लघुकथा : घुट्टी सब्र की

May 13, 2026 0

सोलह श्रृंगार से परिपूर्ण लाल जोड़े में सजी अक्षिता आज विवाह के उपरांत दूसरी बार इस चौखट के आगे थी। भीड़ आज भी कम नहीं थी,पर वातावरण की ये निस्तब्धता कोलाहल से भरे रहने वाले […]

धरती पर फिर गूँज उठे मर्यादा पुरुषोत्तम नाम प्रिये

May 12, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मर्यादा की रेखा मे ही, जग का सारा मान प्रिये।सूरज, चन्दा, नवग्रह रखते इस मर्यादा का भान प्रिये।सागर क्षुब्ध मगर सीमा मे, सीमा मे ही वायु बहे।जिस दिन ये मर्यादा टूटी, […]

True knowledge elevates us all

May 11, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav– “Knowledge is the Supreme Wealth.” This timeless truth has guided humanity for centuries. Material possessions may fade away with time, but knowledge remains a permanent treasure that illuminates both the mind […]

माँ के चरणों की धूल सदा हमको चारों धाम लगे

May 10, 2026 0

राघवेन्द्र कुमार राघव– दुनिया के हर रिश्ते में तोस्वार्थ कहीं छिप जाता है।अपनेपन का हर एक दावाप्रतिकूल समय पर ढह जाता है। औलादों के अत्याचारों कोचुपचाप सहन कर जाती माँ।रोती है कोने में लेकिनमुख पर […]

Knowledge is wealth

May 8, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav– Knowledge is wealth and always supreme,The light within the seeker’s dream.Not forged of silver and gold or pride,But truth that walks the soul beside.The more we share, more it grows,Like fragrance […]

देश का कोई धर्म नहीँ होगा; धर्म को राजनीति से अलग रखा जायेगा– पं० मोतीलाल नेहरू

May 7, 2026 0

पं० मोतीलाल नेहरू के जन्म-दिनांक (६ मई) पर विशेष आयोजन प्रयागराज। एक ऐसा परिवार, जिसकी संवैधानिक और राजनीतिक विरासत विश्व-विश्रुत रही है, का अभिन्न सम्बन्ध इलाहाबाद से रहा है। आज हम जिसे आनन्द भवन के […]

राष्ट्रपति लाम की पहली राजकीय यात्रा से और गहरे होंगे भारत-वियतनाम सम्बन्ध

May 6, 2026 0

नई दिल्ली। वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम भारत की अपनी पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा पर हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने […]

बाज़ारवाद के जाल मे फँसी मीडिया लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व और अनुवर्तन पत्रकारिता से हो रही दूर

May 5, 2026 0

आदित्य त्रिपाठी, हरदोई— भारत जैसे विशाल और बहुलतावादी लोकतंत्र में मीडिया को परंपरागत रूप से “चौथा स्तम्भ” माना गया है। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ-साथ मीडिया की भूमिका लोकतांत्रिक जवाबदेही (accountability) सुनिश्चित करने में […]

नदी के शब्द

May 4, 2026 0

हिमगिरि-चरणों मे शीश नवा, मैंने शुरू किया चलना, तपती रेती पर चलकर भी, शीतलता को मिटने न दिया। सघन वनों की छाया मे, कभी न मेरा मन ललचाया। इस शाश्वत सत्य का ज्ञान मुझे, जो […]

मीडियाकर्मियोँ को अपनी स्वतन्त्रता का आकलन स्वयं करना होगा

May 3, 2026 0

प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे ‘विश्व प्रेस-स्वतन्त्रता-दिवस’ के अवसर पर ३ मई को एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया, जिसमे देश के अनेक मीडियाकर्मी एवं अन्य विचारकोँ की साझेदारी रही। आयोजन […]

संकल्पों का हठ

May 2, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– स्वयं पर यदि यहाँ विश्वास हो,तो रास्ते अनजाने नहीं लगते।गिरना भी हार जैसा नहीं लगता,चलते कदम यूँ ही नहीं ठहरते।।मन में यदि दीपक जलता हो,संकल्पों का हठ भी पलता हो।तो काँटों […]

तेरे नाम के सहारे, तरते हैं लोग सारे

May 1, 2026 0

रचनाकार– डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव तेरे नाम के सहारे, तरते हैं लोग सारे।ओ! भोले हमारे, ओ! शिव जी हमारे।तेरे नाम के सहारे, तरते हैं लोग सारे।।सब तेरे सहारे हैं, तेरी दया पे निर्भर,सब भक्त तुम्हारे […]

तुम अपने मे, मै अपने मे मस्त हूँ

April 30, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव — तुम्हारे पास कमी है वक़्त की,और मैं ख़ुद में बहुत व्यस्त हूँ।हमारे रास्ते कभी एक नहीं हुएतुम अपने में, मैं अपने में मस्त हूँ।जानिबेमंज़िल जाते टकरा गये तोबात होगी, क्या […]

