डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में जानिए वाक्य-विन्यास

July 16, 2019 0

आज ‘गुरु पूर्णिमा’ है। ★ आषाढ़-मास की ‘पूर्णिमा’ को ‘गुरु पूर्णिमा’ की संज्ञा दी गयी है। इस सारस्वत पर्व पर ‘गुरुस्मरण’ का विधान है। ● डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला हिन्दी-व्याकरण का नियम वाक्य-विन्यास :- […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में भाषा-विमर्श

June 27, 2019 0

लिपि : जिस प्रकार भाषा की उत्पत्ति कब से हुई है, इसका कोई सर्वमान्य उत्तर अब तक प्राप्त नहीं हो सका है उसी प्रकार लिपि की व्युत्पत्ति का प्रश्न मात्र ‘प्रश्न’ बनकर रह गया है। […]

‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत डॉ. पृथ्वीनाथ पाण्डेय से पूछें शब्दार्थ

June 18, 2019 0

‘दैनिक जागरण’ की ‘शनिवासरीय’ प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ में हम ‘दो शब्दों’ पर सम्यक् रूपेण विचार करते हैं और अन्त में उन शब्दों के प्रति अपनी पाठक-पाठिकाओं को जागरूक करते हैं, जो अनभिज्ञता के कारण […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में वाक्य-संरचना में ‘पूर्ण विराम’ का महत्त्व समझें और मनोरंजन करें

June 18, 2019 0

यह घटना बलिया ज़िले की है। गाँव ‘सुखपुरा’ है। एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला मुझसे मिली थी। वह अर्द्ध-शिक्षिता थी। उसका पति झारखण्ड में कोयलरी (कोयला-कारख़ाना) में काम करता था। वह महिला अपने पति […]

शब्द-चिन्तन

June 4, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- शब्द परा है तो अपरा भी; शब्द ज्योति है तो तिमिर भी; शब्द स्थूल है तो सूक्ष्म भी; शब्द नूतन है तो पुरातन भी; शब्द रुदन है तो हास भी; शब्द सौम्य […]

जो भी भाषा-शुचिता का पक्षधर नहीं, ‘अपना मार्ग’ अलग कर ले

May 27, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- जो भी व्यक्ति इस विषय का पक्षधर है कि उसके लिए ‘भाषा-शुचिता’ से अधिक ‘मात्र सम्प्रेषणीयता’ का महत्त्व है, ऐसे लोग मेरी मैत्री-सूची से स्वयं को ‘सदैव’ के लिए पृथक् कर लें; […]

बाधाओं से लड़िए और इन्हें छिन्न-भिन्न करिए

April 27, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ सद्कर्म की राह बड़ी ही कठिन है । मानवता के मार्ग में अनेक कंटीली झाड़ियाँ हैं । सत्य-मार्ग पर जब आप चलेंगे तो कंटक रूपी बाधाओं से दो चार होना ही […]

नकारात्मक विचारों से जूझता मन

April 6, 2019 0

अभिषेक कांत पाण्डेय (लेखक/पत्रकार, मध्यप्रदेश) सकारात्मक सोच जीवन में रंग भरता है, वहीं नकारात्मक सोच जीवन में निराशा उत्पन्न करता है। क्या आपने कभी सोचा कि मन में सबसे अधिक नकारात्मक सोच क्यों आता है। […]

जन्मदिन पर विशेष : देश के ख्यातिप्राप्त कवि, लेखक माखनलाल चतुर्वेदी

April 4, 2019 0

ये कलरव कण्ठ सुहाने लगते हैं संदर्भ:- जन्मतिथि-, 4 अप्रैल राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” कवि, साहित्यकार- “मुझे तोड़ लेना वनमाली उस पथ पर देना तुम फेंक मातृभूमि पर शीश चढ़ाने जिस पथ जावे वीर अनेक […]

दोहा छन्द अभ्यास की पाठशाला है शिवेतरक्षिति मंच:- राजेश पुरोहित

January 19, 2019 0

कवियों को दोहा विज्ञ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा । भवानीमंडी:- (राजेश पुरोहित) शिवेतरक्षिति दोहा सृजन मंच सम्बन्धता साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली, राम सनेही घाट बाराबंकी उत्तर प्रदेश का साहित्यिक मंच है। मंच की […]

ग्रामविकास-अधिकारी परीक्षा के प्रश्नपत्रों में लज्जाजनक अशुद्धियाँ!

December 27, 2018 0

◆ प्रश्नपत्र बनानेवाले ‘प्रधानाध्यापक’, ‘लौकिक’, ‘द्विगु’, ‘कपड़ा’ आदिक नहीं लिख सके डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय २२ दिसम्बर-२३ दिसम्बर, २०१८ ई० को ‘ग्रामविकास-अधिकारी’ की परीक्षाएँ हुई थीं, जिनके सभी ‘सेट कोड’ और ‘परीक्षा पुस्तक सीरीज़’ में बड़ी […]

शहीद उधम सिंह का आज जन्मदिन, इस अमर शहीद को शत-शत नमन

December 26, 2018 0

शहीद उधम सिंह का आज जन्मदिन है | भारत की आज़ादी की लड़ाई में पंजाब के प्रमुख क्रान्तिकारी सरदार उधम सिंह का नाम अमर है। आम धारणा है कि उन्होने जालियाँवाला बाग हत्याकांड के उत्तरदायी […]

