विपश्यना क्या है : एक अध्ययन
विशेष लेख— शोधकर्त्ताओं ने पाया है कि ध्यान का अभ्यास करने वाले प्रकाश से गहरी नींद मे तेजी से पारगमन करते हैं, और उनके इस पारगमन की अवधि जो ध्यान का अभ्यास नहीं करते हैं की तुलना में उम्र […]
विशेष लेख— शोधकर्त्ताओं ने पाया है कि ध्यान का अभ्यास करने वाले प्रकाश से गहरी नींद मे तेजी से पारगमन करते हैं, और उनके इस पारगमन की अवधि जो ध्यान का अभ्यास नहीं करते हैं की तुलना में उम्र […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– निर्विवाद रूप से ईश्वर एक है। इसी सत्य के आधार पर मनुष्य अपनी संस्कृति, धरती, जाति, भाषा और विश्वास (मान्यता) के अनुसार ईश्वर, भगवान, ख़ुदा, अल्लाह, परमात्मा, गॉड आदि अलग-अलग नामो […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’- ओ! वीणापाणि मा, ओ! पुस्तक धारिणि मा। ओ! ज्ञान दायिनी मा, ओ! हंसवाहिनी मा। कर तम का संहार, ज्ञान की ज्योति देती मा। ओ! वीणापाणि मा, ओ! पुस्तक धारिणि मा॥ विद्या की […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’— सारी दुनिया में आतंक का पर्याय माने जाने वाले गजनवी, गौरी, बाबर, ओसामा बिन लादेन और गद्दाफी सरीखे लोगों को भी मुस्लिम आतंकवादी और मानवता का हत्यारा नहीं बल्कि अपना आदर्श […]
भगवान शिव हिन्दू धर्म में सबसे महत्त्वपूर्ण देवताओं में से एक हैं। इनकी गणना त्रिदेवों में की जाती है, यह देवों के भी देव कहे जाते हैं। शिव में परस्पर विरोधी भावों का सामञ्जस्य देखने […]
In an important announcement, the Intergovernmental Committee of UNESCO’s 2003 Convention on Safeguarding of the Intangible Cultural Heritage has inscribed ‘Durga Puja in Kolkata’ on the Representative List of Intangible Cultural Heritage of Humanity during […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय।मृत्योर्मा अमृतम् गमय। ओम शांति शांति शांतिः। हे परमात्मा मुझे असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर तथा मृत्यु से अमरत्व की ओर […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय शुद्ध शब्द है, ‘धनत्रयोदश’, जिसका तद्भव (उससे उत्पन्न) शब्द ‘धनतेरस’ कहलाता है। इस धनत्रयोदशी को भगवान् धन्वन्तरि के साथ सम्बद्ध करके समझा जा सकता है। संस्कृत-भाषा के शब्द ‘धनु’ और […]
कुमार सतीश जी की फेसबुक-वॉल से– खगोलीय विज्ञान में आइंस्टाइन एक बड़ा नाम है.और, आइंस्टाइन के अनुसार इस ब्रह्मांड में सबसे तेज गति प्रकाश की होती है जो कि लगभग 3 लाख (2,99,972) किलोमीटर प्रति […]
भारत द्वारा चलाई जा रही परियोजना ”कंबोडिया में ग्रामीण जलापूर्ति में वृद्धि के लिए 1500 हैंडपंप की आपूर्ति एवं स्थापना” का अंतिम चरण पूरा हो गया है। इसको लेकर सोमवार को एक आभासी कार्यक्रम का […]
हनुमान चालीसा कब लिखा गया क्या आप जानते हैं। नहीं तो जानिये, शायद कुछ ही लोगों को यह पता होगा? पवनपुत्र हनुमान जी की आराधना तो सभी लोग करते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ […]
संकलित- (1) प्रश्न :- मृत्यु न होती तो क्या होता ? उत्तर :- तो बहुत अव्यवस्था होती । पृथ्वी की जनसंख्या बहुत बढ़ जाती । और यहाँ पैर धरने का भी स्थान न होता । […]
