आइए! आत्म परीक्षण कर, चेतना जाग्रत् करेँ
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज वह क्षण है, जो हमे बाध्य कर रहा है, अपने भीतर के सत्य और मिथ्या के साथ संवाद करने के लिए; क्योँकि वर्ष का वर्तमान ‘अतीत’ होनेवाला है; इतिहास […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज वह क्षण है, जो हमे बाध्य कर रहा है, अपने भीतर के सत्य और मिथ्या के साथ संवाद करने के लिए; क्योँकि वर्ष का वर्तमान ‘अतीत’ होनेवाला है; इतिहास […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• मेलबोर्न (ऑस्ट्रेलिया) मे खेले गये चौथे टेस्ट मैच मे भारत के सारे दिग्गज खेलाड़ियोँ को आज (३० दिसम्बर) ऑस्ट्रेलियाई गेँदबाज़ोँ ने धराशायी कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय दल को […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ परिवर्तन, प्रकृति का शाश्वत नियम और जीवन का अपरिहार्य सत्य है। यह केवल एक दार्शनिक विचार नहीं, बल्कि हर चर और अचर वस्तु पर लागू होने वाला प्राकृतिक नियम है। […]
स्वर्गीय मनमोहन सिंह के बारे में विचार करने से एक ऐसे व्यक्ति की छवि उभरती है जो टिपिकल मध्यमवर्गीय परिवार का मुखिया है, फैमिली मैन है। जो अपने काम से काम रखता है और अपने […]
(भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने विगत दिनो उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित पी० सी० एस० (प्रा०) परीक्षा के अन्तर्गत सीसैट के सामान्य हिन्दी-भाग मे बड़ी संख्या मे प्रश्न और उत्तर-विकल्प को […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय(भाषाविज्ञानी, मीडियाध्ययन-विशेषज्ञ एवं समीक्षा), प्रयागराज।•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• “हज़ारोँ जवाबोँ से अच्छी है मेरी ख़ामोशी,न जाने कितने सवालोँ की आबरू रखी।” अपनी इसी ख़ामोशी के साथ २६ दिसम्बर, २०२४ ई० को फेफड़े मे गम्भीर […]
अंग्रेजी वाला न्यू ईयर नजदीक आते ही दारू की याद आती है और दारू से याद आता है कि हमारे गांव-घर और समाज में ‘दारू’ की और ‘दारु पीने वाले’ ; दोनों की कभी स्याला […]
(एक अति संवेदनशील कवि-पत्रकार एवं देश के पूर्व-प्रधानमन्त्री अटलबिहारी वाजपेयी के साथ डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-द्वारा की गयी एक मुक्त भेँटवार्त्ता) महोदय! मै आपसे ‘राजनीति’ विषय पर बिलकुल प्रश्न नहीँ करूँगा। मेरे सारे प्रश्न शिक्षा, साहित्य, […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–गहरी है संवेदना, भीतर-बाहर घाव।सिसकी सहमी दिख रही, उजड़े मन के भाव।।दो–तन का मन घायल यहाँ, बिसुर रहा है मोह।ममता जर्जर दिख रही, विकल दिख रहा छोह।।तीन–आँखेँ कहतीँ नज़र से– […]
पश्चिम मध्य रेल भोपाल में जन सम्पर्क अधिकारी एवं पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय जबलपुर में वरिष्ठ जन सम्पर्क अधिकारी रहे वरिष्ठ कवि, लेखक ,साहित्यकार श्री कमल किशोर दुबे को उनकी कृति “चाणक्य नीति दोहावली” के […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– भोपाल में पहली बार सेज ग्रुप के सीएमडी इंजी. संजीव अग्रवाल (क्रिएटिव इवेंट & मार्केटिंग) की मौजूदगी मे फाउंडर आदित्य सेन द्वारा आयोजित SAGEIFA इंफ्ल्यूएंसर अवार्ड 2024 में बेस्ट लाइफ […]
नमन की उपलब्धियों को देखते हुए इस साल का याशिका न्यूज़ एमपी इंडिया फेमस स्टार अवार्ड अभिनेता नमन सोनी को दिया गया। यह अवार्ड इस संस्था का आठवां अवॉर्ड था। यह आयोजन इस वर्ष सागर […]