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ‘हिन्दी हैं हम’ के कुशल प्रवक्ता थे : डॉ० पृथ्वी नाथ पाण्डेय

December 22, 2018 0

●आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी का पुण्यतिथि-समारोह सम्पन्न “भाषा की दृष्टि से आचार्य द्विवेदी एक विलक्षण साधक थे। वे सरल और सुबोध भाषा के पक्षधर थे। गूढ़ विषयों के निदर्शन में उनकी भाषा संयत और आचार्यत्व […]

‘उत्तरप्रदेश उच्चतर शिक्षा आयोग’, इलाहाबाद की अकर्मण्यता सामने आयी : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

December 20, 2018 0

‘असिस्टेण्ट प्रोफेसर-परीक्षा’ के लिए प्रश्नपत्र बनानेवाले ‘लिए’, ‘मस्तिष्क’, ‘प्रस्तुतीकरण’, ‘प्रवृत्ति’, ‘वैयक्तिक’ आदिक शब्द नहीं लिख सके?.. ! भाषाविद्-समीक्षक डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने प्रश्नपत्र बनानेवालों की योग्यता पर प्रश्न उठाया है । डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने […]

क्या बिस्मिल, अशफ़ाक और रोशन याद हैं ?

December 19, 2018 0

 दोस्तों १९ दिसम्बर अमर सेनानी पण्डितराम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक़उल्ला खान वारसी ‘हसरत’ और ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान दिवस है | इन्हें १९२७ को गोरखपुर में फांसी दे दी गयी थी । ये तीनों ही […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 14, 2018 0

यहाँ पृथक् प्रकार के तीन वाक्य दिये गये हैं, जो दोषपूर्ण हैं। वे दोष कई प्रकार के हैं। वाक्य की प्रकृति को समझते हुए, हमने उन सभी दोषों पर सांगोपांग विचार करते हुए, उनका दोषमुक्त […]

साहित्य संगम संस्थान की छंदेष्टि का राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के करकमलों से हुआ प्रसारण

November 15, 2018 0

भवानीमंडी:- छंदेष्टि साहित्य संगम संस्थान की ई मासिक पत्रिका के बारह्वें अंक का प्रसारण राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आ०राजेश पुरोहित के करकमलों हुआ । इस अंक में विविध छंदों का संकलन किया गया है । ये […]

उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग ने खड़ा किया ‘भयंकर अशुद्धियों’ का पहाड़!

November 1, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) दशकों से उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग की अयोग्यता उसका पीछा नहीं छोड़ रही है। इस आयोग की ओर से जितनी भी परीक्षाएँ आयोजित की जा रही हैं, सभी में प्रश्नपत्र तैयार करनेवाले […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ◆ ‘अल्ला-अल्लाह’ को समझें :–

October 19, 2018 0

‘शब्द’ आप्त (प्रामाणिक, निष्णात)मनुष्य-द्वारा व्यक्त ज्ञान है। विज्ञ और पाठक-वर्ग को किसी भी ‘गर्हित मानव-कृत धर्म’ से स्वयं को पृथक् कर, ‘शब्द-संस्कार’ संवर्धन करने की सामर्थ्य अर्जित करनी चाहिए और अपने लोक में शब्द-संधान करना […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में अभारतीय (विदेशज) समध्वनिमूलक शब्द

October 13, 2018 0

यहाँ उन शब्दों के शुद्ध वर्तनी और शब्दार्थ दिये गये हैं, जिनका हमारा प्रबुद्ध-वर्ग अपने वाचन और लेखन में प्रयोग करता है। ऐसे शब्दों को हिन्दी ने आत्मसात कर लिया है। आप उन शब्दों पर […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 11, 2018 0

★ निम्नांकित शब्दों में से कोई एक शब्द ही शुद्ध है। आप शब्दों को व्याकरण की कसौटी पर कसते हुए, शुद्ध शब्द बताइए :– १- (क) अन्तेवासी (ख) अन्तःवासी (ग) अन्तवासी (घ) अन्ते:वासी २- (क) […]

विचारणीय विषय : छन्द-विधान पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है

October 8, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘छन्द-विधान’ पर अब नये सिरे से विचार करने की आवश्यकता है; क्योंकि कवि-कवयित्रियाँ ‘वर्तनी-अशुद्धि’ को प्रश्रय देते हुए, स्वेच्छाचारिता का परिचय देती आ रही हैं। अधिकतर सर्जक अपनी सुविधानुसार ‘लघु’ और ‘दीर्घ’ […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें

October 2, 2018 0

★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें :—- साहित्येत्तर, विवाहेत्तर, पाठ्येत्तर, संग्रहित, गणमान्य, ख्याल, सूनसान, अनुग्रहित, बहुत बेहतर, सबसे बेहतरीन, बावजूद भी, अत्यन्त ही, प्राणप्रण, आद्यान्त, प्रवाहमान, सेवा-सुश्रूषा, शोधछात्र, विद्वतजनों, समर्थवान, गुणीजनों, कार्यकत्री। ★ शुद्ध शब्द :– साहित्येतर, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

September 28, 2018 0

★ हमारे महान् साहित्यकार, समीक्षक, कवि-कवयित्री, शायर इत्यादिक बहुत गर्व के साथ मंचों के माध्यम से कहते हैं :—– ० मैंने अभी-अभी एक ताज़ी कहानी लिखी है। ० मैं एक ताज़ी ग़ज़ल पेश करती हूँ। […]

