‘पेगासस’ जासूसी-काण्ड अब उच्चतम न्यायालय के हाथों में

October 27, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पिछले कुछ महीने से बहुचर्चित जासूस-काण्ड ‘पेगासस’ ठण्ढाया हुआ था। इसके पीछे बात यह थी कि उच्चतम न्यायालय ने ‘न्यू इण्डिया मोदी-सरकार’ को शपथपत्र प्रस्तुत करते हुए, अपना संतोषजनक पक्ष […]

ट्रांसजेंडर्स हेतु “ट्रान्स स्वास्थ्य क्लीनिक” का हुआ उद्घाटन

September 24, 2021 0

उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की प्रोजेक्ट निदेशक श्रीमती अनीता सी मेश्राम ने आज यहां गोमती नगर स्थित होटल रेनेशा में ट्रांसजेन्डर समुदाय की स्वास्थ्य समस्याओं सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जनपद […]

हिन्दी के बल पर अपनी पहचान बनानेवालों का ‘हिन्दी’ के साथ विश्वासघात!..?

September 23, 2021 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय धिक्कार है, देश के सभी समाचार-चैनलों की स्वामी-स्वामिनियों और उनके महिला-पुरुष कर्मचारियों (निदेशक, कार्यकारी निदेशक, सम्पादक, समाचार-सम्पादक, संवाददाता, सूत्रधार आदिक) को, जो ‘हिन्दी’ की दी हुई रोटी तो तोड़ रहे […]

हिन्दी लेखकों का अँगरेज़ी प्रेम

September 18, 2021 0

रंगनाथ सिंह जी (वरिष्ठ पत्रकार) की फ़ेसबुक-वॉल से साभार : एक बार अपने एक प्रिय टीचर से मैंने कह दिया था कि ‘सर इस देश में इंग्लिश भाषा नहीं क्लास है तो वो नाराज हो […]

हिन्दू, हिन्दुस्तान, भारत व उसकी भारतीयता एवं राष्ट्रवाद को सैद्धांतिक रूप से परिभाषित करता यह आर्टिकल अवश्य पढ़िए…

September 13, 2021 0

यदि आपको हिंदू हिंदुस्तान हिन्दूधर्म से वास्तव में इतना अधिक प्रेम है तो प्रत्येक हिंदुस्तानी के लिए आप 25 वर्षीय निःशुल्क, अनिवार्य, अबाध्य विद्यार्थीजीवन का ब्रह्मचर्य आश्रम और उसके बाद कृषिभूमि, वाणिज्यिकपूंजी, राजकीयवेतन, नेतृत्वभत्ता में […]

आचार्यत्व का मान-मर्दन करते पढ़े-कढ़े लोग!..?

September 5, 2021 0

★आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक समय था, जब अध्यापक-अध्यापिका की सम्पूर्ण समाज में सर्वाधिक मान-प्रतिष्ठा हुआ करती थी, तब यह उदात्त शब्दावली शोभा देती थी, “आचार्य देवो भव।” (‘भव:’ अशुद्ध है।)। एक समय आज का […]

नपुंसक सिद्ध होती महाशक्ति!

August 22, 2021 0

★आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विश्व की दो महाशक्ति (‘महाशक्तियाँ’ का प्रयोग अशुद्ध है।) :– संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस, ‘नपुंसक’ सिद्ध हो चुकी है। यदि इन दोनों देशों में पौरुष रहता तो तालिबानी ‘अफग़ानिस्तान’ में […]

पी० जी० टी० हिन्दी-परीक्षा के नाम पर परीक्षार्थियों के साथ क्रूर मज़ाक़!..?

August 19, 2021 0

★आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय(भाषाविज्ञानी और समीक्षक), प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा प्रवक्ता की परीक्षा पिछले १७ अगस्त को करायी गयी थी, जिसमें हिन्दी-विषय के प्रश्नपत्र के ९० प्रतिशत प्रश्न और उनके […]

लोक-विरुद्ध होता सत्ता-प्रतिष्ठान

August 18, 2021 0

———————–ज्वलन्त विषय—————— — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इतिहास से सीख न लेने पर महान् शक्ति भी पराजित होती रही है। एक शक्तिसम्पन्न व्यक्ति जब ‘बलप्रयोग’ करते हुए, अतिरेकता की ओर बढ़ता है तब उसकी बुद्धि […]

अफग़ानिस्तान हारा या फिर सत्ता सौंप दी?

