प्रेम की प्रकृति
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव शरीर पंचतत्त्व से निर्मित है। ये पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश के रूप मे जाने जाते हैं। भारतीय दार्शनिक परम्परा में ये पाँचों तत्त्व केवल शरीर के घटक नहीं […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव शरीर पंचतत्त्व से निर्मित है। ये पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश के रूप मे जाने जाते हैं। भारतीय दार्शनिक परम्परा में ये पाँचों तत्त्व केवल शरीर के घटक नहीं […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– जैव जगत्, प्राणी समूह एवं सकल दृश्य अदृश्य सत्ता के रूप में वह सर्वोच्च सत्ता ही सर्वत्र अभिव्यक्त है। ईश सृजित इस सृष्टि में प्रत्येक प्राणी आदरणीय है और पारिस्थितिक तंत्र […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav The Bhagavad Gita’s sacred song,Invites us to a devotion strong.In this world of boundaries, wide and deep,Bhakti’s power, our souls it seeks to sweep. Vedanta’s wisdom, ancient and grand,Transcends the limits […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– The Kamakhya Temple is one of the 51 Shakti Peethas spread across the Indian subcontinent. According to Hindu mythology: Sati, the first consort of Lord Shiva, self-immolated during the great yajna […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav The opening declaration “I am beyond the senses. I am not the five elements. I am consciousness, bliss, I am Shiva.” — strikes at the root of human misidentification. From birth, […]
Dr. Raghavendra Kumar Tripathi Raghav– The epic Ramayana, a timeless jewel of Indian civilization, contains many deeply moving episodes that reflect the emotional, moral, and spiritual dilemmas of human life. Among them, one of the […]
Dr. Raghavendra Kumar– The Divine Role of Parents and Elders in Sanātan Vedic Culture: A Path to Dharma, Prosperity, and Spiritual Fulfillment Sanātan Dharma, also known as the Eternal Religion, is not merely a system […]
राम भारत की आत्मा हैं, प्रभु श्रीराम पूर्ण परात्पर ब्रह्म हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का त्याग, शील-संयम और लोकोत्तर चरित्र सभी के लिए ग्राह्य है। जो मानो कल्पवृक्षों के बगीचे हैं तथा समस्त आपत्तियों […]
Aditya Tripathi (Teacher, P.S. Pratappur, Kothawan, Hardoi)– The twilight of Dwapara Yuga was upon the world. The great Mahabharata war had concluded. Righteousness had been restored, but at a price. The mighty Yadava clan—once proud, […]
Aditya Tripathi (Teacher, P.S. Pratappur, Kothawa, Hardoi) Every task in life should be approached with enthusiasm and unwavering dedication. Enthusiasm is the fuel that keeps our spirit alive, making even the most difficult challenges seem […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ‘शिव’ का अर्थ कल्याण, शुभ, मंगल इत्यादिक है। शिव की दो काया मानी गयी है :– सूक्ष्म और स्थूल। जिसका प्रकटीकरण स्थूल रूप मे होता है, वह ‘स्थूल काया’ है […]