मेहनत से खुलते हैं प्रगति के द्वार

September 23, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ शिक्षक, साहित्यकार मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। ये पंक्तियां व्यक्ति को मेहनती बनाती है। मेहनत से ही सफलता मिलती है। मेहनत करने से ही किसी व्यक्ति जाति या […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला’

September 18, 2018 0

◆ ऊपर दिये गये ‘चित्र’ को गम्भीरतापूर्वक देखें।   ‘रेलमन्त्रालय’ का अज्ञान; ‘रेलविभाग’ की मूढ़ता या फिर ‘वाराणसी विकास प्राधिकरण’ का प्रमाद कहा जाये– न हिन्दी का संज्ञान और न ही अँगरेजी का बोध! ★ […]

आधुनिक भारत के निर्माता:-भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया

September 12, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”  15 सितम्बर (अभियन्ता दिवस) भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया एक प्रख्यात इंजीनियर व राजनेता थे। इनका जन्म 15 सितम्बर 1860 को चिक्काबल्लापुर कोलार कर्नाटक में हुआ था। उन्होनें आधुनिक भारत निर्माण में […]

योग की वास्तविक व्याख्या

September 3, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” (योग गुरु, कवि, साहित्यकार) योग शब्द संस्कृत धातु “युज” से निकला है जिसका अर्थ है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का आत्मा से मिलन। योग भारीय ज्ञान की एक पुरानी एक शैली है। […]

सफलता का राज़ क्या है ?

August 31, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ (भवानीमण्डी)- संसार का प्रत्येक मनुष्य जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहता है। सफलता प्राप्त करने के लिए मनुष्य कठिन परिश्रम करता है। कृषक रात दिन खेतों में पसीना बहाता है। तब […]

कु० मंजू वर्मा बनाम श्रीमती मंजू वर्मा

August 8, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यहाँ ‘ए०बी०पी० न्यूज़ समाचार-चैनल’ की ओर से बेचारी मंजू वर्मा को (शुद्ध शब्द ‘मंजु’), जो बिहार की ‘समाज-कल्याणमन्त्री’ हैं, और चन्द्रेश्वर वर्मा की पत्नी हैं, को श्रीमती मंजू वर्मा से कु० (कुमारी) […]

“सुरमई अँखियों में इक नन्हा-मुन्ना सपना दे जा रे!”

August 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय  अभिनय में वह शक्ति है, जो पाषाण को भी द्रवीभूत कर दे। ‘सदमा’ अर्थात् आघात मनुष्य को एक ऐसी मानसिक अवस्था में प्रवेश कराता है, जहाँ उसका जीवन किसी अभिनय से अल्पतर […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में रचना, लेख, निबन्ध तथा प्रबन्ध

August 5, 2018 0

● रचना— किसी भी पद्य अथवा गद्य-कृति को ‘रचना’ कहते हैं | ● लेख— किसी विषय पर सांगोपांग अथवा एकांगी दृष्टि से विषय-प्रधान और शास्त्रीय पद्धति में प्रकाशित गद्यबद्ध विचारों को प्रकट करनेवाली रचना को […]

सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज का मंत्र देने वाले प्रभु श्री कृष्ण के अवतरण दिवस पर विशेष

August 2, 2018 0

राघवेन्द्र कुमार राघव- ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का मन्त्र विश्व को देने वाले भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव ही कृष्णजन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। योगेश्वर श्री कृष्ण के भगवद्गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए […]

‘म्लेच्छ-भाषा’ क्या है?

July 23, 2018 0

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ अस्पष्ट भाषा/अपभ्रंश भाषा ‘म्लेच्छ-भाषा’ है। जिन वर्णों का उच्चारण व्यक्त न हो, वह ‘म्लेच्छ-भाषा’ कहलाती है। किरात, खस, बर्बर, पह्लव, पौण्ड्र, द्रविड, शक, शबर, सिंहल, यवन इत्यादिक जातियाँ-जनजातियाँ-बर्बर जातियाँ ‘म्लेच्छ’ […]

सीखने-सिखाने की ‘सामर्थ्य’ जाग्रत कीजिए

July 17, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, ‘भाषापरिष्कार-समिति’ केन्द्रीय कार्यालय, इलाहाबाद ——————————————————– शब्द : भारी बहुमत से, प्रचण्ड बहुमत से, बहुत भारी बहुमत से, भयंकर बहुमत से ——————————————————– ये सारे शब्द अब सार्वजनिक सम्पत्ति हो चुके हैं; ज़ाहिर है, […]

तत्सम, तद्भव, देशज तथा विदेशज शब्दावली का मनोहारी दर्शन तुम कौन हो?