यूएनजीए अध्यक्ष की नई दिल्ली यात्रा से मिलेगी भारत-यूएन संबंधों को मजबूती

April 28, 2026 0

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मुलाकात की। यह मुलाकात बेयरबॉक की भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान हुई, जिसमें वैश्विक […]

अलंकरण समारोह और कवि गोष्ठी का हुआ आयोजन

April 27, 2026 0

लखनऊ: उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ के निराला सभागार में मंगलवार को प्रख्यात साहित्यकार पं. गगन लाल जी की 109वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के […]

दंत-स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक मंजन : पारम्परिक ज्ञान, संभावित लाभ और आवश्यक सावधानियाँ

April 27, 2026 0

आयुर्वेदाचार्य डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– आज के समय में दाँतों से जुड़ी समस्याएँ—जैसे दाँतों में सड़न (कैविटी), मसूड़ों की सूजन, बदबूदार साँस, संवेदनशीलता, प्लाक, और पायरिया (मसूड़ों की बीमारी)—बहुत आम हो चुकी हैं। बदलती जीवनशैली, […]

रातों की सूनी चौखट पर, तेरा नाम पुकारा मैंने

April 26, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वादा करके मैं मुकरा,अब जीना भारी लगता है।कैसे आँख मिलाऊँ मैं,जीना गद्दारी लगता है।तुम मानो या ना मानो ये,तुम बिन जीना मुश्किल है।साँसें भी कोस रही हमको,लगता पहाड़ सा पल-पल है।मन […]

संतुलन, समता और सामाजिक न्याय

April 25, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– समाज के भीतर उपस्थित विकृतियों को दूर किए बिना केवल दोषारोपण या छिद्रान्वेषण में लगे रहना किसी भी राष्ट्र के लिए हितकारी नहीं हो सकता। जब हम समस्याओं के मूल कारणों […]

संस्कृति, समुदाय और हमारी जिम्मेदारियाँ — एक सामाजिक पुनर्जागरण की पुकार

April 24, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– संस्कृति और कला के अभाव में मानव-जीवन निस्सार हो जाता है। रचनात्मकता केवल मनुष्य को प्राप्त वह दिव्य क्षमता है जो उसे अन्य प्राणियों से अलग करती है। यही रचनात्मकता हमारी […]

विद्या परमं धनम् — जीवन को आलोकित करने वाली शक्ति

April 23, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– विद्या परमं धनम् ! यह केवल एक सूक्ति नहीं, बल्कि जीवन का शाश्वत सत्य है। धन, पद, यश और वैभव समय के साथ बदलते रहते हैं, परंतु ज्ञान वह संपदा है […]

पृथ्वी तो हमारी रग-रग मे है; समादर करना सीखेँ

April 22, 2026 0

आज (२२ अप्रैल) ‘विश्व-पृथ्वीदिवस’ है। आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• (सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २२ अप्रैल, २०२६ ईसवी।)

शिवत्व की यात्रा : न मे मृत्युशंका न मे जातिभेदः

April 22, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– आश्रम में संध्या उतर चुकी थी। वटवृक्ष के नीचे बैठे सुधांशु की आँखें बंद थीं। आचार्य के शब्द उसके भीतर मर्मस्थान को वेध रहे थे। वास्तव मे ये विचार अब परिपक्व […]

भारत ने यूएन पर्यावरण कार्यक्रम में सतत विकास के लिए जताई प्रतिबद्धता

April 21, 2026 0

नैरोबी। केन्या के नैरोबी में आयोजित संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की स्थायी प्रतिनिधियों की समिति की 173वीं बैठक में भारत ने अपना राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत किया। केन्या में भारतीय उच्चायुक्त और यूएनईपी में भारत […]

हम ही निजी शिक्षण-संस्थाओँ का समर्थन करते हैँ और विरोध भी?

April 20, 2026 0

इन दिनो निजी शिक्षण-संस्थाओँ मे मनमाने तरीक़े से शुल्क-वृद्धि, पुस्तक, उत्तरपुस्तिकाओँ, गणवेश (यूनिफ़ार्म) आदिक के मूल्योँ मे जिस तरह से अप्रत्याशित वृद्धि की जा रही है; साथ ही यह बाध्यता कि उपर्युक्त सामग्री सम्बन्धित शिक्षण-संस्थाओँ […]

शिवत्व की यात्रा : गुरु की माया

April 19, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रातःकाल मे सूर्य की बाल किरणें जब धरती को स्पर्श कर रही थीं, उसी समय सुधांशु आश्रम के प्रांगण में खड़ा था। वह स्थान जहाँ से उसकी यात्रा आरम्भ हुई थी— […]