अपवाद को छोड़ दे तो एयरफोर्स में वायु सैनिक के रूप में चयनित होने वाले अधिकतर वह लड़के हैं जो ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं, पढ़ने-लिखने में ठीक हैं । परंतु उनकी आर्थिक स्थिति उतनी ठीक […]
डॉ० मणिकान्त यादव ने कहा– हरिमोहन मालवीय जी सदैव अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहते थे। उन्हेँ हमेशा सोच-विचार की स्थिति मे पाया जाता था। आयोजक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने बताया– हरिमोहन मालवीय जी […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– December 19 marks the martyrdom day of Pandit Ram Prasad Bismil, Ashfaqulla Khan Warsi ‘Hasrat,’ and Thakur Roshan Singh, three revolutionary freedom fighters who were executed in Gorakhpur in 1927. All […]
‘पण्डित हेरम्ब मिश्र-स्मृति पत्रकारिता-संस्थान’ की ओर से लब्धप्रतिष्ठ पत्रकार एवं विचारक पं० हेरम्ब मिश्र की स्मृति मे उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर १७ दिसम्बर को ‘पं० हेरम्ब मिश्र-स्मृति शिखर-सम्मान- समारोह– २०२४’ का आयोजन हिन्दी साहित्य […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– वैदिक हिंदू सनातन संस्कृति एक गुण-आधारित संस्कृति है, जिसमें जीवन के हर पहलू में पवित्रता, समता, और सह-अस्तित्व जैसे दिव्य गुणों को सर्वोपरि माना गया है। इस संस्कृति ने न […]
आज विजय दिवस है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के ग्रैंड अंकल जनरल नियाज़ी को लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा साहब के सामने ढाका के रेस कोर्स ग्राउंड में आत्मसमर्पण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते […]
Peeyush Kumar, Balamau (Manager, Bank of Baroda) In today’s fast-paced world, the quest for peace has become more important than ever before. Amidst the chaos of daily responsibilities, constant connectivity, and information overload, finding a […]
Peeyush Kumar, Balamau (Manager, Bank of Baroda) The Tawang War Memorial holds deep historical significance as a stupa constructed to honor the brave Indian soldiers who made the ultimate sacrifice during the tumultuous 1962 India-China […]
नई दिल्ली। भारत सरकार भारतीय मछुआरों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। भारत सरकार और कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के प्रयासों से इस साल श्रीलंका की विभिन्न जेलों में बंद 395 […]
New Delhi– The Indian Embassy in Cambodia has rescued 1167 Indians trapped in cyber scams during the last three years. The Ministry of External Affairs frequently issues advisories about fake job rackets through social media […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••• जब स्वयं से स्वयं कोउतार फेँकता हूँ,एक चमकती थाली मेसम्भावनाओँ के व्यंजनआँखोँ मे चमक भर देते हैँ।भूत-वर्तमान-भविष्यत् की अँगुलियोँ पर,नये-नये समीकरणबनाने और मिटाने मे लग जाता हूँ।कभी ऋण (-) को […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक जाहिल है; गोँडा का रहनेवाला बताया जाता है, जिसका नाम ‘घनश्याम अवस्थी’ है। वह गोँडा के किसी शिक्षालय मे गणित का अध्यापक है। मेरे घर भी आ चुका है। […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• पत्नी और उसके मायकेवालोँ ने दहेज-क़ानून का दुरुपयोग किया। नौ प्रकार के आरोप लगाये गये थे। क़ानूनरक्षिका भी अधिकार का दुरुपयोग करती रही। उस भ्रष्ट-बेईमान-रिश्वतख़ोर महिला न्यायाधीश के विरुद्ध कठोर […]
