शिवत्व की यात्रा : रहस्यमयी संन्यासी और पहली कसौटी

March 30, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात का सन्नाटा गहरा था। आकाश में बादल छाये हुए थे और चन्द्रमा कभी-कभी उनके बीच से झाँक जाता था। सुधांशु के घर के आँगन में दीपक की लौ हल्की-हल्की काँप […]

शिवत्व की यात्रा : धर्म और प्रेम का द्वंद्व

March 29, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात धीरे-धीरे गहरी हो चुकी थी। आकाश में चन्द्रमा बादलों के पीछे छिपता-उभरता जा रहा था। सुधांशु के घर के आँगन में एक दीपक जल रहा था जिसकी लौ हवा के […]

शिवत्व की यात्रा : तप की अग्नि है गृहस्थाश्रम

March 28, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– संध्या का समय था। सूर्य पश्चिम दिशा में ढल रहा था और आकाश में लालिमा फैलती जा रही थी। सुधांशु आश्रम की पगडंडी से आगे बढ़ रहा था। उसके कदम धीमे […]

“भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला” का भाषिक अर्थ, अवधारणा एवं संदर्भ

March 27, 2026 0

शब्दसंधान ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय तो आइए! हम अब प्रत्येक शब्द के अर्थगौरव से परिचित हो लेँ। शब्द हैँ :– श्री रामनवमी, भए, प्रगट, कृपाला तथा दीनदयाला। ‘श्री रामनवमी’ के संदर्भ मे “भये प्रगट […]

शिवत्व की यात्रा : परीक्षा का आरम्भ

March 26, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भोर का समय था। पूर्व दिशा में सूर्य की हल्की आभा प्रकट होने लगी थी। आश्रम के चारों ओर फैली निस्तब्धता धीरे-धीरे पक्षियों के कलरव से टूट रही थी। वृक्षों की […]

शिवत्व की यात्रा : सम्बन्धों का प्राण है धर्म

March 25, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव-– रात का अंतिम प्रहर था। आकाश में चन्द्रमा अपनी शीतलता बिखेर रहा था। आश्रम के पीछे बहने वाली छोटी-सी धारा से जल की मधुर ध्वनि सुनाई दे रही थी। वृक्षों के […]

क़लम को हथियार बनाकर अँगरेजोँ की नीद उड़ा ले गये, गणेशशंकर विद्यार्थी!

March 24, 2026 0

◆ गणेशशंकर विद्यार्थी के बलिदान-दिनांक (२५ मार्च) के अवसर पर विशेष प्रस्तुति ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• गणेशशंकर विद्यार्थी एक ऐसा नाम है, जिनके व्यक्तित्व और कर्त्तृत्व (‘कृतित्व’ अशुद्ध शब्द है।) मे तीन प्रकार गुण […]

जहाँ कम्पोजिंग के अक्षरोँ के ख़ाने मे नीचे ‘बारूद’ और ब्लॉक के स्थान पर ‘बम’ रखे जाते थे!

March 24, 2026 0

क्रान्तिकारी गणेशशंकर विद्यार्थी के बलिदान-दिनांक (२५ मार्च) पर विशेष प्रस्तुति ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• योँ तो क्रान्तिधर्मी गणेशशंकर विद्यार्थी ने कई समाचारपत्र-पत्रिकाओँ मे लेखन और सम्पादन किया था; परन्तु वे स्वयं के लिए जैसी […]

भारतीय दूतावास के ‘नमस्ते पेरू’ मेले में उमड़ा जनसैलाब

March 23, 2026 0

लीमा। पेरू में भारतीय दूतावास द्वारा ‘नमस्ते पेरू’ नामक एक भव्य सांस्कृतिक और व्यापारिक मेला आयोजित किया गया। इस मेले में भारतीय मूल के नागरिकों के अलावा स्थानीय लोगों का एक बड़ा हुजूम उमड़ा। चेरेटी […]

शिवत्व की यात्रा : रहस्य का पुनः उदय और गुरु की दृष्टि

March 22, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वसंत का प्रारम्भ हो चुका था। आम के वृक्षों पर कोमल बौर आ गया था और हवा में एक मदमस्त सुगन्ध फैलने लगी थी। जीवन में जैसे एक हल्का-सा उल्लास लौट […]

