डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में जायसी का ‘पद्मावत’ : एक अनुशीलन

November 20, 2019 0

‘पद्मावत’ महाकाव्य भारतीय परिभाषा के अन्तर्गत नहीं आता। उसे एक बृहद् खण्ड काव्य कहा जा सकता है। ऐसा इसलिए कि उसमें कथा की धारा सर्गों में विभाजित न होकर, अविच्छिन्न रूप में प्रवहमान है, उसे […]

हा! हा! किसान, छोड़ूँ निशान

November 18, 2019 0

जगन्नाथ शुक्ल…✍ (प्रयागराज) खोलो खोलो अपनी पलकें; क्यों प्रगति देख जियरा धड़के? तू उगा कर अन्न बना दाता; फिर भी ना ब्याज़ चुका पाता। जो देता हूँ ले पकड़ दाम; मत व्यर्थ प्रगति का चक्र […]

अभियान ‘चन्द्रयान टू’ कृति का विमोचन सम्पन्न

November 15, 2019 0

राजेश पुरोहित, कवि व अध्यापक (भवानीमंडी)- साहित्य संगम संस्थान दिल्ली के सौजन्य से प्रकाशित ‘अभियान चंद्रयान टू’ पुस्तक का निर्माण संस्थान के साहित्यकारों की उत्कृष्ठ कृतियों का संगम है । मुख्य सम्पादिका डॉ० कुमुद श्रीवास्तव […]

बाल दिवस विशेष : बच्चों​ की मस्ती

November 13, 2019 0

शालू मिश्रा, (युवा साहित्यकार/अध्यापिका)नोहर (हनुमानगढ), रा.बा.उ.प्रा.वि.सराणा, (जालोर) हम बच्चों कीयारी ऐसी,देखत देशीऔर विदेशी |मन करत है हमकादिन भरखेले खेल,मस्ती करत डांटनजो आए उसकोहो जाए जेल ।मस्ती का दिनइक रविवार हीआता है,जो सुबह जल्दीसे हमकोजगाता हैं।हंसी […]

पुस्तक समीक्षा : अपनी माटी और मानुष के अभिन्न सम्बन्धों की सुगन्ध बिखेरने वाला संग्रह है ‘मिट्टी मेरे गाँव की’

November 8, 2019 0

लेखिका – जयति जैन “नूतन”पुस्तक- मिट्टी मेरे गाँव की (बुन्देली काव्य संग्रह)प्रकाशक- श्वेतांशु प्रकाशन, नई दिल्लीसमीक्षक- गणतंत्र जैन ‘ओजस्वी’मूल्य- ₹200 रपृष्ठ – 104 पेज ‘सौ दण्डी एक बुन्देलखण्डी’ अथवा सुभद्राकुमारी चौहान की कालजयी रचना “बुन्देले […]

एक शाम दीप ज्योति के नाम कवि सम्मेलन सम्पन्न

November 6, 2019 0

भवानीमंडी:- साहित्य संगम संस्थान दिल्ली के गीतशाला मंच की ओर से मंगलवार को दीपोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित एक शाम दीप ज्योति के नाम ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। […]

आवर्तन और दरार : ‘नीति’ छिछोरी दिख रही, ‘राज’ हुआ असहाय!

October 31, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– एक : राष्ट्रवाद छद्म बना, चहुँ दिशि दिखते चोर। मुँह काला हो रात में, चन्दन चमके भोर।। दो : तन पाप में ख़ूब रमा, पुण्य नहीं है पास। मुखमण्डल जल्लाद-सा, कैसे आये […]

ग़ज़ल : गाँव सारे शहर में समाने लगे हैं

October 30, 2019 0

जगन्नाथ शुक्ल…✍ (प्रयागराज) बुझे थे दीये जगमगाने लगे हैं। गाँव सारे शहर में समाने लगे हैं।। आँगन की सिसकी समझने से पहले; दहलीज़ घर की गिराने लगे हैं। पिछले बरस ही तो पैदा हुए थे; […]

कब तक सहूँगी प्रताड़ना ?

October 25, 2019 0

सौरभ कुमार ठाकुर (बालकवि एवं लेखक) मुजफ्फरपुर, बिहार, संपर्क:- 8800416537 कब तक सहूँगी प्रताड़ना, कभी तो पूरी करो मेरी कामना । चीख-चीख कर रो रही हूँ मैं, कभी तो मान लो मेरी कहना । मत करो […]

कविता : ऐ माटी के दीपक धरा रोशन कर दे

October 25, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित, भवानीमंडी तिमिर को जीत कर आलोक कर दे।ऐ माटी के दीपक धरा रोशन कर दे।। तू तूफानों से घबराया न कभी भी रे। तू अज्ञान को अंतर्मन से दूर कर दे।। खिला […]

आग : सच बता तू अपने से कब लगी ?

October 19, 2019 0

महेन्द्र महर्षि, गुरुग्राम (से.नि. वरिष्ठ प्रसारण अधिकारी, दूरदर्शन) क्याऊं-क्याऊं, तेज साइरन, बेचैन सी भागती अग्निशमन की मोटरें , एक के पीछे एक , मेरे घर के समीप की सड़क से गुज़र गईं। मैंने अपने से […]

कविता : हिम्मत

October 11, 2019 0

सौरभ कुमार ठाकुर (बालकवि एवं लेखक) मुजफ्फरपुर, बिहार मो0- 8800416537 तुम कुछ कर सकते हो तुम आगे बढ़ सकते हो । तुममे है बहुत हिम्मत  तुम जग को बदल सकते हो । तुम खुद से […]

राम और रावण गले मिलने लगे हैं !