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय(वैयाकरण एवं भाषाविज्ञानी), प्रयागराज। हम जैसाकि जानते हैँ– तीर्थोँ का राजा प्रयाग कहलाता है, जिसके सहयोगी तीर्थ हैँ :– उज्जैन, हरिद्वार तथा नासिक, जहाँ कुम्भपर्व का आयोजन होता है।अब प्रश्न है, वास्तव […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय(वैयाकरण एवं भाषाविज्ञानी), प्रयागराज।•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इन दिनो प्रयागराज मे एक ऐसा उत्साह है; उमंग है तथा चहल-पहल है, जो अनिर्वचनीय है। जिज्ञासा, कुतूहल एवं उत्सुकता बाँधे नहीँ बँधती। एक प्रकार से आस्था […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय(वैयाकरण एवं भाषाविज्ञानी), प्रयागराज। तीर्थोँ का राजा प्रयागराज पलक-पाँवड़े बिछाये, देश-देशान्तर से आस्था, श्रद्धा, विश्वास एवं भक्ति का भाव लेकर आनेवाले समस्त तीर्थयात्रियोँ के स्वागत मे प्रतीक्षारत है। यह वही प्रयाग […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ परिवर्तन, प्रकृति का शाश्वत नियम और जीवन का अपरिहार्य सत्य है। यह केवल एक दार्शनिक विचार नहीं, बल्कि हर चर और अचर वस्तु पर लागू होने वाला प्राकृतिक नियम है। […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– वैदिक हिंदू सनातन संस्कृति एक गुण-आधारित संस्कृति है, जिसमें जीवन के हर पहलू में पवित्रता, समता, और सह-अस्तित्व जैसे दिव्य गुणों को सर्वोपरि माना गया है। इस संस्कृति ने न […]
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– This world is a wondrous manifestation of the one Supreme Being, taking countless forms to express its divine essence. Every living and non-living entity is a reflection of this Supreme Reality. […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– मनुष्य के जीवन में अनेक गुण और मूल्य होते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ऐसे हैं जो उसे सच्चे अर्थों में महान और समाज के लिए उपयोगी बनाते हैं। इनमें पारमार्थिक […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’— जीवन की सार्थकता का प्रश्न हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। हम सभी अपने जीवन को उद्देश्यपूर्ण और उपयोगी बनाने की आकांक्षा रखते हैं। इस दिशा में विचारशीलता का महत्व सर्वोपरि […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– मन एक बेचैन बंदर की तरह है, जो लगातार एक विचार से दूसरे विचार के मध्य झूलता रहता है। मन ही हमारी भावनाओं, आकांक्षाओं, भय और आसक्तियों का जन्मस्थान है। यह […]
राघवेन्द्र कुमार राघव (वैकल्पिक-प्राकृतिक चिकित्सक)— बरगद का पञ्चाङ्ग उपयोगी है। बरगद का प्रत्येक अंश अमृत के गुणो से भरा है। फल, पत्ते, दूध, छाल और जटा सबका आयुर्वेद मे रोगनाशक के रूप उपयोग होता है। […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav, Hardoi — The Vedic Hindu Sanatan culture, often referred to as the “Eternal Path,” is deeply rooted in values that transcend time and place. This ancient culture is more than a […]
Raghavendra Kumar Raghav– Ram is the eternal and divine force. He is not only the master of our hearts but the very foundation upon which the world stands. His name carries the essence of truth, […]
Raghavendra Kumar Raghav– The mind, often hailed as the fastest entity, can be both our greatest ally and our most formidable foe. Its swiftness can lead us to the divine nectar of the Supreme Being, […]
Raghavendra Kumar Raghav– We often misunderstand the teachings written in religious texts. This misunderstanding sometimes leads us away from the path of righteousness and even toward unrighteousness. In the Indian context, it is clear that […]
Dr. Raghavendra Kumar Tripathi Raghav– In today’s whirlwind of activity, a relentless pursuit of material happiness has become the reigning champion. We race towards ever-growing bank accounts, coveting the newest gadgets and designer labels. This […]