पुरुष परिधि पर घूम रही नारी बेचारी

March 21, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शूद्र गँवार ढोल पशु नारीये ताड़न की अधिकारी है।जाति-पाँति से हीन रहीयुग-युग से वह बेचारी है।बुद्धिमान होकर भी नारीजाहिल समझी जाती है।गैरों का पाप लिए सिर परवह दर-दर ठोकर खाती है।जीवन […]

शिवत्व की यात्रा : सम्बन्धों की कसौटी मे धर्म की पहली परीक्षा

March 20, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शीत ऋतु का प्रारम्भ था। प्रातःकाल की धूप अभी कोमल थी और हवा में हल्की ठंडक थी। निरंजन अपने घर के बाहर बैठा था। सामने आँगन में तुलसी के चौरे पर […]

शिवत्व की यात्रा : धर्म और सम्बन्ध मे प्रेम की मर्यादा

March 19, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वर्षा का समय समाप्त हो चुका था। आकाश स्वच्छ था और हवा में हल्की शीतलता घुलने लगी थी। संध्या का समय था। निरंजन घर के आँगन में बैठा था। सामने तुलसी […]

Poem : The Wall of Silence

March 18, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav– When the limits of my sorrow, Are finally crossed, I’ll find no strength to borrow, In silence, I’ll be lost. Like a stone, I will harden, While you try to appease, […]

भारत ने यूएन में कहा- इस्लामोफोबिया की कहानियां गढ़ने में माहिर हमारा ‘पड़ोसी’

March 17, 2026 0

न्यूयॉर्क। भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र के मंच पर दोहरा रवैया अपनाने के लिए पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक के दौरान पाकिस्तान की ओर से फर्जी […]

शिवत्व की यात्रा : साधना की गुप्त परम्परा

March 16, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– उस रहस्यमयी अतिथि के जाने के बाद कई दिनों तक निरंजन के भीतर एक अजीब जिज्ञासा बनी रही। वह व्यक्ति कौन था? उसका उद्देश्य क्या था? और उसे कैसे पता था […]

पछुआ मन घायल करे, पुरुआ करे उदास

March 16, 2026 0

– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–पछुआ मन घायल करे, पुरुआ करे उदास।झरते पत्ते शाख से, कोई आस-न-पास।।दो–देश लगे पतझर यहाँ, कोई हाल-न-चाल।मौसम निर्मम इस तरह, खीँच रहे सब खाल।।तीन–पंख घृणा फैला दिखे, करे कष्ट संवाद।मानव-मानव […]

शिवत्व की यात्रा : साधना का दर्पण

March 14, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद की एक गहरी रात्रि थी। आकाश में बादल छाए हुए थे और हवा में एक विचित्र नमी थी। घर के बाहर पीपल के पत्तों की हल्की सरसराहट सुनाई दे रही […]

शिवत्व की यात्रा : भक्ति की वास्तविक परीक्षा

March 13, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– समय अपने शांत प्रवाह में आगे बढ़ता रहा। निरंजन का जीवन अब एक संतुलित लय में चल रहा था। सुबह का ध्यान, दिन भर का श्रम, परिवार की जिम्मेदारियाँ और रात्रि […]

शिवत्व की यात्रा : गृहस्थाश्रम का यज्ञ

March 10, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव— समय धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। निरंजन का जीवन अब आश्रम की एकांत साधना से निकलकर गृहस्थ जीवन की जटिलताओं में प्रवाहित हो चुका था। उसका घर छोटा था, जीवन साधारण […]

सम्पूर्ण निष्ठा और समर्पण का परिणाम रहा, टी-२० विश्वकप पर जीत का मोहर लगा देना!