July 10, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मैं अपलक उसे निहार रहा था। राजहंस-सा गौर वर्ण, द्रुत विलम्बित-सी गति, अभिधावाणी, उपनागरिका वृत्ति-सी प्रकृति, प्रसाद गुण-सा शील, मासूम चेहरे पर खिलता श्रृंगार-रस, अंग-अंग से फूटता हुआ शब्दालंकार। उसने कुछ कहा […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ : उच्चारण और लेखनगत अनुशासन

July 8, 2018 0

” लम्हों ने ख़ता की, सदियों ने सज़ा पायी” शताब्दियों से हमारे विद्वज्जन, शिक्षकवर्ग लेखकगण, विद्यार्थीवृन्द इत्यादिक उच्चारण और लेखनगत अनुशासन की अवहेलना करते आ रहे हैं, जो कि सर्वथा अनुचित है; कारण कि अधिकतर […]

आइए! ‘भाषिक क्रान्ति’ की दिशा में हम-आप एक पग बढ़ायें।

June 28, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आप यदि किसी के भी सम्प्रेषण में अंकित अशुद्धि/अशुद्धियों के प्रति विश्वस्त हैं तो उसे सुस्पष्ट सचेत कीजिए। उस व्यक्ति को बुरा लगेगा; दोनों के सम्बन्धों में कटुता आयेगी; सम्बन्ध विच्छेद हो […]

वाक्य-संरचना में ‘पूर्ण विराम’ का महत्त्व समझें और मनोरंजन करें

June 20, 2018 0

प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ‘भाषा-परिष्कार-समिति’ केन्द्रीय कार्यालय, इलाहाबाद यह घटना बलिया ज़िले की है। गाँव ‘रतनपुरा’ है। एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला मुझसे मिली थी। वह अर्द्ध-शिक्षिता थी। उसका पति झारखण्ड में कोयलरी (कोयला-कारख़ाना) […]

‘डॉ पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में ‘अरबी-फ़ारसी’ शब्दों का शुद्ध प्रयोग करना सीखें

June 19, 2018 0

आज हम लीक से हटकर उस मार्ग पर चलेंगे, जिस पर चलने का साहस हमारे ‘विद्वज्जन’ नहीं कर पाते हैं; और वह मार्ग है, ‘विलक्षण ज्ञानमार्ग’। हम जब ‘अरबी-फ़ारसी’ भाषाओं पर दृष्टि निक्षेपित करते हैं […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ – ‘अन्त:स्थ’ और ‘अन्तस्थ’

June 9, 2018 0

वर्णमाला के अन्तर्गत जिन य, र, ल, व के समुच्चय को ‘अन्त:स्थ’ कहा जाता है, (अधिकतर पुस्तकों में ‘अन्त:स्थ’ के स्थान पर ‘अन्तस्थ’ का प्रयोग किया गया है, जो अशुद्ध है।) उनमें में से दो […]

०भाषा-विमर्श० – ‘प्रतीक-योजना’ क्या है?

June 9, 2018 0

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ मानवीय चेतना की विकास-गाथा में प्रतीकों की विशिष्ट भूमिका रही है। संकल्प-विकल्पात्मक मन की यह प्रथा है कि वह विभाजित सत्यों को चित्रित-प्रतीकित करने की कामना करता है। आदिम युग […]

पत्रकारिता ‘मौज-मस्ती’ नहीं, ‘साधना’ है

June 3, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कहाँ से शुरू करूँ? यह प्रश्न स्वाभाविक है; क्योंकि मैं ‘नख-शिख’ स्वयं में ‘पत्रकारिता’ हूँ। तीन अंकों में भी अर्जन किया और पाँच अंकों में भी। इन्हीं तीन और पाँच के बीच […]

ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए नैतिक विचारों को आत्मसात कर जनहित में कार्य करना जरूरी : राम कथा बाला जी धाम 

May 24, 2018 0

अजीत प्रताप सिंह- ————————————————————————————————————- हरदोई! बालाजी धाम, खेतुई,  मंदिर में चल रही राम कथा भागवत कथा एवं हनुमत यज्ञ व प्रवचन से भक्ति का वातावरण बना हुआ है सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए श्रद्धालु मंदिर में […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला – आरम्भ-प्रारम्भ-समारम्भ-परिरम्भ

May 19, 2018 0

आरम्भ– किसी भी कार्य की प्रथम अवस्था का अनुष्ठान अथवा सम्पादन ‘आरम्भ’ है। दूसरे शब्दों में— कोई भी कार्य जब पहली बार किया जाता है तब उसे ‘आरम्भ’ कहा जाता है। अब ‘आरम्भ’ शब्द-संरचना पर […]

आप दही को नमक के साथ मत खाईये

May 10, 2018 0

डॉ.के.पी.सिंह (कैंसर विशेषज्ञ) 9213981415 कभी भी आप दही को नमक के साथ मत खाईये । दही को अगर खाना ही है, तो हमेशा दही को मीठी चीज़ों के साथ खाना चाहिए, जैसे कि चीनी के […]

समीक्षा-अधिकारी परीक्षा’ के ‘सामान्य हिन्दी’ प्रश्नपत्र का परीक्षण और समीक्षण :-

April 14, 2018 0

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला’ आश्चर्य है, सामान्य हिन्दी/हिन्दी-भाषा के प्रश्नपत्र के अन्तर्गत किये गये प्रश्नों में ‘प्राश्निक’ (प्रश्नपत्र तैयार करनेवाला) ने व्याकरणिक अनुशासन की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। इससे सुस्पष्ट हो जाता है […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ से —-०समीक्ष्य विचार-बिन्दु०—- ‘आलोचना’ क्या है?