शिवत्व की यात्रा : दिव्य यात्रा के साक्षी अनिरुद्ध की वापसी

April 18, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात्रि का दूसरा प्रहर था। आकाश में चंद्रमा शांत था, और उसकी चाँदनी धरती पर एक कोमल श्वेत आभा बिखेर रही थी। हवेली के पीछे वही उपवन—जहाँ कुछ समय पूर्व प्रेम […]

शिवत्व की यात्रा : प्रेम की अग्निपरीक्षा

April 17, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– संध्या का समय था। आकाश में सूर्य धीरे-धीरे अस्त हो रहा था, और उसकी किरणें आकाश को लालिमा से भर रही थीं—मानो प्रकृति स्वयं किसी गहन भाव से रंग गई हो। […]

ज़िन्दगी की जद्दोजहद

April 16, 2026 0

तुम्हारे पास कमी है वक्त की और मै खुद मे ही बहुत व्यस्त हूँ।हमारे रास्ते कभी एक नहीं तुम अपने मे और मैं अपने मे मस्त हूँ।जानिबे मंज़िल जाते कभी टकरा गये तो बात होगी […]

ब्राह्मण, जाति और समाज

April 15, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव समाज की एक जटिल सच्चाई यह है कि संसार का कोई भी देश, कोई भी संस्कृति, कोई भी मत या सम्प्रदाय ऐसा नहीं है जहाँ किसी न किसी रूप में […]

शिवत्व की यात्रा : यदि सब कुछ शिव हैं… तो प्रेम का स्थान कहाँ

April 13, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भोर की शीतलता अभी पूर्णतः विलीन नहीं हुई थी। मंदिर से लौटते समय सुधांशु के भीतर एक अद्भुत शांति थी, पर उसी के साथ एक नया प्रश्न भी जन्म ले चुका […]

शिवत्व की यात्रा : रहस्यमयी संन्यासी और परदे के पीछे का सत्य

April 12, 2026 0

अब कथा उस रहस्य के द्वार पर पहुँचती है जहाँ पाठक और साधक—दोनों के भीतर एक ही प्रश्न उठता है— “यह रहस्यमयी संन्यासी वास्तव में कौन है?” इसी रहस्य को धीरे-धीरे उद्घाटित करते हुए, गहन […]

शिवत्व की यात्रा : चेतना का जागरण

April 11, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात्रि का अंतिम प्रहर… आकाश गहन अंधकार में डूबा था, पर उस अंधकार के भीतर एक अदृश्य प्रकाश छिपा हुआ था—जैसे सृष्टि स्वयं किसी महान परिवर्तन की प्रतीक्षा कर रही हो। […]

ग़ज़ल : रिवाजेइश्क का मारा हुआ हूँ मै

April 10, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– राहेइश्क़ मे पाने से ज़्यादा लोग खोते हैं।इस रिवाजेइश्क का मारा हुआ हूँ मै।राह-ए-इश्क़ चलकर ख़ुद को जला दिया।चौसर-ए-इश्क़ की बाजी हारा हुआ हूँ मै।इश्क़ के सितम की इन्तहा देखने निकला […]

राहुल सांकृत्यायन ने योँ ही नहीँ कहा था :– भागो नहीँ, दुनिया को बदलो

April 9, 2026 0

राहुल सांकृत्यायन के जन्म-दिनांक ९ अप्रैल पर विशेष प्रस्तुति प्रयागराज। विश्व के महानुभवी राहुल सांकृत्यायन के जन्मदिनांक ९ अप्रैल की पूर्व-संध्या मे ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से एक राष्ट्रस्तरीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन ‘सारस्वत […]

शिवत्व की यात्रा : रहस्य के परे जाती साधना

April 8, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव— रात का तीसरा प्रहर था। चारों ओर गहरा सन्नाटा छाया हुआ था। हवेली के भीतर सब सो चुके थे, किन्तु सुधांशु की आँखों में नींद का नामोनिशान नहीं था। उसके भीतर […]

विदेश मंत्रालय ने भारत-अफ्रीका संबंधों पर सलाहकार समिति की बैठक की

April 7, 2026 0

नई दिल्ली। भारत-अफ्रीका संबंधों पर विदेश मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने की। बैठक में व्यापार एवं निवेश, सुरक्षा, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहयोग में बढ़ते […]

We learn through play

April 6, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav We learn through play.Never engage in a fray. To school we all go, day after day.Teachers impart wisdom in own way. Homework given, we do with care.Daily tasks, we complete with […]

शिवत्व की यात्रा मे पढ़ें भीतर का शत्रु

April 5, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात गहरी हो चुकी थी। हवेली के चारों ओर फैली शांति में केवल कभी-कभी पत्तों की सरसराहट सुनाई देती थी। दूर खेतों में जलती हुई मशालों की लौ हवा के साथ […]