March 9, 2026 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ८ मार्च की तारीख़ भारतीय क्रिकेट की दृष्टि से देश को गौरवान्वित करनेवाली थी और सबकी निगाहेँ गुजरात के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम की पिच पर संध्या ७ बजे स्थिर हो […]

शिवत्व की यात्रा : भीतर के अंधकार से युद्ध है गृहस्थ का तप

March 9, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रभात का समय था। पूर्व दिशा में सूर्य की पहली किरणें आकाश को हल्की स्वर्णिम आभा से भर रही थीं। आश्रम के प्रांगण में शांति थी, पर उस शांति के भीतर […]

“फागुन की है बहार, ज़रा मुसकराइए”

March 8, 2026 0

रैन-बसेरा, अल्लापुर में होली-कविसम्मेलन प्रयागराज। गत दिवस होलिकोत्सव के अवसर पर व्याकरणवेत्ता एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की अध्यक्षता मे प्रयागराज की कवि-कवयित्रियों ने रैन-बसेरा, बाघम्बरी गृह-योजना, अल्लापुर, प्रयागराज मे अपनी-अपनी रंग-विरंगभरी कविताओँ से […]

नारी-जीवन झूले की तरह– इस पार कभी-उस पार कभी!

March 7, 2026 0

‘विश्वमहिला-दिवस’ पर ‘सर्जनपीठ’ का विशेष आयोजन•••••••••••••••••••••••••••••••••••• प्रयागराज। प्रतिवर्ष ‘विश्व महिला-दिवस’ का आयोजन होता है और उसके लिए अलग-अलग विषय भी निर्धारण किये जाते हैँ; परन्तु खेद का विषय है! किसी विषय का कोई क्रियान्वयन् नहीँ […]

शिवत्व की यात्रा का विस्तार : व्यक्ति से युगचेतना तक

March 6, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद पूर्णिमा की रात्रि थी। चन्द्रमा का प्रकाश आश्रम की शिला-दीवारों पर शान्त चाँदी-सा बिछा हुआ था। हवा में न शीत का तीखापन था, न वर्षा की नमी—केवल एक निर्मल संतुलन। […]

”सही उच्चारण के लिए संस्कृत और फ़ारसी का ज्ञान आवश्यक है”– फ़िराक़ गोरखपुरी

March 5, 2026 0

‘सर्जनपीठ’ का ‘अज़ीम शाइर फ़िराक़ गोरखपुरी और उनकी सार्वकालिक रचनाशीलता’ विषयक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक आयोजन प्रयागराज। एक ख़ूबसूरत एहसास का नाम है, फ़िराक़। ग़ज़ल, नज़्म, रुबाई के साथ-साथ, समालोचना और इतिहास पर भी क़लम चलानेवाले रघुपति […]

शिवत्व की यात्रा का दार्शनिक स्वरूप : समाधि से समाज तक

March 4, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रभात का समय था। आश्रम में सामान्य दिनचर्या प्रारम्भ हो चुकी थी—गौशाला में सेवा, रसोई में धूप की सुगन्ध, प्रार्थना का मधुर गान। परन्तु निरंजन के भीतर कुछ असामान्य था। समाधि […]

शिवत्व की यात्रा : समाधि की देहरी

March 3, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद की स्वच्छ रात्रि थी। आकाश निर्मल, तारकाओं से भरा हुआ, मानो अनन्त का प्रत्यक्ष साक्षात्कार हो रहा हो। आश्रम के उत्तर दिशा में स्थित उस प्राचीन पीपल वृक्ष के नीचे […]

प्राथमिक विद्यालय, इस्माइलगंज का वार्षिकोत्सव एवं होलीमिलन-समारोह सम्पन्न

March 2, 2026 0

प्रयागराज। गत दिवस विकास-खण्ड सोराँव के अन्तर्गत संचालित प्राथमिक विद्यालय, इस्माइलगंज प्रथम मे अत्यन्त भव्य ढंग से वार्षिकोत्सव सम्पन्न हुआ, जिसमे छात्र-छात्राओँ ने आदर्शपूर्ण तरीक़े से होली खेली; वहीँ कार्यक्रम मे उपस्थित समस्त अतिथिवृन्द एवं […]

शिवत्व की यात्रा : नाद, नृत्य और ओंकार का मिलन

March 1, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वर्षा ऋतु का अन्तिम चरण था। आकाश स्वच्छ था, परन्तु वायु में अभी भी जल की शीतलता थी। आश्रम के उत्तर दिशा में एक प्राचीन कक्ष था, जिसे नाद-मण्डप कहा जाता […]