Guneet kaur, Lucknow It’s not that people started worshiping Shri Ram after he appeared in the house of King Dasharatha in Awadhpuri. In fact, King Dilip, Kind Raghu and Kind Dasaratha’s father King Aja also […]
ज्ञान का अर्थ है सत्य की अनुभूति करना। ज्ञान प्राप्त होने पर व्यक्ति निर्भय हो जाता है। ज्ञान है तो डर कैसा? ज्ञानी व्यक्ति तो प्रिय अप्रिय सुख दुख इत्यादि भावों से निरपेक्ष होता है। […]
हमारे देश भारत की प्राचीन संस्कृति ही भारतीय संस्कृति कही जाती है। भारतीय संस्कृति हमारे ऋषि मुनियों की संस्कृति है। वेद, पुराण, उपनिषद्, ब्राह्मण ग्रन्थ, स्मृतियां, रामायण, महाभारत, गीता हमारे पौराणिक शास्त्र है जो हमें […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मनसा-वाचा-कर्मणा परिशुद्ध मनुष्य को कोई पसन्द नहीं करता; क्योंकि वह प्रत्येक सत्य को ‘सत्य’ के साथ निर्लिप्त भाव के साथ कहता है; उसके कथन और कर्म में कोई भेद नहीं […]
पवित्र तीर्थ बद्रीनाथ धाम को आध्यात्मिक स्मॉर्ट नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, ओएनजीसी, गेल और श्री बद्रीनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। […]
●भये प्रगट कृपाला दीन दयाला● भगवान श्रीराम विष्णु के सातवें अवतार हैं।इन्हें श्रीरामचन्द्र भगवान के नाम से जाना जाता है।रामायण में वर्णित है कि इनका जन्म अयोध्या में राजा दशरथ जी के घर हुआ था। […]
राजेश पुरोहित, भवानीमंडी माँ दुर्गा का नवम् दिव्य रूप माँ सिद्धिदात्री का है। माता सिद्धिदात्री भगवान विष्णु की अर्धांगिनी है। यह देवी सिद्धियों को देती है इसलिते सिद्धिदात्री कहलाती है।इनकी पूजा आराधना से व्यक्ति को […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नीचे दिये गये चित्र को ध्यानपूर्वक देखें। कालिमा और कालुष्यमय रूप प्रयागराज-स्थित गङ्गानदी-जल का दिख रहा है। कितना विकृत और विवर्ण हो चुका है! गङ्गा के मौलिक जल से इतर […]
भोजपुरी गीतों में शिव तथा पार्वती के विवाह सम्बन्धी अनेक गीत मिलते हैं, जिनमे शिव के विलक्षण रूप, विचित्र बारात आदि का वर्णन किया गया है। शिव बारात में उनकी विभत्साकृति को देख पार्वती की […]
तब –श्रीकृष्ण ने द्रौपदी से कहा अभी मेरे साथ चलो – श्रीकृष्ण द्रौपदी को लेकर सीधे भीष्म पितामह के शिविर में पहुँच गए – शिविर के बाहर खड़े होकर उन्होंने द्रोपदी से कहा कि – […]
साभार : मुक्त मीडिया – 12 बातें जो हर सनातन धर्म अनुयायी को याद रखनी चाहिए । क्या भगवान राम या भगवान कृष्ण कभी इंग्लैंड के house of lord के सदस्य रहे थे ? नहीं […]
सङ्कलित : शतरुद्रिय रुद्राष्टाध्यायीका मुख्य भाग है। शतरुद्रियका माहात्म्य रुद्राष्टाध्यायीका ही माहात्म्य है। मुख्यरूपसे रुद्राष्टाध्यायीका पञ्चम अध्याय शतरुद्रिय कहलाता है। इसमें भगवान् रुद्रके शताधिक नामोंद्वारा उन्हें नमस्कार किया गया है। ‘शतं रुद्रा देवता अस्येति शतरुद्रीयमुच्यते […]
● मनकामेश्वर मन्दिर में बेटियो के लिए किया गया पूजन लखनऊ। माघ कृष्ण पक्ष चतुर्थी को होने वाला गणेश चतुर्थी सकट व्रत का बहुत महत्व है। जहां एक ओर पूरे शहर में माताओं ने पुत्रों […]
