2024
मेरी जीत भी मेरी हार भी
कोई कह दे कि शाम हो गई हैअब यकीन नही होता।कदम-कदम पर अब तो बड़ा फरेब होता।चले कहाँ के लिए और आ गये कहाँखुशियों की चादर पर कोई सितारा दिखेये सितारे गगन को चूमते हैं।आँचल […]
Sanatan teachings are the ancient way of life
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’ Sanatan teachings are the ancient way of life. Embracing both the form and formless divine. God’s essence, soul’s liberation, profound. Sanatan Dharma, the path profound. In saguna and nirguna, God resides. […]
9 मार्च 2024 को आयोजित होगी वृहद राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते योग्य मामलों का होगा त्वरित निस्तारण
हरदोई– अपर जिला जज प्रीती श्रीवास्तव के द्वारा दिनांक 9 मार्च 2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से वादों का निस्तारण कराए जाने हेतु जनपद न्यायालय के केंद्रीय सभागार में न्यायिक अधिकारियों के […]
बदलियां गल्ला (पहाड़ी कविता)
अज्ज कल बदलना लग्गियांतेरियां गल्लांतेरे शहरे दे मौसमे सैंई। अज्ज कल बदलना लग्गा।तेरा अंदाजगिरगिटे दे रंगे सैंई। अज्ज कल बदलना लग्गातेरा प्यारतेरे रुसदे चेहरे सैंई। अज्ज कल बदलना लग्गातेरा व्यवहारतेरियां नजरा सैंई। अज्ज कल बदलना […]
वैलेंटाइन डे, मीडिया और ऐय्याशी का तमाशा
“रोने से और इश्क़ में बेबाक हो गए,धोए गए हम इतने कि बस पाक हो गए।” प्रेम एक दैवीय गुण है। अपूर्णता में पूर्णता का भाव प्रेम है। प्रेम एक भाव है, एक सुंदर सा […]
सरस्वती-वंदना : श्वेता! धवला! वाग्देवी! शब्ददान दीजिए
श्वेता! धवला! वाग्देवी! शब्द-दान दीजिए।आपका हूँ दास मातु, ज्ञान-मान दीजिए।आपका वरदहस्त, मूल्य से भी मूल्यवान।शब्दों मे मेरे राम हों, वरदान मातु दीजिए।श्वेता! धवला! वाग्देवी! शब्द-दान दीजिए।आपका है दास राघव, ज्ञान-मान दीजिए॥ आपसे ही शब्द-शक्ति, आप […]
वसंत पंचमी पर मां सरस्वती का हुआ पूजन
डाॅ० एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में बुधवार को वसंत पंचमी के अवसर पर परिसर स्थित मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजन किया गया। कुलपति प्रो० जेपी पांडेय ने विधि विधान से मां सरस्वती की […]
समीक्षा अधिकारी परीक्षा के नाम पर किया गया अक्षम्य अपराध!
(प्रस्तुत है, भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की सकारण आपत्ति) पिछले रविवार को उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से ‘समीक्षा अधिकारी परीक्षा’ करायी गयी थी, जिसमे लाखों की संख्या मे विद्यार्थियों ने परीक्षा दी […]
भारत के नेताओं का बौद्धिक स्तर परखें
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक नेता से किये गये प्रश्न और उसके उत्तर को देखें।प्रश्न– हमारा राष्ट्रीय गीत क्या है?नेता– जन गड़ अधिनायक जय हे।प्रश्न– राष्ट्रगान को कितने समय के अन्दर गाया जाता है?नेता– […]
Poem : Loyalty of Great Horse Shubhrak
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– On land of India, where tales do roam.Lessons of valor, both beast and home.Loyal animals, hearts they have sown,In loyalty and courage, they have shown. In kingdom of Mewar, a horse stood […]
इन एंड आउट स्टोर सुपर मार्केट का विधायक की धर्मपत्नी ने किया उद्घाटन