अनोखी पहल : “आशीष और कल्याणी” के विवाह ने दिया सामाजिक जागरूकता का संदेश

February 27, 2026 0

शिवांकित तिवारी, जबलपुर, मध्यप्रदेश। जहाँ आजकल शादियाँ भव्यता और दिखावे का प्रतीक बन चुकी हैं, वहीं जबलपुर के युवा दंपति आशीष और कल्याणी ने अपने विवाह को सामाजिक जागरूकता का अभियान बना दिया। 5 फरवरी […]

शिवत्व की यात्रा मे मर्यादा, प्रेम और त्याग का अग्निसंस्कार

February 26, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– आश्रम में उस दिन एक गंभीरता थी। प्रभात की वायु में भी जैसे कोई गूढ़ संकेत था। निरंजन शिवालय के सामने बैठा था, पर आज उसका ध्यान स्थिर नहीं था। उसके […]

शिवत्व की यात्रा का अगला चरण : मौन-तप और वाणी की शुद्धि

February 25, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– श्रावण का अन्तिम सप्ताह बीत चुका था। आश्रम का वातावरण अब अधिक शांत था। वर्षा की रिमझिम ध्वनि, वृक्षों से टपकती जल-बूँदें और दूर बहती नदी का मधुर स्वर—सब मिलकर एक […]

शिवत्व की यात्रा का अगला चरण : भक्ति, ध्यान और ज्ञान की त्रिवेणी

February 24, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– आश्रम में उस दिन एक विशेष वातावरण था। श्रावण मास का अंतिम सोमवार था। प्रातःकाल से ही शिव-मंदिर में अभिषेक चल रहा था। जल, दुग्ध, बिल्वपत्र और मंत्रोच्चार से पूरा परिसर […]

शिवत्व की यात्रा का एक और चरण : आसक्ति से मुक्ति

February 23, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रभात का समय था। आश्रम के पीछे बहने वाली छोटी नदी के तट पर निरंजन अकेला बैठा था। जल का प्रवाह शांत था, परन्तु उसके भीतर निरन्तर गति थी। वह उसी […]

शिवत्व की यात्रा : मौन का प्रकाश

February 22, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रातःकाल का समय था। आकाश में हल्की लालिमा फैल रही थी। पूर्व दिशा में सूर्य अभी उगा नहीं था, परन्तु उसका संकेत धरती को जागृत कर चुका था। आश्रम के प्रांगण […]

शिव की महिमा : जन-मन मे शिवत्व का प्रस्फुटन

February 21, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– महाशिवरात्रि की उस साधना-रात्रि के पश्चात् गाँव का वातावरण जैसे दीर्घकाल तक उसी भाव में डूबा रहा। यह परिवर्तन क्षणिक उत्साह का परिणाम नहीं था; यह धीरे-धीरे लोकजीवन में उतरने लगा। […]

मनोहरा देवी ने सूर्यकान्त त्रिपाठी को ‘निराला’ बनाया था

February 20, 2026 0

निराला के जन्म-दिनांक (२१ फ़रवरी) पर विशेष प्रस्तुति ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इलाहाबाद का नाम आते ही प्रथम पंक्ति मे जिस साहित्यिक अक्खड़ हस्ताक्षर का नाम-रूप दिखता है, वह सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ का है। […]

निराला को ‘खड़ी बोली’ का पाठ पढ़ाया था, मनोहरा देवी ने

February 20, 2026 0

निराला के जन्मदिनांक (२१ फ़रवरी) पर विशेष प्रस्तुति प्रयागराज। प्राय: देखा गया है कि पति को सन्मार्ग पर चलने के लिए पत्नी ही प्रेरित करती आयी है और उस पथ पर चलते हुए, वह पति […]

मनुजत्व से शिवत्व तक की अगली कड़ी : मन्त्र, मूर्ति और महातत्त्व

February 20, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव — दार्शनिक चर्चा ने गाँव की चेतना को गहरा किया था, पर अब एक नया प्रश्न उठने लगा— क्या यह समस्त साधना केवल आन्तरिक है, या इसके लिए परम्परागत उपासना की […]