ढाका– बांग्लादेश के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार डॉ. मुहम्मद यूनुस और विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन से मुलाकात की और पड़ोसी […]
Raghavendra Kumar Raghav– Easiest way to achieve excellence is simplicityWhere any person is praised for his humility. We get peaks of progress only by polite nature.Everyone’s desires vanish after reaching there. Be humble and service-minded […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–हिरणी कनखी ताकती, चण्ट व्याध की ओर।सोच डूबता प्रश्न मे, होगी कब अब भोर।। दो–चंचरीक-चितवन चतुर, डोल रहा हर छोर।चपल चंचरी लख रही, प्रणय-सूत्र की ओर।। तीन–धर्मयुद्ध अब है कहाँ, […]
‘पण्डित हेरम्ब मिश्र-स्मृति पत्रकारिता-संस्थान’ की ओर से लब्धप्रतिष्ठ पत्रकार एवं विचारक पं० हेरम्ब मिश्र की स्मृति मे उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर प्रतिवर्ष मीडिया एवं साहित्य के क्षेत्रोँ मे दिये जानेवाले सम्मानो की घोषणा कर […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आज भारत मे जिस तरह से धर्म का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, उससे यही प्रतीत होता है, मानो धर्म-जैसा घृणित और अश्लील शब्द कोई हो ही न। इसका मुख्य […]
बोली :– भोजपुरीपरपंची काका – आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बतकही मेटरो रेलगड़िया-लेखा सुरू हो जाला।”का हो लँगटुआ के माई! सुननी हाँ की लँगटुआ के चाचा कालकाता से काल्हु आव तारे।”” हँ हो गँढ़रुआ के माई! […]
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इसी परिप्रेक्ष्य मे नीचे दिये गये कुछ उदाहरणो को देखा-समझा और अनुभव किया जा सकता है :–★ पूर्ण, अल्प तथा सम्बोधन विरामचिह्नो के प्रयोग१– उसे रोको मत जाने दो।२– […]
एक शब्दचित्र ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आकाशगामी वायुयान से आकाश-दर्शन मन-प्राण (‘प्राणों’ अशुद्ध है।) को आह्लादित कर देता है; मेघ का रूप-परिवर्तन होते रहने से मन-मस्तिष्क मे एक अद्भुत विचार-शृंखला कौँधने लगती है; विचार-प्रक्रिया […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• साँप!तुम इतने भी असभ्य नहीँ,जो गाँव से शहर आ जाते हो।तुम गाँव-से-गाँव जाते होऔर वहाँ की संस्कृतिशहरोँ मे ले आते हो,तभी प्रतिवर्ष–नागपंचमी पर पूजे जाते हो।तुम रोज़गार के एक साधन […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• उखाड़ फेँकोउस बूढ़े बरगद को,जो समावेशी चरित्र भूलकरआत्म-केन्द्रित हो चुका है।उसका समन्वयवादी चरित्रएकपक्षीय बनकर रह गया है।वह अन्य बीजोँ केअंकुरण होने,पौधोँ के पनपने और वृक्ष होने तक कामार्ग–अवरुद्ध कर, फन […]
नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि कूटनीतिक पहल से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हालात सुधरे हैं और भारत तथा चीन हालात में सुधार को लेकर प्रतिबद्ध हैं। जयशंकर […]
