संजय सिंह, सांसद, आप ने पेयजल एवं स्वच्छता मिशन पर उठाए सवाल! | IV24 News | Lucknow

मेरे-जैसा ‘दुर्गुण’ हो तभी हाथ मिलाइए

September 24, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रत्येक युग में समाज विभाजित रहा है; क्योंकि वह कर्म के धरातल पर संकुचित और क्षुद्र स्वार्थ-साधना करता आया है और उस कुत्सित सिद्धि के लिए स्वानुकूल नियम की रचना […]

‘हिन्दू-हिन्दुत्व’ की कुत्सित राजनीति करनेवाले नरेन्द्र मोदी ने हिन्दुओं के लिए क्या किया?

September 19, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देशवासी इस विषय पर गम्भीरतापूर्वक विचार करें :– नरेन्द्र मोदी वर्ष २०१४ में चुनाव-पूर्व देश की जनता को दिखाये मीठे सपनों को अपने निर्धारित कार्यकाल में पूरा न कर सकेे […]

देश के सभी कोचिंग-संस्थानों को बन्द कराया जाये

September 17, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रतिवर्ष ‘नीट’ तथा राज्य-स्तरीय लगभग समस्त प्रतियोगितात्मक परीक्षाओं में ‘सॉल्वर गैंग’ पकड़े जाते हैं; किन्तु ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ तथा राज्य-सरकारें हाथ-पर-हाथ धरे बैठी हुई हैं। कोचिंग-संस्थान के कर्त्ता-धर्त्ता ‘पेपर […]

मुझे पता है! क्या आपको यह बात पता चली? यदि नहीं तो क्यों?

September 17, 2021 0

इंसान का इंसान से हो भाईचारा।यही पैगाम हमारा, यही पैगाम हमारा।।और इस भाईचारे का न्यायोचित उपाय है- “शिक्षा और रोजगार”।अर्थात्-1● समाज में 25 वर्ष की आयु तक प्रत्येक नागरिक को मानवीय पात्रता के विकास हेतु […]

निजी स्वार्थलिप्सा का सबसे महत्त्वपूर्ण कारण है “अवरीयता”

September 12, 2021 0

मौजूदा धूर्त कुराजनीति के “निजी स्वार्थ” से शायद ही कोई अछूता हो! फिर भी जिन्हें लगता है वे नही हैं तो उनके लिए ये आर्टिकल अतिमहत्त्वपूर्ण है।अवश्य पढ़ें ; निजी स्वार्थलिप्सा का सबसे महत्वपूर्ण कारण […]

नरेन्द्र मोदी ने देश को महँगाई की आग में झोंका!..?

September 1, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ ने अपनी बेहद घटिया आर्थिक नीति को लागू कर, जनसामान्य की कमर तोड़ कर रख दी है; क्योंकि वह पिछले सात वर्षों से इस भ्रम को […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश-

September 1, 2021 0

मनुष्य यदि आत्मानुशासित नहीं है तो उसे ‘आत्मचिन्तन’ का आश्रय लेना होता है, अन्यथा वह एक ‘रिक्त पात्र’ की तरह से ‘सार्वकालिक वस्तु’ बनकर रह जाता है। अनुशासन का चरित्र वैषम्य (विषमता) से परे का […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

August 31, 2021 0

मनुष्य का एक वर्ग ऐसा है, जो योग और योगदान विषय पर प्रवचन तो करता है; परन्तु आचरणस्तर पर जब योगदान करने (यहाँ ‘देने’ अशुद्ध है।) का विषय आता है तब कुतर्क की क्षणिक स्थापना […]

करनाल (हरियाणा) का एस० डी० एम० आयुष सिनहा ‘जनरल डायर’ बनना चाहता है

August 30, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••यह वही आयुष सिनहा है, जिसने २८ अगस्त को हरियाणा में अपने अधिकार के लिए आन्दोलन कर रहे किसानों को लाठियों से मार-मार सिर तोड़ देने के लिए पुलिसबल को आदेश […]