शिवत्व का दार्शनिक आलोक

February 19, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वटवृक्ष के नीचे होने वाली मौन-साधना ने गाँव के जीवन को केवल सामाजिक नहीं, दार्शनिक आयाम भी प्रदान कर दिया था। अब प्रश्न केवल व्यवहार के नहीं रहे; वे अस्तित्व के […]

शिवत्व की अन्तर्यात्रा का ताण्डव

February 18, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव-– गाँव में बाहरी व्यवस्था के साथ समन्वय स्थापित हो जाने के बाद जीवन पुनः अपनी सहज गति में लौट आया, किन्तु भीतर कुछ ऐसा था जो अब पहले जैसा नहीं रहा। […]

सत्ता और चेतना का संघर्ष

February 16, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– चेतना का प्रसार जितना शांत दिखाई देता है, उसका प्रभाव उतना ही व्यापक होता है। गाँवों में उभर रही नई पद्धति—जहाँ निर्णय सामूहिक होते थे, जहाँ न्याय करुणा के साथ संतुलित […]

परम्परा और परिवर्तन का संगम

February 15, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– गाँव के मध्य स्थित वह विशाल वटवृक्ष अब केवल छाया का स्थान नहीं रहा था; वह सामूहिक चेतना का केन्द्र बन चुका था। उसकी जटाओं की भाँति गाँव के लोगों के […]

राष्ट्रीय पर्वों को मुँह चिढ़ाता वैलेंटाइन डे

February 14, 2026 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– फरवरी महीने का दूसरा सप्ताह प्रेमियों के लिए होली, दीपावली और ईद से भी कहीं बढ़कर होता है। तरह-तरह के पक्षियों का दाने की तलाश में उड़ान भरते नजर आना मामूली […]

दुःख हमे ढूँढ़ते हैं

February 13, 2026 0

मै ख़ुशियाँ ढूँढ़ता हूँ हर ओर, मगर दुःख हमे ढूँढ़ते हैं। मै भलाई करता हूँ राघव, लोग कमियाँ ढूँढ़ते हैं। हमे नारियल समझकर लोग, तोड़ते और फोड़ते हैं। बड़ी उलझन मे हूँ आजकल, रिश्ते बनने […]

सुरक्षित माइग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे विदेश मंत्रालय और आईओएम

February 13, 2026 0

नई दिल्ली। भारत का विदेश मंत्रालय और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) सुरक्षित एवं व्यवस्थित प्रवासन को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए विदेश मंत्रालय ने […]

शिवत्त्व : प्रकाश-तत्त्व और चेतना का सनातन सूत्र

February 10, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शिव न किसी एक रूप, मूर्ति या कल्पना तक सीमित हैं। शिव तत्त्व हैं—अविनाशी, अव्यक्त और सर्वव्यापक।वेद उद्घोष करते हैं— “एको देवः सर्वभूतेषु गूढःसर्वव्यापी सर्वभूतान्तरात्मा।”(श्वेताश्वतर उपनिषद् 6.11) शिव वही एक देव […]

पत्रकारिता क्षेत्र मे नयी पहल : पत्रकार प्रेस परिषद ने लागू किया ड्रेस कोड, पदाधिकारियों को ₹3 लाख का बीमा व नियुक्ति पत्र दिये

February 9, 2026 0

लखनऊ। पत्रकारिता जगत में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए पत्रकार प्रेस परिषद ने भारत में पहली बार अपने संगठन में अनिवार्य ड्रेस कोड लागू कर पत्रकारों को एक नई और सशक्त पहचान दी है। परिषद […]

विद्या परमं धनम् : भारतीय शास्त्रीय परम्परा में ज्ञान, साधना और लोकहित का दर्शन

February 8, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– “विद्या परमं धनम्।” — यह केवल एक सूक्ति नहीं, अपितु भारतीय सभ्यता की आत्मा है। मानव इतिहास में यदि किसी संस्कृति ने ज्ञान को सत्ता, संपत्ति और सामर्थ्य से ऊपर स्थान […]

मेघनाद वध : रावण की निश्चित हार का प्रमाण

February 7, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– लंका अब केवल नगर नहीं थी—वह एक भय-शाला बन चुकी थी। रावण ने सभा में कहा—“अब मेरा पुत्र जाएगा।” इंद्रजीत। जिसने कभी पराजय नहीं देखी थी।जिसके अस्त्र देवताओं को भी चकित […]