देश के लब्ध-प्रतिष्ठ चिन्तक-विचारक, कई राज्योँ के आकाशवाणी-केन्द्रोँ मे कार्यक्रम-अधिशासी इलाहाबाद-दूरदर्शन-केन्द्र मे पूर्व-वरिष्ठ निदेशक श्याम विद्यार्थी अब हमारे बीच नहीँ रहे। उनके अनुज-सम आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने बताया कि विद्यार्थी जी १ दिसम्बर को […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• चमकता चाँद-सा बदन,न चुरा अनकहा कथन।पतंगी रूप अब अपना,उड़ाये कब कहाँ पवन? तेरा चुप भी इक सवाल है,हमे अब न कोई मलाल है।यहाँ हर ख़याल है सो रहा,अब यहाँ बोल […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• जी हुजूर! मै एक सम्पादक हूँ;तरह-तरह का सम्पादक हूँ;किसिम-किसिम का सम्पादक हूँ।पूर्वग्रह से सहित सम्पादक हूँ।सवाल है–रूप-रुपये-रुतबे का;तलाश है, ऐसे दाताओँ की,फिर तो आपको फ़ीचर-पेज कास्तम्भकार बना दिया।आप इसे ‘कदाचार’ […]
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• मै अपनी हर लड़ाई अकेले ही लड़ने के लिए समर्थ हूँ; लड़ भी रहा हूँ। जिन्हेँ विश्वसनीय समझता था, उनमे से लगभग सारे दग़ाबाज़ निकले। वाक्-कौशल का परिचय देते हुए, पीठ […]
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– This world is a wondrous manifestation of the one Supreme Being, taking countless forms to express its divine essence. Every living and non-living entity is a reflection of this Supreme Reality. […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• बेशर्म निगाहोँ की नज़र, तोड़िए हुजूर!बेईमान नज़रोँ की नीयत, छोड़िए हुजूर!मर रहा आँखोँ का पानी, देखिए एक बार,इंसानियत से नज़रेँ, न मोड़िए हुजूर!आँखेँ हैँ थक चुकीँ, सब्ज़बाग़ देखकर,फ़र्क़ कथनी-करनी मे, […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– सौरभ एक साधारण परिवार का लड़का था, जो एक छोटे से गांव में रहता था। वह अपनी पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन हर समय असफलताओं का सामना करता रहता था। हर […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• हमारे देश मे जाने कितने ऐसे लोग हैँ, जो सर्वप्रभुतासम्पन्न एक व्यक्ति के साथ फ़ोटो खिँचवाने वा फिर पुस्तकादिक लोकार्पण कराने वा किसी आयोजन मे निमन्त्रित करने के लिए ”एड़ी-चोटी […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• सुनो न!तुम्हारी पूर्णताभाती नहीँ मुझे;क्योँकि तुम मुझसेद्रुत गति मे चलायमान हो।हाँ, मै अपूर्ण हूँ।तुम मुग्ध हो, अपनी पूर्णता परऔर मुझे गर्व है, अपनी अपूर्णता पर;क्योँकि आज मुझेएहसास हो रहा है […]
‘संविधान’ शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्दों ‘सम’ तथा ‘विधान’ ( सम+ विधान) से हुई है। सम का अर्थ है – एकसमान, बराबर जबकि विधान का अर्थ है -नियम , कानून। अर्थात ऐसे नियम और […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आत्मीय आभासी-अनाभासी मित्रवृन्द! आपमे से बहुसंख्य मित्र (शाब्दिक) ऐसे हैँ, जो भयवश मेरे सम्प्रेषण पर कोई टिप्पणी नहीँ करते। उन्हेँ आशंका रहती है कि उनके अशुद्ध लेखन पर सीधे अँगुली […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• भारतीय क्रिकेटदल के ऑस्ट्रेलिया-दौरे पर जाने से पूर्व ऑस्ट्रेलिया की पिच और गेँदबाज़ी को लेकर ऑस्ट्रेलियाई आतंक का वातावरण बना दिया गया था; परन्तु भारत और ऑस्ट्रेलिया के मध्य ऑस्ट्रेलिया […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– मनुष्य के जीवन में अनेक गुण और मूल्य होते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ऐसे हैं जो उसे सच्चे अर्थों में महान और समाज के लिए उपयोगी बनाते हैं। इनमें पारमार्थिक […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’— जीवन की सार्थकता का प्रश्न हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। हम सभी अपने जीवन को उद्देश्यपूर्ण और उपयोगी बनाने की आकांक्षा रखते हैं। इस दिशा में विचारशीलता का महत्व सर्वोपरि […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– मन एक बेचैन बंदर की तरह है, जो लगातार एक विचार से दूसरे विचार के मध्य झूलता रहता है। मन ही हमारी भावनाओं, आकांक्षाओं, भय और आसक्तियों का जन्मस्थान है। यह […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इन दिनो वैश्विक क्षितिज पर गौतम आडानी और उनके भाई राजेश आडवानी का बेटा सागर आडानी-सहित कुल छ: लोग चर्चा के केन्द्र मे हैँ, जिन पर संयुक्त राज्य अमेरिका के […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इन दिनो शेनजेन (चीन) मे खेले जा रहे ‘चाइना मास्टर्स सुपर– ७५० बैडमिण्टन-टूर्नामेण्ट’ के अन्तर्गत अपने पहले लीग मैच मे पी० वी० सिन्धू २० नवम्बर को अपने से श्रेष्ठतर श्रेणीवाली […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• भारतीय महिला-हॉकीदल ने राजगीर (बिहार) मे आज (२० नवम्बर) सलीमा टेटे के नेतृत्व मे खेले गये बिहार महिला एशियाई हॉकी-चैम्पियन्स-ट्रॉफ़ी, राजगीर– २०२४ की प्रतियोगिता के फ़ाइनल मे चीन को १-० […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आज (१९ नवम्बर) राजगीर (बिहार) मे भारत-जापान के मध्य खेले गये एशियाई महिलाहॉकी- चैम्पियंस ट्रॉफ़ी मे भारत ने यद्यपि जापान को एक पेनाल्टि-स्ट्रोक और एक मैदानी गोल की सहायता से […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ज़िन्दगी मे अर्थ की परिव्याप्तिसुरसुरी-सी लगने लगी है।देह की खुरचनसायास-अनायास,केंचुल की भाँतिउतरती आ रही है।कालखण्डस्थितप्रज्ञ की भूमिका मेअनासक्त योगी-सदृश“एकोहम् सर्वेषाम्” को अभिमन्त्रित कर,लोकजीवन को जाग्रत् कर रहा है।प्रार्थना–स्वीकृति-अस्वीकृति की धुरी […]
“वह हँसती नहीँ, हँसी पीती है। मेरी दार्शनिकता से उत्पन्न उसकी अन्तः हँसी मुझ पर प्रभावी होने लगी। विगत पूरे वर्ष का अंश तो वही है। मुझे रास आने लगा। हम प्राय: अपने निशि-दिवा के […]
राघवेन्द्र कुमार राघव (वैकल्पिक-प्राकृतिक चिकित्सक)— बरगद का पञ्चाङ्ग उपयोगी है। बरगद का प्रत्येक अंश अमृत के गुणो से भरा है। फल, पत्ते, दूध, छाल और जटा सबका आयुर्वेद मे रोगनाशक के रूप उपयोग होता है। […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• चित्रकूट (उत्तरप्रदेश) मे स्थित तुलसी-पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य ने विगत दिवस जयपुर (राजस्थान) मे आयोजित रामकथा विषय पर प्रवचन करने की अवधि मे उत्तरप्रदेशविधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना से आदेशात्मक स्वर मे […]
◆ प्रस्तुत वाक्य ऐसे हैँ, जिन्हेँ लेकर ९५ प्रतिशत से अधिक सुशिक्षितजन अशुद्ध लेखन करते आ रहे हैँ।◆ यह प्रतियोगिता १८-१९ नवम्बर, २०२४ ई० तक रहेगी। जिसका उत्तर सर्वशुद्ध रहेगा, उसे नीचे दी गयी कृति […]