साभार, सोशल मीडिया (स्रोत अज्ञात) : हिन्दू धर्म में प्रत्येक मांगलिक कार्य के अवसर पर शंख बजाना अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। साथ ही इसके अनेक वैज्ञानिक लाभ भी हैं, जो शंख बजाने […]
———0 चिन्तन के आयाम 0 ——- —- आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यह विडम्बना ही है कि अद्वैतवादी सिद्धान्त और अभेदमूलक विचार की जन्मभूमि में ही आरम्भ से भेदमूलक समाज रहा है। यहाँ सिद्धान्त और व्यवहार […]
● चिन्तन-अनुचिन्तन के आयाम ● — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय किसी भी विषय में किसी के साथ ‘लिपिर-लिपिर’ नहीं की जाती है। सहजतापूर्वक जब तक पारस्परिक सहमति बनी रहे तब तक एक-दूसरे के साथ ईमानदारी […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हृदय में जब न ‘हर्ष’ हो और न ही ‘विषाद’ तब की स्थिति ‘आनन्द’ है। ऐसी मनोदशा ‘स्थितिप्रज्ञ’ की कोटि के अन्तर्गत रेखांकित होती है। एक वास्तविक संन्यासी (कदाचित् यत्र-तत्र […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मनसा-वाचा-कर्मणा सुदृढ़ मानसवाला मनुष्य हर किसी को रास नहीं आता; क्योंकि वह प्रत्येक सत्य को ‘सत्य’ के साथ निर्लिप्त भाव के साथ कहता है; उसके कथन और कर्म में कोई […]
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– Scholars Of Hinduism point to the inconsistencies and have questioned the authenticity of verses, and the extent to which verses were changed, inserted or interpolated into the original, at a later […]
पितामह भृगु द्वारा सम्पन्न नामकरण संस्कार के अंतर्गत राम जमदाग्नि का पुत्र होने के कारण जामदग्न्य और शिव द्वारा प्रदत्त परशु धारण किये रहने के कारण वे परशुराम नाम से प्रसिद्ध हुए। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा […]
महेन्द्र नाथ महर्षि (से.नि. वरिष्ठ अधिकारी दूरदर्शन)- कभी नहीं सोचा होगा कि बुराई की भी ‘धूम’ मच सकती है। कभी उम्मीद की है कि एक रोगाणु आएगा और संगीत का अंतरराष्ट्रीय विषय बन कर विभिन्न […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘प्रयाग’ शब्द की निष्पत्ति ‘यज्’ धातु से होती है; ‘प्र’ उपसर्ग प्रकृष्ट, श्रेष्ठ, उत्कृष्ट का बोधक है, जबकि ‘याग’ शब्द ‘यज्ञवाची’ है। अनुपम तीर्थस्थान प्रयाग के पक्ष में हमारे सनातन पौराणिक ग्रन्थ […]
आधुनिक हिन्दू चेतना के युगसृष्टा, महात्मा, वेदान्त दर्शन के महाप्राण, धर्म विज्ञानी, भारतीय ज्ञान की प्रतिमूर्ति, अजस्र प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानन्द की जन्मतिथि (राष्ट्रीय युवा दिवस) पर देवतुल्य श्री चरणों में कोटिशः प्रणाम । स्वामी […]
रामू बाजपेयी– मुड़रामऊ (हरदोई)- हरदोई जिले के मुड़रामऊ गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिवस कथा व्यास सन्तोष कुमार मिश्रा ने महाभारत का प्रसंग सुनाया । जिसे सुनकर वहाँ पर मौजूद भक्त आनन्द […]
अंकित सक्सेना बदायूँ महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखा और पूरे दिन अपने पति की लंबी आयु के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। शहर में लगभग 8:45 बजे चांद निकल आया था जिसके बाद […]
