ब्लॉक कोथावां में वोटर लिस्टों की बिक्री के नाम पर हो रही अवैध वसूली

भारतीय संस्कृति

June 2, 2021 0

हमारे देश भारत की प्राचीन संस्कृति ही भारतीय संस्कृति कही जाती है। भारतीय संस्कृति हमारे ऋषि मुनियों की संस्कृति है। वेद, पुराण, उपनिषद्, ब्राह्मण ग्रन्थ, स्मृतियां, रामायण, महाभारत, गीता हमारे पौराणिक शास्त्र है जो हमें […]

चिन्तन की समय-सत्य कड़ी

May 20, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मनसा-वाचा-कर्मणा परिशुद्ध मनुष्य को कोई पसन्द नहीं करता; क्योंकि वह प्रत्येक सत्य को ‘सत्य’ के साथ निर्लिप्त भाव के साथ कहता है; उसके कथन और कर्म में कोई भेद नहीं […]

बद्रीनाथधाम आध्‍यात्मिक स्‍मॉर्ट नगरी के रूप में होगा विकसित

May 6, 2021 0

पवित्र तीर्थ बद्रीनाथ धाम को आध्‍यात्मिक स्‍मॉर्ट नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, ओएनजीसी, गेल और श्री बद्रीनाथ उत्‍थान चैरिटेबल ट्रस्‍ट ने एक समझौते पर हस्‍ताक्षर किया है। […]

भगवान विष्णु के सप्तम अवतार : रघुकुल शिरोमणि श्रीराम

April 22, 2021 0

●भये प्रगट कृपाला दीन दयाला● भगवान श्रीराम विष्णु के सातवें अवतार हैं।इन्हें श्रीरामचन्द्र भगवान के नाम से जाना जाता है।रामायण में वर्णित है कि इनका जन्म अयोध्या में राजा दशरथ जी के घर हुआ था। […]

माँ दुर्गा का नौवाँ रूप है सिद्धिदात्री

April 21, 2021 0

राजेश पुरोहित, भवानीमंडी माँ दुर्गा का नवम् दिव्य रूप माँ सिद्धिदात्री का है। माता सिद्धिदात्री भगवान विष्णु की अर्धांगिनी है। यह देवी सिद्धियों को देती है इसलिते सिद्धिदात्री कहलाती है।इनकी पूजा आराधना से व्यक्ति को […]

“गङ्गे! तव दर्शनात् मुक्ति:”

March 20, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नीचे दिये गये चित्र को ध्यानपूर्वक देखें। कालिमा और कालुष्यमय रूप प्रयागराज-स्थित गङ्गानदी-जल का दिख रहा है। कितना विकृत और विवर्ण हो चुका है! गङ्गा के मौलिक जल से इतर […]

प्रणाम का महत्त्व

March 2, 2021 0

तब –श्रीकृष्ण ने द्रौपदी से कहा अभी मेरे साथ चलो – श्रीकृष्ण द्रौपदी को लेकर सीधे भीष्म पितामह के शिविर में पहुँच गए – शिविर के बाहर खड़े होकर उन्होंने द्रोपदी से कहा कि – […]

सनातनी/हिन्दू को ध्यान रखने योग्य 12 महत्त्वपूर्ण बातें

February 21, 2021 0

साभार : मुक्त मीडिया – 12 बातें जो हर सनातन धर्म अनुयायी को याद रखनी चाहिए । क्या भगवान राम या भगवान कृष्ण कभी इंग्लैंड के house of lord के सदस्य रहे थे ? नहीं […]

शतरुद्रिय पाठ की महिमा

February 15, 2021 0

सङ्कलित : शतरुद्रिय रुद्राष्टाध्यायीका मुख्य भाग है। शतरुद्रियका माहात्म्य रुद्राष्टाध्यायीका ही माहात्म्य है। मुख्यरूपसे रुद्राष्टाध्यायीका पञ्चम अध्याय शतरुद्रिय कहलाता है। इसमें भगवान् रुद्रके शताधिक नामोंद्वारा उन्हें नमस्कार किया गया है। ‘शतं रुद्रा देवता अस्येति शतरुद्रीयमुच्यते […]