October 8, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– कैसे-कैसे बाबा अब दिखने लगे हैं, कामिनी ले बाँहों में खिलने लगे हैं। भगवा वस्त्र औ’ कलंकित मर्यादा, आश्रम में बहुरुपिये दिखने लगे हैं। कौन है साधु और शैतान भी कौन? चरित्र […]

एक अभिव्यक्ति : उपहास को, परिहास मत बनने दो

October 8, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हास को इतिहास मत बनने दो, उपहास को परिहास मत बनने दो। आगत-अनागत थाली में तेल-बाती लिये प्रतीक्षा सह रहे हैं; बाट जोह रहे हैं, उस पल का, जब तुम अपने होने […]

इति सिद्धम्– साहित्य समाज को दर्पण थमाता हुआ

October 7, 2019 0

प्रसंगवश———- डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- बचपन (८-१०वर्ष) में देखता था कि आये-दिन कोई व्यक्ति द्वार पर याचक की मुद्रा में आ खड़ा होता था। उस व्यक्ति के कन्धे पर ‘पगहा’, गाय-बछिया को बाँधनेवाली डोर लटकी रहती […]

कविता – दशहरा

October 7, 2019 0

जयति जैन “नूतन”- इतना ना इतराओ यारोरावण को जलाकरखुद के अंदर मारो रावणजिओ सम्मान पाकर।सिर्फ पुतले जलाने से कुछ नहीं होने वालाना लोभ मिटने वाला ना मान बदलने वालामन में बैठे राक्षस कोसमझाओ बहिला फुसलाकरना माने तो […]

मरे सारी दुनिया परन्तु हम क्यों मरेंगे ?

October 5, 2019 0

जब आपने कह दिया है तो क्यों रुकेंगे ? किसी के सामने हम अब क्यों झुकेंगे ?मोहब्बत की है हमने, कोई चोरी नहीं मरे सारी दुनिया परन्तु हम क्यों मरेंगे ?दिल में उसे बसाया है […]

आवर्त्तन और दरार : संविधान है कह रहा, लाओ! घर में सौत

October 2, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– एक : कैसा यह भगवान् है, चोर-चमारी भक्ति। मन्दिर में मूरत दिखे, उड़न-छू हुई शक्ति।। दो : पट्टी बाँधे आँख में, देश जगाता चोर। भक्त माल सब ले गये, कहीं नहीं अब […]

हे ईश्वर! हम ‘भारतीय’ कितने मूर्ख हैं

September 30, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आपने कभी विचार किया है :– भारतीय अपनी सन्तति की जन्मतिथि (जन्मदिन का प्रयोग अशुद्ध और अनुपयुक्त है।) के अवसर पर आयोजित समारोहों में जलती हुई मोमबत्तियों को क्यों बुझाते हैं? ‘केक’ […]

सच-सरासर-सच

September 29, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- एक- जपो नमो-नमो माला, लिये कटोरा हाथ। कंगाली में देश है, दिखे न कोई साथ।। दो– देश की शिक्षा चोर है, चहुँ दिशि दिखें दलाल। रोज़गार की चाह में, उजले होते बाल।। […]

कविता : पानी

September 24, 2019 0

सौरभ कुमार ठाकुर (बालकवि एवं लेखक) मुजफ्फरपुर, बिहार, मो0- 8800416537 पानी पियो खाना बनाओ सिंचाई करो पानी फेंको या पानी बर्बाद करो । कुछ फर्क नही पड़ता ख़त्म तो होगा पानी ही और प्रभाव पड़ेगा इंसान पर  […]

“एक मूरत गल गयी, बरसात रोती है”

September 24, 2019 0

कविवर शिवराम उपाध्याय की पत्नी सुजाता उपाध्याय की स्मृति में 24 सितम्बर को उनके ‘रैन बसेरा’ निवास, बाघम्बरी गृह योजना, अल्लापुर, प्रयागराज में करुणरस और शान्त रस-प्रधान कविताओं का पाठ किया गया। भाषाविद्-समीक्षक डॉ० पृथ्वीनाथ […]

व्यक्तित्व निर्माण में सहायक सिद्ध होगी कुमार संदीप की कृति ‘प्रेरक विचार’

September 22, 2019 0

कृति:- ई पुस्तक-प्रेरक विचार ,भाग -2 लेखक:- कुमार संदीप पृष्ठ:-101 संस्करण:- 2019 (प्रथम) समीक्षक:- राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” आजकल लोग सड़कों पर वाहन बड़ी तीव्र गति से चलाते है यातायात के नियमों का उल्लंघन कर शराब […]

नावेल “बैचलर्स हैवेन हॉस्टल लाइफ” को लेकर उत्सुक है यूथ

September 19, 2019 0

सितांशु की आने वाली पहली नावेल “बैचलर्स हैवेन हॉस्टल लाइफ” को ले के यूथ में बहुत उत्सुकता देखने को मिल रही है । बड़ी ही बेसब्री से पाठकों को इसका इंतज़ार हैं । सितांशु त्रिपाठी […]