रावण का अर्थ है, ‘जो सम्पूर्ण लोक को रुला दे’, जो आज भी प्रासंगिक है। आज का रावण सम्पूर्ण भारतवासियों को रुला रहा है और हमारी आहें उसकी ‘अहम्मन्यता के घड़े’ में भरती जा रही […]
समीक्षक, नवरात्रि का पर्व हर वर्ष नौ दिन तक मनाया जाता है। इन नो रातों में शक्ति या देवी की विशेष पूजा की जाती है। दसवें दिन विजयादशमी मनाई जाती है। नवरात्रि वर्ष में चार […]
भवानीमंडी:- यथार्थ गीता के प्रणेता स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज ने कहा है कि भगवान का भजन किये बिना मनुष्य का कल्याण नहीं होने वाला। भजन किसी एक शब्द के रूप में भी हो सकता है। […]
संदर्भ:- गणेश-चतुर्थी, 2 सितम्बर शिवपुराण के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी को हम प्रतिवर्ष गणेश जी का जन्म दिन ,गणेश चतुर्थी के रूप में मनाते हैं। गणेश पुराण के अनुसार गणेशावतार का अर्थ […]
रक्षा बंधन-१५ अगस्त,२०१९ सभी बहनों को धन्यवाद ! इस पर्व के दो मुख्य पक्ष हैं। एक पौराणिक और दूसरा ऐतिहासिक। पौराणिक में पहला कृष्ण का युधिष्ठिर को दिया वह संदेश जिसमें उन्हें प्रजापालक होने के […]
सेठ के लड़के की बचाई थी फांसी । प्रत्येक दिन बदलता है शिवलिंग का आकार । रामू बाजपेयी- हरदोई जिले के बावन ब्लाक में स्थित संकटहरण शिव मंदिर अपने आप मे एक खास महत्व रखता […]
गोस्वामी तुलसीदास-जन्मतिथि-समारोह सम्पन्न । “गोस्वामी तुलसीदास ने मध्ययुगीन भारत की सम्पूर्ण चेतना को काव्यमय वाणी दी है। तुलसी से पूर्ववर्ती दार्शनिक विचारधाराओं और सम्प्रदायों के परस्पर विरोध का कारण मात्र सैद्धान्तिक नहीं था, अपितु वास्तविकता […]
राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”, प्रधान संपादक, समाचार संगम भीड़ लगी है। लोग संत के भेष बनाकर जनता को ठग रहे हैं। नकली गुरु आये दिन पकड़ में आ रहे गया। उनका पर्दाफाश हो रहा है। इसलिए […]
राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ योगाचार्य व कवि/साहित्यकार श्रोतादि इन्द्रियों को रूप, रस, शब्दादि विषयों से समेटकर मन को प्रकृति से परे परम तत्व परमात्मा की ओर प्रेरित करना प्राणायाम है। वृति का एकाकार होना ही […]
रामू बाजपेयी- असलापुर(हरदोई)-लोनार थाना क्षेत्र के ग्राम असलापुर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ 1 जून को हुआ तथा 9 जून तक चलेगी। कथा के सप्तम दिवस पर कथा व्यास अनूप ठाकुर […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ ठकुरीखेड़ा नयागांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक पूज्य आचार्य श्रद्धेय अनिल शास्त्री जी ने महाभारत के उत्तरार्ध में वर्णित राजा परीक्षित को दिए गए शाप से सम्बन्धित पाप […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मुझे आप समस्त अध्यवसायी शिष्या-शिष्यवृन्द और प्रबुद्ध मित्रमण्डल पर गर्व है, जिनमें प्रबल जिजीविषा (जीने की इच्छा) है और जिगीषा (जीतने की इच्छा) भी। आप अपनी इस विजयिनी शक्ति को कहीं से […]
— डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘रावण’-जैसा प्रकाण्ड पण्डित और शिवभक्त कौन था, जो शिव को प्रसन्न कर ‘अमरत्व’ की प्राप्ति करना चाहता था? शिव (आशुतोष) को प्रसन्न करने के लिए वह अपनी ग्रीवा (गरदन) काटकर उनके […]