April 1, 2018 0

आज साहित्य में आलोचना के नाम पर जो कृत्य किये किये जा रहे हैं, वे नितान्त निन्दनीय हैं, कारण कि जो स्वयम्भू आलोचक हैं, वे तटस्थ लोचनधर्मी हैं ही नहीं। ऐसा इसलिए कि तथाकथित साहित्यकार, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला – विचार, चिन्तन-अनुचिन्तन, ध्यान, ख़याल, भाव, मनन, स्मरण

March 17, 2018 0

विचार :– यह संस्कृत-भाषा का पुल्लिंग-शब्द है। शब्द-भेद की दृष्टि से यह संज्ञा-शब्द है। विचार में ‘वि’ उपसर्ग लगा हुआ है। वि का अर्थ ‘विशिष्ट’ है। यह ‘चर्’ धातु का शब्द है, जिसका अर्थ ‘चलना’ […]

बड़ी बात : इतनी ठण्डी क्यों !

March 17, 2018 0

महेन्द्र महर्षि- किसी ने बर्फ़ से पूछा, “तुम इतनी ठण्डी क्यों हो” ?  बर्फ़ का जबाब था ,  मेरा भूत भी पानी, वर्तमान -पिघलता पानी और भविष्य का कल भी पानी, तो गरम होकर क्या […]

चेन्नै एषुंबूर’ और ‘चेन्नै एग्मोर’ का रहस्यवाद

March 12, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस समय मैं चेन्नै (तमिलनाडु) से इलाहाबाद (उत्तरप्रदेश) के लिए प्रस्थान कर चुका हूँ। एक स्टेशन है, जहाँ हिन्दी में ‘चेन्नै एषुंबूर’ लिखा है और अँगरेज़ी में ‘चेन्नै एग्मोर’ (Chennai Egmore)। मैं […]

कानून की पाँच ऐसी बातें जो वक्त पर आपका सहारा बन सकती हैं

March 10, 2018 0

1. शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकती- कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर, सेक्शन 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 के पहले भारतीय पुलिस किसी भी महिला को गिरफ्तार […]

भारतीय दण्ड संहिता की कुछ खास धाराएं

March 9, 2018 0

हमारेे देश के कानून में कुछ ऐसे उपाय हैं जिसकी जानकारी हमें नहीं होने के कारण हम अपने अधिकार से महरूम रह जाते है । तो आइए जानते हैं कुछ इसी तरह के उपायों के […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला — नारी, महिला, स्त्री, औरत, वामा

March 9, 2018 0

प्राय: हमारे विद्वज्जन नारी, महिला, स्त्री, औरत तथा वामा में अन्तर नहीं कर पाते और अपनी रचनाओं में स्वच्छन्द रूप में इनका प्रयोग करते आ रहे हैं। इतना ही नहीं, प्रसिद्ध पुस्तकों, ग्रन्थादिक में भी […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला – गोष्ठी-संगोष्ठी, चर्चा-परिचर्चा, वार्त्ता, संवाद-परिसंवाद

March 7, 2018 0

‘गोष्ठी’ संस्कृत का स्त्रीलिंग संज्ञा-शब्द है। इस शब्द की रचना ‘गोष्ठ’ शब्द से हुई है। ‘गोष्ठ’ संस्कृत-भाषा का ‘पुल्लिंग’ (पुंलिंग) शब्द है। ‘गो’ शब्द में ‘स्था’ धातु है, जिसका अर्थ ‘ठहरना’ है। इस धातु के […]

Terrorist institutions of Islam

March 4, 2018 0

These organisations spread terrorism in the name of Islam. 1.Al-Shabab(Africa), 2.Al Murabitun(Africa), 3.Al-Qeada(Afghanistan), 4.Al-Qaeda(Islamic Maghreb), 5.Al-Qaeda (Indian Subcontinent), 6.Al-Qaeda(Arabian Peninsula), 7.Hamas (Palestine), 8.Palestinian Islamic Jihad (Palestine), 9.Popular Front for the Liberation of (Palestine), 10.Hezbola (Lebanon), […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में अनुराग-आसक्ति, प्रेम, प्रीति (प्यार), मोह-व्यामोह, स्नेह, प्रणय सद्भाव

March 2, 2018 0

अनुराग-आसक्ति :— आइए! पहले ‘अनुराग’ शब्द की व्युत्पत्ति को समझें :— यह संस्कृत का पुल्लिंग-शब्द है। इसमें ‘अनु’ उपसर्ग है और ‘रञ्ज्’ धातु में ‘घञ्’ प्रत्यय प्रयुक्त कर, ‘राग’ का सर्जन किया गया है। रञ्ज् […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में जानिए आरोपी-आरोपित का सही प्रयोग

March 1, 2018 0

दीर्घ काल से ‘आरोपी’ शब्द-प्रयोग का प्रचलन है। यह प्रयोगधर्मिता अब एक ऐसा दृश्य प्रस्तुत करती है, जहाँ एक भेड़ के पीछे अरबों-खरबों की संख्या में भेड़ों का झुण्ड बिना जाने-समझे चला जा रहा है। […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला — तीन

February 25, 2018 0

रंग-विरंगा-रंग-बिरंगा/ रंगविरंगा-रंगबिरंगा यहाँ पर दो शब्द हैं, जो मिलकर ‘विशेषण’ नामक शब्दभेद का बोध कराते हैं। प्रायः प्रत्येक स्थान पर, प्रत्येक मनुष्य-द्वारा ‘रंग-बिरंगा’ शब्द का लेखन और उच्चारण किया जाता है और अधिकतर पुस्तकों में […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला – दो : आरम्भ-प्रारम्भ-समारम्भ

