अमरनाथ गुप्ता, जिसे यह नहीँ बोध– ‘गुरु जी’ शुद्ध है वा ‘गुरूजी’; क़िस्सा ‘बताया’ जाता है वा ‘सुनाया’ जाता है?
◆ हमारे लेखन के अन्तर्गत पंचमाक्षर मे अनुस्वार का व्यवहार नहीँ है; क्योँकि पंचमाक्षर अनुस्वारयुक्त होता है। उसके तद्भव वा देशज रूप मे आवश्यकतानुसार ध्वनिप्रभाव को न्यून और अधिक करने के लिए अनुनासिक का व्यवहार […]