क्या विपक्ष को हमारी आवाज़ उठाने का अधिकार नहीं है?
—- आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक तो वैसे ही देश का विपक्षी दल हमारी आवाज़ उठाने का साहस नहीं कर पा रहा है। देश में जब से न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार का गठन हुआ है […]
—- आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक तो वैसे ही देश का विपक्षी दल हमारी आवाज़ उठाने का साहस नहीं कर पा रहा है। देश में जब से न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार का गठन हुआ है […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हाथरस की गुड़िया के शव को हाथरस पुलिस और ज़िला-प्रशासन ने उसके घर के सदस्यों को बिना बताये और दिखाये मनमानी करते हुए, बेतरतीब तरीक़े से जला दिया। उसके परिवारवाले […]
शाश्वत तिवारी : लखनऊ : उनके पूरे जीवन पर सादगी और समाजवाद की मुहर लगी थी। उनका आचरण, विचार, पहनावा, रहन-सहन और बातचीत समाजवाद की चलती फिरती मिसाल थी। वह जब तक जीवित रहे उनका […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ६९ हज़ार सहायक शिक्षक भरती-प्रकरण पर जब उच्चतम न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है तब उत्तरप्रदेश-शासन ने किस आधार पर ३१, ६६१ अभ्यर्थियों को नियुक्त करने का शासनादेश […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय धिक्कार है, देश के सभी समाचार चैनलों के स्वामियों और उनके महिला-पुरुष कर्मचारियों (निदेशक, कार्यकारी निदेशक, सम्पादक, समाचार-सम्पादक, संवाददाता, सूत्रधार आदिक) को, जो ‘हिन्दी’ की दी हुई रोटी तो तोड़ […]
आदित्य त्रिपाठी ( प्रबंध सम्पादक आई.वी.24 न्यूज ) सत्ता के लिए महाराष्ट्र में रात 1 बजे राष्ट्रपति शासन हट जाता है । सरकार बनाने के लिए रात में कोर्ट भी लग जाती है, आनन-फानन फैसले […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे देश का शिक्षित बेरोज़गार सरकारी नौकरियों से हाथ धो रहा है। संघटित-असंघटित क्षेत्रों में भी नौकरी का टोटका सामने आ चुका है। रेलविभाग का निजीकरण आरम्भ हो चुका है। […]
‘आज तक’ का बेहद घटिया कार्यक्रम ‘हल्ला बोल’ –— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे देश के समाचार-चैनलवालों ने अपने कार्यक्रमों के तरह-तरह के नाम रखे हैं; जैसे– ‘हल्ला बोल’, ‘महाभारत’, ‘हम तो पूछेंगे’ आदिक। बेहद […]
शाश्वत तिवारी लखनऊ : फिक्की फ्लो ने इस वर्ष देश के प्रख्यात महिलाओं के साथ बातचीत की एक श्रंखला शुरू की है यह कार्यक्रम उसी श्रृंखला की एक कड़ी है। श्रृंखला के बारे में बताते […]
——०शोचनीय विषय०—– — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे देश में क्रीड़ा-क्षेत्र में एक-से-बढ़कर-एक प्रतिभाएँ हैं; किन्तु उनके प्रति उपेक्षा का भाव है। आदिवासी-अंचलों में जाकर कर्मठ युवाओं (महिला-पुरुष) की खोज करनी होगी। कुश्ती, कबड्डी, तीरन्दाज़ी, […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस्लाम-सम्प्रदाय को माननेवाले राष्ट्रगायन न करने के प्रति आग्रहीजन! दशकों से यह तथ्य संज्ञान कराता आ रहा है कि आप लोग को निम्नांकित ‘राष्ट्रगान’ में सम्मिलित किन्हीं दो शब्दों के […]