Dr. Raghavendra Kumar Tripathi Raghav– India’s Vedic Hindu culture boasts an intrinsic link with nature, offering a timeless perspective that remains refreshingly relevant in today’s world. However, a lack of understanding and intentional misinformation campaigns […]
Dr. Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’ Refuge in Me and actions done.By My grace, against evil battle won.Soul is immortal so this eternal state see.Realize My presence and achieve me.Abandon all physical duties and take refuge […]
Raghavendra Kumar Tripathi Raghav– The Bhagavad Geeta, one of the most revered texts in Hindu philosophy, offers profound insights into the nature of faith and its impact on human life. In the chapter “Sraddhatraya Vibhaga […]
Dr. Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– The Bhagavad Gita, a central text in Hinduism, presents a profound dialogue between Krishna, the embodiment of the divine, and Arjuna, a warrior prince facing a moral dilemma. Within this […]
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– When someone asks what is Dharma and what it signifies?Say, it’s what we uphold, where true meaning lies.Following it brings us prosperity, freeing us from sorrow.Attaining supreme joy and bliss, into […]
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’ Sanatan teachings are the ancient way of life. Embracing both the form and formless divine. God’s essence, soul’s liberation, profound. Sanatan Dharma, the path profound. In saguna and nirguna, God resides. […]
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– O blessed land of Bharat! you are fortunate, you are chosen for spreading knowledge entire world. This knowledge of the divine light illuminates the entire world. The Supreme Being instructs humanity […]
अभिजीत मिश्र, बालामऊ बालि द्वारा शासित किष्किंधा में राम चाहते तो अपना उपनिवेश स्थापित सकते थे और अपने मन का कोई व्यक्ति राजगद्दी पर बिठा सकते थे… पर इस क्षेत्र में डर से कौन प्राणी […]
In youth’s bright glow, we shine so bold, Like a radiant light, strong and gold. Our spirits crave goodness and care, A warm hug, a nation’s love to share. National Youth Day is here today, […]
पूज्य “सद्गुरुदेव अवधेशानन्द सरस्वती” जी ने कहा– “वेदोऽखिलो धर्ममूलं स्मृतिशीले च तद्विदाम्।आचारश्चैव साधूनां आत्मनस्तुष्टिरेव च॥” वेद शब्द “विद्” धातु से बना है, जिसका आशय जानने अर्थात् ज्ञान प्राप्त करने से है। वेद ज्ञान-विज्ञान के अप्रतिम […]
रामजी तो साक्षात परमब्रह्म हैं और उनसे भी बढ़कर तो उनके महामंत्र “नाम” के प्रभाव हैं। जिसे माँ शारदा, वाल्मीकि और महादेव भलीभांति जानते हैं। तो उनके चरित्र कितने अनुपम होंगे, यह सहज ही अनुमान […]
Aditya Tripathi (Assistant Teacher, Basic Shiksha, Hardoi) In a time long forgotten, there existed a land where the seeds of righteousness were sown deep within the hearts of its people. Religion flourished, and its guiding […]
रामभक्त श्रीगोस्वामी तुलसीदास पर साक्षात् वाग्देवी की कृपा थी इसमें कोई भी संशय नहीं। बिरले ही रहे होंगे जिनकी काव्य रचना नें एक ग्रन्थ का रूप लिया हो। श्रीरामचरितमानस जी वास्तव में एक आशीर्वादात्मक ग्रन्थ […]