अध: टंकित शब्दोँ मे से कौन-सा शब्द उपयुक्त है?१– बँटाधार२– बण्टाधार३– बण्टाढार४– बँटाढार५– इनमे से कोई नहीँ। (फिर कौन-सा शब्द है?) उत्तर– १– बँटाधार शब्द-विवेचन– जो शब्द सर्वत्र प्रचलित है, वह ‘बंटाधार’ और ‘बण्टाधार’ है। […]
करवा हैं करवाली,उनके बरहें दिन दिवाली।उसके तेरहें दिन जेठुआन ,औरफिर चुटिया- पुटिया बांध के चलो गंगा नहाय। मतलब की दीपावली की धूम और फिर जेठुआन के गन्ने की मिठास खत्म होते कतकी (गंगा स्नान) की […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• मेरा आरम्भ से स्वभाव रहा है कि जिस क्षेत्र मे जाओ, वहाँ ऐसा कर्म करो कि तुम्हारी स्थापना करने के लिए वहाँ की परिस्थिति विवश और बाध्य हो जाये। दूसरे […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आज (१३ नवम्बर) उच्चतम न्यायालय की ओर से अकर्मण्य सरकारोँ-द्वारा अवैध ढंग से जे० सी० बी० (जोसेफ़ सायरिल बम्फोर्ड) (‘बुल्डोजर’ का प्रयोग ग़लत है।) से किसी के भी घर को […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• गत ११ नवम्बर को मै अपने प्रिय सम्पादक सुनील द्विवेदी जी, लखनऊ से मिला और उनके सम्पादकीय विभाग के लिए अपनी भाषिक कृति ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ प्रदान […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाध पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• उत्तरप्रदेश मायावती-शासन मे निजी एवं प्रमुख सचिव एवं उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान मे निदेशक रहे, मेरे सारस्वत मित्र एवं ज्येष्ठ भ्राता-सम समादरणीय ७८ वर्षीय शम्भुनाथ जी को गत ११ नवम्बर को […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एशियाई हॉकी-चैम्पियनशिप मे आज (१२ नवम्बर) राजगीर (बिहार) मे खेले गये कोरिया के विरुद्ध भारतीय महिलादल की पेनल्टी-स्ट्रोक के कारण जीत हुई; परन्तु कुल मिलाकर, उसका प्रदर्शन प्रभावहीन रहा। उसके […]
मुंबई। भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं और 8 प्रतिशत विकास दर वाले भारत और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज रूस के बीच साझेदारी दोनों देशों के साथ ही दुनिया के लिए भी […]
छोटा भाई : भैया क्या आपको पता है कि बड़े-बड़े कास्तकार जिनका धान खेत से कटकर घर तक पहुंचने में पहले महीनो लग जाते थे, पूरा कातिक बीत जाता था, अब उनकी पूरी सीर एक […]
पहला चित्र–घटना आज (९ नवम्बर) की है। मै डोसा खाने के लिए गया था। यह है, लखनऊ का ‘पकवान रेस्टोरेण्ट’ (शुद्ध शाकाहारी भोजनालय), जो लखनऊ रेल स्टेशन से लगभग ४०० मीटर की दूरी पर मुख्य […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–अत्याचारी देश मे, दिखते हैँ चहुँ ओर।उनके पापाचार का, कोई ओर-न-छोर।। दो–रक्त उबलता देखकर, उनका नित्य कुकृत्य।दिखते हैँ पथभ्रष्ट सब, दिखता हर दुष्कृत्य।। तीन–शुष्क हुई संवेदना, मरता भाव-विभाव।मन चेतन से […]
आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला•••••••••••••••••••••••••• ★ परिक्षा– इस ‘परिक्षा’ शब्द की वर्तनी (अक्षरी) देखते ही कोई भी सुस्पष्ट शब्दोँ मे कह देगा– यह जो ‘परिक्षा’ शब्द दिख रहा है, पूरी तरह से ग़लत है; […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–जीवन अब अनुवाद है, मूल रह गया भूत।भाव अर्थ से हीन है, कथ्य बना अवधूत।।दो–दृष्टि-परे दर्शन हुआ, योग-क्षेम अभिशाप।परे परा अपरा हुई, जल से जैसे भाप।।तीन–कुन्द प्रखरता ठोस है, प्रतिभा […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ‘छठि’ के नउवा सुनि के आपन गाँव, घर, दुआरि, डेरा, खरिहान, बर-बनिहार आ पाँड़े पोखरा याद आवे लागल। मुँड़ी पर फल-फूल, सिंघाड़ा, ठेकुआ, पूआ-मलपुआ, पूड़ी, भीगल चाना, उखि के गेँड़, […]