प्रेरक कहानियाँ : शिवत्व की यात्रा मे पढ़ें मानसिक शत्रुओं का विरेचन और शान्ति की अनुभूति

April 4, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– संध्या का समय था। सूर्य धीरे-धीरे पश्चिम के क्षितिज में विलीन हो रहा था और आकाश में हल्की सुनहरी आभा फैल रही थी। हवेली के प्रांगण में एक विचित्र शान्ति थी, […]

शिवत्व की यात्रा : त्याग का अग्निपथ

April 2, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– जमींदार के कक्ष में कुछ क्षण के लिए ऐसा मौन छा गया मानो समय स्वयं रुक गया हो। सुधांशु के शब्द हवा में स्थिर हो गए थे— “यदि आवश्यक हुआ तो […]

विश्व की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करता, मध्य-पूर्व-भयावह युद्ध

April 1, 2026 0

● आयोजक :– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इन दिनो संयुक्त राज्य अमेरिका के उकसावे मे आकर इस्राइल ने अकस्मात् ईरान पर आक्रमण करके जो जघन्य कृत्य किया है, उसकी प्रतिक्रिया मे ईरान की ओर से […]

शिवत्व की यात्रा : शक्ति और धर्म का संवाद

March 31, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भोर का पहला प्रकाश अभी क्षितिज पर उभर ही रहा था। हल्की धुंध खेतों के ऊपर तैर रही थी और दूर कहीं बैलों की घंटियों की धीमी आवाज सुनाई दे रही […]

शिवत्व की यात्रा : रहस्यमयी संन्यासी और पहली कसौटी

March 30, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात का सन्नाटा गहरा था। आकाश में बादल छाये हुए थे और चन्द्रमा कभी-कभी उनके बीच से झाँक जाता था। सुधांशु के घर के आँगन में दीपक की लौ हल्की-हल्की काँप […]

शिवत्व की यात्रा : धर्म और प्रेम का द्वंद्व

March 29, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात धीरे-धीरे गहरी हो चुकी थी। आकाश में चन्द्रमा बादलों के पीछे छिपता-उभरता जा रहा था। सुधांशु के घर के आँगन में एक दीपक जल रहा था जिसकी लौ हवा के […]

शिवत्व की यात्रा : तप की अग्नि है गृहस्थाश्रम

March 28, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– संध्या का समय था। सूर्य पश्चिम दिशा में ढल रहा था और आकाश में लालिमा फैलती जा रही थी। सुधांशु आश्रम की पगडंडी से आगे बढ़ रहा था। उसके कदम धीमे […]

“भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला” का भाषिक अर्थ, अवधारणा एवं संदर्भ

March 27, 2026 0

शब्दसंधान ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय तो आइए! हम अब प्रत्येक शब्द के अर्थगौरव से परिचित हो लेँ। शब्द हैँ :– श्री रामनवमी, भए, प्रगट, कृपाला तथा दीनदयाला। ‘श्री रामनवमी’ के संदर्भ मे “भये प्रगट […]

शिवत्व की यात्रा : परीक्षा का आरम्भ

March 26, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भोर का समय था। पूर्व दिशा में सूर्य की हल्की आभा प्रकट होने लगी थी। आश्रम के चारों ओर फैली निस्तब्धता धीरे-धीरे पक्षियों के कलरव से टूट रही थी। वृक्षों की […]

शिवत्व की यात्रा : सम्बन्धों का प्राण है धर्म

March 25, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव-– रात का अंतिम प्रहर था। आकाश में चन्द्रमा अपनी शीतलता बिखेर रहा था। आश्रम के पीछे बहने वाली छोटी-सी धारा से जल की मधुर ध्वनि सुनाई दे रही थी। वृक्षों के […]

क़लम को हथियार बनाकर अँगरेजोँ की नीद उड़ा ले गये, गणेशशंकर विद्यार्थी!

March 24, 2026 0

◆ गणेशशंकर विद्यार्थी के बलिदान-दिनांक (२५ मार्च) के अवसर पर विशेष प्रस्तुति ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• गणेशशंकर विद्यार्थी एक ऐसा नाम है, जिनके व्यक्तित्व और कर्त्तृत्व (‘कृतित्व’ अशुद्ध शब्द है।) मे तीन प्रकार गुण […]

जहाँ कम्पोजिंग के अक्षरोँ के ख़ाने मे नीचे ‘बारूद’ और ब्लॉक के स्थान पर ‘बम’ रखे जाते थे!