गौसगंज में भारत पेट्रोल पंप परिसर मे दैनिक उपयोग से संबंधित सामग्री, किराना, पेय पदार्थ आदि सुगमता से व गुणवत्तापरक उपलब्ध कराने हेतु इन एंड आउट स्टोर सुपर मार्केट का शुभारंभ मल्लावां-बिलग्राम भाजपा विधायक आशीष […]
Sanatan can free from the cycle of life and death
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– O blessed land of Bharat! you are fortunate, you are chosen for spreading knowledge entire world. This knowledge of the divine light illuminates the entire world. The Supreme Being instructs humanity […]
पाकिस्तान मे लोकतन्त्र का मुँह काला होता हुआ
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• पाकिस्तान मे कल (८ फ़रवरी) मतदान-कार्यक्रम-समाप्त होते ही मतगणना शुरू कर दी गयी। हमारे विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, मतगणना मे पाकिस्तानी फ़ौज के कठपुतली नेता ‘नवाज़ शरीफ़’ की पार्टी के […]
आइए! अति संक्षेप मे ‘उर्दू’ शब्द की वास्तविकता से अवगत हों
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• जो लोग उर्दू को भारत की भाषा मानते हैं, उन्हें पहले ‘उर्दू’ शब्द का अर्थ समझ लेना चाहिए और यह भी कि उर्दू की उत्पत्ति किस शब्द से होती है […]
फ़ौजी हुकूमत के साये मे होता पाकिस्तानी चुनाव
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आर्थिक विषमता तथा आतंकवाद-सहित कई गम्भीर विषयों से जूझ रहे पाकिस्तान मे आज ८ फ़रवरी) आम चुनाव कराया जा रहा है, जिसके लिए सभी महारथियों ने अपनी-अपनी कमर कस ली […]
रामराज्य की कल्पना
अभिजीत मिश्र, बालामऊ बालि द्वारा शासित किष्किंधा में राम चाहते तो अपना उपनिवेश स्थापित सकते थे और अपने मन का कोई व्यक्ति राजगद्दी पर बिठा सकते थे… पर इस क्षेत्र में डर से कौन प्राणी […]
आधुनिक लव का गन्तव्य ओयो रूम
आजकल के नौजवानों को प्यार बहुत जोर से आता है। रोज डे, प्रोपोज़ डे, किस डे, हग डे से होता हुआ आधुनिक लव कुछ ही दिनों में ओयो रूम तक जा पहुँचता है। हालांकि कार्बाइड […]
फ़ौजी हुकूमत के साये मे होता पाकिस्तानी चुनाव
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आर्थिक विषमता तथा आतंकवाद-सहित कई गम्भीर विषयों से जूझ रहे पाकिस्तान मे कल (८ फ़रवरी) आम चुनाव होनेवाले हैं तथा सभी महारथियों ने अपनी-अपनी कमर कस ली है। हर बार […]
ज़िन्दगी का मक़्सद बन!
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• घिसटते हुए टायर की तरह ज़िदगी जीनेवालो! अपने भीतरभरी हवा की इज़्ज़त करना सीखो। फटे बाँस की तरह चरचपर चरचरमरमर करती ज़िन्दगी, एहसासात को छूती तो है, बूझती नहीं; ताड़ती […]
सत्तालोभी दिख रहे, जनता-हित है गोल
——० यथार्थ-दर्शन– छ: ०—– ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–आँखों-अन्धे नयनसुख, मनमिट्ठू के बोल।सत्तालोभी दिख रहे, जनता-हित है गोल।।दो–रागी-वैरागी यहाँ, रँड़ुओं का संसार।कामी-कंचन-कामिनी, माया अपरम्पार।।तीन–नेता आतंकी बने, बाँट रहे हैं देश।बोल विषैले बोलते, नक़्ली दिखते […]
जाने क्या हैं यक्ष और यक्षिणी?
कहते हैं कि यक्ष-यक्षिणी में देवताओं की तरह दैविक चमत्कारिक शक्ति होती है। पौराणिक ग्रंथो में हमारी पृथ्वी में दैत्य, दानव, गंधर्व, किन्नर, यक्ष-यक्षिणी, भूत-प्रेत, रीछ, वानर, नाग, नाग कन्या और डाकिनी-शाकिनी जैसी बहुत सारी […]
आडवाणी जी को भारत रत्न मिलना राजनीति या राइट चॉइस?