बैसवारा में छठ नहीं मनाई जाती, भोजपुरी और मैथिली भी नहीं बोली जाती। इसलिए भोजपुरी और मैथिली की प्रख्यात लोकगायिका स्वर्गीय शारदा सिन्हा को मैंने बहुत देर से जाना। उनकी जादुई आवाज मैंने पहली बार […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• जनप्रिय लोकगीत-गायिका ७२ वर्षीया समादरणीया दीदी शारदा सिन्हा जी का अभी कुछ ही समय-पूर्व शरीरान्त हुआ है। कई दशक-पूर्व लखनऊ से प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘भोजपुरी लोक’ की ओर से लखनऊ […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– अगर जज़्बातों का ये समन्दर न होताआदमजादे भी यहाँ जानवर बन जाते।कोई भी किसी के लिए परेशान न होताकिसी भी काम के न होते रिश्ते-नाते।न दिल मे किसी के लिए नफ़रत […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• पानी पर ठहरा सम्बन्ध,जाने कैसा क्योँ प्रतिबन्ध?होठोँ पर मृदु हास-रेखाएँ,हृदय दिखाता है अनुबन्ध।चिरसंचित अभिलाष खड़ा है,प्रश्न उठाता है सम्बन्ध।उम्र है घटती-कटुता बढ़ती,अनदेखी कर लेता अन्ध।अनाचार है आँख दिखाता,मुक्त दिख रहे […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• छन्द :– चौपाईमंगल भवन अमंगल हारी। देश लुट रहा बारी-बारी।।जनता फिरती मारी-मारी। असर न होता अत्याचारी।।आपस मे है मारा-मारी। पापी दिखते सब पर भारी।।पाप घड़ा पापी भर आया। भगतोँ को […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav, Hardoi — The Vedic Hindu Sanatan culture, often referred to as the “Eternal Path,” is deeply rooted in values that transcend time and place. This ancient culture is more than a […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–कैसा भाई दूज है, लिये प्रथा को संग।प्रेम-नेह दिखता नहीँ, रिश्ते होते तंग।।दो–छिटक रहे भाई-बहन, भौतिकता ले साथ।रोता भाई दूज भी, झुका-झुकाकर माथ।।तीन–बचपन बूढ़ा हो रहा, लकुटी ही अब साथ।बिछड़ […]
कोलकाता और आसपास के क्षेत्र के युवा वर्ग को राजभाषा हिंदी में रोजगार के अवसर और तदानुसार तैयारी के संबंध में जागरूकता फैलाने और युवा वर्ग को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से स्थापित नैहाटी शिल्पांचल […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ए चचिया! तोरा क उठि-बइठि आ सूति-जागि क उठक-बइठक करत परनाम करत बानी। आछा त, तू खाँड़ी-चूकी ना हउ, सोगहगवे बाड़ू। आपना लेखा एगही। तू आपन पूत खइलू; भतार कटलू, […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–मनहूस तारीख़ हुई, मानो गूलर-फूल।न्यायशील दिखते कहाँ, आस रही है झूल।।दो–देखो! कैसे मौन हैँ, न्यायतन्त्र के लोग।चिन्दी-चिन्दी हो रही, इज़्ज़त लगती भोग।।तीन–पट्टी खोली आँख की, संविधान अब हाथ।दिखता न्याय सुदूर […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–जन का तेल निकाल कर, भरेँ दीप मे तेल।परवश कैसा राम है, खेल रहा है खेल।।दो–दृष्टि सयानी दिख रही, बढ़ा रही है प्रीति।घायल करती राज को, बना रही है नीति।।तीन–संविधान […]