February 24, 2018 0

किसी भी कार्य की प्रथम अवस्था का अनुष्ठान अथवा सम्पादन ‘आरम्भ’ है। दूसरे शब्दों में— कोई भी कार्य जब पहली बार किया जाता है तब उसे ‘आरम्भ’ कहा जाता है। अब ‘आरम्भ’ शब्द-संरचना पर हम […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला : एक

February 23, 2018 0

आरती :– यह स्त्रीलिंग शब्द है, जिसका अर्थ है, किसी मूर्ति के चारों ओर सामने से दीपक को घुमाना। आरती किसी व्यक्ति -विशेष की नहीं की जाती प्रत्युत देवि-देव-विशेष की जाती है | शुद्ध अर्थात् […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला : सौन्दर्य और सौन्दर्य-बोध की अवधारणा

February 22, 2018 0

भाषा व्यक्तित्व को निखारती है और उसमें एक सुखद आकर्षण पैदा करती है। आइए, और अपने व्यक्तित्व को सँवारिए ! सौन्दर्य और सौन्दर्य-बोध की अवधारणा :— कोई भी कविता ‘सुन्दर’ अथवा ‘nice’, ‘beautiful’, ‘great’ नहीं […]

जानिए अपने संविधान को

January 31, 2018 0

*अनुच्छेद 1* :- संघ का नाम और राज्य क्षेत्र *अनुच्छेद 2* :- नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना *अनुच्छेद 3* :- राज्य का निर्माण तथा सीमाओं या नामों मे परिवर्तन *अनुच्छेद 4* :- पहली अनुसूची […]

डॉ. आनंद प्रकाश दीक्षित को मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी ने भारत-भारती सम्मान से किया सम्मानित

January 23, 2018 0

कल मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी ने डॉ. आनंद प्रकाश दीक्षित को भारत-भारती सम्मान से सम्मानित किया । मुख्यमन्त्री ने कहा कि जो भी समाज अपनी प्रतिभा के सम्मान को संजोता है, उसका संरक्षण करता है, उसके […]

जानिए रावी नदी नदी के बारे में, जो हिंदुस्तान से लेकर पाकिस्तान तक को करती है शीतल

January 23, 2018 0

राज चौहान (ब्यूरो प्रमुख हरदोई) रावी नदी – रावी नदी, पश्चिमोत्तर भारत और पूर्वोत्तर पाकिस्तान में बहने वाली एक नदी है। यह उन पाँच नदियों में से एक, जिनसे पंजाब (पाँच नदियों का प्रदेश) का […]

मीठे पानी की नक्की झील

January 12, 2018 0

राज चौहान ब्यूरो प्रमुख हरदोई- नक्की झील माउंट आबू का एक सुंदर पर्यटन स्थल है। मीठे पानी की यह झील, जो राजस्थान की सबसे ऊँची झील हैं सर्दियों में अक्सर जम जाती है। कहा जाता […]

जानिए जमुई ज़िले से निकलकर बंगाल तक बहने वाली अजय नदी के बारे में

January 9, 2018 0

राज चौहान, ब्यूरो प्रमुख हरदोई अजय नदी जमुई ज़िले के ‘चकाई’ नामक स्थान से लगभग 5 किमी0 दक्षिण में ‘बटपाड़’ नामक स्थान से निकलती है। इसके बाद पूर्व एवं दक्षिण में प्रवाहित होती हुई पश्चिम […]

जन्नत से कम नहीं नाको झील

January 8, 2018 0

संकलित- नाको झील – नाको झील शीत मरुस्थलीय क्षेत्र जिला किन्नौर के 3,660 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह विदेशी पर्यटकों व बौद्ध भिक्षुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। गर्मियों में हजारों देशी […]

आत्मपरीक्षण कर सीख ग्रहण करें : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

January 4, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ०सफलता तुम्हारे हाथों में० वर्ष २०१७ में आपसे कहाँ-कहाँ और क्यों भूलें हुई थीं; किस-किस व्यक्ति ने और क्यों आपके साथ विश्वासघात किया था; आपने किस-किस के भरोसे को चोट पहुँचायी थी; […]

एक नज़र उत्तर प्रदेश सरकार के खास निर्णयों पर

January 3, 2018 0

लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में  लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय – उत्तर प्रदेश औद्योगिक मॉडल स्थायी आदेश (प्रथम संशोधन)-2017 का प्रस्ताव स्वीकृत। उत्तर प्रदेश पालिका (केन्द्रीयित) सेवा, […]

कलेंडर बदलिए अपनी संस्कृति नहीं

January 1, 2018 0

व्हॉट्सएप से साभार- अपनी संस्कृति की झलक को अवश्य पढ़ें और साझा करें । 1 जनवरी को क्या नया हो रहा है ????? * न ऋतु बदली.. न मौसम * न कक्षा बदली… न सत्र […]

जानिए नींबू और उसमें पाए जाने वाले विटामिन्स के लाभ

January 1, 2018 0

नींबू – विटामिन सी से भरपूर नीबू स्फूर्तिदायक और रोग निवारक फल है। इसका रंग पीला या हरा तथा स्वाद खट्टा होता है। नीबू छोटा पेड़ अथवा सघन झाड़ीदार पौधा है। इसकी शाखाएँ काँटेदार, पत्तियाँ […]

जानिये छोटे से लाल रंग के फल चेरी के बारे में

January 1, 2018 0

संकलित –       चेरी – चेरी छोटा सा लाल रंग का फल है, जिसका वैज्ञानिक नाम प्रूनस एवियम है, जो रोजेसी कुल की सदस्य है। चेरी प्राचीन समय से ही उपयोग मे आता रहा […]

मौसम की अनुकूलता के कारण आलू की फसल में पिछैता-झुलसा बीमारी की संभावना

December 30, 2017 0

केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ ने पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी नवीन विकसित ब्लाइट कास्ट (पैन इंडिया मॉडल) से पिछैता-झुलसा बीमारी का पूर्वानुमान लगाया है। मौसम की अनुकूलता के कारण आलू की […]

एक-से-बढ़कर-एक ‘अमूल्य रत्न’ के रूप में मेरे शिष्य!