खुद के बोये हुए बीज को अपने जीते जी वटवृक्ष बनते हुए देखना, अपने नेतृत्व में शुरू किए गए एक लगभग असंभव कार्य को अपनी आंखों से परिणत होते हुए देखना बिरलों के ही भाग्य […]
आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला
शब्द हैं :– रचयिता-रचयित्री। ★ रचयिता– ‘रचयिता’ पुंल्लिंग-शब्द है, जो किसी भी प्रकार की मौलिक रचना के लिए प्रयुक्त होता है। ‘रचयिता’ का अर्थ है, रचना/सर्जन करनेवाला वा रचनेवाला। ‘रचना’ करने के अर्थ मे ‘रच्’ […]
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उवाच
यह सन्देश उनके लिए, जो संसार को जीत लेने की सामर्थ्य विकसित कर सकते हों। परवाह किसी की मत करो। जीवन-यात्रा के पाथेय के रूप मे सकारात्मक जीवन-दिशा-निर्धारण करते हुए, व्यवधान, व्यतिक्रम, अवरोध आदिक नकारात्मक […]
मेरा जमाना
मुझे वो पगडंडियाँअब दिखती नहींजिन पर मैं चला करता था। मुझे वो आम के बागअब नहीं मिलतेजिन्हें देख नन्हे मन मचलता था। मुझे वो नदियांअब नहीं मिलतीजिनमें बाल-गोपाल नहाया करते थे। मुझे वो सुकून की […]
नज़रें जिधर घुमाइए, दिखते चोर-दलाल
——० यथार्थ-दर्शन– पाँच०—– ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–जनता हालत दिख रही, मानो हुई हलाल।नज़रें जिधर घुमाइए, दिखते चोर-दलाल।।दो–छीलो कटहल बैठकर, देखो नंगा नाच।चड्ढी टँगती खूँट पे, फोड़ो सिर पर काँच।।तीन–कोई हो राजा-प्रजा, नहीं दिखे […]
बदले अन्दाज़ हैं; भाँपिए ज़रूर
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• सीरत की बनावट पे मत जाइए,सूरत की सजावट पे मत जाइए।महब्बत की राह मे हैं धोखे बहुत,नज़रों की बुनावट पे मत जाइए।प्यासे हैं तो पीकर खिसक लीजिए,नदियों की गुनगुनाहट पे […]
क्रिमिनल बाबा को कोटी-कोटी परनाम
——० हास-परिहास ०—— ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय परिदृश्य-विवरण :–‘क्रिमिनल बाबा’ का अय्याशीभरा दरबार सज गया है। क्रिमिनल बाबा मखमल-जैसे नरम-नरम स्वर्णिम गद्दे पर ओल्हरे हुए हैं। उनके चारों ओर पैर पसारे भगतिन क्रिमिनल बाबा […]
देखो जनता बँट गयी, धर्म, वर्ग औ’ जाति
——-० यथार्थ-दर्शन ०——- ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–राजनीति की कोठरी, कितनी है बदरंग!चेतन-पक्ष अलक्ष है, कूप पड़ी है भंग।।दो–जनहित दिखता है कहाँ, प्रतिनिधि बिकते रोज़।गुण्डे-लम्पट हैं दिखे, कौन करेगा खोज?तीन–दिखे कुशासन देश मे, न्याय […]
समाजसेवी डॉक्टर नृपेंद्र वर्मा ने महाविद्यालय मे किया स्मार्टफोन का वितरण
कछौना– शेख मिस्टर मियाँ महाविद्यालय गौरी फकरुद्दीन में मंगलवार को शासन की स्मार्टफोन योजना के तहत छात्र-छात्राओं को समाजसेवी डॉक्टर नृपेंद्र वर्मा ने स्मार्टफोन का वितरण किया। जिन्हें पाकर छात्रों के चेहरे खुशी से खिल […]
जनता हालत यों दिखे, रहा गिद्ध ज्यों नोच
——–० यथार्थ-दर्शन ०——- ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–महँगाई है मारती, भूख करोड़ों लोग।कुछ मरते हैं भोग से, कुछ मरते हैं रोग।दो–सिर पर छत दिखती नहीं, आस एक विश्वास।अपने मन के सब यहाँ, नहीं दिखे […]
डॉ० राजकुमार शर्मा मे मिट्टी से ‘माधव’ बनाने की क्षमता थी