सबकी हिंदी, सबका हिन्द

September 13, 2019 0

राजवीर सिंह मन्त्र– साहित्य संगम संस्थान स्वयंसेवी साहित्यिक संगठन है । इसमें विविध पृष्ठभूमि के लोग माँ भारती की सेवा में अपने विविध कौशलों से इसे अक्षय ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं । इसकी स्थापना […]

अतीत के झरोखे से : छायावाद के चतुर्थ स्तम्भ महादेवी जी के साथ पृथ्वीनाथ पाण्डेय-द्वारा की गयी एक भेंटवार्त्ता

September 11, 2019 0

● महीयसी महादेवी वर्मा की मृत्युतिथि (११ सितम्बर) पर विशेष मैंने महादेवी जी के साथ अस्सी के दशक में एक मुक्त भेंटवार्त्ता की थी; तब मैं विद्यार्थी और पत्रकार की भूमिका में भी होता था। […]

‘भाषाशिक्षण-केन्द्र’ की ओर से ‘भारतेन्दु हरिश्चन्द’ का स्मरण

September 9, 2019 0

बौद्धिक, शैक्षिक, साहित्यिक संस्था ‘भाषाशिक्षण-केन्द्र’ की ओर से 9 सितम्बर को हिन्दी-साहित्य के इन्दु ‘भारतेन्दु हरिश्चन्द’ के जन्मतिथि-समारोह का आयोजन बाई के बाग़, प्रयागराज में किया गया। “भारतेन्दु हरिश्चन्द ने हिन्दीगद्य की भाषा का स्वरूप […]

‘शिक्षक-दिवस’ पर विशेष टिप्पणी : “शिक्षे! तुम्हारा नाश हो”

September 5, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आज ९९ प्रतिशत गुरु कुटिल बन चुके हैं। वहीं पूर्व के गुरु, जो जीवन-मूल्यों की ‘कल’ तक रक्षा करनेे के लिए प्राण-पण से तत्पर रहते थे और अपने शिष्यवृन्द को भी चैतन्य […]

धर्मवीर भारती जी बहुत याद आते हैं

September 4, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक)- समूचे देश में इलाहाबाद, अब प्रयागराज ही ऐसा सारस्वत केन्द्र रहा है, जहाँ एक-से-बढ़कर-एक भाषाकार, साहित्यकार, पत्रकार, समीक्षक आदिक गढ़े, तराशे तथा संस्कारित किये जाते रहे हैं। उनमें से ऐसे हस्ताक्षर […]

हिन्दी हैं हम

September 2, 2019 0

भाषाकार फादर कामिल बुल्के की आज (1 सितम्बर) जन्मतिथि है। डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) ‘कामिल’ का अर्थ है, एक प्रकार का पुष्प’। जायसी ने ‘पद्मावत’ में क्या ख़ूब कहा है, “फूल मरै पर न मरै […]

“हम तो इंसान को दुनिया का ख़ुदा कहते हैं”– फ़िराक़

August 28, 2019 0

◆ आज (२८ अगस्त) फ़िराक़ गोरखपुरी की जन्मतिथि है। डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- फ़िराक़ एक फक्कड़ व्यक्तित्व का नाम है। पाँव से सिर तक की उनकी सभ्यता देखने के बाद कोई भी व्यक्ति एक बार ठिठक […]

कविता- भावनाओं का मोल

August 26, 2019 0

अलका जैन, रानीपुर (झांसी, उ. प्र.)– भावनाओं का मोल नहीं है रिश्तों के बाजार में,अपने ही अपनों को डुबोतेलाकर के मझधार में। ना सावन में झूले पड़तेराखी में अब प्रेम कहांदीपावली ना जगमग होतीहोली में हुड़दंग […]

डॉ॰ पृथ्वीनाथ पाण्डेय जी की पाठशाला में जानिए कुछ ऐसे शुद्ध शब्द जिन्हें हम बहुधा अशुद्ध लिखते हैं

August 25, 2019 0

१. कार्यकर्त्री २. काबिलीयत ३. शख़्सीयत ४. आप्रवासी ५. दीप प्रज्वलित ६. एलान ७. रंग-विरंगे ८. नन्हे-मुन्ने ९. प्रविधान १०. आरोपित ११. जन्मतिथि १२. सौहार्द १३. मिष्टान्न भण्डार १४. एतिराज १५. बिलकुल १६. करगिल १७. […]

व्यंग्य : आजकल के दोस्त

August 25, 2019 0

कवि : सितांशु त्रिपाठी– आज जब मुझे लगा कि शायद न अब हैं मेरे भविष्य का कोई ठिकाना , तब सारे नौकरी वाले दोस्तों ने कहा नौकरी न लगे तो बिल्कुल न तुम घबराना , […]

शिवांकित तिवारी बने “स्टोरी मिरर” द्वारा आयोजित प्रतियोगिता के “ऑथर ऑफ द वीक”

August 22, 2019 0

हिंदी साहित्य जगत के विशाल मंच “स्टोरी मिरर” द्वारा आयोजित “ऑथर ऑफ द वीक” प्रतियोगिता में कई सारे प्रतिभागियों के साथ शिवांकित तिवारी को भी चुना गया था जिसमें उन्होंने सभी प्रतिभगियों को मात देते […]