August 15, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय १५ अगस्त, २०२१ ई० की तिथि भारत के लिए आज़ादी की रही है, जबकि उसके विपरीत, अफग़ानिस्तान के लिए ग़ुलामी का रहा है। १५ अगस्त को अफग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ […]

स्वाधीनता-दिवस (१५ अगस्त) की पूर्व-सन्ध्या पर ‘ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का राष्ट्र के नाम सन्देश’

August 14, 2021 0

मातृभूमि की अर्चना, आराधना, वन्दना का सम्मान तथा सरकारों की लोकघातक नीतियों की भर्त्सना राष्ट्रध्वज का गौरवपूर्ण अभिवादन, राष्ट्रगान तथा राष्ट्रगीत का गायन हमारे अन्तस् की राष्ट्रीयता को रेखांकित करता है। जो राष्ट्र आपका पोषण […]

अपसंस्कृति है कट्टरवादी-वहाबी आतंकवाद

August 14, 2021 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी “राघव”- जब अकर्मण्यता को छिपाकर जीवन जीने के लिए आवश्यक संसाधनों को सच्चाई और पुरुषार्थ से जुटाने की बजाय हिंसा से छीन लिया जाता हैए चोरी कही जाती है । इससे चोर […]

राष्ट्रवाद को खा रहा, ‘अतिवादी आचरण’!

August 14, 2021 0

समयसत्य चिन्तन ०—— ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••एक और ‘भारत’ के साथ बँटवारे का बीभत्स खेल शुरू हो गया है। पहली ओर, हिन्दू है और दूसरी ओर, मुसलमान। भारतवासियों का बौद्धिक-मानसिक स्तरवर्द्धन करने के स्थान […]

सीडीसी की रिपोर्ट और कोरोना वैक्सीन का सच

August 2, 2021 0

सन्त समीर (वरिष्ठ पत्रकार व प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के जानकार, दिल्ली) आख़िरकार टीके के पक्ष में किए जाने वाले सबसे बड़े दावे का भी दम निकल गया। दम भी उसी ने निकाला, जो टीके का […]

प्रेमचन्द की कथा में सामाजिक यथार्थ : मत और सम्मत

August 1, 2021 0

प्रेमचंद के उपन्यासों में सामाजिक यथार्थ आज भी जीवित है ★डॉ० प्रदीप चित्रांशी (साहित्यकार, प्रयागराज) मुंशी प्रेमचंद ने बहुत सी कहानियाँ,उपन्यास लिखे जो आज भी प्रासंगिक हैं क्योंकि उन्होंने वास्तविक परिस्थितियों का वर्णन जितनी वास्तविकता […]

हिन्दी को ‘राजभाषा’ और देवनागरी को ‘राजलिपि’ घोषित करानेवाले राजर्षि टण्डन जी

August 1, 2021 0

आज (१ अगस्त) भारतरत्न पुरुषोत्तमदास टण्डन जी की जन्मतिथि है। — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय राजर्षि पुरुषोत्तमदास टण्डन जी एक कुशल वक्ता, अभिभाषक, विधिज्ञ, स्वाधीनता-संग्रामसेनानी, साहित्यकार, पत्रकार, सन्त राजनेता तथा विदेह-जैसे वीतरागी महामानव थे। वे […]

प्रेमचन्द के उपन्यासों में सामाजिक यथार्थ : एक चिन्तन

July 31, 2021 0

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में आज (३१ जुलाई) एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया। प्रेमचन्द की १४१ वीं जन्मतिथि के अवसर पर आयोजित ‘प्रेमचन्द के उपन्यासों में सामाजिक यथार्थ’ विषय पर देश […]

पेगासस जासूसी-प्रकरण : मोदी-सरकार की सेंधमारी

July 22, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस समय देश में कोरोना, गाय, गोबर, मन्दिर-मस्जिद, मोदी-सरकार की नाकामी, महँगाई आदिक विषय नेपथ्य में जा चुके हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ पर […]

बढ़ती जनसंख्या और विनाश की ओर धकेला जाता पर्यावरण

July 18, 2021 0

प्रकृति ने इंसानों को क्या दिया? एक वाक्य में इसका उत्तर दिया जाए तो “प्रकृति ने हमें जीवन दिया।” लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इंसानों ने प्रकृति को क्या दिया? विकास और आधुनिकता की […]

‘न्याय’ और ‘न्यायालय’ के नाम पर देश के साथ आँखमिचौली खेल रहे हैं, ‘न्यायाधीश’!