अखिल भारतीय हिन्दीसेवी संस्थान के प्रमुख एवं साहित्यकार, दारागंज, प्रयागराजवासी डॉ० राजकुमार शर्मा की गंगातट, प्रयागराज-स्थित श्मशान घाट पर २९ जनवरी को अन्त्येष्टि-क्रिया की गयी। मुखाग्नि उनके पुत्र मधुकर मिश्र ने दी थी। इसी अवसर […]
लिथुआनिया स्थित भारतीय दूतावास ने पहली बार बड़े उत्साह के साथ मनाया गणतंत्र दिवस
लिथुआनिया में स्थित भारतीय दूतावास ने पहली बार 75वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह और खुशी के साथ मनाया। लिथुआनिया के विनियस में भारतीय दूतावास का उद्घाटन हुए अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है, […]
Victim of depression Saurabh Patel now a Lecturer through proper guidance and hard work
Raghavendra Kumar Tripathi Raghav– Hardoi– Some months ago he was left thier study and practice of music after depression. But now after hard work Saurabh Patel git success. He will teach thousands of youth now. […]
व्यक्तित्त्व का डर
धूप में तपा हुआ आदमीछाया में झुलस रहा है। हवा में बहता हुआ आदमीतूफानों से डर रहा है। आग से पका हुआ आदमीधूप में जल रहा है। अपनी बातों सेजख्मी करने वाला आदमीतलवार की नोक […]
जो बच गये हैं पल, उन्हें अब तो मोलिए
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• होठों को दे ज़बाँ, अजी! कुछ तो बोलिए,बन्द कोठरी मे राज़, ज़रा उनको खोलिए।बेहोश थे तब आप, बड़े बोल बोले थे,बाहोश अब आप, उन शब्दों को तोलिए।ग़फ़्लत मे पड़कर वक़्त, […]
हमारा तिरंगा
आजादी की है शान तिरंगा।भारत देश की है शान तिरंगा।घर-घर में लहराये तिरंगा।हमको जान से प्यारा तिरंगा।दुनिया में सबसे है न्यारा तिरंगा।सबकी आँखों का है तारा तिरंगा।तिरंगा कितना प्यारा हमारा।तीन रंग का मेल है सारा।सदा […]
कच्ची कविता : गणतंत्र दिवस
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है। भारत में बड़े उत्साह से झंडा फहराया जाता है। इस राष्ट्रीय त्योहार को बच्चे स्कूल झंडे लाते है। 26 जनवरी को देशभर में प्रोग्राम किए जाते हैं। […]
समाज को एक नयी राह दिखाते मंडी के सचिन सकलानी
सचिन कुमार जिन्हें हम सब सचिन सकलानी के नाम से जानते और पहचानते हैं। जिनका सामाजिक क्षेत्र से लगाव बचपन से ही रहा है। 2016 में विद्यालय समय में अध्यापकों के साथ जुड़कर वृक्षारोपण, स्वच्छता […]
सहकल-बहकल-दहकल बबुनी
बाबू! इहे ह असलिका भोजपुरी– भोजपुरी-विशेषण आ क्रिया के बिस्तार से समझे के बा। ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
जन-जन के राम सबके राम
आज खुशी का पल,प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा का क्षण।घर मंदिर है पांँच दीप जलाऊँ,पुष्प से सजाऊँ, पीला अक्षत चढ़ाऊँ।प्रभु का निमंत्रण पत्र आयासज गई अयोध्या नगरी। जिनके लिए सदियों से अखियांँ तरस गई,बाईस जनवरी दो […]
“रामराज की स्थापना के लिए क्षुद्र स्वार्थ से ऊपर उठना होगा”– डॉ० प्रकाश चिकुर्डेकर
‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद सम्पन्न ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से २१ जनवरी को ‘सारस्वत सदन’, अलोपीबाग़, प्रयागराज की ओर से ‘रामराज की प्रासंगिकता : वर्तमान संदर्भ मे’ विषय पर एक […]
सच में मेरे राम आने को हैं
