शिवत्व की यात्रा : शक्ति और धर्म का संवाद

March 31, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भोर का पहला प्रकाश अभी क्षितिज पर उभर ही रहा था। हल्की धुंध खेतों के ऊपर तैर रही थी और दूर कहीं बैलों की घंटियों की धीमी आवाज सुनाई दे रही […]

शिवत्व की यात्रा : रहस्यमयी संन्यासी और पहली कसौटी

March 30, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात का सन्नाटा गहरा था। आकाश में बादल छाये हुए थे और चन्द्रमा कभी-कभी उनके बीच से झाँक जाता था। सुधांशु के घर के आँगन में दीपक की लौ हल्की-हल्की काँप […]

शिवत्व की यात्रा : धर्म और प्रेम का द्वंद्व

March 29, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात धीरे-धीरे गहरी हो चुकी थी। आकाश में चन्द्रमा बादलों के पीछे छिपता-उभरता जा रहा था। सुधांशु के घर के आँगन में एक दीपक जल रहा था जिसकी लौ हवा के […]

शिवत्व की यात्रा : तप की अग्नि है गृहस्थाश्रम

March 28, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– संध्या का समय था। सूर्य पश्चिम दिशा में ढल रहा था और आकाश में लालिमा फैलती जा रही थी। सुधांशु आश्रम की पगडंडी से आगे बढ़ रहा था। उसके कदम धीमे […]

“भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला” का भाषिक अर्थ, अवधारणा एवं संदर्भ

March 27, 2026 0

शब्दसंधान ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय तो आइए! हम अब प्रत्येक शब्द के अर्थगौरव से परिचित हो लेँ। शब्द हैँ :– श्री रामनवमी, भए, प्रगट, कृपाला तथा दीनदयाला। ‘श्री रामनवमी’ के संदर्भ मे “भये प्रगट […]

शिवत्व की यात्रा : परीक्षा का आरम्भ

March 26, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भोर का समय था। पूर्व दिशा में सूर्य की हल्की आभा प्रकट होने लगी थी। आश्रम के चारों ओर फैली निस्तब्धता धीरे-धीरे पक्षियों के कलरव से टूट रही थी। वृक्षों की […]

शिवत्व की यात्रा : सम्बन्धों का प्राण है धर्म

March 25, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव-– रात का अंतिम प्रहर था। आकाश में चन्द्रमा अपनी शीतलता बिखेर रहा था। आश्रम के पीछे बहने वाली छोटी-सी धारा से जल की मधुर ध्वनि सुनाई दे रही थी। वृक्षों के […]

क़लम को हथियार बनाकर अँगरेजोँ की नीद उड़ा ले गये, गणेशशंकर विद्यार्थी!

March 24, 2026 0

◆ गणेशशंकर विद्यार्थी के बलिदान-दिनांक (२५ मार्च) के अवसर पर विशेष प्रस्तुति ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• गणेशशंकर विद्यार्थी एक ऐसा नाम है, जिनके व्यक्तित्व और कर्त्तृत्व (‘कृतित्व’ अशुद्ध शब्द है।) मे तीन प्रकार गुण […]

जहाँ कम्पोजिंग के अक्षरोँ के ख़ाने मे नीचे ‘बारूद’ और ब्लॉक के स्थान पर ‘बम’ रखे जाते थे!

March 24, 2026 0

क्रान्तिकारी गणेशशंकर विद्यार्थी के बलिदान-दिनांक (२५ मार्च) पर विशेष प्रस्तुति ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• योँ तो क्रान्तिधर्मी गणेशशंकर विद्यार्थी ने कई समाचारपत्र-पत्रिकाओँ मे लेखन और सम्पादन किया था; परन्तु वे स्वयं के लिए जैसी […]

भारतीय दूतावास के ‘नमस्ते पेरू’ मेले में उमड़ा जनसैलाब

March 23, 2026 0

लीमा। पेरू में भारतीय दूतावास द्वारा ‘नमस्ते पेरू’ नामक एक भव्य सांस्कृतिक और व्यापारिक मेला आयोजित किया गया। इस मेले में भारतीय मूल के नागरिकों के अलावा स्थानीय लोगों का एक बड़ा हुजूम उमड़ा। चेरेटी […]

