कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

आम आदमी पार्टी मुद्रा की नहीं, जनता के मुद्दों की राजनीति करती है : राम गुप्त

January 4, 2022 0

“आमआदमीपार्टी मुद्रा की नही,जनता के मुद्दों की राजनीति करती है” ..! आओ मिलकर इस बार उत्तरप्रदेश में भी केजरीवाल की सरकार बनायें। क्योंकि,उत्तरप्रदेश में आमआदमीपार्टी की सरकार बनने पर शिक्षा बजट अप्रत्याशित रूप से जब […]

जितना भी धिक्कारा जाये, कम है

January 1, 2022 0

● भगदड़ मे मरनेवाले भी कम दोषी नहीं ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष २०२१ को पुरातन की गोद मे बैठाकर नूतन वर्ष २०२२ इधर अपना आसन ग्रहण करता है उधर कोविड-कोरोना को नज़र-अन्दाज़ करते […]

“डंके की चोट पे” अब दो हज़ार बाईसवाँ वर्ष जीना है

December 31, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पौने तेरह महीने तू-तू, मै-मै और न जाने क्या-क्या लोग करते रहे हैं और जैसे-जैसे तेरहवें महीने के गर्भ से दो हज़ार बाईसवाँ फुदकने की तैयारी मे है; लोग शिकवा-शिकायत-गिला […]

अभय कांग्रेस : समता, शहादत और संघर्ष के 137 साल की विरासत का सिंहावलोकन

December 28, 2021 0

1857 क्रांति की ‘राष्ट्रीयता’ की भावना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रही। विफलता के बावजूद 1857 का विद्रोह भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की विरासत का मूलाधार बना। इसकी विरासत को कभी समाप्त नहीं किया जा सका। […]

अशिक्षा, बेरोजगारी, असुविधा व असुरक्षा का तांडव जारी

December 17, 2021 0

अशिक्षा, बेरोजगारी, असुविधा व असुरक्षा का तांडव जारी ..!देश के मुखिया ने किया भ्रष्ट व्यवस्था का झण्डा ऊंचा सरकारी ..!! मौजूदा देश-प्रदेश की 75 वर्षीय भाजपाई व कांग्रेसी सरकारें टैक्स के पैसों (सरकारी खज़ाना) से […]

आम जनता की झाड़ू चलना तय : राम गुप्त

December 16, 2021 0

हर घर मिलेगा गारंटीड रोजगार,जब बनाएँगे “आप” की सरकार..!! जबतक युवा पीढ़ी मौजूदा राजनैतिक विवेकहीनता का स्थाई विकल्प नही बनेगी-बनाएगी, तब तक संसद, विधानसभाओं में वह सब होता रहेगा जो अमर्यादित है, अन्यायजनित है, असंवैधानिक […]

राजनीति और शुचितावाद

December 15, 2021 0

देश की लगभग क्रीम आबादी वाले सभी शहरों की दुर्दशा पिछले 7 सालों में बद से बदतर हो चुकी है।ग्रामीण एरिया की दुर्दशा तो बयान करने लायक ही नही है।क्योंकि मौजूदा केंद्रीय नेतृत्व के पास […]

मौजूदा शासन-सत्ता की नीयत साफ़ नहीं

December 13, 2021 0

देश की कुल आबादी लगभग 140 करोड़ है।प्रत्येक वर्ष लगभग प्रति व्यक्ति से उनकी नौकरी/रोजगार की आय से व रोजमर्रा में उपभोग की जाने वाली वस्तुओं को खरीदने/बेंचने पर अनुमानतः एवरेज ₹10000 का प्रत्यक्ष व […]

स्वार्थलिप्सा, राजनीति ही नहीं वरन सामाजिक जीवन को भी दंश दे रही है

December 13, 2021 0

मौजूदा धूर्त कुराजनीति के ‘निजी स्वार्थ’ से शायद ही कोई अछूता हो!फिर भी जिन्हें लगता है वे नही हैं, उनके लिए ये आर्टिकल अतिमहत्त्वपूर्ण है। अवश्य पढ़ें; निजी स्वार्थलिप्सा का सबसे महत्त्वपूर्ण कारण है “अवरीयता” […]

कूटनीति द्वारा बनाये हुए गुलाम या न्यायनीति द्वारा आजाद हुए मनुष्य!