● आज(१६ अगस्त) अटल जी की मृत्युतिथि है। (अटलबिहारी वाजपेयी के साथ डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की मुक्त भेंटवार्त्ता) पं० जवाहरलाल नेहरू के बाद यदि कोई एक-जैसा लोकप्रिय प्रधानमन्त्री रहा था तो वे थे, संवेदना में […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–आज़ादी किस काम की, है ज़बाँ पर ताला।अंग-अंग विष से भरा, मन कितना है काला।।दो–नरक बनाये देश को, लाकर गन्दी नीति।आह बटोरे जा रहे, अजब-ग़ज़ब की रीति।तीन–ख़ुद को अब आज़ाद […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सच कहा गया है कि यदि महिला लाज-शर्म-मर्यादिक छोड़कर ‘अपने’ पर आ जाती है तो वह ‘कुछ’ भी कर गुज़रती है। इसी को चरितार्थ कर दिखाया है एक ऐसी महिला […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कई वर्षों से प्रयागराज में स्थित हिन्दुस्तानी एकेडेमी के पदाधिकारियों की कार्यपद्धति पर बेईमानी का साया पड़ चुका है। वैसे भी प्रयागराज के साहित्यकार और अन्य बुद्धिजीवी हिन्दुस्तानी एकेडेमी के […]
शाश्वत तिवारी : राजनीत में कम ही ऐसे नेता होते हैं जिनको देख कर मन सम्मान और प्रेम से भर पाता है। उन चंद नेताओं में से एक नेता मनोज सिन्हा है। वाणी में ओज, […]
★ कोरोना-काल में फ़ीस लेने का कोई औचित्य नहीं इन दिनों कोरोना से सम्पूर्ण जनजीवन दुष्प्रभावित हो चुका है। शिक्षणसंस्थानों में अध्ययन- अध्यापन स्थगित है। माता-पिता और अभिभावक कोरोना की मार से असहाय-से दिख रहे […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश की शीर्षस्थ गुप्तचर संघटन ने यह सूचना दे दी है कि अयोध्या में भूमिपूजन के समय आतंकी विघ्न डाल सकते हैं तब हमारे मीडियातन्त्र को क्यों सूचना दी जा […]
राजर्षि पुरुषोत्तम दास टण्डन की जन्मतिथि १ अगस्त पर आयोजित बौद्धिक परिसंवाद हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग की ओर से १ अगस्त को सम्मेलन के प्रधानमन्त्री विभूति मिश्र की अध्यक्षता में ‘राजर्षि टण्डन जी की सत्ता […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय “इंक़िलाब ज़िन्दाबाद” का उद्घोष बलिया की धरती से अब भी उठ रहा है। चित्तू पाण्डेय, मंगल पाण्डेय, रामदहिन ओझा आदिक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने अँगरेज़ों के दाँत खट्टे कर […]
ज्वलन्त विषय ०——— — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस तथ्य से कोई अनभिज्ञ नहीं कि सम्पूर्ण विश्व में आपदा (‘प्राकृतिक आपदा’ का प्रयोग अशुद्ध है।) अपने विविध रूपों में आती है और स्थावर-जंगम को प्रभावित […]
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय समाजवादी पार्टी जब तक सत्ता में बनी रही तब तक उत्तरप्रदेश गर्दिश में रहा, तब तरह-तरह के अपराधों के सामने तत्कालीन सरकार करबद्ध मुद्रा […]
स्मृति-वातायनआज ही की तिथि में–— नीरज के गीतों में प्राणों का स्पन्दन बोलता है : श्याम विद्यार्थीगोपाल दास नीरज ने कठोर और गहन साधना की थी, जिसके कारण उन्हें गीत-क्षेत्र में ऐसी सिद्धि मिली, जिसके […]
आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक) ‘कोरोना महामारी’ के संकट काल में अब जबकि हमारे देश में संक्रमितों की संख्या भयावह आंकड़ों के साथ लाखों में पहुँच रही है। हम सभी का नैतिक कर्त्तव्य है कि हम […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन देवी जी को प्रत्येक विषय में १०० में १०० अंक दिये गये हैं। ‘ABP गंगा’ पर आज (१३ जुलाई) रात्रि में लगभग १०.२० पर इसने एक वाक्य के अन्तर्गत […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘मुण्डकोपनिषद्’ से लिया गया राष्ट्रीय आदर्श वाक्य ”सत्यमेव जयते” को निरस्त कर, देश के समस्त निजी, शासकीय-अर्द्ध-शासकीय कार्यालयों, प्रतिष्ठानों, साहित्यिक संस्थानों, अधिष्ठानों, परिषदों, समितियों, मण्डियों, मन्त्रालयों, न्यायालयों, संसद्, विधानमण्डल, विधान […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज (१० जुलाई) विकास दुबे के अन्त्येष्टि संस्कार के समय उसकी पत्नी ऋचा दुबे मीडियाकर्मियों के प्रश्न करने पर बरस पड़ी—-“तुम सबने मिलकर मेरे पति को मरवा दिया। जिसने जैसा […]
● उत्तरप्रदेश में अपराध की गोद में खेलती-कूदती राजनीति इधर, कुछ वर्षों से उत्तरप्रदेश में गुण्डा-तत्त्वों को राजनीतिक और पुलिस-संरक्षण मिलने के कारण जनसमान्य का जीना दूभर हो गया है। ऐसे में, आपराधिक तत्त्वों से […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एस०टी०एफ० के डी०आइ०जी० अनन्तदेव तिवारी को उनके वर्तमान पद से हटाकर पी०ए०सी०, मुरादाबाद का डी०आइ०जी० बनाया गया है। उन्हें इसलिए वहाँ हटाया गया है; क्योंकि यह आशंका जतायी जा रही […]
‘गुरुपूर्णिमा’ पर विशेष———- — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक वह समय था, जब अध्यापक की सम्पूर्ण समाज में सर्वाधिक मान-प्रतिष्ठा हुआ करती थी, तब यह उदात्त शब्दावली शोभा देती थी, “आचार्य देवो भव।” एक समय […]
सन्त समीर जी कोरोना काल में अपने अनूठे या ये कहें कि दिव्य ज्ञान से अनेक असाध्य व्याधियों से लोग को मुक्त करते आए हैं । ध्यान रहे कि श्री समीर जी देश के जाने-माने […]
सार-संक्षेप 0—- — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के पुलिस-तन्त्र की कर्म-पद्धति में आमूल-चूल बदलाव की ज़रूरत है। ग़लत लोग पकड़े जाते हैं; ग़लत मुठभेड़ होता है; एफ०आइ०आर० तक नहीं लिखे जाते; ग़रीब-असहायजन को प्रताड़ित […]
ज्वलन्त विषय आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक) ‘कोरोना’ महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच जब सबकुछ ऑनलाइन है तब ऐसी परिस्थितियों में हमारे देश के कुछ निजी विद्यालयों ने अपनी मानवता और आदर्शवादिता का परिचय देते […]
त्वरित टिप्पणी 0——— — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इसमें कोई दो राय नहीं कि ‘योग’ की आड़ में बाबा रामदेव ने जो कलाकारी दिखायी है, उससे विश्व के सभी सम्बन्धित लोग हतप्रभ हो चुके हैं। […]
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कोरोना के विषाणु का प्रभाव इतना अधिक बलशाली और तीक्ष्ण दिख रहा है कि वह जीते खा रहा है और मरते भी। इस समय […]
ज्वलन्त विषय- आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक) कोरोना काल में भी कानपुर में राजकीय बालिका गृह में५७ लड़कियां कोरोना पॉजिटिव, २ नाबालिग लड़कियाँ आठ माह की गर्भवती, दोनों लड़कियों में से एक HIV से भी संक्रमित […]
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष १९६२ की बात नहीं, वर्ष २०२० की बात करो।२५ अप्रैल को सूचना दी गयी थी कि चीन भारत की सीमा में घुस चुका […]
–– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अपर्णा यादव को ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री ने आदेश क्यों किया? किस आतंकवादी ने उन्हें धमकी दी है? इतना ही नहीं, अपर्णा यादव […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अनामिका शुक्ला के नाम पर शिक्षाजगत् में की गयी अभूतपूर्व अँधेरगर्दी के बाद से रोज़ किसी-न-किसी छद्म शिक्षकों के चरित्रहीनता और कुकर्म सामने आ रहे हैं। उनमें बड़ी संख्या में […]
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी और जिसकी अपनी घोषित सरकार है, इस समय ‘वर्चुअल राजनैतिक रैली करने में व्यस्त हो चुकी […]
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय न्यूइण्डिया के उन लोग के नाम एक विश्व-कीर्तिमान है, जो स्वयं को ज़रूरत से ज़्यादा पढ़ा-लिखा मानते और समझते हैं; और वह है, नक़्लची बनने का। दूसरी ओर, ‘भारत’ की मिट्टी […]
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वह शातिर महिला अध्यापक ‘मैनपुरी’ (उत्तरप्रदेश) की रहनेवाली है, जिसका नाम अनामिका शुक्ला है।उत्तरप्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पारदर्शिता लाने के लिए […]
★हिन्दी-पत्रकारिता दिवस (३० मई) पर राष्ट्रीय परिसंवाद-आयोजन “आज हिन्दी-समाचार चैनलों की कार्यपद्धति विश्वसनीय नहीं दिख रही है। स्थिति यह है कि सभी चैनलों के सूत्रधार (एंकर) जिस प्रकार की भूमिका में दिख रहे हैं, वह […]
त्वरित टिप्पणी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- चित्र में जो लड़की दिख रही है, उसका नाम ज्योति कुमारी है। वह दरभंगा के ‘कमतौल’ क्षेत्रान्तर्गत ‘सिरहुल्ली’ गाँव की रहनेवाली एक अति निर्धन परिवार की बेटी है। उसकी […]
शरदेन्दु मिश्र ‘राहुल’, (सब एडिटर, IV24 NEWS)– जब से सम्पूर्ण विश्व में कोविड 19 वायरस (कोरोना महामारी) ने दस्तक दी है तभी से इस महामारी के भय से कदम ठिठक से गये हैं । दुनिया […]
समस्त समाचार-चैनलवालों से– आप लोग जिन-जिन सड़क-मार्गों से सजीव समाचार-प्रसारण कर रहे हैं, वहाँ हज़ारों की संख्या में भूख-प्यास के मारे देशवासी निरुपाय स्थिति में भटक रहे हैं। आप सभी उनके लिए अपने साथ खाद्यपदार्थ […]
डॉ. राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ (कवि, साहित्यकार)- वेदों में मां को अम्बा अम्बिका दुर्गा सरस्वती शक्ति ज्योति पृथ्वी आदि नाम से सम्बोधित किया गया है । इसके अलावा मां को माता, मातृ अम्मा, अम्मी, जननी […]
निर्मल पाण्डेय जी की फेसबुक वॉल से- ——————— 29 मार्च 1857 को बैरकपुर के परेड ग्राउंड में चली गोली ‘स्वधर्म और स्वराज’ की रक्षा के लिए बर्तानिया हुकूमत के खिलाफ विद्रोह की पहली गोली थी, […]
*मुक्त मीडिया का ‘आज’ का सम्पादकीय* पृथ्वीनाथ पाण्डेय- वर्तमान केन्द्र-सरकार का संचालन करनेवाले देश की जनता के सामने छ: वर्षों के भीतर जितने भी प्रकार के कार्य करने के लिए वचनबद्ध हुए थे, उनमें से […]
पृथ्वीनाथ पाण्डेय– कुछ ही समय पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लखनऊ के ज़िलाधिकारी और मण्डलायुक्त को ५७ आरोपितों के लगाये गये पोस्टरों को शीघ्र हटाने का आदेश किया है। पोस्टरों पर आरोपितों के नाम और […]
होली का त्योहार फाल्गुन माह की पूर्णिमा को ओर चैत्र माह की प्रथमा कोें मनाया जाता है। इस समय प्रकृति का सौंदर्य बढ़ जाता है। वन उपवन में विविध रंगों के फूल खिलते हैं। आम […]