संतान की लम्बी उम्र के लिए माताओं ने रखा सकट व्रत

January 31, 2021 0

● मनकामेश्वर मन्दिर में बेटियो के लिए किया गया पूजन लखनऊ। माघ कृष्ण पक्ष चतुर्थी को होने वाला गणेश चतुर्थी सकट व्रत का बहुत महत्व है। जहां एक ओर पूरे शहर में माताओं ने पुत्रों […]

शङ्ख का महत्त्व और लाभ

December 12, 2020 0

साभार, सोशल मीडिया (स्रोत अज्ञात) : हिन्दू धर्म में प्रत्येक मांगलिक कार्य के अवसर पर शंख बजाना अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। साथ ही इसके अनेक वैज्ञानिक लाभ भी हैं, जो शंख बजाने […]

जड़बद्ध आचरणजगत् का दर्शन

December 7, 2020 0

———0 चिन्तन के आयाम 0 ——- —- आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यह विडम्बना ही है कि अद्वैतवादी सिद्धान्त और अभेदमूलक विचार की जन्मभूमि में ही आरम्भ से भेदमूलक समाज रहा है। यहाँ सिद्धान्त और व्यवहार […]

लघुत्व (लघुता) से ‘प्रभुत्व’ (प्रभुता) की ओर बढ़ें!

November 20, 2020 0

● चिन्तन-अनुचिन्तन के आयाम ● — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय किसी भी विषय में किसी के साथ ‘लिपिर-लिपिर’ नहीं की जाती है। सहजतापूर्वक जब तक पारस्परिक सहमति बनी रहे तब तक एक-दूसरे के साथ ईमानदारी […]

‘आनन्द’ क्या है?

August 24, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हृदय में जब न ‘हर्ष’ हो और न ही ‘विषाद’ तब की स्थिति ‘आनन्द’ है। ऐसी मनोदशा ‘स्थितिप्रज्ञ’ की कोटि के अन्तर्गत रेखांकित होती है। एक वास्तविक संन्यासी (कदाचित् यत्र-तत्र […]

चिन्तन-अनुचिन्तन

May 20, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मनसा-वाचा-कर्मणा सुदृढ़ मानसवाला मनुष्य हर किसी को रास नहीं आता; क्योंकि वह प्रत्येक सत्य को ‘सत्य’ के साथ निर्लिप्त भाव के साथ कहता है; उसके कथन और कर्म में कोई […]

Manusmriti : It is your choice that what you adopt?

May 13, 2020 0

Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– Scholars Of Hinduism point to the inconsistencies and have questioned the authenticity of verses, and the extent to which verses were changed, inserted or interpolated into the original, at a later […]

परशुराम जयंती विशेष : शस्त्र विद्या के महान गुरु भगवान परशुराम

April 24, 2020 0

पितामह भृगु द्वारा सम्पन्न नामकरण संस्कार के अंतर्गत राम जमदाग्नि का पुत्र होने के कारण जामदग्न्य और शिव द्वारा प्रदत्त परशु धारण किये रहने के कारण वे परशुराम नाम से प्रसिद्ध हुए। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा […]

कोरोना के कारण नमस्ते-नमस्ते, नमस्ते इण्डिया !

March 14, 2020 0

महेन्द्र नाथ महर्षि (से.नि. वरिष्ठ अधिकारी दूरदर्शन)- कभी नहीं सोचा होगा कि बुराई की भी ‘धूम’ मच सकती है। कभी उम्मीद की है कि एक रोगाणु आएगा और संगीत का अंतरराष्ट्रीय विषय बन कर विभिन्न […]

अनन्यतम तीर्थराज प्रयाग की जय हो!

January 14, 2020 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘प्रयाग’ शब्द की निष्पत्ति ‘यज्’ धातु से होती है; ‘प्र’ उपसर्ग प्रकृष्ट, श्रेष्ठ, उत्कृष्ट का बोधक है, जबकि ‘याग’ शब्द ‘यज्ञवाची’ है। अनुपम तीर्थस्थान प्रयाग के पक्ष में हमारे सनातन पौराणिक ग्रन्थ […]

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