“भारत के भाग्य का निर्णय स्वराजभवन मे करो; मेरे सामने करो”– पं० मोतीलाल नेहरू

February 6, 2026 0

पं० मोतीलाल नेहरू की पुण्यतिथि (६ फ़रवरी) की स्मृति मे ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••• समय व्यतीत होता रहा। अँगरेज़-शासन और प्रशासन ने पं० मोतीलाल नेहरू के विरोधी दृष्टिकोण को भाँप लिया था; फलस्वरूप उन्हेँ […]

सेतुसमुद्रम : धर्म पहले संवाद करता है और युद्ध बाद में

February 5, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– समुद्र सामने था—अथाह, गंभीर और चुनौतीपूर्ण। यह वही समुद्र थाजो रावण के अहंकार की सीमा बन चुका था। वानर सेना ठिठकी नहीं,पर प्रश्न था—“कैसे?” राम मौन थे। विभीषण ने सागर से […]

लंका की गर्दन पर अंगद का पैर

February 4, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– हनुमान लौट आए थे। समुद्र के उस पार से नहीं,बल्कि एक नए युग की घोषणा लेकर। उन्होंने जो देखा था,जो किया था—वह केवल कथा नहीं थी,वह प्रमाण था। वानर सेना पहले […]

प्रेम सभी भावों मे सबसे पावन और महान है

February 3, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रेम सभी भावों में सबसे पावन और महान है।प्रेम बिना जग सूना है और जीवन वीरान है।मन, विचार और हृदय मे गहरे तक है प्रेम बसा।प्रेम नित्य और ईश्वर है इसकी […]

रावण के आतंक का अन्त

February 3, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– हनुमानजी ने लंका को पहली बार देखा तो ठिठक गए। यह वैसी नहीं थी जैसी कथाओं में कही गई थी।यह केवल भय की नगरी नहीं थी—यह वैभव की नगरी थी। स्वर्ण-प्रासाद, […]

जातिवादिता के फुँफकारते फन को ही सरकार क्योँ नहीँ कुचल देती?– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

February 2, 2026 0

प्रयागराज। इन दिनो देश के शिक्षालय-परिसर मे एक ही बात की अनुगूँज सुनायी पड़ रही है, जोकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू० जी० सी०– युनिवर्सिटी ग्राण्ट कमीशन) की ओर से विगत १५ जनवरी को लागू की […]

रामायण : रावण-निर्मित भय का उन्मूलन

February 1, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रावण को किसी ने देखा नहीं था—फिर भी सबने उसे देखा हुआ मान लिया था। किष्किंधा से दक्षिण की ओर बढ़ते वानर-दल के पाँव दृढ़ थे,पर मन अनिश्चित। वन बदलते जा […]

रामायण : सीता-हरण के पश्चात की कहानी

January 31, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वह वन निःशब्द था। पत्तों पर गिरती धूप तक जैसे ठिठक गई हो।धरती पर पड़ा वह वृद्ध गिद्ध—जटायु—अब उड़ नहीं सकता था, पर उसकी आँखों में अब भी आकाश शेष था। […]

नजरों मे गिर जाना

January 30, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– गिरना भी भाँति-भाँति का होता है।चलते-चलते गिर जानाकिसी से टकराकर गिर जाना।नैतिकता के आँचल से गिर जाना।और तो और अपनो की नजरों से गिर जाना।लेकिन सबसे निकृष्ट हैअपनी नजरों मे गिर […]

भारत का गाजा, सीरिया, लेबनान और यमन में अमन स्थापित करने पर जोर

January 29, 2026 0

न्यूयॉर्क। भारत ने मध्य-पूर्व के अस्थिर देशों में संघर्ष समाप्त करके शांति स्थापित करने की वकालत की है। भारत ने कहा है कि लगातार बातचीत और डिप्लोमेसी से ऐसे टिकाऊ हल निकलेंगे, जिनका लोगों की […]

संतुलित विदेश नीति के बलबूते तेजी से विकास कर रहा भारतः राष्ट्रपति मुर्मु

January 28, 2026 0

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि वर्तमान में वैश्विक अस्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के संकट में होने के बावजूद भारत अपनी संतुलित विदेश नीति और दूरगामी सोच के बलबूते तेजी से विकास […]