शिक्षा और शिक्षक

August 29, 2021 0

शिक्षा मनुष्य को सुसंस्कारित व चरित्रवान बनाती है। शिक्षा आत्मसाक्षात्कार है जो आत्मा का दिग्दर्शन करा देती है।जो व्यक्ति विद्यार्थियों को विद्यालयों में पढ़ाते हैं वे शिक्षक कहलाते हैं। शिक्षक का कार्य है शिक्षा देना। […]

कोरोना कोई महामारी नहीं, इसे सुनियोजित तरीक़े से महामारी बनाया गया

August 24, 2021 0

● सन्त समीर (प्राकृतिक चिकित्सापद्धति के जानकार एवं वरिष्ठ पत्रकार आयुष मन्त्रालय और साथ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ नेचुरोपैथी ने एक ऐसी हरकत की है, जिससे यह साबित हो गया है कि हमारे जैसे लोग […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

August 23, 2021 0

यदि मनुष्य अपने लिए ही जीवन जी रहा होता है; सभी अच्छी बातें और अच्छे परिणाम उसी के पक्ष में ही दिखें, ऐसा सोच विकसित कर रहा होता है; सामनेवाले को अपनी बातों और सम्मोहक […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

August 22, 2021 0

मनुष्य को किसी भी स्थिति-परिस्थिति में धैर्य शिथिल करने की आवश्यकता नहीं है; क्योंकि ‘धैर्य’ से श्रेयस्कर (कल्याणकर) कोई मित्र नहीं होता; वही धर्म (कर्त्तव्य) के साथ (‘से’ का प्रयोग अशुद्ध है।) सम्बद्ध करने में […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

August 21, 2021 0

मनुष्य का जीवन जीवधारी के कठोर साधना और सत्कर्म के परिणामस्वरूप प्राप्त होता है, जिसे ‘सर्वोत्तम योनि’ की संज्ञा प्राप्त है। ऐसे में, यदि मनुष्य साधनारहित होकर प्रतिकूल आचरण करता रहता है तो उसका संचित […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

August 18, 2021 0

कौन कहता है, शब्द में शक्ति नहीं होती? शब्द वह अपराजेय शक्ति है,जो पाषाण हृदय को भी ‘मोम-सदृश’/मोम के समान (‘सदृश्य’ अशुद्ध शब्द है; शुद्ध शब्द ‘सादृश्य’ है, जो ‘समानता’ के अर्थ में व्यवहृत होता […]

तिरंगा हमारी शान है-भारत का अभिमान है

August 15, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के एक महत्त्वपूर्ण तन्त्र ने मुझसे सम्पर्क किया था और ‘अमर रहे’, ‘ज़िन्दाबाद’ आदिक परम्परागत उद्घोष से अलग हटकर उद्घोष-रचना करने के लिए आग्रह किया था, जिसे व्यापक स्तर […]

समभाव के प्रतीक अमर क्रांतिकारी उधम सिंह

August 1, 2021 0

वे देश मे समभाव के प्रतीक थे। इसलिए उन्होंने अपना नाम बदलकर राम मोहम्मद सिंह आजाद रख लिया था जो भारत के 3 प्रमुख धर्मो का प्रतीक है। राम-हिन्दू,मोहम्मद-मुस्लिम,सिंह-सिख। 1919 में उधम सिंह ने अनाथालय […]

मानव मूल्यों की महत्ता

July 31, 2021 0

मानव सृष्टि का सबसे खूबसूरत विकसित मस्तिष्क वाला जीव ईश्वर की अनमोल कृति है। जो सोचता है बोलता है गति करता है नित नये विकास की ओर बढ़ता हैं। वह परिश्रम कर सफलता प्राप्त करता […]

मानसून-सत्र में विपक्षी दलों की नकारात्मक भूमिका

July 22, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय संसद् का मानसून-सत्र केवल हंगामा के कारण व्यर्थ होता जा रहा है। यही कारण है कि विपक्षी दलों का विरोध केवल ‘विरोध’ के लिए दिख रहा है। होना यह चाहिए […]

उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ ने काँवड़ियों को ‘कोरोना-रोग’ फैलाने के लिए तैयार किया

July 14, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री की काँवड़ियों के लिए काँवरयात्रा निकालने की अनुमति देने की अवसरवादी नीति से देश में कोरोना-संक्रमण का बढ़ना निश्चित है। मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ ने काँवड़ियों के यात्रा के […]

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