ॐ जय ऋषिवर परशुराम, जय ऋषिवर परशुराम। विप्र जाति के रक्षक, सबके लीला धाम।।ॐ जय…. जमदाग्नि नन्दन हो, जग के पालनहार। रेणुका से जन्में, किया शत्रु संहार।।ॐ जय….. महादेव की भक्ति में, सब अर्पण किया। […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ सद्कर्म की राह बड़ी ही कठिन है । मानवता के मार्ग में अनेक कंटीली झाड़ियाँ हैं । सत्य-मार्ग पर जब आप चलेंगे तो कंटक रूपी बाधाओं से दो चार होना ही […]
द्यौर्मे पिता जनिता नाभिरत्र बन्धुर्मे माता पृथिवी महीयम्। (ऋग्वेद1:164/33) और माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्याः (अथर्ववेद 12:1:12) ऊपर लिखे दोनों ही मंत्र पृथ्वी की वैदिक विज्ञान में महत्ता को निरूपित करते हैं । हमारे पास […]
अभिषेक कांत पाण्डेय (लेखक/पत्रकार, मध्यप्रदेश) सकारात्मक सोच जीवन में रंग भरता है, वहीं नकारात्मक सोच जीवन में निराशा उत्पन्न करता है। क्या आपने कभी सोचा कि मन में सबसे अधिक नकारात्मक सोच क्यों आता है। […]
हरदोई- हरियावां ब्लाक के पिलवानखेड़ा में महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर यज्ञ के साथ यज्ञशाला का शुभारंभ किया गया। वेद मंत्रों से आहुतियां डालने के बाद डा0 राजेश मिश्र ने कहा कि यज्ञ की […]
रामू बाजपेयी पाली (हरदोई)- भगवान भोले नाथ का महापर्व महाशिवरात्रि का त्यौहार पूरे देश मे बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है।महाशिवरात्रि हिन्दुओं विशेषकर शैव भक्तगणों का एक प्रमुख त्यौहार है । यह भगवान शिव […]
हरदोई- मल्लावाँ ब्लॉक के नयागाँव में रविवार को हुई “यज्ञ कार्यशाला” में नेचुरोपैथ डॉ० राजेश मिश्र ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि जब कोई वस्तु जलती है तो वह सूक्ष्म परमाणुओं में परिवर्तित […]
राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”- ऋतुराज बसन्त का शुभ आगमन हो गया। मौसम खुशगवार हो गया। खेतों में इन दिनों पीली पीली सरसौं लहलहा रही है। पेड़ पौधों में फिर से नई कलियाँ खिल उठी है। […]
संदर्भ:- 12 जनवरी (विवेकानंद जयंती) राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” कवि, साहित्यकार वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानन्द जी के बचपन का नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। सब उन्हें नरेन्द्र के नाम से पुकारते […]
राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ सिखों के प्रथम गुरु थे गुरु नानक देव। इन्हें बाबा नानक और नानकशाह नामों से भी सुमिरण किया जाता है।लद्दाख व तिब्बत में इन्हें नानक लामा भी कहा जाता है। गुरु […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय किसी भी विषय में किसी के साथ ‘लिपिर-लिपिर’ नहीं की जाती है। सहजतापूर्वक जब तक पारस्परिक सहमति बनी रहे तब तक एक-दूसरे के साथ ईमानदारी और निष्ठापूर्वक चलते रहना चाहिए; विपरीत स्थिति […]
हरदोई- सोमवार को देवोत्थान एकादशी जिले में धूमधाम से मनाई गई। लोगों ने छोटी दीपावली के पर्व के रूप में भी इसे मनाया। गन्नों की खरीद की गई। मान्यता […]
भवानीमंडी:- यथार्थ गीता प्रेमी भक्त मण्डल भवानीमंडी के तत्वाधान में परमहंस स्वामी परम पूज्य श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के कृपापात्र स्वामी श्री निर्मलानन्द जी महाराज के भव्य सत्संग एवम प्रवचन का आयोजन जैन बोर्डिंग धर्मशाला […]