Dr. Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– In the Chapter 11 Vishwaroop Darshan Yog of Bhagavad Gita, Lord Krishna aims to deepen Arjun’s devotion and spiritual understanding. Here’s a breakdown: Krishna explains His divine power, emphasizing that […]
वट सावित्री व्रत के निहितार्थ:- 1.सत्यवान के अल्पायु होने की बात ज्ञात होने पर पिता की आपत्ति पर सावित्री कहती हैं :-“आर्य कन्याएं अपने पति का एक बार ही वरण करती हैं, राजा एक बार […]
हमारे गांव बरी वाले घर में दो गोई (जोड़ी) यानी कुल चार बैल हुआ करते थे। बड़ी वाली गोई ‘बछौना’ (जब बछवा यानी बच्चा था, तभी खरीदा गया था) और ‘बड़ौना’ (पूंछ थोड़ी छोटी थी) […]
हमारे यहां बैसवारा में चैत्र मास के सोमवार को गृहिणियां धन-धान्य के देवता भगवान जगन्नाथ स्वामी की पूजा करती हैं। इस पूजा में गुझिया, खीर, दही, हलवा-पूरी के अतिरिक्त जौ, गेँहू की सात बालियां तथा […]
भगवान शिव हिन्दू धर्म में सबसे महत्त्वपूर्ण देवताओं में से एक हैं। इनकी गणना त्रिदेवों में की जाती है, यह देवों के भी देव कहे जाते हैं। शिव में परस्पर विरोधी भावों का सामञ्जस्य देखने […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रयाग एक हृदयहारी तीर्थ है। तीर्थ ‘तृ’ धातु का शब्द है, जिसका अर्थ ‘पार करना’ है। इसी धातु के अन्त मे जब ‘थक्’ प्रत्यय जोड़ा जाता है तब ‘तीर्थ’ शब्द […]
उत्तिष्ठ भारत!तुमुल ध्वनि घन गर्जना से रिपु हृदय आक्रान्त कर दोहे अमितविक्रम रण बल अतुल, ध्वज-धर्म उन्नत आज कर दोउठो! रौद्र संग्राम कर दो… ————— उस देश-काल में जब राजनीति-समाज-आध्यात्म के स्तर पर देश आत्मविश्वास […]
Today is Sharad Purnima. This religious festival is celebrated on the full moon day of the Hindu lunar month of Ashvin. The full-moon night is celebrated differently in different cultural regions of the country. On […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– शिक्षक दिवस शुभ हो… बंदउं गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।।अमिअ मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू॥ (मै गुरुवर के कमल के समान कोमल चरण-धूलि की वंदना […]
World famous Baahudaa Yatra or Return Car festival being held in the holy city of Puri, Odisha. The occasion marks the return of Lord Jagannath and His siblings back to Sri Mandir from the Sri Gundicha […]
भगवान शंकर तो औघड़ थे इसलिए कैलाश पर्वत की हाड़ कंपा देने वाली ठंडी और श्मशान के ताप में भी खुश थे। बाघम्बर उनका वस्त्र था और एक शिला उनका शयन कक्ष। वे वहाँ पर […]
The holy city of Odisha, Puri is celebrating the world-famous festival ‘Rath Yatra’ with joy and enthusiasm. All the three chariots reached at Shree Gundicha temple Puri. According to servitors it is for the first […]
विशेष लेख— शोधकर्त्ताओं ने पाया है कि ध्यान का अभ्यास करने वाले प्रकाश से गहरी नींद मे तेजी से पारगमन करते हैं, और उनके इस पारगमन की अवधि जो ध्यान का अभ्यास नहीं करते हैं की तुलना में उम्र […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– निर्विवाद रूप से ईश्वर एक है। इसी सत्य के आधार पर मनुष्य अपनी संस्कृति, धरती, जाति, भाषा और विश्वास (मान्यता) के अनुसार ईश्वर, भगवान, ख़ुदा, अल्लाह, परमात्मा, गॉड आदि अलग-अलग नामो […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’- ओ! वीणापाणि मा, ओ! पुस्तक धारिणि मा। ओ! ज्ञान दायिनी मा, ओ! हंसवाहिनी मा। कर तम का संहार, ज्ञान की ज्योति देती मा। ओ! वीणापाणि मा, ओ! पुस्तक धारिणि मा॥ विद्या की […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’— सारी दुनिया में आतंक का पर्याय माने जाने वाले गजनवी, गौरी, बाबर, ओसामा बिन लादेन और गद्दाफी सरीखे लोगों को भी मुस्लिम आतंकवादी और मानवता का हत्यारा नहीं बल्कि अपना आदर्श […]