पृथ्वीनाथ पाण्डेय : नारी-समाज में और नारी-समाज के प्रति जागरूकता आज बढ़-चढ़कर दिख रही है। आज के समाचार-चैनलों और कल के अख़बारात में परम्परा का भराव दिखेगा और ९ मार्च के बाद से अगले ७ […]
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय पृथ्वीनाथ पाण्डेय- वर्तमान सरकार पूरी तरह से ‘राष्ट्रविरोधी’ है; क्योंकि उसने यह अधिकार अपने हाथों में ले लिया है– हम तय करेंगे, कौन राष्ट्रभक्त है और कौन राष्ट्रद्रोही। यह […]
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय —पृथ्वीनाथ पाण्डेय– देश के समस्त राजनीतिक दलों के आकाओ! प्रधान नेताओ, चौकीदारो, सांसदो, विधायको, छुटभय्यो, रंगदारो तथा अन्ध समर्थको! देश को धर्मान्ध मत बनाओ; देश को जाति, क्षेत्र, वर्गादिक […]
मैं अपने मूल नाम पृथ्वीनाथ पाण्डेय से पूर्व लगे ‘डॉ०’ शब्द का प्रयोग नहीं करने की घोषणा करता हूँ; क्योंकि जिस तरह से ‘नेता’ शब्द जाहिलों के साथ जुड़ता आ रहा है वैसे ही ‘डॉ०’ […]
पृथ्वीनाथ पाण्डेय- विषाणु सौ दिनों तक जीवित रहता है, इसलिए घर से निकलने के बाद सजग-सावधान रहें। आप निम्नांकित ठोस उपाय को अपनायें :– १- किसी के भी साथ हाथ मिलाने के स्थान पर दूर […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- खेद है, उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री को यही ज्ञान नहीं, ‘समाजवाद’ क्या है, अन्यथा वे कल लखनऊ में नहीं कहते, “देश को समाजवाद नहीं, रामराज चाहिए।” भारतीय समाज में घृणा का बीज बोनेवाला […]
— डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- जामिया मिल्लिया में गत माह घटी घटना के ऐसे कई वीडियो सार्वजनिक हो रहे हैं, जिनमें चेहरा ढक कर दिल्ली-पुलिसकर्मियों-द्वारा की जा रही अतिवादिता और निर्दयता सुस्पष्ट दिख रही हैं। पहले […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- जनवरी में ही मैंने इसी ‘मुक्त मीडिया’ के माध्यम से ‘आम आदमी पार्टी’ के पक्ष में ५५-६०, भा०ज०पा० के पक्ष में अधिकतम १० तथा काँग्रेस के पक्ष में अधिकतम ५ सीटों की […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- केन्द्र और राज्य की सरकारों ने जो भी विकास-योजनाएँ बनायी हैं, उनमें निहित जातीयता, साम्प्रदायिकता, धर्मान्धता तथा भाग्यवादिता पर आधारित सामाजिक रूढ़ियों और परम्पराओं ने बाधा पहुँचायी है। प्रदत्त, अर्जित पद तथा […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- उत्तरप्रदेश के मनोरोगी मुख्यमन्त्री अपने राज्य के नागरिकों की दुर्दशा को समझने और ठोस उपाय करने के स्थान पर दिल्ली में जाकर आतंकी बोली बोल रहे हैं। अपने ग़ुलाम पुलिस-प्रशासन का गोली […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– हरियाणा के ‘सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग’ के संयुक्त निदेशक (प्रेस) की ओर से प्रसारित निम्नांकित हस्ताक्षरित पत्र में २६ जनवरी को Independence day (स्वतन्त्रता-दिवस) बताया गया है, जबकि ‘भारत’ की शिक्षापद्धति […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी आज (२० जनवरी) तालकटोरा, दिल्ली में प्राथमिकता के आधार पर देश के कुछ राज्यों से चयनित कक्षा १० और १२ के विद्यार्थियों के समक्ष ‘परीक्षा-गुरु’ की भूमिका में दिख […]