Is there any conspiracy behind UGC guidelines

January 27, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav– In India, the moment the subject of equality arises, public debate often slips from reason into emotion, and then into outright accusations. This is especially evident whenever equality-based provisions introduced by […]

”न्यायतन्त्र को सरकारी शिकंजे मे जकड़ लिया गया है”– न्यायाधीश क ख ग

January 25, 2026 0

‘गणतन्त्र-दिवस’ के अवसर पर विशेष प्रस्तुति प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से भारतीय गणतन्त्र-दिवस की पूर्व-संध्या मे एक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया, जिसमे देश के प्रतिष्ठित न्यायाधीश, अधिवक्ता एवं अन्य प्रबुद्धजन की […]

भाजपा बूथ अध्यक्ष को गोली मारने का आरोप, जिले के प्रभारी मंत्री सहित सीएम से कार्रवाई की मांग

January 23, 2026 0

एस०बी० सेंगर– हरदोई। जिले की विधानसभा बालामऊ में भाजपा के कछौना मंडल के एक बूथ अध्यक्ष ने एक व्यक्ति पर गोली मारने की धमकी सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने हरदोई के प्रभारी […]

प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच टकराव : नोटिस, जवाब और सियासी बयान

January 22, 2026 0

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मौनी अमावस्या स्नान के दिन की घटनाओं को लेकर मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद […]

नीतिवान मनुष्य की विशेषताएँ

January 21, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– नीतिवान मनुष्यों की चाहे कोई बुराई करे या उसकी प्रशंसा करे, वह निर्धन हो जाए या वह धनवान हो, उसका स्वभाव सदैव नम्र होता है। वह अपने सिद्धांतों पर अडिग रहता […]

ब्राह्मण : पुनर्मूल्यांकन की अनिवार्यता

January 20, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– सबसे पहले ब्राह्मण को पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता है। यह कथन किसी वर्गविशेष के अपमान या सामाजिक विद्वेष से प्रेरित नहीं, अपितु धर्म-संरक्षण और सामाजिक सुचिता की गम्भीर चेतावनी है। जिस प्रकार […]

ऑस्ट्रेलिया में आयोजित ‘प्रशांत क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन’ में जुटे कई देशों के विद्वान

January 19, 2026 0

ब्रिस्बेन। ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में प्रथम ‘प्रशांत क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ न्यूजीलैंड, फिजी एवं प्रशांत द्वीप राष्ट्रों से हिंदी के विद्वानों, शिक्षाविदों और साहित्य […]

The Nature of Love

January 18, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav— The human body is composed of the five great elements—earth, water, air, fire, and ether. In the Indian philosophical tradition, these five are not merely components of the body; they are […]

भारत ने यूएन को चेताया- पाकिस्तान चला रहा ‘बांटने वाला एजेंडा’

January 16, 2026 0

भारत ने यूएन को चेताया- पाकिस्तान चला रहा ‘बांटने वाला एजेंडा’ न्यूयॉर्क। भारत ने पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल करके अपना ‘बांटने वाला एजेंडा’ चलाने का आरोप लगाया है। पाकिस्तानी राजनयिक […]

स्टार्टअप कैपेसिटी डेवलपमेंट कार्यक्रम का हुआ आयोजन

January 16, 2026 0

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. जे. पी. पांडेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के कलाम इनक्यूबेशन सेंटर, ए.के.टी.यू. लखनऊ में राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस–2026 के अवसर पर स्टार्टअप कैपेसिटी डेवलपमेंट कार्यक्रम “मार्केट […]

राघव के दोहे

January 15, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रकृति हँसे सबसे कहे, छठा तत्त्व पहचान।नाम प्रेम है उसका, जो दे सबको प्राण॥ठोस तरल ये कुछ नहीं, न दृष्टि न स्पर्श।फिर भी सबमें व्याप्त है, बन जीवन का हर्ष॥प्रेम बिना […]

प्रेम की प्रकृति

January 14, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव शरीर पंचतत्त्व से निर्मित है। ये पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश के रूप मे जाने जाते हैं। भारतीय दार्शनिक परम्परा में ये पाँचों तत्त्व केवल शरीर के घटक नहीं […]