शिशु तुतलाकर पहली बार ‘मां’ बोलने को है, चिड़ियां कलरव करने को हैं, कोयल गान सुनाने को है; हिमनद पिघलकर मरुस्थल की ओर बढ़ने को है, कुंआ खुद चलकर प्यासे के पास आने को है, […]
आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला
हमने ऊपर दिख रही सामग्री मे अशुद्ध शब्द-व्यवहार को यथाशक्य सकारण शुद्ध किया है। इसमे जिसकी रुचि हो, वे ग्रहण कर सकते हैं; किसी प्रकार की कोई बाध्यता नहीं। वैसे भी शब्द मे शक्ति होती […]
आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला
शब्द हैं :– संकीर्ण, आकीर्ण, विस्तीर्ण, प्रकीर्ण तथा विकीर्ण। संकीर्ण– मूल शब्द ‘कीर्ण’ है, जिसका अर्थ ‘बिखरा हुआ’, ‘ढका हुआ’ तथा ‘ठहरा हुआ’ है। हम प्रयोग के आधार पर शब्दार्थ-चयन करेंगे। हम ‘संकीर्ण’ के अर्थ […]
रोहित शर्मा की अदूरदर्शितापूर्ण कप्तानी के बावुजूद भारतीय खेलाड़ियों ने टी-20 शृंखला अफग़ानिस्तान से जीती
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• १७ जनवरी को भारत और अफग़ानिस्तान के मध्य बंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम मे खेले गये तीसरे और अन्तिम टी-20 क्रिकेट-मैच को दूसरे सुपर ओह्वर मे भारत जीत गया है; परन्तु […]
बिल्ली घण्टी बाँधने, पहल करेगा कौन?
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–राम सिया-बिन किस लिए, प्रश्न उछलता रोज़।मुँह-दरवाज़े बन्द हैं, कौन करेगा खोज?दो–मन्दिर दिखे अपूर्ण है, प्राण-प्रतिष्ठा-प्रश्न।मूल समस्या गर्त मे, मना रहे सब जश्न।।तीन–राजनीति की गोद मे, खेल रहे हैं राम।उल्लू […]
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान माई-भारत के स्वयंसेवकों ने किया यातायात को नियंत्रित
हरदोई– राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह 11-17 जनवरी 2024 के दौरान 25 स्वयंसेवकों द्वारा हरदोई के प्रमुख स्थानों पर यातायात पुलिस के साथ मिलकर ड्यूटी की गई। जिस दौरान माई-भारत स्वयंसेवकों द्वारा सड़क सुरक्षा के प्रति […]
सारे तीरथ बार-बार, गंगा सागर एक बार
हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि महातीर्थ गंगासागर में स्नान और दान का जो महत्व है वह अन्यत्र नहीं है। सभी तीर्थों में कई बार यात्रा करने से जो पुण्य प्राप्त होता है वह […]
अजीब मोड़ पे, दिखी ज़िन्दगी
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••• होठ बुदबुदाये, कह न सका,भाव उमड़ाये, बह न सका।विचार फैले, चादर हो गये,सिकोड़े थे, पर तह न सका।बूढ़े ज़ख़्म, नासूर बन गये,दबाया ज़रूर, सह न सका।संदेश बहुत, राम-रहीम के,ज़ेह्न बेचारा, […]
पड़ोसी राज्य हरस्य यानम् (ईश्वर के निवास स्थान) यानि हरियाणा में
पड़ोसी राज्य हरस्य यानम् (ईश्वर के निवास स्थान) यानि हरियाणा में – हरियाणा के कण-कण और शब्द-शब्द मे राम बसते हैं। शायद इसीलिए हरियाणा पर रामजी की कुछ ज्यादा ही कृपा है। तभी तो हरियाणा […]
कवि-सम्मेलन
मंच पर वेद्विअर्थी गीत गा रहे थे;लगातार हीगिरते जा रहे थे;ऐसे गिरे हुए कवि और संचालक‘कविता’ को उठा रहे थे;हद तो यह थी–सब-के-सब श्रोतागणकविता की इस दशा परताली बजा रहे थे! ✍ घनश्याम अवस्थी९४५१६०७७७२
कविता– मकर-संक्रान्ति