भगवान शिव हिन्दू धर्म में सबसे महत्त्वपूर्ण देवताओं में से एक हैं। इनकी गणना त्रिदेवों में की जाती है, यह देवों के भी देव कहे जाते हैं। शिव में परस्पर विरोधी भावों का सामञ्जस्य देखने […]
In an important announcement, the Intergovernmental Committee of UNESCO’s 2003 Convention on Safeguarding of the Intangible Cultural Heritage has inscribed ‘Durga Puja in Kolkata’ on the Representative List of Intangible Cultural Heritage of Humanity during […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय।मृत्योर्मा अमृतम् गमय। ओम शांति शांति शांतिः। हे परमात्मा मुझे असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर तथा मृत्यु से अमरत्व की ओर […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय शुद्ध शब्द है, ‘धनत्रयोदश’, जिसका तद्भव (उससे उत्पन्न) शब्द ‘धनतेरस’ कहलाता है। इस धनत्रयोदशी को भगवान् धन्वन्तरि के साथ सम्बद्ध करके समझा जा सकता है। संस्कृत-भाषा के शब्द ‘धनु’ और […]
कुमार सतीश जी की फेसबुक-वॉल से– खगोलीय विज्ञान में आइंस्टाइन एक बड़ा नाम है.और, आइंस्टाइन के अनुसार इस ब्रह्मांड में सबसे तेज गति प्रकाश की होती है जो कि लगभग 3 लाख (2,99,972) किलोमीटर प्रति […]
भारत द्वारा चलाई जा रही परियोजना ”कंबोडिया में ग्रामीण जलापूर्ति में वृद्धि के लिए 1500 हैंडपंप की आपूर्ति एवं स्थापना” का अंतिम चरण पूरा हो गया है। इसको लेकर सोमवार को एक आभासी कार्यक्रम का […]
हनुमान चालीसा कब लिखा गया क्या आप जानते हैं। नहीं तो जानिये, शायद कुछ ही लोगों को यह पता होगा? पवनपुत्र हनुमान जी की आराधना तो सभी लोग करते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ […]
संकलित- (1) प्रश्न :- मृत्यु न होती तो क्या होता ? उत्तर :- तो बहुत अव्यवस्था होती । पृथ्वी की जनसंख्या बहुत बढ़ जाती । और यहाँ पैर धरने का भी स्थान न होता । […]
Guneet kaur, Lucknow It’s not that people started worshiping Shri Ram after he appeared in the house of King Dasharatha in Awadhpuri. In fact, King Dilip, Kind Raghu and Kind Dasaratha’s father King Aja also […]
ज्ञान का अर्थ है सत्य की अनुभूति करना। ज्ञान प्राप्त होने पर व्यक्ति निर्भय हो जाता है। ज्ञान है तो डर कैसा? ज्ञानी व्यक्ति तो प्रिय अप्रिय सुख दुख इत्यादि भावों से निरपेक्ष होता है। […]
हमारे देश भारत की प्राचीन संस्कृति ही भारतीय संस्कृति कही जाती है। भारतीय संस्कृति हमारे ऋषि मुनियों की संस्कृति है। वेद, पुराण, उपनिषद्, ब्राह्मण ग्रन्थ, स्मृतियां, रामायण, महाभारत, गीता हमारे पौराणिक शास्त्र है जो हमें […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मनसा-वाचा-कर्मणा परिशुद्ध मनुष्य को कोई पसन्द नहीं करता; क्योंकि वह प्रत्येक सत्य को ‘सत्य’ के साथ निर्लिप्त भाव के साथ कहता है; उसके कथन और कर्म में कोई भेद नहीं […]
पवित्र तीर्थ बद्रीनाथ धाम को आध्यात्मिक स्मॉर्ट नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, ओएनजीसी, गेल और श्री बद्रीनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। […]
●भये प्रगट कृपाला दीन दयाला● भगवान श्रीराम विष्णु के सातवें अवतार हैं।इन्हें श्रीरामचन्द्र भगवान के नाम से जाना जाता है।रामायण में वर्णित है कि इनका जन्म अयोध्या में राजा दशरथ जी के घर हुआ था। […]