December 29, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डे- इस मुक्त मीडिया के माध्यम से उन उदित-नवोदित, विकसित-विकासमान् हस्ताक्षरों की सर्जन प्रातिभ सामर्थ्य से जब साक्षात् करता हूँ, जो प्रकारान्तर से मेरे शिष्य रहे हैं, तब ऐसा प्रतीत होता है, मानो […]

जानिए दक्षिण भारत की प्रसिद्ध नदी गोदावरी के बारे में

December 27, 2017 0

राज चौहान ब्यूरो प्रमुख हारदोई- गोदावरी नदी – गोदावरी नदी (अंग्रेज़ी: Godavari River) भारत की प्रसिद्ध नदी है। यह नदी दक्षिण भारत में पश्चिमी घाट से लेकर पूर्वी घाट तक प्रवाहित होती है। नदी की […]

मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

December 27, 2017 0

योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए— उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन अधिकार नियमावली-2017 प्रख्यापित, पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविरों/मेलों के आयोजन का निर्णय […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला : शब्द-अर्थ-प्रयोग और पुनरुक्ति-दोष

December 26, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- १- अपना स्वार्थ : स्व+अर्थ = स्वार्थ। ‘स्व’ का अर्थ है, ‘अपना’ और ‘स्व’ से पहले ‘अपना’ का प्रयोग हुआ है। ऐसे में, ‘अपना’ शब्द का दो बार प्रयोग ‘पुनरुक्ति-दोष’ के अन्तर्गत […]

विश्व को ‘शून्य’ (०) अंक देनेवाले महाविज्ञानी ‘आर्यभट’

December 22, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आज (२२ दिसम्बर) ‘राष्ट्रीय गणित-दिवस’ ‘गणित’ शब्द का जैसे ही प्रस्फुटन होता है, हमारे नेत्रों के समक्ष उपग्रहविज्ञान’ के आदि-प्रणेता ‘आर्यभट’ और महान् गणितविज्ञानी ‘श्रीनिवास रामानुजन्’ की छवि घूम उठती है। आर्यभट […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में शब्द-विचार

December 20, 2017 0

 डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ज़िम्म:दार-ज़िम्म:वार :– सही शब्द ‘ज़िम्म:दार’ और ‘ज़िम्म:वार’ है। अब प्रयोग के धरातल पर वही ‘जिम्मेदार’ और ‘जिम्मेवार’ बन गया है। दोनों ही ‘अरबी’ शब्द हैं | दोनों का एक ही अर्थ है। […]

महान क्रांतिकारियों में शुमार राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह आज ही हुई थी फाँसी

December 19, 2017 0

आज ही की तारीख में 1927 में भारत के महान क्रांतिकारियों में शुमार राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह को 19 दिसंबर फांसी दी गई थी । जहाँ बिस्मिल को गोरखपुर जेल […]

भाषा-विमर्श : शब्द-अर्थ-प्रयोग पर व्याकरणाचार्य मौन क्यों ?

December 18, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – शब्द-अर्थ-प्रयोग-विडम्बना :—- शोध का विषय है। आत्मा : ‘आत्मा’ को स्त्रीलिंग में प्रयोग किया जाता है। परमात्मा : ‘परमात्मा’ को पुल्लिंग (पुंलिंग) में प्रयोग किया जाता है। इस शब्द में भी […]

फ़ासिस्टों का कोई संतुलित राजनीतिक दर्शन ही नहीं था…

December 9, 2017 0

फासीवाद या फ़ासिस्टवाद (फ़ासिज़्म) इटली में बेनितो मुसोलिनी द्वारा संगठित “फ़ासिओ डि कंबैटिमेंटो” का राजनीतिक आंदोलन था जो मार्च, 1919 में प्रारंभ हुआ। इसकी प्रेरणा और नाम सिसिली के 19वीं शती के क्रांतिकारियों-“फासेज़”-से ग्रहण किए […]

ऊर्जा संरक्षण पर विचार गोष्ठी व कला प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

December 7, 2017 0

पी.बी.आर.इण्टर कॉलेज तेरवा गौसगंज में पी.बी.आर. विज्ञान क्लब (सम्बद्ध विज्ञान प्रसार) व पी बी आर ऊर्जा क्लब के संयुक्त तत्वावधान में ऊर्जा संरक्षण पर विचार गोष्ठी व कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। गोष्ठी में […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में ‘विराम चिह्नों का प्रयोग’

December 5, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- वाक्य में स्पष्टता लाने के लिए, अर्थात् भाव का अर्थ प्रकट करने के लिए विराम चिह्नों का प्रयोग अनिवार्य माना गया है। किसी भी विराम चिह्न की स्वतन्त्र सत्ता नहीं होती। नीचे […]

शुद्ध शब्द ‘बीभत्स’ है अथवा ‘वीभत्स’?