प्रकाशन-जगत् का शुक्ल और कृष्णपक्ष

August 17, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– पुस्तकें जीवन-मरण का आख्यान करती हैं। पुस्तकें कृष्ण और शुक्ल-पक्षों का अनावरण करती हैं। पुस्तकें मर्मान्तक पीड़ा देती हैं। पुस्तकें मन-प्राणों पर इन्द्रधनुषी रंगों का अनुलेपन करती हैं। पुस्तकें राग-अनुराग और द्वेष-विद्वेष […]

शांति का प्रतीक धर्मप्रिय सत्यशील ऐसा देश है हमारा

August 14, 2019 0

शांति का प्रतीक धर्मप्रिय सत्यशील ऐसा देश है हमारा हिन्दुस्तान, सभी मिलजुल के रहे, दिल की बात खुल के कहें, मन में तनिक भी नहीं अभिमान, जात और पात की ना करे कोई बात कद्र […]

काश कि हर लड़की दुआ करती कि उसको रावण सा भाई मिला होता

August 13, 2019 0

लेखक – सीतांशु त्रिपाठी, सतना मध्यप्रदेश आज मैं उस समाज की बात कर रहा हूँ जहाँ कहा तो ये जाता हैं की लड़की लक्ष्मी का रूप होती है । लड़की देवी होती है । लड़की […]

नदी अब बहुत गुमान में है

August 9, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”, युवा कवि एवं लेखक– नदी अब बहुत  गुमान में है, क्योकि वो आजकल उफ़ान में है । ग़रीब तो आज भी फुटपाथ पर सोते है, अमीरजादे तो अंदर अपने  मकान में है । ज़मीं से तो उनका रिश्ता […]

वक़्त की ठोकर का शिकार

August 8, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”, (युवा कवि एवं लेखक) संपर्क:- 7509552096 वक़्त  की  ठोकर  का  शिकार  हुए  है, तबीयत ठीक है जिनकी अब वो बीमार हुए है । चट्टानों  से  मजबूत  हौसले थे जिनके, वक़्त की मार से […]

देश को क्यों नहीं मिला ‘दूसरा प्रेमचन्द’?

July 31, 2019 0

आज (३१ जुलाई) प्रेमचन्द की जन्मतिथि है। डॉ. पृथ्वीनाथ पाण्डेय कथा-विषय पर जब संवाद-परिसंवाद होता है तब समीक्षक पारदर्शिता के साथ ‘प्रेमचन्द’ से आगे बढ़ नहीं पाता है। यह अलग बात है कि कतिपय साहित्यिक […]

कहो तो इल्जाम खुद पर लगाऊं

July 30, 2019 0

जयति जैन “नूतन” – नहीं साब जीदोषी मैं हूँमैंने खुद का बलात्कार किया हैकपड़े उतारे खुदके मैंनेखुद को नोंच लिया है।खुद को दोषी कह ना पाऊंइसलिए नाम दूसरे का लिया हैन्याय की गुहार लगाई मैंनेअपनों […]

गीतों के राजकुमार गोपाल दास नीरज पर केंद्रित समाचार संगम के विशेष अंक का विमोचन सम्पन्न

July 23, 2019 0

भवानीमंडी:- साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र समाचार संगम के द्वारा ताजा अंक गीतों के राजकुमार गोपाल दास नीरज पर केंद्रित विशेष अंक का विमोचन मंगलवार को सम्पन्न हुआ। समाचार संगम के […]

गीत ऋषि गोपाल दास नीरज का हिन्दी साहित्य में स्थान

July 21, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी साहित्य संगम संस्थान दिल्ली हिन्दी फिल्मों में आपने कई गीत लिखे। गीतों के लिए तीन बार फ़िल्म फेयर अवार्ड मिला। इटावा उत्तरप्रदेश के पुरावली गाँव में बाबू बृजकिशोर सक्सेना […]

पुस्तक समीक्षा : एहसास

July 20, 2019 0

लेखिका:- निक्की शर्मा”रश्मि” प्रकाशक:-भारत पब्लिकेशन ,मुम्बई संस्करण:-प्रथम,1मई 2019 पृष्ठ:-56 मूल्य:-75/- समीक्षक:- राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” कवि, साहित्यकार देश की ख्यातिनाम कथाकार निक्की शर्मा रश्मि की ये प्रथम कृति “एहसास” है। प्रस्तुत कहानी संग्रह में कहानियां सामाजिक […]

कविता – बेटियां

July 18, 2019 0

जयति जैन “नूतन” घर से भाग जाती है जो बेटियां वे ले जाती हैं कई बेटियों के सपने उनकी उम्मीदें,वह कायम कर जाती है मां बाप के दिलों में एक डर जो उन्हें दिन रात सताता है कहीं दूसरी बेटियों […]

ये वहम तुम्हारा अहम है

July 16, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”- सिर्फ   हम   ही   हम  है, ये वहम तुम्हारा अहम है । आसमां  में  उड़ रहे है वो, जिनके लिए जमीं कम है । पिता सबसे अनमोल है जग में, बाहर से कठोर […]