March 24, 2026 0

क्रान्तिकारी गणेशशंकर विद्यार्थी के बलिदान-दिनांक (२५ मार्च) पर विशेष प्रस्तुति ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• योँ तो क्रान्तिधर्मी गणेशशंकर विद्यार्थी ने कई समाचारपत्र-पत्रिकाओँ मे लेखन और सम्पादन किया था; परन्तु वे स्वयं के लिए जैसी […]

भारतीय दूतावास के ‘नमस्ते पेरू’ मेले में उमड़ा जनसैलाब

March 23, 2026 0

लीमा। पेरू में भारतीय दूतावास द्वारा ‘नमस्ते पेरू’ नामक एक भव्य सांस्कृतिक और व्यापारिक मेला आयोजित किया गया। इस मेले में भारतीय मूल के नागरिकों के अलावा स्थानीय लोगों का एक बड़ा हुजूम उमड़ा। चेरेटी […]

शिवत्व की यात्रा : रहस्य का पुनः उदय और गुरु की दृष्टि

March 22, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वसंत का प्रारम्भ हो चुका था। आम के वृक्षों पर कोमल बौर आ गया था और हवा में एक मदमस्त सुगन्ध फैलने लगी थी। जीवन में जैसे एक हल्का-सा उल्लास लौट […]

पुरुष परिधि पर घूम रही नारी बेचारी

March 21, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शूद्र गँवार ढोल पशु नारीये ताड़न की अधिकारी है।जाति-पाँति से हीन रहीयुग-युग से वह बेचारी है।बुद्धिमान होकर भी नारीजाहिल समझी जाती है।गैरों का पाप लिए सिर परवह दर-दर ठोकर खाती है।जीवन […]

शिवत्व की यात्रा : सम्बन्धों की कसौटी मे धर्म की पहली परीक्षा

March 20, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शीत ऋतु का प्रारम्भ था। प्रातःकाल की धूप अभी कोमल थी और हवा में हल्की ठंडक थी। निरंजन अपने घर के बाहर बैठा था। सामने आँगन में तुलसी के चौरे पर […]

शिवत्व की यात्रा : धर्म और सम्बन्ध मे प्रेम की मर्यादा

March 19, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वर्षा का समय समाप्त हो चुका था। आकाश स्वच्छ था और हवा में हल्की शीतलता घुलने लगी थी। संध्या का समय था। निरंजन घर के आँगन में बैठा था। सामने तुलसी […]

Poem : The Wall of Silence

March 18, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav– When the limits of my sorrow, Are finally crossed, I’ll find no strength to borrow, In silence, I’ll be lost. Like a stone, I will harden, While you try to appease, […]

भारत ने यूएन में कहा- इस्लामोफोबिया की कहानियां गढ़ने में माहिर हमारा ‘पड़ोसी’

March 17, 2026 0

न्यूयॉर्क। भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र के मंच पर दोहरा रवैया अपनाने के लिए पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक के दौरान पाकिस्तान की ओर से फर्जी […]

शिवत्व की यात्रा : साधना की गुप्त परम्परा

March 16, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– उस रहस्यमयी अतिथि के जाने के बाद कई दिनों तक निरंजन के भीतर एक अजीब जिज्ञासा बनी रही। वह व्यक्ति कौन था? उसका उद्देश्य क्या था? और उसे कैसे पता था […]

पछुआ मन घायल करे, पुरुआ करे उदास

March 16, 2026 0

– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–पछुआ मन घायल करे, पुरुआ करे उदास।झरते पत्ते शाख से, कोई आस-न-पास।।दो–देश लगे पतझर यहाँ, कोई हाल-न-चाल।मौसम निर्मम इस तरह, खीँच रहे सब खाल।।तीन–पंख घृणा फैला दिखे, करे कष्ट संवाद।मानव-मानव […]

शिवत्व की यात्रा : साधना का दर्पण

March 14, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद की एक गहरी रात्रि थी। आकाश में बादल छाए हुए थे और हवा में एक विचित्र नमी थी। घर के बाहर पीपल के पत्तों की हल्की सरसराहट सुनाई दे रही […]

शिवत्व की यात्रा : भक्ति की वास्तविक परीक्षा

March 13, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– समय अपने शांत प्रवाह में आगे बढ़ता रहा। निरंजन का जीवन अब एक संतुलित लय में चल रहा था। सुबह का ध्यान, दिन भर का श्रम, परिवार की जिम्मेदारियाँ और रात्रि […]

शिवत्व की यात्रा : गृहस्थाश्रम का यज्ञ

March 10, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव— समय धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। निरंजन का जीवन अब आश्रम की एकांत साधना से निकलकर गृहस्थ जीवन की जटिलताओं में प्रवाहित हो चुका था। उसका घर छोटा था, जीवन साधारण […]

सम्पूर्ण निष्ठा और समर्पण का परिणाम रहा, टी-२० विश्वकप पर जीत का मोहर लगा देना!