‘चेतावनी के स्वर’ डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आप यह भूल रहे हैं कि ‘काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में बहुसंख्यक वे विद्यार्थी हैं, जो उत्तर-भारत के अंचलों से आते हैं और उनमें से अधिकतर ‘हिन्दी-माध्यम’ में शिक्षित-प्रशिक्षित हैं। […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– कल ‘विश्व हिन्दी-दिवस’ था और ऊपर भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का १५ दिसम्बर, २०१५ ई० का पत्र है, जिसे उन्होंने ‘विश्व हिन्दी-दिवस’ के अवसर पर प्रसारित कराया था। बोलने-लिखने-ट्वीट आदिक करने […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- वे नक़ाबपोश कौन हैं, जिन्होंने आज (५ जनवरी) जे०एन०यू० की लड़कियों के छात्रावास में पहुँचकर छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किये हैं और उन्हें बुरी तरह से लाठियों से मारे हैं। जो […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आज देश में कितने बुद्धिजीवी हैं, जो हमारे राष्ट्र के भविष्य ‘युवावर्ग’ को भटकाव की राह पर जाने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं; उसकी अवसाद और हताशा की स्थिति में […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- बेशक, मैं जे० एन० यू० के विद्यार्थियों की अपनी माँगों के समर्थन में किये जानेवाले आन्दोलन का पक्षधर हूँ; परन्तु उनके आन्दोलन से यदि जनसामान्य को कोई कठिनाई और कष्ट होता हो […]
डॉ॰ पृथ्वीनाथ पाण्डेय (प्रख्यात शिक्षाविद्)- देश के स्नातक-उपाधि-प्राप्त समस्त अनियोजित (बेरोज़गार) युवाओं के लिए सरकार प्रति युवा १० हज़ार रुपये प्रतिमाह ‘मानधन’ देने की व्यवस्था करे, अन्यथा युवावर्ग दिग्भ्रमित हो जायेगा और नकारात्मक पथिक बनकर […]
राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ शिक्षक एवं साहित्यकार- दीपावली के तीन दिनों बाद हमारे देश की राजधानी दिल्ली धुंध के काले आवरण से ढँक चुकी थी। दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण की दर बढ़ती […]
महेन्द्र महर्षि (से. नि. प्रसारण अधिकारी) पर्व पर सभी को बधाई ! १.११.२०१९
◆ किसकी पहल पर जम्मू-कश्मीर में ‘विदेशी’ सांसद बुलाये गये? डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की सरकार इन दिनों जिस तरीक़े से अपने चरित्र-चाल-चेहरा को अन्तरराष्ट्रीय मंचों से ख़ूबसूरत दिखाने की कोशिश कर रही है, वे […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक), प्रयागराज- 18 अक्तूबर को उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग की ओर से आयोजित सामान्य हिन्दी की मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र में ‘अधिकतम अंक’ दिया गया है, जबकि ‘पूर्णांक’ होना चाहिए, तभी ‘पूर्णांक-प्राप्तांक’ की […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश के मतदाताओं ने तुम्हें सत्ता इसलिए नहीं सौंपी है कि अपनी निष्क्रियता का ठीकरा पूर्ववर्ती सत्ताधारियों पर फोड़ते रहो और बेशर्म बनकर अपनी नाकामियाँ छिपाते रहो। वर्ष २०१४ से पहले के […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आश्चर्य का विषय है कि चुनाव राज्यों के लिए हो रहे हैं और राज्यों की जनता के मन-मस्तिष्क में ‘अनुच्छेद ३७०’, ‘भारत-पाकिस्तान’, ‘आतंकवाद और काँग्रेस’ आदिक अप्रासंगिक विषयों का विष भरा जा […]