Raghavendra Kumar Raghav– On the sacred festival of light, we come with open hearts, Seeking beauty’s true reflection, where the soul’s essence starts. Not in fleeting worldly forms, but in light that never fades, Shining bright, deep within—our […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• मेरा रेडियो से जुड़ा संस्मरण एक रोचक पुस्तक का आकार ले लेगा। इतना समझ लेँ पार्श्व मे एक स्टूल होता था, जिस पर नितान्त मेरा ट्रांजिस्टर रखा रहता था और […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• हम दीर्घकाल से देखते-समझते आ रहे हैँ कि दीप-उत्सव ‘दीपावली’ के अवसर पर भारतीय समाज आज भी भ्रम की स्थिति मे बना हुआ है। इसका मुख्य कारण है, ‘दीपावली’ त्योहार […]
रियाद। सऊदी अरब के रियाद में स्थित भारतीय दूतावास ने सभी 11 शास्त्रीय भाषाओं के ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाला एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम सप्ताह भर चलने वाले प्रवासी परिचय-2024 का […]
हरदोई– बेनीगंज मे स्थानीय अयोध्या प्रसाद आदर्श विद्यालय परिसर में ब्राह्मण परशुराम संगठित समाज की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। साथ ही संगठन का विस्तार किया गया। ब्राह्मण संगठित समाज की ओर से […]
कानपुर-प्रवास की अवधि मे मेरे समय का सदुपयोग होता रहा। विगत २४ अक्तूबर को दैनिक जागरण के राष्ट्रीय सम्पादक विष्णुप्रकाश त्रिपाठी जी के सौजन्य से दैनिक जागरण, कानपुर-कार्यालय के एक सभागार मे समाचारपत्रोँ मे व्यवहृत […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• कहो!चित्त कोक्योँ ले गये संश्लिष्ट विचार-गह्वर मे?निर्द्वन्द्व करो अपने भाव को;शिथिल करो शब्द-बन्धन को;शब्द-शब्द होगा,करबद्ध मुद्रा मे;नतमस्तक हो,तुम्हारे आदेश की प्रतीक्षा मे।पात्रता ग्रहण करो;रिक्त रहकर,उद्विग्न रहोगे स्वयं से;अपरिपक्व विचारों से,फिर […]
प्राकृतिक चिकित्सा ही मूल चिकित्सा है जो रोग की जड़ को खत्म कर शरीर को निरोग करती है। यह चिकित्सा पद्धति शून्य नुकसान वाली है और लाइलाज बीमारियों को भी ठीक करने की इसमें क्षमता […]
अध: टंकित वाक्य को सकारण शुद्ध करेँ :–● मैं दो दिन से गांव पर/पे है।सकारण उत्तर–सर्वप्रथम हम अपने प्रश्नात्मक वाक्य पर विचार करेँगे। यह वाक्य अशुद्ध है; क्योँकि वाक्य से निर्देश की ध्वनि आ रही […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–संदेही इस जगत् मे, दिखते हैँ चहुँ ओर।समय दिखे शंकालु है, मोहग्रस्त है भोर।।दो–चतुर-सुजान सुभग यहाँ, कोई ओर-न-छोर।माया-सम सब दिख रहे, अभिधा करती शोर।।तीन–यही जगत् की रीति है, साधु बन […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–कोण दृष्टि का बदलकर, लक्ष्य करो संधान।आडम्बर को त्यागकर, कर लो ग्रहण अपान (आत्मज्ञान)।।दो–कौन सनातन है यहाँ, क्षणभंगुर है कौन?न्यायी दिखता कौन है, अधिनायक है कौन?तीन–ब्रह्म सनातन एक है, जीव […]
ज्योति जूनियर हाईस्कूल कुरसठ हरदोई की पूर्व छात्रा पारुल देवी ने नीट यूजी परीक्षा उत्तीर्ण करके अपने जनपद व क्षेत्र का नाम रौशन किया है। पारुल देवी ने प्रदेश की आयुष काउंसलिग में 620वीं रैंक […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–चिन्ता-चिन्तन शब्द हैँ, शब्द बने अविराम।शब्द-शब्द मन्थन करो, मानस हो अभिराम।।दो–शब्द-शब्द अश्लील है, शब्द बनाये श्लील।शब्द समादरयुक्त है, हरण है करता शील।।तीन–लोचन आलोचन लगे, दृष्टिबोध है मर्म।कटुता कण्टक-सा चुभे, औषध […]