शिवत्व की यात्रा : रहस्य का पुनः उदय और गुरु की दृष्टि

March 22, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वसंत का प्रारम्भ हो चुका था। आम के वृक्षों पर कोमल बौर आ गया था और हवा में एक मदमस्त सुगन्ध फैलने लगी थी। जीवन में जैसे एक हल्का-सा उल्लास लौट […]

पुरुष परिधि पर घूम रही नारी बेचारी

March 21, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शूद्र गँवार ढोल पशु नारीये ताड़न की अधिकारी है।जाति-पाँति से हीन रहीयुग-युग से वह बेचारी है।बुद्धिमान होकर भी नारीजाहिल समझी जाती है।गैरों का पाप लिए सिर परवह दर-दर ठोकर खाती है।जीवन […]

शिवत्व की यात्रा : सम्बन्धों की कसौटी मे धर्म की पहली परीक्षा

March 20, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शीत ऋतु का प्रारम्भ था। प्रातःकाल की धूप अभी कोमल थी और हवा में हल्की ठंडक थी। निरंजन अपने घर के बाहर बैठा था। सामने आँगन में तुलसी के चौरे पर […]

शिवत्व की यात्रा : धर्म और सम्बन्ध मे प्रेम की मर्यादा

March 19, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वर्षा का समय समाप्त हो चुका था। आकाश स्वच्छ था और हवा में हल्की शीतलता घुलने लगी थी। संध्या का समय था। निरंजन घर के आँगन में बैठा था। सामने तुलसी […]

Poem : The Wall of Silence

March 18, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav– When the limits of my sorrow, Are finally crossed, I’ll find no strength to borrow, In silence, I’ll be lost. Like a stone, I will harden, While you try to appease, […]

भारत ने यूएन में कहा- इस्लामोफोबिया की कहानियां गढ़ने में माहिर हमारा ‘पड़ोसी’

March 17, 2026 0

न्यूयॉर्क। भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र के मंच पर दोहरा रवैया अपनाने के लिए पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक के दौरान पाकिस्तान की ओर से फर्जी […]

शिवत्व की यात्रा : साधना की गुप्त परम्परा

March 16, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– उस रहस्यमयी अतिथि के जाने के बाद कई दिनों तक निरंजन के भीतर एक अजीब जिज्ञासा बनी रही। वह व्यक्ति कौन था? उसका उद्देश्य क्या था? और उसे कैसे पता था […]

पछुआ मन घायल करे, पुरुआ करे उदास

March 16, 2026 0

– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–पछुआ मन घायल करे, पुरुआ करे उदास।झरते पत्ते शाख से, कोई आस-न-पास।।दो–देश लगे पतझर यहाँ, कोई हाल-न-चाल।मौसम निर्मम इस तरह, खीँच रहे सब खाल।।तीन–पंख घृणा फैला दिखे, करे कष्ट संवाद।मानव-मानव […]

शिवत्व की यात्रा : साधना का दर्पण

March 14, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद की एक गहरी रात्रि थी। आकाश में बादल छाए हुए थे और हवा में एक विचित्र नमी थी। घर के बाहर पीपल के पत्तों की हल्की सरसराहट सुनाई दे रही […]

शिवत्व की यात्रा : भक्ति की वास्तविक परीक्षा

March 13, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– समय अपने शांत प्रवाह में आगे बढ़ता रहा। निरंजन का जीवन अब एक संतुलित लय में चल रहा था। सुबह का ध्यान, दिन भर का श्रम, परिवार की जिम्मेदारियाँ और रात्रि […]

शिवत्व की यात्रा : गृहस्थाश्रम का यज्ञ

March 10, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव— समय धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। निरंजन का जीवन अब आश्रम की एकांत साधना से निकलकर गृहस्थ जीवन की जटिलताओं में प्रवाहित हो चुका था। उसका घर छोटा था, जीवन साधारण […]

सम्पूर्ण निष्ठा और समर्पण का परिणाम रहा, टी-२० विश्वकप पर जीत का मोहर लगा देना!