मेरे जख्मों पर हँस रहा है वो

July 10, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”,   युवा कवि एवं लेखक,        सतना (मध्यप्रदेश) संपर्क:- 7509552096 मुझ पर तानें कस रहा है वो, मेरे जख्मों पर हँस रहा है वो । गुरुर  की  नाव  में  सवार  होकर  […]

ख़ुद को बदल रहा है वो

July 8, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”,  युवा कवि एवं लेखक,        सतना (मध्यप्रदेश) संपर्क:-7509552096 आखिर अब खुद को बदल रहा है वो, गिर  उठ  गिर  फिर  संभल रहा है वो । मौसम  का  मौसम  बिगड़ रहा है अब, […]

देश की सुप्रसिद्ध कवयित्री गौरी मिश्रा की काव्य यात्रा का सफरनामा

July 7, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’- कवि, साहित्यकार हमारे देश में नारी को देवी का रूप मानकर पूजा जाता है। लेकिन उसी देवी को घर की चारदीवारी में कैद कर रखा जाता है। कुछ बेटियां जीवन संघर्ष […]

रामभक्ति देखिए, कुर्सी से अब सटने लगे!

July 4, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– बातों-ही-बातों में, ‘आदर्श’ अब बँटने लगे, जनाब को देखिए, मुद्दों से अब हटने लगे! राम तो राजसिंहासन, त्याग कर आगे बढ़े, ग़ज़ब की रामभक्ति, कुर्सी से अब सटने लगे! आश्वासनबाबू की बाबूगिरी […]

डॉक्टर का डॉक्टर होना, मगर इतना भी आसान नहीं

July 3, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”        अपने सुकून की बलि देकर, वो सबकी जान बचाता है, भूख प्यास भूल कर वो डॉक्टर होने का फर्ज निभाता है दर्द से दवा तक का सफ़र था कड़ा, वो गिरा लड़खड़ा के, हुआ फिर खड़ा […]

कहानी : विभाजन की रेखाएँ

July 2, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” कहानीकार, वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि कुण्डलपुर गाँव में आज एक ही चर्चा थी सेठ धनपत राय के चारों बेटे ने अपना अपना हिस्सा ले लिया। सेठजी की धन दौलत मकान दुकान […]

तुम नहीं दिखे

June 30, 2019 0

ज़ैतून ज़िया- तुम आये कब मुझे आहट भी ना लगी कितने दिन से व्यथित थी पीड़ा थी आज स्वप्न में तुम्हारी हर चीज दिखी मुझे ये वर्दी, ये सितारे और भूरा बटुआ मेरे तिल के […]

पुस्तक समीक्षा : कृति – ख़ामोश दर्द

June 30, 2019 0

लेखक:- प्रमोद कुमार “हर्ष” संस्करण:- प्रथम 2019, पृष्ठ:-64 प्रकाशक:- वर्तमान अंकुर नोएडा, गौतमबुद्धनगर समीक्षक:- राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित’ इस कृति की भूमिका में आ.आरती प्रदर्शनी लिखती है कि प्रस्तुत कृति की कहसनियाँ मार्मिक एवम भावपूर्ण हैं […]

सौंप दो ये धरा स्त्री को

June 30, 2019 0

ये जो तुम कहते हो सब स्त्री के कारण है तो बस भी करो अब ये अहम है जो किआ तुमने अपने पौरुष से पहाड़ काट डाला नदियों को कमर से पकड़ बलपूर्वक मोड़ दिआ […]

पुस्तक समीक्षा : कृति – हिन्दी लेखन अभ्यास

June 29, 2019 0

लेखक:- अब्दुल कलीम खाँ, अध्यापक, (राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, सेवली, सीकर, राजस्थान) प्रकाशक:- नवोदय क्रांति परिवार, पृष्ठ:- 36 समीक्षक:- राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” हमारे देश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के […]

अस्तित्व नहीं खोना मुझे

June 29, 2019 0

ज़ैतून ज़िया (अध्यापिका)- मन करता है तुम्हें बाँध लूँ कविता में सब पढ़े तुम्हें पसंद करें तुम्हें बार बार दोहराये तुम्हारी पंक्तियों को प्रेम में लेकिन फिर भी तुम मेरे ही रहो  बिलकुल मेरी कविता […]

Short Story : BE MY NEEM

June 27, 2019 0

Zaitoon Zia – They both met daily at morning walk. She was in her 40s he was about to touch 30 Juz after 2 autumn! she came to meditate, he came to jog ! Smiles […]

लघुकथा : आकर्षण

June 27, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’, कहानीकार संगीता की ससुराल में सब अमन चैन था । खाता पीता परिवार था। समाज मे अच्छी इज्जत थी। उसके ससुर जीतमल जी गाँव के सबसे अमीर आदमी थे। गाँव वाले […]

नवोदय क्रांति आई है

June 27, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” सरकारी स्कूल की पढ़ाई, हम बेहतर कर देंगे। जो संकल्प किया हमने, पूर्ण उसी को कर देंगे।। नवोदय क्रान्ति से देखो क्या परिवर्तन आया है। नई नई शिक्षण विधियों से रोचक […]

लो अब मैं चीख़कर कहता हूं प्यार हुआ है मुझे

June 27, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’ (युवा कवि एवं लेखक),    सतना (मध्यप्रदेश) संपर्क:- 7509552096 अजब सा नशा छाया है और खुमार हुआ है मुझे, लो अब  मैं  चीख़कर कहता हूं प्यार हुआ है मुझे, रात  भर  अब […]