मुख्य वक्ता श्यामवीर सिंह ने श्रीराम कथा का रसपान कराया श्रद्धालुओं ने सपत्नीक यज्ञ-वेदियों का किया पूजन पिहानी। बखरिया में आयोजित 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन वैदिक-मंत्रोंच्चारण के साथ वेदी और देव-पूजन सम्पन्न […]
राघवेन्द्र कुमार “राघव”- मृत्तिका निर्मित दिये से है अमावस काँपती । जलते हुए नन्हें दिये से डरकर निशा है भागती । दीपक देह की अभिव्यंजना से […]
पिहानी– गायत्री प्रज्ञा पीठ में बुधवार को नवरात्र-पर्व के अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें कस्बे की प्रतिभाओं ने अपना हुनर दिखाया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में […]
राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” कवि, साहित्यकार नवरात्रि के पांचवे दिन माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप पद्मासना देवी स्कंदमाता की उपासना पूजा की जाती है। शास्त्रों में पांचवें दिन का पुष्कल महत्व बताया है। इस चक्र में […]
लखनऊ स्थित बर्लिंगटन चौराहे के निकट चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पाँचवे दिवस आज कथा व्यास श्री शिवाकान्त जी महाराज ने परीक्षित रूपी यजमान को नन्दोत्सव के परमानन्द के साथ श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की […]
Aditya Tripathi (Managing Editor)- लखनऊ स्थित बर्लिंगटन चौराहे के निकट चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस आज कथा व्यास श्री शिवाकान्त जी महाराज ने परीक्षित रूपी यजमान को चन्द्र वंश की मनोहर कथा सुनायी […]
हरदोई – मानस अमृत सेवा संस्थान की ओर से श्री राम जानकी मंदिर परिसर में चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिन परम पूज्य श्री जितेंद्री जी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे पास ‘विचार’ है, जो हमारी उष्मा है और ऊर्जा भी; वही हमारा शस्त्र है और शास्त्र भी। हम व्यक्ति-विशेष के समर्थक और विरोधी नहीं हैं, प्रत्युत हम गुण-अवगुण के आधार पर […]
जगन्नाथ शुक्ल…✍ (इलाहाबाद) कन्हैया बस यही विनती मेरी स्वीकार कर लेना, मेरी डगमग-सी नैया को ये दरिया पार कर देना। सबकी बिगड़ी बनाते हो , सभी को राहें दिखाते हो। कहीं गोपी सङ्ग लीला, कहीं […]
राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” (योग गुरु, कवि, साहित्यकार) योग शब्द संस्कृत धातु “युज” से निकला है जिसका अर्थ है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का आत्मा से मिलन। योग भारीय ज्ञान की एक पुरानी एक शैली है। […]
राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ (भवानीमण्डी)- संसार का प्रत्येक मनुष्य जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहता है। सफलता प्राप्त करने के लिए मनुष्य कठिन परिश्रम करता है। कृषक रात दिन खेतों में पसीना बहाता है। तब […]
स्पेशल रिपोर्ट – रामू बाजपेयी बिबियापुर -धानीनगला (हरदोई)- हरदोई जिले के भरखनी ब्लॉक के ग्राम धानी नगला के पास स्थित बिबियापुर शिव मंदिर में हजारों भक्तो का तांता लगा रहता है। भक्तो के मुताबिक बाबा सिद्धेश्वर […]