March 9, 2026 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ८ मार्च की तारीख़ भारतीय क्रिकेट की दृष्टि से देश को गौरवान्वित करनेवाली थी और सबकी निगाहेँ गुजरात के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम की पिच पर संध्या ७ बजे स्थिर हो […]

शिवत्व की यात्रा : भीतर के अंधकार से युद्ध है गृहस्थ का तप

March 9, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रभात का समय था। पूर्व दिशा में सूर्य की पहली किरणें आकाश को हल्की स्वर्णिम आभा से भर रही थीं। आश्रम के प्रांगण में शांति थी, पर उस शांति के भीतर […]

“फागुन की है बहार, ज़रा मुसकराइए”

March 8, 2026 0

रैन-बसेरा, अल्लापुर में होली-कविसम्मेलन प्रयागराज। गत दिवस होलिकोत्सव के अवसर पर व्याकरणवेत्ता एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की अध्यक्षता मे प्रयागराज की कवि-कवयित्रियों ने रैन-बसेरा, बाघम्बरी गृह-योजना, अल्लापुर, प्रयागराज मे अपनी-अपनी रंग-विरंगभरी कविताओँ से […]

नारी-जीवन झूले की तरह– इस पार कभी-उस पार कभी!

March 7, 2026 0

‘विश्वमहिला-दिवस’ पर ‘सर्जनपीठ’ का विशेष आयोजन•••••••••••••••••••••••••••••••••••• प्रयागराज। प्रतिवर्ष ‘विश्व महिला-दिवस’ का आयोजन होता है और उसके लिए अलग-अलग विषय भी निर्धारण किये जाते हैँ; परन्तु खेद का विषय है! किसी विषय का कोई क्रियान्वयन् नहीँ […]

शिवत्व की यात्रा का विस्तार : व्यक्ति से युगचेतना तक

March 6, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद पूर्णिमा की रात्रि थी। चन्द्रमा का प्रकाश आश्रम की शिला-दीवारों पर शान्त चाँदी-सा बिछा हुआ था। हवा में न शीत का तीखापन था, न वर्षा की नमी—केवल एक निर्मल संतुलन। […]

”सही उच्चारण के लिए संस्कृत और फ़ारसी का ज्ञान आवश्यक है”– फ़िराक़ गोरखपुरी

March 5, 2026 0

‘सर्जनपीठ’ का ‘अज़ीम शाइर फ़िराक़ गोरखपुरी और उनकी सार्वकालिक रचनाशीलता’ विषयक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक आयोजन प्रयागराज। एक ख़ूबसूरत एहसास का नाम है, फ़िराक़। ग़ज़ल, नज़्म, रुबाई के साथ-साथ, समालोचना और इतिहास पर भी क़लम चलानेवाले रघुपति […]

शिवत्व की यात्रा का दार्शनिक स्वरूप : समाधि से समाज तक

March 4, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रभात का समय था। आश्रम में सामान्य दिनचर्या प्रारम्भ हो चुकी थी—गौशाला में सेवा, रसोई में धूप की सुगन्ध, प्रार्थना का मधुर गान। परन्तु निरंजन के भीतर कुछ असामान्य था। समाधि […]

शिवत्व की यात्रा : समाधि की देहरी

March 3, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद की स्वच्छ रात्रि थी। आकाश निर्मल, तारकाओं से भरा हुआ, मानो अनन्त का प्रत्यक्ष साक्षात्कार हो रहा हो। आश्रम के उत्तर दिशा में स्थित उस प्राचीन पीपल वृक्ष के नीचे […]

प्राथमिक विद्यालय, इस्माइलगंज का वार्षिकोत्सव एवं होलीमिलन-समारोह सम्पन्न

March 2, 2026 0

प्रयागराज। गत दिवस विकास-खण्ड सोराँव के अन्तर्गत संचालित प्राथमिक विद्यालय, इस्माइलगंज प्रथम मे अत्यन्त भव्य ढंग से वार्षिकोत्सव सम्पन्न हुआ, जिसमे छात्र-छात्राओँ ने आदर्शपूर्ण तरीक़े से होली खेली; वहीँ कार्यक्रम मे उपस्थित समस्त अतिथिवृन्द एवं […]

शिवत्व की यात्रा : नाद, नृत्य और ओंकार का मिलन

March 1, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वर्षा ऋतु का अन्तिम चरण था। आकाश स्वच्छ था, परन्तु वायु में अभी भी जल की शीतलता थी। आश्रम के उत्तर दिशा में एक प्राचीन कक्ष था, जिसे नाद-मण्डप कहा जाता […]