March 9, 2026 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ८ मार्च की तारीख़ भारतीय क्रिकेट की दृष्टि से देश को गौरवान्वित करनेवाली थी और सबकी निगाहेँ गुजरात के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम की पिच पर संध्या ७ बजे स्थिर हो […]

शिवत्व की यात्रा : भीतर के अंधकार से युद्ध है गृहस्थ का तप

March 9, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रभात का समय था। पूर्व दिशा में सूर्य की पहली किरणें आकाश को हल्की स्वर्णिम आभा से भर रही थीं। आश्रम के प्रांगण में शांति थी, पर उस शांति के भीतर […]

“फागुन की है बहार, ज़रा मुसकराइए”

March 8, 2026 0

रैन-बसेरा, अल्लापुर में होली-कविसम्मेलन प्रयागराज। गत दिवस होलिकोत्सव के अवसर पर व्याकरणवेत्ता एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की अध्यक्षता मे प्रयागराज की कवि-कवयित्रियों ने रैन-बसेरा, बाघम्बरी गृह-योजना, अल्लापुर, प्रयागराज मे अपनी-अपनी रंग-विरंगभरी कविताओँ से […]

नारी-जीवन झूले की तरह– इस पार कभी-उस पार कभी!

March 7, 2026 0

‘विश्वमहिला-दिवस’ पर ‘सर्जनपीठ’ का विशेष आयोजन•••••••••••••••••••••••••••••••••••• प्रयागराज। प्रतिवर्ष ‘विश्व महिला-दिवस’ का आयोजन होता है और उसके लिए अलग-अलग विषय भी निर्धारण किये जाते हैँ; परन्तु खेद का विषय है! किसी विषय का कोई क्रियान्वयन् नहीँ […]

शिवत्व की यात्रा का विस्तार : व्यक्ति से युगचेतना तक

March 6, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद पूर्णिमा की रात्रि थी। चन्द्रमा का प्रकाश आश्रम की शिला-दीवारों पर शान्त चाँदी-सा बिछा हुआ था। हवा में न शीत का तीखापन था, न वर्षा की नमी—केवल एक निर्मल संतुलन। […]

”सही उच्चारण के लिए संस्कृत और फ़ारसी का ज्ञान आवश्यक है”– फ़िराक़ गोरखपुरी

March 5, 2026 0

‘सर्जनपीठ’ का ‘अज़ीम शाइर फ़िराक़ गोरखपुरी और उनकी सार्वकालिक रचनाशीलता’ विषयक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक आयोजन प्रयागराज। एक ख़ूबसूरत एहसास का नाम है, फ़िराक़। ग़ज़ल, नज़्म, रुबाई के साथ-साथ, समालोचना और इतिहास पर भी क़लम चलानेवाले रघुपति […]

शिवत्व की यात्रा का दार्शनिक स्वरूप : समाधि से समाज तक

March 4, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रभात का समय था। आश्रम में सामान्य दिनचर्या प्रारम्भ हो चुकी थी—गौशाला में सेवा, रसोई में धूप की सुगन्ध, प्रार्थना का मधुर गान। परन्तु निरंजन के भीतर कुछ असामान्य था। समाधि […]

शिवत्व की यात्रा : समाधि की देहरी

March 3, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरद की स्वच्छ रात्रि थी। आकाश निर्मल, तारकाओं से भरा हुआ, मानो अनन्त का प्रत्यक्ष साक्षात्कार हो रहा हो। आश्रम के उत्तर दिशा में स्थित उस प्राचीन पीपल वृक्ष के नीचे […]

प्राथमिक विद्यालय, इस्माइलगंज का वार्षिकोत्सव एवं होलीमिलन-समारोह सम्पन्न

March 2, 2026 0

प्रयागराज। गत दिवस विकास-खण्ड सोराँव के अन्तर्गत संचालित प्राथमिक विद्यालय, इस्माइलगंज प्रथम मे अत्यन्त भव्य ढंग से वार्षिकोत्सव सम्पन्न हुआ, जिसमे छात्र-छात्राओँ ने आदर्शपूर्ण तरीक़े से होली खेली; वहीँ कार्यक्रम मे उपस्थित समस्त अतिथिवृन्द एवं […]

शिवत्व की यात्रा : नाद, नृत्य और ओंकार का मिलन

March 1, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वर्षा ऋतु का अन्तिम चरण था। आकाश स्वच्छ था, परन्तु वायु में अभी भी जल की शीतलता थी। आश्रम के उत्तर दिशा में एक प्राचीन कक्ष था, जिसे नाद-मण्डप कहा जाता […]