हरपालपुर : ग्राम टिकार में एक युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। उसका शव गांव की गली में पड़ा मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों […]
मनोज तिवारी लखीमपुर-खीरी जिले में एक ऐसा शिव मंदिर है जिसमे शिवजी मेंढक की पीठ पर विराजमान हैं। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर ओयल कस्बे में स्थित इस मन्दिर को मेंढक मंदिर के […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अद्वैतवाद जब हृदय-प्रान्त में पहुँचकर भावनाओं के अनुकूल हो जाता है तब ‘रहस्यवाद’ की सृष्टि होती है। यह भाव-धारा जब एकनिष्ठ हो जाती है तब भक्ति के ठोस स्वरूप में परिवर्त्तित हो […]
राघवेन्द्र कुमार राघव- ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का मन्त्र विश्व को देने वाले भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव ही कृष्णजन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। योगेश्वर श्री कृष्ण के भगवद्गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कैसी विडम्बना है कि पहली ओर, हमारे धर्माचार्य अपने वचनामृत के अन्तर्गत ‘धर्म’ की परिभाषा करते हैं, “धारयते इति धर्म:।” अर्थात् जो धारण किया जाता है, वह ‘धर्म’ है। मनुष्य जो कुछ […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- मनसा-वाचा-कर्मणा परिशुद्ध मनुष्य को कोई पसन्द नहीं करता, क्योंकि वह प्रत्येक सत्य को ‘सत्य’ के साथ विकाररहित होकर कहता है; उसके कथन और कर्म में कोई भेद नहीं रह जाता। लक्ष्य-संधान करते […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वास्तव में, आज तक सनातन धर्म की अवधारणा को कोई भी सुस्पष्ट नहीं कर सका है। क्या सनातन धर्म तथाकथित ‘हिन्दू-धर्म’ (हिन्दू-धर्म नहीं है) की विरासत है अथवा ‘सर्वधर्म समभाव’ की आधारमूलक […]
. ।। 🕉 ।। *🌹🙏जय श्री राम 🙏🌹* 🌞 *सुप्रभातम्* 🌞 कलियुगाब्द……………5120 विक्रम संवत्…………..2075 शक संवत्……………..1940 मास……………………….चैत्र पक्ष………………………शुक्ल तिथी……………………द्वादशी रात्रि 11.25 पर्यंत पश्चात त्रयोदशी तिथि स्वामी……………….सूर्य नित्यदेवी………………..भेरुंडा रवि………………….उत्तरायण सूर्योदय………..06.23.18 पर सूर्यास्त………..06.40.49 पर सूर्य राशि………………….मीन चन्द्र […]
आदित्य त्रिपाठी (उप सम्पादक indianvoice24)- राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत् तुल्यं राम नाम वरानने ॥ रामनवमी का पर्व आज देश के विभिन्न हिस्सों में परंपरागत धार्मिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया […]
डॉ. पी. एल. शर्मा- ।। 🕉 ।। *🙏🌹जय श्री राम🌹🙏* 🌞 *सुप्रभातम्* 🌞 कलियुगाब्द……………..5119 विक्रम संवत्……………2074 शक संवत्………………1939 मास………………………..चैत्र पक्ष……………………….शुक्ल तिथी………………………षष्ठी दोप 12.03 पर्यंत पश्चात सप्तमी रवि………………….उत्तरायण सूर्योदय………..06.28.08 पर सूर्यास्त………..06.39.28 पर तिथि स्वामी………..कार्तिकेय नित्यदेवी……………नित्याम्बा नक्षत्र……………………रोहिणी […]
1. भगत सिंह- भगत सिंह का जन्म 27 सितम्बर 1907 को जिला लायल पुर के बंगा गाँव में हुआ था। पिता सरदार किशन और चाचा भी महान क्रान्तिकारी थे। 2. सुखदेव– सुखदेव का जन्म 15 […]
