़ार शब्द टंकित करने पड़ते। इसका पाठशाला-विषयक पुस्तक मे विश्लेषण किया जायेगा। ◆ जहाँ संशय वा भ्रम हो, […]

शुद्धाशुद्ध शब्दोँ पर आधारित ‘आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ नामक अभिनव एवं अनन्य कृति शीघ्र सार्वजनिक होगी

June 19, 2024 0

चिर-प्रतीक्षित कृति का यह ‘दूसरा प्रूफ़’ है। हम अतिशीघ्र उपर्युक्त कृति को सार्वजनिक करेँगे। इसप्रकार की कोई कृति अभी तक उपलब्ध नहीँ है। हमने अपनी इस कृति का प्रणयन करते समय पूर्ण मनोयोग से ‘शब्ददर्शन’ […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 19, 2024 0

अधोटंकित वाक्य को सकारण शुद्ध करें– ● उस जंगलों के भीतरी हिस्सों मे प्रवेश नहीं करें।जब भी इस प्रकार का वा इससे मिलता-जुलता वाक्य शुद्ध करने के लिए प्रस्तुत किया जाये तब आप उसे समझते […]

‘आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ नामक कृति–

March 11, 2024 0

पुस्तक के विषय मे :– ◆ पुस्तक की विक्रय-संख्या का एक अनुमान प्राप्त हो जाने के अनन्तर उसी संख्या मे पुस्तक का मुद्रण और प्रकाशन होगा।◆ पुस्तक मुद्रित हो जाने के बाद निबन्धित (रजिस्टर्ड) ‘डाकसेवा’ […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 3, 2024 0

शब्द हैं :– रचयिता-रचयित्री। ★ रचयिता– ‘रचयिता’ पुंल्लिंग-शब्द है, जो किसी भी प्रकार की मौलिक रचना के लिए प्रयुक्त होता है। ‘रचयिता’ का अर्थ है, रचना/सर्जन करनेवाला वा रचनेवाला। ‘रचना’ करने के अर्थ मे ‘रच्’ […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 20, 2024 0

हमने ऊपर दिख रही सामग्री मे अशुद्ध शब्द-व्यवहार को यथाशक्य सकारण शुद्ध किया है। इसमे जिसकी रुचि हो, वे ग्रहण कर सकते हैं; किसी प्रकार की कोई बाध्यता नहीं। वैसे भी शब्द मे शक्ति होती […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 3, 2024 0

अब हमें देवनागरी लिपि के अन्तर्गत हिन्दीभाषा मे प्रयुक्त किये जानेवाले उन शब्दों पर विचार करना होगा, जो लुप्तप्राय हो चुके हैं तथा जो यदा-कदा व्यवहार मे लक्षित होते रहते हैं; और वह भी अशुद्धि-रूप […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 10, 2023 0

९ दिसम्बर को ही उत्तर देना था; परन्तु स्मृति से ओझल हो गया था। आज (१० दिसम्बर) ‘खेद-सहित’/’खेदसहित’ (‘खेद सहित’ शब्द अर्थहीन हैं।) उत्तर दिया गया है। दो शब्द हैं :―१– ख़ुशख़बर२– ख़ुशख़बरी(१) ख़ुशख़बर― प्रसन्नता […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 19, 2023 0

प्रश्न― अधोटंकित शब्दों में से कौन-से शब्द उपयुक्त हैं और क्यों? उपयुक्त शब्दों का वाक्य मे प्रयोग करके बतायें।१– बरात २– बारात ३– बाराती ४– बराती उत्तर―चारों शब्दों मे से दो शब्द उपयुक्त हैं :― […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 11, 2023 0

◆ आचार्य की पाठशाला की ओर से किये गये प्रश्न ‘देखने’ और ‘उत्तर’ देने मे अत्यन्त सरल लगते हैं, जबकि वे होते नहीं हैं; क्योंकि उसके लिए ‘शरसंधान’ की भाँति ‘शब्दसंधान’ करना पड़ता है। १– […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 27, 2023 0

● व्याकरण के स्तर पर अधोलिखित वाक्यों में किस-किस प्रकार की अशुद्धियाँ हैं? उन अशुद्धियों को दूर करते हुए, अधोलिखित वाक्यों को शुद्ध करें―१- शान्तनु ने स्पृहा से कहा, शान्तनु अब स्पृहा से वार्ता नहीं […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की कर्मशाला सम्पन्न

March 16, 2023 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने असम के विद्यार्थियों को मूलभूत व्याकरण का ज्ञान कराया ‘राष्ट्रभाषा प्रबोध विद्यालय’, विश्वनाथ (असम) के एक कक्ष मे कल आयोजित शैक्षिक कर्मशाला मे अनेक शिक्षण-संस्थाओं की छात्र-छात्राओं की सहभागिता उपयोगी […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 22, 2023 0

यहाँ एक शब्द है, खेल। इसी शब्द से दो शब्द का सर्जन (‘सृजन’ अशुद्ध शब्द है।) होता है :―१– खिलाड़ी२– खेलाड़ी। इनमे से कौन-सा शब्द उपयुक्त है और क्यों? कहीं ऐसा तो नहीं, दोनो शब्द […]