अनोखी पहल : “आशीष और कल्याणी” के विवाह ने दिया सामाजिक जागरूकता का संदेश

February 27, 2026 0

शिवांकित तिवारी, जबलपुर, मध्यप्रदेश। जहाँ आजकल शादियाँ भव्यता और दिखावे का प्रतीक बन चुकी हैं, वहीं जबलपुर के युवा दंपति आशीष और कल्याणी ने अपने विवाह को सामाजिक जागरूकता का अभियान बना दिया। 5 फरवरी […]

शिवत्व की यात्रा मे मर्यादा, प्रेम और त्याग का अग्निसंस्कार

February 26, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– आश्रम में उस दिन एक गंभीरता थी। प्रभात की वायु में भी जैसे कोई गूढ़ संकेत था। निरंजन शिवालय के सामने बैठा था, पर आज उसका ध्यान स्थिर नहीं था। उसके […]

शिवत्व की यात्रा का अगला चरण : मौन-तप और वाणी की शुद्धि

February 25, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– श्रावण का अन्तिम सप्ताह बीत चुका था। आश्रम का वातावरण अब अधिक शांत था। वर्षा की रिमझिम ध्वनि, वृक्षों से टपकती जल-बूँदें और दूर बहती नदी का मधुर स्वर—सब मिलकर एक […]

शिवत्व की यात्रा का अगला चरण : भक्ति, ध्यान और ज्ञान की त्रिवेणी

February 24, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– आश्रम में उस दिन एक विशेष वातावरण था। श्रावण मास का अंतिम सोमवार था। प्रातःकाल से ही शिव-मंदिर में अभिषेक चल रहा था। जल, दुग्ध, बिल्वपत्र और मंत्रोच्चार से पूरा परिसर […]

शिवत्व की यात्रा का एक और चरण : आसक्ति से मुक्ति

February 23, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रभात का समय था। आश्रम के पीछे बहने वाली छोटी नदी के तट पर निरंजन अकेला बैठा था। जल का प्रवाह शांत था, परन्तु उसके भीतर निरन्तर गति थी। वह उसी […]

शिवत्व की यात्रा : मौन का प्रकाश

February 22, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रातःकाल का समय था। आकाश में हल्की लालिमा फैल रही थी। पूर्व दिशा में सूर्य अभी उगा नहीं था, परन्तु उसका संकेत धरती को जागृत कर चुका था। आश्रम के प्रांगण […]

शिव की महिमा : जन-मन मे शिवत्व का प्रस्फुटन

February 21, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– महाशिवरात्रि की उस साधना-रात्रि के पश्चात् गाँव का वातावरण जैसे दीर्घकाल तक उसी भाव में डूबा रहा। यह परिवर्तन क्षणिक उत्साह का परिणाम नहीं था; यह धीरे-धीरे लोकजीवन में उतरने लगा। […]

मनोहरा देवी ने सूर्यकान्त त्रिपाठी को ‘निराला’ बनाया था

February 20, 2026 0

निराला के जन्म-दिनांक (२१ फ़रवरी) पर विशेष प्रस्तुति ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इलाहाबाद का नाम आते ही प्रथम पंक्ति मे जिस साहित्यिक अक्खड़ हस्ताक्षर का नाम-रूप दिखता है, वह सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ का है। […]

निराला को ‘खड़ी बोली’ का पाठ पढ़ाया था, मनोहरा देवी ने

February 20, 2026 0

निराला के जन्मदिनांक (२१ फ़रवरी) पर विशेष प्रस्तुति प्रयागराज। प्राय: देखा गया है कि पति को सन्मार्ग पर चलने के लिए पत्नी ही प्रेरित करती आयी है और उस पथ पर चलते हुए, वह पति […]

मनुजत्व से शिवत्व तक की अगली कड़ी : मन्त्र, मूर्ति और महातत्त्व

February 20, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव — दार्शनिक चर्चा ने गाँव की चेतना को गहरा किया था, पर अब एक नया प्रश्न उठने लगा— क्या यह समस्त साधना केवल आन्तरिक है, या इसके लिए परम्परागत उपासना की […]

शिवत्व का दार्शनिक आलोक

February 19, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वटवृक्ष के नीचे होने वाली मौन-साधना ने गाँव के जीवन को केवल सामाजिक नहीं, दार्शनिक आयाम भी प्रदान कर दिया था। अब प्रश्न केवल व्यवहार के नहीं रहे; वे अस्तित्व के […]

शिवत्व की अन्तर्यात्रा का ताण्डव

February 18, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव-– गाँव में बाहरी व्यवस्था के साथ समन्वय स्थापित हो जाने के बाद जीवन पुनः अपनी सहज गति में लौट आया, किन्तु भीतर कुछ ऐसा था जो अब पहले जैसा नहीं रहा। […]

सत्ता और चेतना का संघर्ष

February 16, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– चेतना का प्रसार जितना शांत दिखाई देता है, उसका प्रभाव उतना ही व्यापक होता है। गाँवों में उभर रही नई पद्धति—जहाँ निर्णय सामूहिक होते थे, जहाँ न्याय करुणा के साथ संतुलित […]