महोदय! उत्तरप्रदेश राज्य में जी रहे जनसामान्य का जीवन आज जितना आतंकपूर्ण है उतना कभी नहीं रहा। जिस भाँति आपके राज्य की सरकार अकल्पनीय-अप्रत्याशित निर्णय कर राज्य के नागरिकों को हतप्रभ और भयभीत करती आ […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– मोदी जी के आलोचक हैं तो क्या अछूत हो गये ? जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र हैं तो क्या भारतीय मूल का ही नहीं मानोगे ? अरे भाई नोबेल पुरस्कार (अर्थशास्त्र) […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नपुंसक और पुरुषार्थविहीन हैं वे, जो बेटी बचाने की बात तो करते हैं; परन्तु उन्हीं के लोग जब बेटियों का शीलहरण करते हैं तब वे ‘शीलहरणकर्त्ताओं’ के साथ खड़े होते दिखायी पड़ते […]
प्रसंगवश———- डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- बचपन (८-१०वर्ष) में देखता था कि आये-दिन कोई व्यक्ति द्वार पर याचक की मुद्रा में आ खड़ा होता था। उस व्यक्ति के कन्धे पर ‘पगहा’, गाय-बछिया को बाँधनेवाली डोर लटकी रहती […]
रावण का अर्थ है, ‘जो सम्पूर्ण लोक को रुला दे’, जो आज भी प्रासंगिक है। आज का रावण सम्पूर्ण भारतवासियों को रुला रहा है और हमारी आहें उसकी ‘अहम्मन्यता के घड़े’ में भरती जा रही […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- 0 निजता का हनन्। 0 देश का प्रत्येक नागरिक असुरक्षित। 0 देश की संरक्षा-सुरक्षा के स्थान घृणित प्रतिशोध की नीति अपनाती सरकार। 0 देश का प्रधानमन्त्री आत्म प्रदर्शन करने में तल्लीन। 0 […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी जनसामान्य को रिश्वतख़ोरों, दलालों तथा भ्रष्ट शासकीय कर्मचारियों-अधिकारियों की दादागिरी और मनमाने आचरण से बचाने के लिए ‘संकटमोचक मोबाइल नम्बर’ क्यों नहीं सार्वजनिक करते? जिस तरह से […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी हमारे उक्त अभ्यर्थियों-विद्यार्थियों के साथ मिल-बैठकर उनके प्रतिनिधिमण्डल के साथ सकारात्मक संवाद कर, कोई ‘मध्यम मार्ग’ निकालने पर विचार क्यों नहीं करते? हमारा युवावर्ग टूटता जा रहा […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– प्रयागराज में ‘दिव्य कुम्भ’ के अवसर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, उत्तरप्रदेश-राज्यपाल-मुख्यमन्त्री, प्रमुख विपक्षी राजनेत्री-नेता आदिक शान के साथ डुगडुगी पिटवाते हुए पधारे थे; संगमस्नान किये थे; यहाँ तक कि प्रधानमन्त्री कवच-कुण्डल धारण […]
इन दिनों उत्तरप्रदेश में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौन-उत्पीड़न आदिक अपराध प्रगति पर हैं। राजनेता, सन्त, महन्त, धर्मोपदेशक ‘बलात्कारी’ के रूप में बलात्कार-आसन पर स्थापित होते जा रहे हैं; किन्तु ‘नारी-स्वाभिमान’, ‘नारी-सशक्तीकरण’, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ आदिक […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- मन्त्रि जी! बी०एड्० की अनिवार्यता ‘घास’ छीलने के लिए की गयी है? आप संवादहीनता की स्थिति क्यों उत्पन्न कर रहे हैं? ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग’ में जो ‘दलाल’ (कमीसनख़ोर) बैठे हुए हैं और […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– देश की लोकघाती सरकार आर्थिक नीतियों को लागू कर विविध क्षेत्रों में मूल्य-वृद्धि करती जा रही है। पेट्रोल-डीजल, गैस चावल-दाल-गेहूँ, दूध, तेल-घी, सब्ज़ी अधिक के मूल्य आसमान छू रहे हैं; रुपये का […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– केन्द्र-राज्य की सरकारों ने देश की जनता की गाढ़ी कमाई को बेहयाई के बेसन में लपेटकर पकौड़ीनुमा निर्दय अर्थव्यवस्था की कूटनीतिभरी बर्बरता की दहकती कड़ाही में तलकर चट करने की नीतियाँ बनाती […]
संदर्भ:- 5 सितम्बर ,जन्म दिवस राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”शिक्षक, कवि एवं साहित्यकार “केवल निर्मल मन वाला व्यक्ति ही जीवन के आध्यात्मिक अर्थ को समझ सकता है । स्वयं के साथ ईमानदारी आध्यात्मिक अखंडता की अनिवार्यता […]
राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” कवि, साहित्यकार – कला अपना असर जरूर बताती है। कला सभी को अपनी ओर प्रभावित करती है। आज हम इस लेख में ऐसी ही कला की धनी रेनू मण्डल के गायिकी […]
आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक) आज हमारा राष्ट्र जिस परिवर्त्तन के दौर से गुज़र रहा है उसमें एक ओर विकास की छलाँग है तो दूसरी ओर महँगाई की मार एक ओर भारत अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने […]
राजेश कुमार शर्मा पुरोहित कवि, साहित्यकार हम 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी का 75 वां जन्म दिवस हीरक जयंती के रूप में मना रहे हैं। राजीव जी को कम्प्यूटर का जनक […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– पुस्तकें जीवन-मरण का आख्यान करती हैं। पुस्तकें कृष्ण और शुक्ल-पक्षों का अनावरण करती हैं। पुस्तकें मर्मान्तक पीड़ा देती हैं। पुस्तकें मन-प्राणों पर इन्द्रधनुषी रंगों का अनुलेपन करती हैं। पुस्तकें राग-अनुराग और द्वेष-विद्वेष […]
राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” कवि, साहित्यकार- प्रतिभाएं कड़ी मेहनत से तैयार होती है। आज देश मे कई बच्चियाँ अपनी कला से पहचान बना रही है। बेटियाँ बेटों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। […]
● आज (१६ अगस्त) अटल जी की मृत्युतिथि है। ◆ “मेरी सरकार रहे, चाहे चली जाये, मगर अभद्रता की अनुमति नहीं ही दूँगा”— अटल (अटलबिहारी वाजपेयी के साथ डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की मुक्त भेंटवार्त्ता)– पं० […]
रक्षा बंधन-१५ अगस्त,२०१९ सभी बहनों को धन्यवाद ! इस पर्व के दो मुख्य पक्ष हैं। एक पौराणिक और दूसरा ऐतिहासिक। पौराणिक में पहला कृष्ण का युधिष्ठिर को दिया वह संदेश जिसमें उन्हें प्रजापालक होने के […]
राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” कवि, साहित्यकार निसार तन-मन स्वदेश पर है चीज़ क्या जेल, गन, मशीनें क़ज़ा का भी हमको डर नहीं है।। ये गीत उन अमर शहीदों ने गाये थे जिन्होंने हमारे हिंदुस्तान को आज़ाद […]
राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” कवि, साहित्यकार इस वर्ष 15 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार आया है। स्वन्त्रता दिवस के साथ हम सब रक्षा बंधन मना रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार रक्षा बंधन […]