डॉ. पी. एल. शर्मा- ।। 🕉 ।। *🌹🙏जय श्री राम🙏🌹* कलियुगाब्द…………….5120 विक्रम संवत्…………..2075 शक संवत्……………..1940 रवि………………..उत्तरायण मास……………………….चैत्र पक्ष………………………शुक्ल तिथी……………………तृतीया दोप 04.50 पर्यंत पश्चात चतुर्थी तिथि स्वामी…………..विष्णु नित्यदेवी…………..सर्वमंगला सूर्योदय……….06.31.29 पर सूर्यास्त……….06.38.57 पर नक्षत्र………………….अश्विनी संध्या 07.44 पर्यंत […]
वसंत नवरात्रि का शुभारंभ 18 मार्च से हो रहा है. नौ दिनों तक चलने वाली इस पूजा में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों आराधना की जाती है. नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से […]
महेन्द्र महर्षि- किसी ने बर्फ़ से पूछा, “तुम इतनी ठण्डी क्यों हो” ? बर्फ़ का जबाब था , मेरा भूत भी पानी, वर्तमान -पिघलता पानी और भविष्य का कल भी पानी, तो गरम होकर क्या […]
भक्त होने के लिए एक और बात ख्याल रखनी पड़ेगी, वह यह कि तुमने जिसको अपना मन, अपना दिल अर्पण कर दिया है, उसका हो जाना पड़ेगा। अपने मालिक के प्रति समर्पण की एक ही […]
महेन्द्र नाथ महर्षि भारत में ऐसे शिव मंदिर हैं जो केदारनाथ से लेकर रामेश्वरम तक एक सीधी रेखा में बनाये गये है। हमारे पूर्वजों के पास ऐसा विज्ञान और तकनीक था जिसे हमारे वैज्ञानिक आज […]
रिपोर्ट – पीडी गुप्ता, कछौना हरदोई ऐतिहासिक चौरासी कोसी परिक्रमा रविवार को अपने तीसरे पड़ाव ग्राम नगवां पहुंची । यहां पर संकीर्तन व कथाओं की गूंज से आस्था व आध्यात्मिकता में वातावरण भी रंग गया […]
देश के अनेक भागों में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में डुबकी लगाई और शिव मंदिरों में पूजा अर्चना की । वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच […]
अवनीश मिश्र – 31 जनवरी को साल 2018 का पहला ग्रहण माघ शुक्ल पूर्णिमा पर खग्रास चन्द्रग्रहण होगा। सूतक सुबह 08 : 14 से शुरू होगा। क्योंकि चन्द्र ग्रहण का सूतक 12 घण्टे पूर्व लगता […]
सनातम धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। ऐसा मानना है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, उस घर में भगवान विष्णु, ब्रम्हा, शिव और लक्ष्मी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ‘प्रयाग’ शब्द की निष्पत्ति ‘यज्’ धातु से होती है; ‘प्र’ उपसर्ग प्रकृष्ट, श्रेष्ठ, उत्कृष्ट का बोधक है, जबकि ‘याग’ शब्द ‘यज्ञवाची’ है। अनुपम तीर्थस्थान प्रयाग के पक्ष में हमारे सनातन पौराणिक ग्रन्थ […]
जय श्रीकृष्ण……….. सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु सर्वपापहारी पवित्र और समस्त मनुष्यों को भोग तथा मोक्ष प्रदान करने वाले प्रमुख देवता हैं। जब-जब इस पृथ्वी पर असुर एवं राक्षसों के पापों का आतंक व्याप्त […]
राज चौहान ब्यूरो प्रमुख हरदोई- प्रेम मंदिर भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले के समीप वृंदावन में स्थित है। इसका निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा भगवान कृष्ण और राधा के मन्दिर के रूप में […]
सिखों के 10 वें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव हरदोई जिले में रविवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। शहर […]