फ़िल्म समीक्षा : “कबीर सिंह” – प्यार पर यकीन दिलाने में मददगार, गुस्से, सनक और इश्क़ के तीखे तेवरों से भरपूर है फिल्म ‘कबीर सिंह’

June 25, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा” युवा कवि एवं लेखक, सतना (मध्यप्रदेश) फिल्म की वास्तविक कहानी:-फिल्म एक सीन के साथ शुरू होती है जहां एक आदमी और औरत बिस्तर पर सो रहे हैं और पीछे से समुद्र की […]

कहानी : अफ़वाह

June 22, 2019 0

राजा को जनता पर संदेह हुआ। वह बोले मैंने इन्हें सब कुछ दे दिया फिर भी भूखमरी । आखिर क्या वजह है। उन्होंने पुरोहित जी को बुलाकर पूरी समस्या बताई। पुरोहित जी ने राजा को […]

जन-गण-मन का अभिमान है ‘हिन्दी’

June 22, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय समग्र भारत का परिधान है हिन्दी, राष्ट्रीय आन-बान औ’ शान है हिन्दी। भाषाओं में है शीर्ष स्थान पर स्थित, जीवन-मरण का आख्यान है हिन्दी। आओ! करें नमन अपनी मातृभाषा को, हमारे आचरण […]

चाहता है आदमी विश्व ग्राम बना लूँ

June 21, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित, भवानीमंडी चाहता है आदमी आसमान को छू लूँ। चाँद तारे तोड़ लाऊँ धरती को सजा लूँ।। चाहता है आदमी सोने का महल बनाऊं। चांदी कर दरवाजों को घर पर लगा दूँ।। चाहता […]

क्षणिकाएँ : कर समर्पण बस

June 20, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित– तू इतना समझ फकत मेरे दोस्त कर समर्पण बस । प्यार राधा जैसा कहाँ जीवन में खुदगर्ज़ हो तुम । चलो सुन्दर वतन हम सब बनाएं आओ साथ चलें । हे दयालु […]

प्रतिष्ठित साहित्यकार कृष्णेश्वर डींगर मितभाषी और गम्भीर वक्ता थे

June 19, 2019 0

अपनी काव्यकृति ‘परिधि से केन्द्र तक’ की मनोरम यात्रा करानेवाले कृष्णेश्वर डींगर अपने साहित्यकार मित्रों और पाठकवर्ग को यात्रा कराते-कराते, स्वयं चिरनिद्रा में लीन हो गये! प्रयागराज के विश्रुत सारस्वत हस्ताक्षर डींगर जी दशकों तक […]

प्रतिष्ठित साहित्यकार कृष्णेश्वर डींगर जी का शरीरान्त!

June 19, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– ● ‘परिधि से केन्द्र तक’ की मनोरम यात्रा करानेवाले ‘श्रद्धेय कृष्णेश्वर डींगर जी’ हमें यात्रा कराते-कराते, स्वयं चिरनिद्रा में लीन हो गये! प्रयागराज के विश्रुत सारस्वत हस्ताक्षर और हमारे श्रद्धास्पद सर्जनधर्मी कृष्णेश्वर […]

कविता : पहली नजर का प्यार

June 16, 2019 0

सौरभ कुमार ठाकुर – उसे जब देखा मैंने पहली बार, हुआ था मुझे पहली नजर का प्यार । चला आया जब मैं वहांँ से, याद सताने लगी उसकी हजार बार । मिलना हो गया था दुश्वार, […]

इ हय ‘परियागराज’

June 15, 2019 0

(‘परियागराज’ मात्र एक प्रतीक है। ऐसी मानसिकता के लोग सर्वत्र हैं।) डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सबद चीनी मात करै, जहर हिरदय मा लाय। ऐसो जन घर-घर दिखैं, मन नाहीं पतियाय।। महादेबी से बढ़ि लखैं, रचना दिखै […]

पुरोहित की दो कविताएं

June 14, 2019 0

समर्पण की भावना जगाती दोस्ती रिश्तों में सबसे अच्छा रिश्ता है दोस्ती। सुख दुख में सबसे पहले काम आती दोस्ती।। कृष्ण सुदामा सी दोस्ती आज भी मिल जाएगी। त्याग समर्पण की भावना जगाती है दोस्ती।। […]

राजेश पुरोहित की कविताएं

June 12, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित, भवानीमंडी 1. दो कुलों में उजियारा करती बेटियां अपनी सुरक्षा भी खुद करने लगी है बेटियाँ। ये सच है कि अब तो बोलने लगी है बेटियाँ।। इनके साहस को कम न समझो […]

महाशक्ति भारत

June 11, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित, भवानीमंडी करो मेहनत की कमाई सब मेरे भाई। गीता ज्ञान सिखाती करके सीखो भाई।। गाँधी ने गीता ज्ञान की अलख जगाई।सत्याग्रह कर हमको आज़ादी दिलाई।। वैज्ञानिक सोच विकसित करो भाई। अंधश्रद्धा में […]

पुस्तक समीक्षा : कृति- विज्ञ छंद साधना (काव्य संग्रह)