परम्परा और परिवर्तन का संगम

February 15, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– गाँव के मध्य स्थित वह विशाल वटवृक्ष अब केवल छाया का स्थान नहीं रहा था; वह सामूहिक चेतना का केन्द्र बन चुका था। उसकी जटाओं की भाँति गाँव के लोगों के […]

राष्ट्रीय पर्वों को मुँह चिढ़ाता वैलेंटाइन डे

February 14, 2026 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– फरवरी महीने का दूसरा सप्ताह प्रेमियों के लिए होली, दीपावली और ईद से भी कहीं बढ़कर होता है। तरह-तरह के पक्षियों का दाने की तलाश में उड़ान भरते नजर आना मामूली […]

दुःख हमे ढूँढ़ते हैं

February 13, 2026 0

मै ख़ुशियाँ ढूँढ़ता हूँ हर ओर, मगर दुःख हमे ढूँढ़ते हैं। मै भलाई करता हूँ राघव, लोग कमियाँ ढूँढ़ते हैं। हमे नारियल समझकर लोग, तोड़ते और फोड़ते हैं। बड़ी उलझन मे हूँ आजकल, रिश्ते बनने […]

सुरक्षित माइग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे विदेश मंत्रालय और आईओएम

February 13, 2026 0

नई दिल्ली। भारत का विदेश मंत्रालय और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) सुरक्षित एवं व्यवस्थित प्रवासन को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए विदेश मंत्रालय ने […]

शिवत्त्व : प्रकाश-तत्त्व और चेतना का सनातन सूत्र

February 10, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शिव न किसी एक रूप, मूर्ति या कल्पना तक सीमित हैं। शिव तत्त्व हैं—अविनाशी, अव्यक्त और सर्वव्यापक।वेद उद्घोष करते हैं— “एको देवः सर्वभूतेषु गूढःसर्वव्यापी सर्वभूतान्तरात्मा।”(श्वेताश्वतर उपनिषद् 6.11) शिव वही एक देव […]

पत्रकारिता क्षेत्र मे नयी पहल : पत्रकार प्रेस परिषद ने लागू किया ड्रेस कोड, पदाधिकारियों को ₹3 लाख का बीमा व नियुक्ति पत्र दिये

February 9, 2026 0

लखनऊ। पत्रकारिता जगत में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए पत्रकार प्रेस परिषद ने भारत में पहली बार अपने संगठन में अनिवार्य ड्रेस कोड लागू कर पत्रकारों को एक नई और सशक्त पहचान दी है। परिषद […]

विद्या परमं धनम् : भारतीय शास्त्रीय परम्परा में ज्ञान, साधना और लोकहित का दर्शन

February 8, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– “विद्या परमं धनम्।” — यह केवल एक सूक्ति नहीं, अपितु भारतीय सभ्यता की आत्मा है। मानव इतिहास में यदि किसी संस्कृति ने ज्ञान को सत्ता, संपत्ति और सामर्थ्य से ऊपर स्थान […]

मेघनाद वध : रावण की निश्चित हार का प्रमाण

February 7, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– लंका अब केवल नगर नहीं थी—वह एक भय-शाला बन चुकी थी। रावण ने सभा में कहा—“अब मेरा पुत्र जाएगा।” इंद्रजीत। जिसने कभी पराजय नहीं देखी थी।जिसके अस्त्र देवताओं को भी चकित […]

“भारत के भाग्य का निर्णय स्वराजभवन मे करो; मेरे सामने करो”– पं० मोतीलाल नेहरू

February 6, 2026 0

पं० मोतीलाल नेहरू की पुण्यतिथि (६ फ़रवरी) की स्मृति मे ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••• समय व्यतीत होता रहा। अँगरेज़-शासन और प्रशासन ने पं० मोतीलाल नेहरू के विरोधी दृष्टिकोण को भाँप लिया था; फलस्वरूप उन्हेँ […]

सेतुसमुद्रम : धर्म पहले संवाद करता है और युद्ध बाद में

February 5, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– समुद्र सामने था—अथाह, गंभीर और चुनौतीपूर्ण। यह वही समुद्र थाजो रावण के अहंकार की सीमा बन चुका था। वानर सेना ठिठकी नहीं,पर प्रश्न था—“कैसे?” राम मौन थे। विभीषण ने सागर से […]

लंका की गर्दन पर अंगद का पैर

February 4, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– हनुमान लौट आए थे। समुद्र के उस पार से नहीं,बल्कि एक नए युग की घोषणा लेकर। उन्होंने जो देखा था,जो किया था—वह केवल कथा नहीं थी,वह प्रमाण था। वानर सेना पहले […]

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