राजेश पुरोहित, भवानीमंडी माँ दुर्गा का नवम् दिव्य रूप माँ सिद्धिदात्री का है। माता सिद्धिदात्री भगवान विष्णु की अर्धांगिनी है। यह देवी सिद्धियों को देती है इसलिते सिद्धिदात्री कहलाती है।इनकी पूजा आराधना से व्यक्ति को […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नीचे दिये गये चित्र को ध्यानपूर्वक देखें। कालिमा और कालुष्यमय रूप प्रयागराज-स्थित गङ्गानदी-जल का दिख रहा है। कितना विकृत और विवर्ण हो चुका है! गङ्गा के मौलिक जल से इतर […]
भोजपुरी गीतों में शिव तथा पार्वती के विवाह सम्बन्धी अनेक गीत मिलते हैं, जिनमे शिव के विलक्षण रूप, विचित्र बारात आदि का वर्णन किया गया है। शिव बारात में उनकी विभत्साकृति को देख पार्वती की […]
तब –श्रीकृष्ण ने द्रौपदी से कहा अभी मेरे साथ चलो – श्रीकृष्ण द्रौपदी को लेकर सीधे भीष्म पितामह के शिविर में पहुँच गए – शिविर के बाहर खड़े होकर उन्होंने द्रोपदी से कहा कि – […]
साभार : मुक्त मीडिया – 12 बातें जो हर सनातन धर्म अनुयायी को याद रखनी चाहिए । क्या भगवान राम या भगवान कृष्ण कभी इंग्लैंड के house of lord के सदस्य रहे थे ? नहीं […]
सङ्कलित : शतरुद्रिय रुद्राष्टाध्यायीका मुख्य भाग है। शतरुद्रियका माहात्म्य रुद्राष्टाध्यायीका ही माहात्म्य है। मुख्यरूपसे रुद्राष्टाध्यायीका पञ्चम अध्याय शतरुद्रिय कहलाता है। इसमें भगवान् रुद्रके शताधिक नामोंद्वारा उन्हें नमस्कार किया गया है। ‘शतं रुद्रा देवता अस्येति शतरुद्रीयमुच्यते […]
● मनकामेश्वर मन्दिर में बेटियो के लिए किया गया पूजन लखनऊ। माघ कृष्ण पक्ष चतुर्थी को होने वाला गणेश चतुर्थी सकट व्रत का बहुत महत्व है। जहां एक ओर पूरे शहर में माताओं ने पुत्रों […]
साभार, सोशल मीडिया (स्रोत अज्ञात) : हिन्दू धर्म में प्रत्येक मांगलिक कार्य के अवसर पर शंख बजाना अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। साथ ही इसके अनेक वैज्ञानिक लाभ भी हैं, जो शंख बजाने […]
———0 चिन्तन के आयाम 0 ——- —- आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यह विडम्बना ही है कि अद्वैतवादी सिद्धान्त और अभेदमूलक विचार की जन्मभूमि में ही आरम्भ से भेदमूलक समाज रहा है। यहाँ सिद्धान्त और व्यवहार […]
● चिन्तन-अनुचिन्तन के आयाम ● — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय किसी भी विषय में किसी के साथ ‘लिपिर-लिपिर’ नहीं की जाती है। सहजतापूर्वक जब तक पारस्परिक सहमति बनी रहे तब तक एक-दूसरे के साथ ईमानदारी […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हृदय में जब न ‘हर्ष’ हो और न ही ‘विषाद’ तब की स्थिति ‘आनन्द’ है। ऐसी मनोदशा ‘स्थितिप्रज्ञ’ की कोटि के अन्तर्गत रेखांकित होती है। एक वास्तविक संन्यासी (कदाचित् यत्र-तत्र […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मनसा-वाचा-कर्मणा सुदृढ़ मानसवाला मनुष्य हर किसी को रास नहीं आता; क्योंकि वह प्रत्येक सत्य को ‘सत्य’ के साथ निर्लिप्त भाव के साथ कहता है; उसके कथन और कर्म में कोई […]
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– Scholars Of Hinduism point to the inconsistencies and have questioned the authenticity of verses, and the extent to which verses were changed, inserted or interpolated into the original, at a later […]
पितामह भृगु द्वारा सम्पन्न नामकरण संस्कार के अंतर्गत राम जमदाग्नि का पुत्र होने के कारण जामदग्न्य और शिव द्वारा प्रदत्त परशु धारण किये रहने के कारण वे परशुराम नाम से प्रसिद्ध हुए। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा […]
महेन्द्र नाथ महर्षि (से.नि. वरिष्ठ अधिकारी दूरदर्शन)- कभी नहीं सोचा होगा कि बुराई की भी ‘धूम’ मच सकती है। कभी उम्मीद की है कि एक रोगाणु आएगा और संगीत का अंतरराष्ट्रीय विषय बन कर विभिन्न […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘प्रयाग’ शब्द की निष्पत्ति ‘यज्’ धातु से होती है; ‘प्र’ उपसर्ग प्रकृष्ट, श्रेष्ठ, उत्कृष्ट का बोधक है, जबकि ‘याग’ शब्द ‘यज्ञवाची’ है। अनुपम तीर्थस्थान प्रयाग के पक्ष में हमारे सनातन पौराणिक ग्रन्थ […]