June 9, 2019 0

समीक्षक:- राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित‘ (समीक्षक, कवि एवं साहित्यकार) प्रकाशक :- उत्कर्ष प्रकाशन, दिल्ली संस्करण :- प्रथम, 2018पृष्ठ:- 127, मूल्य:-180/- रचनाकार:- छगनलाल गर्ग ‘विज्ञ’ राजस्थान के ग्राम जीरावल तहसील रेवदर जिला सिरोही के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद, […]

हक के लिए आवाज उठाओ तो सही

June 9, 2019 0

कवि सौरभ कुमार ठाकुर (बाल कवि/लेखक), मुजफ्फरपुर, बिहार मो0- 8800416537 हक के लिए आवाज उठाओ तो सही, आवाज में हमारे वजनदारी चाहिए । देश हमारा प्यारा, श्रेष्ठ और सच्चा है, बस देशवासियों में भी ईमानदारी चाहिए […]

पौधा लगाओ और बचाओ जीवन और संसार को

June 5, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”        युवा कवि एवं लेखक, सतना (मध्यप्रदेश) प्रकृति को सहेजने को अब सब मिलके तैयार हो, विनाश ना हो प्रकृति का यह प्रयास बार – बार हो, जागो सभी बचाओ […]

जिस दिन तुम मुझसे मिलने वाली थी

June 2, 2019 0

सौरभ कुमार ठाकुर, बाल कवि और लेखक मुजफ्फरपुर, बिहार, संपर्क:- 8800416537 पता नही किस शहर में, किस गली तुम चली गई। मैं ढूँढ़ता रह गया, तुम छोड़ गई । पता नही हम किस मोड़ पर फिर […]

खुद की खोज जारी रखो

June 1, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’- खुद की खोज जारी रखो, मरने की रोज तैयारी रखो, कब कौन कहां बदल गया, इसकी पूरी जानकारी रखो, खुद पर यकीन करना सीखो, नियत सच्ची और जुबां प्यारी रखो, वहम और […]

पूर्वोत्तर भारत में पहली बार राष्ट्रीय स्तर कवि सम्मेलन साहित्य संगम संस्थान के बैनर तले

June 1, 2019 0

काव्यमेध वार्षिकोत्सव तिनसुकिया असम में इक्यावन साहित्यकार सम्मानित होंगे । भवानीमंडी:-संगम समाचार/०१ जून- साहित्य संगम संस्थान तिनसुकिया असम शाखा के अध्यक्ष प्रतिष्ठित व्यवसायी संजय त्रिवेदी जी ने बताया कि ०२ को तिनसुकिया में पहली बार […]

उन्हें क्या ? वो तो राजनीति का खेल खेल रहे हैं

May 29, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’, युवा कवि/लेखक  सतना (मध्यप्रदेश) संपर्क:-7509552896 आज हम आरक्षण का दंश झेल रहे हैं, उन्हें क्या ? वो तो राजनीति का खेल खेल रहे हैं । कुर्सी पर बैठ नचा रहे हैं जनता को, […]

कविता :- तो फिर क्यों आ रहे हो

May 26, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’, युवा कवि एवं लेखक,       सतना (म.प्र.), सम्पर्क:- 7509552096 मुझे क्यों आजमाने आ रहे हो, बताओ क्या जताने आ रहे हो । तुम्हीं ने मुझको ठुकराया था एक दिन,  तो फिर […]

पुस्तक समीक्षा “साहित्य संगम संस्थान” कृति:- काव्यमेध

May 25, 2019 0

लेखिका:- इन्दु शर्मा”शचि”(कवयित्री) समीक्षक:-राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” (राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी) साहित्य संगम संस्थान, दिल्ली काव्यमेध का विमोचन राजेश कुमार तिवारी ‘रामू’ ने शनिवार को किया। प्रस्तुत कृति का मुखावरण आकर्षक लगा,इसके प्रधान संपादक कैलाश मंडलोई […]

देखो फिर से मोदी आया, फिर से खिला कमल

May 24, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’, युवा कवि एवं लेखक,      सतना (म.प्र.) सम्पर्क:-7509552096 हुये विपक्षी  ढेर  सभी  और  हारे  सारे  दल। देखो फिर से मोदी आया फिर से खिला कमल। ‘चौकीदार चोर है’ जो कहते थे गिरे घुटनो  के  […]

कहानी : मनमीत

May 24, 2019 0

एडवोकेट तृषा द्विवेदी ‘मेघ’, साहित्यसेविका, उन्नाव- इंगेजमेंट हो जाने के बाद देवेश और देविका दोनों एक -दूसरे से मिलने-जुलने लगे थे । दोनों ही समान गुणवान व योग्य थे, देवेश बी0 एड0 करके गवर्नमेंट टीचर की […]

तुमसे ही मेरा जीवन माँ, तुम ही तो चारों धाम हो

May 21, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’ रास्ता तुम्हीं हो और तुम्हीं हो मेरा सफ़र, वास्ता तुम्हारा है हर घड़ी और हर पहर, तुम ही मेरे जीवन की सबसे मजबूत कड़ी, तुम ही मुश्किलों में सिर्फ मेरे साथ खड़ी, […]

माँ : तुम मेरे जीवन के नौका की खेवनहार हो

May 12, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’, युवा कवि एवं लेखक, सतना (म.प्र.) सम्पर्क:- 9340411563 तुम मेरे जीवन के नौका की खेवनहार हो । तुम ही मेरा रब हो और जीने का आधार हो तुम ही मेरा जग हो […]