November 27, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- यहाँ पर दो शब्द हैं : ‘बीभत्स’ और ‘वीभत्स’। ‘मुक्त मीडिया’ की एक मित्र हैं, ‘सुधा मिश्र द्विवेदी जी’। सुधा जी रेलविभाग में ‘राजभाषा-अधिकारी’ हैं; कई भाषाओं की ज्ञाता हैं तथा ‘गोल्ड […]

कौन सुधारेगा भारत के भविष्य को ? कैसे आएंगे हालात पटरी पर ? कौन लेगा जिम्मेदारी ?

November 19, 2017 0

राज चौहान (ब्यूरो प्रमुख हरदोई)- सरकार से लेकर शिक्षा विभाग, प्रशासन और स्वास्थ्य सेवा के हाथों भारत के भविष्य से हो रहा खिलवाड़, आखिर जवाबदेही किसकी है ? बिना गुरु ! भारत विश्व गुरु । […]

भारत की मानुषी छिल्लर ‘मिस वर्ल्ड’ चुनी गयी

November 19, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- १७ वर्षों-बाद हरियाणा की २० वर्षीया मानुषी छिल्लर ने आज (१८ नवम्बर, २०१७ ई०) वर्ष २०१७ की ‘मिस वर्ल्ड’ की उपाधि जीत ली है। यह आयोजन चीन की सान्या सिटी में किया […]

इंडियन वॉयस 24 परिवार की ओर से लाला लाजपत राय जी को विनम्र श्रंद्धाजलि

November 17, 2017 0

आदित्य त्रिपाठी “यादवेन्द्र”-  लाला लाजपत राय जी का जन्म 28 जनवरी 1865 को अविभाजित भारत के लाहौर में हुआ था । लाला लाजपत राय जी भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे । […]

धर्म और दर्शन

November 17, 2017 0

राघवेन्द्र कुमार ”राघव”- प्राचीन धर्म ग्रन्थ कहते है ” जो धारण करने योग्य हो ” वह धर्म है | लेकिन आज के परिप्रेक्ष्य में धर्म आडम्बर से ज्यादा कुछ नहीं | हम किसी भी धर्म की […]

विश्व को शांति और विश्वबंधुत्व का पाठ वही धर्म पढ़ा सकता है, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम् ‘ की बात करता हो

November 17, 2017 0

दिवाकर दत्त त्रिपाठी- आज पूरी दूनिया में शांति और सेवा की आड़ में धर्मपरिवर्तन करने वाले ईसाई ,कभी जेहादी आतंकवादियों से भी बर्बर थे । हिटलर के नेतृत्व में इन्होंने लगभग 60 लाख यहूदियों और […]

विमर्श ::- घूमर और घूँघट

November 14, 2017 0

महेन्द्र नाथ महर्षि (से. नि. अ. दूरदर्शन दिल्ली)- नृत्य क्या है ? क्यों किया जाता है ? इसका जबाब अगर परिभाषा और परंपरा में लपेट कर देने की कोशिश की जाए तो मुश्किल है। सरल […]

साक्षात्कार : सामाजिक मुद्दों पर आधारित एक लघु फिल्म “स्पीच” के निर्देशक राम वशिष्ठ से वार्ता

November 13, 2017 0

आज हम बात करने जा रहे हैं युवा फ़िल्मकार राम वशिष्ठ जी से । राम वशिष्ठ जी ने अभी – अभी सामाजिक मुद्दों पर आधारित एक लघु फिल्म “स्पीच” पूरी की है । स्पीच अब प्रदर्शन […]

उच्चतम न्यायालय का देश की सरकार को लोकहित में आदेश : सरकार अपराधी नेताओं को चिह्नित करे

November 1, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- विषय : अपराध का राजनीतीकरण बनाम राजनीति का अपराधीकरण! पर विचार आमन्त्रित ० केन्द्र-शासन बताये, जिन उम्मीदवारों ने पूर्व-चुनाव के समय नामांकनपत्र भरते समय अपने आपराधिक गतिविधियों के विवरण का उल्लेख किया […]

हिंदी साहित्य में भक्तिकाल एव सामाजिक चिंतन

October 31, 2017 0

डॉ.आकांक्षा मिश्रा, गोंडा (उत्तर -प्रदेश) भारतीय धर्म-साधना में भक्ति के मार्ग का विशिष्ट स्थान माना जाता है , मनुष्य प्राकृतिक शक्तियों के दैवीकरण के बाद देवताओं में असीम भक्ति की उपज होने के साथ ही […]

जगत् के कण-कण में हैं राम, हृदय के प्रांगण में हैं राम

October 31, 2017 0

आरती जायसवाल- हम जय श्रीराम इसलिए कहते हैं। जगत् के कण-कण में हैं राम, हृदय के प्रांगण में हैं राम। राम मात्र नाम नहीं अर्थ हैं,ज्ञान और विज्ञान हैं। र, अ और म इन तीनों […]

विश्व की प्रथम रोबोट नागरिक ‘सोफ़िया’ बनी

October 29, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ‘विश्व की प्रथम रोबोट नागरिक’ बनने का श्रेय सऊदी अरब को जाता है। उस रोबोट का नाम ‘सोफ़िया’ रखा गया है। वह रोबोटिक महिला एक सामान्य महिला की तरह से संवाद करती […]

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