विद्यार्थी विज्ञान मंथन के राज्य स्तरीय शिविर का हुआ आयोजन

January 11, 2026 0

विज्ञान भारती, एन.सी.ई.आर.टी.व एन.सी.एस.एम.के तत्त्वावधान में विद्यार्थी विज्ञान मंथन के राज्य स्तरीय शिविर का आयोजन आज जी0डी0 गोयनका पब्लिक स्कूल लखनऊ में राज्य समन्वयक प्रदीप नारायण मिश्र के समन्वयन में किया गया। इस परीक्षा में […]

अंजाम मोहब्बत का

January 10, 2026 0

जो रहना चाहता है दूररहने दे।वो जो करना चाहता हैकरने दे।जो तेरा नहींतेरे पास क्या करेगा?उसे उसके हाल पररहने दे।जिन्दा रखतू अपनी खुद्दारी।जो हो रहा हैउसे होने दे।किरदारों का क्या बंदेआज कुछ और कुछ कल?हँसकर […]

कुहरा शीत घना दिखे, कम्पन करते मेख

January 9, 2026 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••एक–ठिठुरन ठिठकी ठण्ढ मे, टूट देह की जोड़।माघ-पूस की शीत मे, धरती पड़े न गोड़१।।दो–हवा हवाई हाल है, ख़तरे मे मुसकान।जीव-जगत् जड़ जोड़ता, जाड़े से हलकान।।तीन–जड़-चेतन हैँ काँपते, माँग रहे हैँ […]

हम मलिन यों कर चुके हैं

January 9, 2026 0

हम मलिन यों कर चुके हैं संस्कारों को तुम्हारे ;औ’ धरे ही रह गये हैं शिष्टता के सूत्र सारे। हो निरापद घूमते हम कृत्रिम यह ब्रह्माण्ड साराऔर बताते हैं स्वयं को भाग्य का मारा अभागा।क्लिष्ट […]

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से भारतेन्दु हरिश्चन्द की पुण्यतिथि (६ जनवरी) के अवसर पर राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन

January 6, 2026 0

भारतेन्दु के साहित्य मे समयसत्य चिन्तन मुखरित होता है••••••••••••••••••••••••••••••••••• प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे आधुनिक हिन्दी-साहित्य के पितामह भारतेन्दु हरिश्चन्द की पुण्यतिथि की पूर्व-संध्या मे ‘भारतेन्दु हरिश्चन्द के साहित्य मे सामाजिक व्यवस्था के अत्याचार […]

म्यांमार में भारत के सहयोग से कृषि क्षेत्र से जुड़े दो प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन

January 5, 2026 0

नेपीडॉ। म्यांमार की राजधानी नेपीडॉ की येजिन टाउनशिप में भारत द्वारा समर्थित कृषि क्षेत्र से जुड़े दो क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स (क्यूआईपी) का उद्घाटन किया गया। भारत की वित्तीय सहायता से पूर्ण इन परियोजनाओं से स्थानीय […]

वाइट-कॉलर आतंकवाद: राष्ट्र के भीतर पनपता अदृश्य खतरा

January 4, 2026 0

शाश्वत तिवारी– देश के भीतर हो रही शिक्षा, प्रतिष्ठा और आतंक की खतरनाक जुगलबंदी पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह द्वारा ‘वाइट-कॉलर आतंकवाद’ को लेकर व्यक्त की गई चिंता केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि भारत की […]

ईश्वरीय सत्ता की अभिव्यक्ति

January 3, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– जैव जगत्, प्राणी समूह एवं सकल दृश्य अदृश्य सत्ता के रूप में वह सर्वोच्च सत्ता ही सर्वत्र अभिव्यक्त है। ईश सृजित इस सृष्टि में प्रत्येक प्राणी आदरणीय है और पारिस्थितिक तंत्र […]

Sacred song of Geeta

January 2, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav The Bhagavad Gita’s sacred song,Invites us to a devotion strong.In this world of boundaries, wide and deep,Bhakti’s power, our souls it seeks to sweep. Vedanta’s wisdom, ancient and grand,Transcends the limits […]