फ़िर कभी न अश्क़ से हम, यों मोहब्बत को भिगोएँगे

May 11, 2019 0

गीत जगन्नाथ शुक्ल..✍ (प्रयागराज) चल ग़ज़ल हम फ़ातिहा , पढ़ आयें ग़म की कब्र पे; फ़िर कभी न अश्क़ से हम, यों मोहब्बत को भिगोएँगे। रोष उनमें था बहुत , और दोष हममें कम न […]

नोबल पुरस्कार से सम्मानित रवीन्द्रनाथ टैगोर की यादों का गुलदस्ता

May 7, 2019 0

संदर्भ:- 7 मई, टैगोर जयंती पंखुड़ियां तोड़ कर आप फूल की खूबसूरती नहीं इकट्ठा करते :- रवीन्द्रनाथ टेगोर -राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’, शिक्षक एवं साहित्यकार कलकत्ता ब्रिटिश भारत मे 7 मई 1861 को देवेन्द्रनाथ टैगोर […]

भगवान परशुराम जयंती पर विशेष : भगवान परशुराम की वन्दना

May 7, 2019 0

ॐ जय ऋषिवर परशुराम, जय ऋषिवर परशुराम। विप्र जाति के रक्षक, सबके लीला धाम।।ॐ जय…. जमदाग्नि नन्दन हो, जग के पालनहार। रेणुका से जन्में, किया शत्रु संहार।।ॐ जय….. महादेव की भक्ति में, सब अर्पण किया। […]

क्योंकि वो बस एक मजदूर है, बस यही उसका कसूर है

May 2, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”      युवा कवि एवं लेखक, सतना (म.प्र.) सम्पर्क:-9340411563 पसीने से तर-बतर, घर से निकल दोपहर, जा रहा है.. उसका क्या कसूर है? क्योंकि वो बस एक मजदूर है, बस यही उसका […]

व्यंग्य : राजनीति की शुचिता अब तो नाला बनकर बहती है

April 19, 2019 0

……चुनाव-2019…… फूट रहे हैं बोल भयानक नेताओं के मुख से, जनता हुई है आहत अपने नेताओं के रुख से। बैन लगा योगी के ऊपर रोका गया छिछोरा आजम, बड़ी निराली माया मेनका, मौन हुई अपने […]

प्रभु महावीर स्वामी को समर्पित दोहे

April 17, 2019 0

दिव्य लोक की राह में , रश्मि पुंज के मंत्र ।महावीर क्षण साधना, जीवन भर का तंत्र ।।१ अरिहंतो को नमन है , सिद्धजन नमस्कार !साधक संतो नमन है, कृपा करो करतार !!२ मंत्र साध […]

दोहा मुक्तक : चुनाव चक्रवात

April 17, 2019 0

देख चुनाव उछाल है , सभी करे उत्पात ।जोश भरे हर चाल में, सता भूख संताप ।भूल चुके जो कर्म है , करे अनोखी बात ।वोट चोट की मार से ,सभी सहे अनुताप ।। नेता […]

बढ़ाकर हम कदम अपने, चलो मतदान कर आएं

April 13, 2019 0

मतदान गीत बढ़ाकर हम कदम अपने ,चलो मतदान कर आएं। लेकर साथ सबको हम,खुशी से झूम कर गाएं।। दुनियां के भले ही काम ,कितने भी जरूरी हो। मगर सब काम हो पीछे ,पहले मतदान कर […]

लघुकथा : परछाई

April 12, 2019 0

दीदी आज मुझे बहुत डर लग रहा है। रात में भूतों के साये की खबर पड़ी थी। रात में मुझे उस भूत ने बहुत डराया। मैं पूरी रात सो नहीं पाया। मैं बोलना चाहता था […]

मजबूत लोकतन्त्र बनाओ

April 10, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित, भवानीमंडी – शत प्रतिशत मतदान की शपथ दिलाओ। एक मत से होती जीत हार सबको बताओ।। सभी दे अपना मत लोकतंत्र मजबूत बनाओ। स्वच्छ छवि के नेता चुन संसद तक पहुंचाओ।। गोरवशाली […]

चलो मेरे साथ

April 9, 2019 0

आकांक्षा मिश्रा, गोंडा, उत्तर प्रदेश आज , इक्कीस तारीख है । पूरा एक साल बीत गया , अपनी जिंदगी को अपनी तरह जीने की ख्वाईश भीतर ही भीतर दबी पड़ी थी । इन ख्वाइशों ने […]

किताब में बारहा मेरा नाम आया भी होगा

April 8, 2019 0

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’- मचलती तमन्नाओं ने आज़माया भी होगा बदलती रुत में ये अक्स शरमाया भी होगा । पलट के मिलेंगे अब भी रूठ जाने के बाद लड़ते रहे पर प्यार कहीं छुपाया भी […]

तेरे जाने से, अब ये शहर वीरान हो गया

April 8, 2019 0

तेरे जाने से, अब ये शहर वीरान हो गया। तेरे जादू का असर अब जाने कहां खो गया। तेरी पायल की झंकार से, ये सारा शहर जाग जाता था। अब उन झंकारो का खतम नामों-निशान […]

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