December 12, 2021 0

प्राचीनकाल में राजनीति में पाँच कूटनीति प्रशस्त थी।जो बाहरी दुर्जनों या अपराधियों को काबू में करने के लिये प्रयोग की जाती थी।साम, छल, दंड, दान, भेद को ही पाँच कूटनीति (प्रपंच) नाम से भी जाना […]

समाज या राष्ट्र में धार्मिक सह-अस्तित्व उत्पन्न करने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि धर्म तो केवल एक होता है

December 10, 2021 0

आज अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर आधारित विशेष आर्टिकल “सत्यात्मक न्याय” ही मानवी समाज व मानवी राष्ट्र का एकमात्र धर्म है। संसार मे कोई भी मनुष्य ऐसा नहीं है जो अपने लिए न्याय न चाहता हो। […]

हमारी ‘भक्ति’ चन्दन के टीके से साबित होती है, महामारी के टीके से नहीं

December 7, 2021 0

—-सन्त समीर (प्राकृतिकचिकित्सा विशेषज्ञ व वरिष्ठ पत्रकार) ओमिक्रॉन से जिन्हें आतङ्कित रहना हो, रहें, हमारे जैसे लोग के लिए इसका कुछ ख़ास अर्थ नहीं है। असल तो यह कि भारत में स्वाभाविक सङ्क्रमण जितना हो […]

सनातन धर्मानुसार मनुष्यों में न्याय की प्रवृत्ति का परिचय

November 27, 2021 0

जो अन्याय करता है, और कभी नहीं चाहता की न्याय हो, उसे निषाद कहते हैं।उसे अन्त्यज कहते हैं।उसे बहिष्कृत्य और परित्यज्य कहते हैं।उसे अस्पृश्य कहते हैं।उसे अछूत कहते हैं।उसे असामाजिक तत्त्व कहते हैं।उसे असभ्य कहते […]

पूरे 9 साल बाद “आप” यहाँ और वो कहाँ ..?

November 26, 2021 0

पूरा आर्टिकल अवश्य पढ़ें… ज्ञान के बिना धर्म अंधा है।कर्म के बिना लूला-लँगड़ा तथा भक्ति के बिना निष्प्राण होता है।वही व्यक्ति पूर्णतया धार्मिक है जिसके जीवन मे इन तीनों का ही समग्र विकास होता है।🌷महाराजा […]

औरत के नाम पर कलंक!

November 17, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अभी कुछ दिनों-पूर्व गर्हित-कुत्सित-कलुषित-संदूषित- विकृत-बीभत्स-सी लगने-दिखनेवाली एक संस्कारविहीन औरत ने हमारे उन सेनानियों और विभूतियों के त्याग- बलिदान का घोर अनादर करते हुए, ऐसा कुविचार सार्वजनिक किया था, जिनके अथक […]

“मेरी एक जेब में ‘ब्राह्मण’ हैं और एक जेब में बनिया हैं”– मुरलीधर राव (मध्यप्रदेश भा० ज० पा०-प्रभारी)

November 9, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आपको यहाँ जो पहला चित्र दिख रहा है, उसका नाम ‘मुरलीधर राव’ है। इसका चेहरा देखिए; कितना बीभत्स दिख रहा है! ‘म्लेच्छ’ लग रहा है! इसका नाम ‘मुरलीधर राव’ है। […]

अरुणाचलप्रदेश में चीन की घुसपैठ जारी; मोदी-सरकार अब भी बेहोश!

November 8, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ कहती है– हम चीन को एक इंच ज़मीन लेने नहीं देंगे; किन्तु उसी चीन ने भारत की सीमा में घुसकर साढ़े चार सौ किलोमीटर का क्षेत्र […]

नियमत: भारत अब भी ग़ुलाम है

October 27, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● क्या आपको मालूम है, भारत की स्वतन्त्रता वर्ष २०४६ में समाप्त हो जायेगी?● ‘सत्ता के हस्तान्तरण का समझौता’ के अन्तर्गत भारत को ९९ वर्षों के लिए गोपनीय ढंग से […]

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