मकरसंक्रांति का दिनहै आया ,पूरा भारत है हर्षाया।शीत ऋतु अब जाने को है,कुछ ऐसा सन्देशा लाया। गंगा का अवतरण दिवस है,सगरपुत्रों का तरण दिवस है।गंगा सागर अवगाहन का,एक मात्र यह पुण्य दिन आया। मकरसंक्रान्ति का […]
‘सियाराम’ और ‘श्री राम’
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हे ‘अयोध्या के राम’!हे ‘जय श्रीराम’!हे ‘राजनीतिक दल-विशेष के आयातीत राम’!मत भूलो कि “हम भक्तन के भक्त हमारे” का उद्घोष करनेवाले ‘सियाराम’/’सीताराम’ लोकमानस में अंकित हैं। वे ‘एकाकी’ राम नहीं हैं […]
प्रयाग का विलक्षण आध्यात्मिक वैभव
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• “सितासिते तु ये स्नाता माघमासे युधिष्ठिर,न तेषां पुनरावृत्ति: कल्पकोटि शतैरपि।”‘तीर्थराज’ प्रयाग की महत्ता को समझें :―“त्रिवेणी माधवं सामं भरद्वाज च वासुकिम्।वन्दे अक्षयवटं शेषं प्रयागं तीर्थ नायकम्।।” बाबा तुलसी ने प्रयाग […]
आन्तरिक गुनहगार
उन्होंने कहाहम बहुत अच्छे हैंहमने कहाहोंगे अपनी नजर में। उन्होंने कहाहम दिलकश इश्क करते हैंहमने कहाकरते होगे गैरों से। उन्होंने कहाहम सिकंदर हैं हर काम मेंहमने कहाहोगे बस इस दुनिया के। उन्होंने कहाहम जानते हैं […]
न्यायालय के निर्णय आते ही बिलकिस बानो के अपराधी फ़रार!..?
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• देश मे सत्ताधारी राजनेताओं के प्रश्रय पाकर अपराधियों के हौसले बलन्द देखे जा रहे हैं। इसका जीता-जागता नमूना गुजरात का है, जहाँ कुछ गुण्डे बिलकिस बानो के परिवार के सात […]
National Youth Day : Birth Anniversary of Great Saint Swami Vivekanand
In youth’s bright glow, we shine so bold, Like a radiant light, strong and gold. Our spirits crave goodness and care, A warm hug, a nation’s love to share. National Youth Day is here today, […]
राम इस लोक के हृदय मे बसते हैं
राम इस लोक के हृदय में बसते हैं, इसलिए उन्हें लोकनाथ कहा जाता है। इस भूलोक और संस्कृति दोनों में राम समाहित हैं। माता सीता और भगवान श्रीराम विश्वव्यापी हैं। वह पूरे विश्व में लोकप्रिय […]
शिक्षण-संस्थान हो तो ‘हिन्दी-संसार’-जैसा
१० जनवरी को प्रयागराज के प्रतिष्ठित टी० जी० टी०-पी० जी० टी०-शिक्षा-प्रशिक्षा-संस्थान ‘हिन्दी-संसार’ की ओर से ‘विश्व हिन्दी-दिवस’ के अवसर पर संस्थान तथा उसके बाहर के विद्यार्थियों के लिए शुद्ध और उपयुक्त शब्द-प्रयोग के प्रति सजगता […]
“भाषा-प्रयोग करते समय शिथिलता से दूर रहें”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
आज (१० जनवरी) साहित्य, भाषा एवं व्याकरण को विद्यार्थियों और अध्यापकों आदि का सम्यक् मार्गदर्शन करनेवाली संस्था ‘हिन्दी-संसार’ की ओर से उसके सभागार मे ‘विश्व हिन्दी-दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे भाषाविज्ञानी […]
जन-जन मे जाग्रत् हो रही, हिन्दी की वैश्विक चेतना
‘विश्व हिन्दी-दिवस’ की पूर्व-संध्या मे ‘सर्जनपीठ’ का अन्तरराष्ट्रीय आयोजन सम्पन्न ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे आज (९ जनवरी) ‘विश्व हिन्दी-दिवस’ की पूर्व-संध्या मे ‘सारस्वत सदन’, अलोपीबाग़, प्रयागराज से ‘हिन्दी की वैश्विक स्थिति’ विषयक एक आन्तर्जालिक […]
भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय १० जनवरी को १० हज़ार विद्यार्थियों को भाषाशुचिता का ज्ञान करायेंगे
‘हिन्दी-संसार’ एक ऐसा शैक्षणिक-दैक्षणिक संस्थान है, जहाँ से विद्यार्थी यथोचित अनुशासन और संस्कार ग्रहण करने के अनन्तर समाज को समुचित दिशाभान कराने की भूमिका मे लक्षित होते हैं। जो विद्यार्थी मेधावी और प्रतिभावान् होते हैं, […]
गन्ना सेंटर पर तौल लिपिक द्वारा ‘अन्नदाताओं’ से हो रही अवैध वसूली, घटतौली कर डाला जा रहा किसानों की जेब पर डाका
कछौना (हरदोई)– गन्ना क्रय केंद्रों पर सरकारी तंत्र से लेकर गन्ना तौल लिपिक तक ‘अन्नदाता’ कहे जाने वाले किसान को जमकर चूना लगा रहे हैं। जनपद में संचालित गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल लिपिकों द्वारा […]
भारतीय परम्परा से प्राप्त ज्ञान पूरी तरह वैज्ञानिक
पूज्य “सद्गुरुदेव अवधेशानन्द सरस्वती” जी ने कहा– “वेदोऽखिलो धर्ममूलं स्मृतिशीले च तद्विदाम्।आचारश्चैव साधूनां आत्मनस्तुष्टिरेव च॥” वेद शब्द “विद्” धातु से बना है, जिसका आशय जानने अर्थात् ज्ञान प्राप्त करने से है। वेद ज्ञान-विज्ञान के अप्रतिम […]
कविता : फ़र्क
जमीन और आसमान मेंफर्क होता है।झूठ और सच मेंफर्क होता है।मोहब्बत और नफरत मेंफर्क होता है।अपने और पराये मेंफर्क होता है।जीत और हार मेंफर्क होता है।दिमाग और दिल मेंफर्क होता है।जायज और नाजायज मेंफर्क होता […]
Special Features of the Under construction Sri Ram Janmabhoomi Temple Ayodhya
Raghavendra Kumar Tripathi Raghav– The temple is being constructed in the traditional Nagar style. The temple’s length (east to west) will be 380 feet, width 250 feet, and height 161 feet. The temple will have […]
आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला
अब हमें देवनागरी लिपि के अन्तर्गत हिन्दीभाषा मे प्रयुक्त किये जानेवाले उन शब्दों पर विचार करना होगा, जो लुप्तप्राय हो चुके हैं तथा जो यदा-कदा व्यवहार मे लक्षित होते रहते हैं; और वह भी अशुद्धि-रूप […]
अन्तत:, आइ० आइ० टी०-बी० एच० यू०-छात्रा के बलात्कारी गिरिफ़्तार किये गये!..?
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय निश्चित रूप से उत्तरप्रदेश का आपराधिक आँकड़ा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हम इसे पुलिस-प्रशासन की इच्छाशक्ति का अभाव कहें वा सत्तात्मक दबाव कहें, साफ़-साफ़ दोनो का मिला-जुला प्रभाव दिख […]
है निशि-दिवा-सी घूमती सर्वत्र विपदा-सम्पदा
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–साथ-साथ चलता रहा, वर्ष-हुआ अवसान।मन-मंथन मथता रहा, कहाँ मान-अपमान?दो–घूँघट काढ़े मौन है, अवगुण्ठन-सी देह।सहमे-सकुचे धर रहे, पाँव-पाँव अब गेह।।तीन–मलय मन्द मुसकान ले, बढ़े जोश के साथ।जन-जन अगवानी करे, झुका-झुका कर […]
अवसान को प्राप्त हुए मेरे सहयात्री!
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• विश्वसनीय एकवर्षीय सहयात्री!अपने बलिष्ठ कन्धों पर,तीन सौ पैंसठ दिवसीय अनियन्त्रित-नियन्त्रित भारप्रतिक्षण लादकर,अनवरत-अनथक यात्रा करते-करते,तुम अतीतोन्मुख हो चुके थे।त्वरित गति मे कृषकाय१ होते,तुम्हारे स्कन्धप्रान्त२,क्लान्त३ होते अनुभव करा चुके थे।तुम श्रान्त ४ […]