आधुनिक हिन्दू चेतना के युगसृष्टा, महात्मा, वेदान्त दर्शन के महाप्राण, धर्म विज्ञानी, भारतीय ज्ञान की प्रतिमूर्ति, अजस्र प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानन्द की जन्मतिथि (राष्ट्रीय युवा दिवस) पर देवतुल्य श्री चरणों में कोटिशः प्रणाम । स्वामी […]
रामू बाजपेयी– मुड़रामऊ (हरदोई)- हरदोई जिले के मुड़रामऊ गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिवस कथा व्यास सन्तोष कुमार मिश्रा ने महाभारत का प्रसंग सुनाया । जिसे सुनकर वहाँ पर मौजूद भक्त आनन्द […]
अंकित सक्सेना बदायूँ महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखा और पूरे दिन अपने पति की लंबी आयु के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। शहर में लगभग 8:45 बजे चांद निकल आया था जिसके बाद […]
रावण का अर्थ है, ‘जो सम्पूर्ण लोक को रुला दे’, जो आज भी प्रासंगिक है। आज का रावण सम्पूर्ण भारतवासियों को रुला रहा है और हमारी आहें उसकी ‘अहम्मन्यता के घड़े’ में भरती जा रही […]
समीक्षक, नवरात्रि का पर्व हर वर्ष नौ दिन तक मनाया जाता है। इन नो रातों में शक्ति या देवी की विशेष पूजा की जाती है। दसवें दिन विजयादशमी मनाई जाती है। नवरात्रि वर्ष में चार […]
भवानीमंडी:- यथार्थ गीता के प्रणेता स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज ने कहा है कि भगवान का भजन किये बिना मनुष्य का कल्याण नहीं होने वाला। भजन किसी एक शब्द के रूप में भी हो सकता है। […]
संदर्भ:- गणेश-चतुर्थी, 2 सितम्बर शिवपुराण के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी को हम प्रतिवर्ष गणेश जी का जन्म दिन ,गणेश चतुर्थी के रूप में मनाते हैं। गणेश पुराण के अनुसार गणेशावतार का अर्थ […]
रक्षा बंधन-१५ अगस्त,२०१९ सभी बहनों को धन्यवाद ! इस पर्व के दो मुख्य पक्ष हैं। एक पौराणिक और दूसरा ऐतिहासिक। पौराणिक में पहला कृष्ण का युधिष्ठिर को दिया वह संदेश जिसमें उन्हें प्रजापालक होने के […]
सेठ के लड़के की बचाई थी फांसी । प्रत्येक दिन बदलता है शिवलिंग का आकार । रामू बाजपेयी- हरदोई जिले के बावन ब्लाक में स्थित संकटहरण शिव मंदिर अपने आप मे एक खास महत्व रखता […]
गोस्वामी तुलसीदास-जन्मतिथि-समारोह सम्पन्न । “गोस्वामी तुलसीदास ने मध्ययुगीन भारत की सम्पूर्ण चेतना को काव्यमय वाणी दी है। तुलसी से पूर्ववर्ती दार्शनिक विचारधाराओं और सम्प्रदायों के परस्पर विरोध का कारण मात्र सैद्धान्तिक नहीं था, अपितु वास्तविकता […]
राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”, प्रधान संपादक, समाचार संगम भीड़ लगी है। लोग संत के भेष बनाकर जनता को ठग रहे हैं। नकली गुरु आये दिन पकड़ में आ रहे गया। उनका पर्दाफाश हो रहा है। इसलिए […]
राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ योगाचार्य व कवि/साहित्यकार श्रोतादि इन्द्रियों को रूप, रस, शब्दादि विषयों से समेटकर मन को प्रकृति से परे परम तत्व परमात्मा की ओर प्रेरित करना प्राणायाम है। वृति का एकाकार होना ही […]
रामू बाजपेयी- असलापुर(हरदोई)-लोनार थाना क्षेत्र के ग्राम असलापुर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ 1 जून को हुआ तथा 9 जून तक चलेगी। कथा के सप्तम दिवस पर कथा व्यास अनूप ठाकुर […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ ठकुरीखेड़ा नयागांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक पूज्य आचार्य श्रद्धेय अनिल शास्त्री जी ने महाभारत के उत्तरार्ध में वर्णित राजा परीक्षित को दिए गए शाप से सम्बन्धित पाप […]