July 15, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने डी० जे० के प्रयोग को प्रतिबन्धित कर जनसामान्य को ध्वनि-प्रदूषण से बचाने का प्रयास किया था। खेद है! देश के शीर्षस्थ न्यायालय उच्चतम न्यायालय की ओर […]

‘ड्रोन’ के द्वारा जम्मू पर आक्रमण; भारतीय सेना नाकाम!

June 30, 2021 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पिछले दिनों एक अज्ञात ‘ड्रोन’ से जम्मू में किया गया आक्रमण निश्चित रूप से भारतीय सैन्यतन्त्र की लापरवाही का जीता-जागता नमूना है और देश को चलानेवालों को इस विषय को जितनी […]

सेनेटाइजर और मास्क फोबिया! कितनी हकीक़त कितना फ़साना?

June 29, 2021 0

सन्त समीर जी (वरिष्ठ पत्रकार व प्राकृतिक चिकित्सक) स्वामी विवेकानन्द जब अमेरिका गए थे, तब की एक घटना है। एक बार वे एक पार्क में अपने शिष्यों को वेदांत और राजयोग सिखा रहे थे। उसी […]

बिखरते और सिमटते परिवार

June 22, 2021 0

परिवार के भीतर पति पत्नी और बच्चे शामिल होते हैं। ये आज का एकल परिवार है। जब हम रामायण महाभारत के युग की बात करते हैं तो दादा दादी ताऊ ताई चाचा चाची सहित परिवार […]

‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ की लोकघातक नीतियाँ!

June 16, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस समय एक लीटर पेट्रोल के मूल्य पर केन्द्र की सरकार लगभग ४० रुपये ले रही है और लगभग १६ रुपये राज्य-सरकारें ले रही हैं। पिछले सात वर्षों से निकृष्ट […]

अलग-अलग चश्मे से परीक्षाओं को देख रही सरकार

June 8, 2021 0

‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान में ८ जून को आयोजित राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद में देश के अनेक प्रबुद्धजन ने ‘कोरोना के भय की आड़ में परीक्षा-संदर्भ में केन्द्र और राज्य-सरकारों की दोहरी नीति’ विषय पर अपने […]

भारतीय संस्कृति

June 2, 2021 0

हमारे देश भारत की प्राचीन संस्कृति ही भारतीय संस्कृति कही जाती है। भारतीय संस्कृति हमारे ऋषि मुनियों की संस्कृति है। वेद, पुराण, उपनिषद्, ब्राह्मण ग्रन्थ, स्मृतियां, रामायण, महाभारत, गीता हमारे पौराणिक शास्त्र है जो हमें […]

ऐसे कर्मयोगी और हिन्दी पत्रकारिता के हस्ताक्षर को मेरा सलाम

May 31, 2021 0

शाश्वत तिवारी : जिस दौर की पत्रकारिता की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता पर ढेरों सवाल हों, ऐसे समय में हेमन्त शर्मा की उपस्थिति हमें आश्वस्त करती है कि सारा कुछ खत्म नहीं हुआ है। सही मायने […]

उत्तरप्रदेश के ज़िला-पंचायत-चुनावों में ‘साइकिल’ ने सभी को पीछे छोड़ा

May 5, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जिस भारतीय जनता पार्टी का समूचे उत्तरप्रदेश में राजनैतिक वर्चस्व रहा, अब वह ध्वस्त होती दिख रही है। इसे हाल ही में सम्पन्न उत्तरप्रदेश के ज़िलापंचायत-चुनावों के परिणामों ने उजागर […]

जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी, सो नृप अवसि नरक अधिकारी

April 27, 2021 0

आदित्य त्रिपाठी (मानद प्रबन्ध-निदेशक IV24 NEWS) भारत का युवा जब तक जागेगा नहीं तब तक ये सत्तालोलुप, बिन पेंदी के लोटे अपनी तानाशाही चलाते रहेंगे । जो भी सत्ता में आया उसने हमें ( आम- […]

क्या अयोध्या मामले को हल करने के प्रयास ने चन्द्रशेखर सरकार गिरायी थी?

April 17, 2021 0

डॉ॰ निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार/व्याख्याता)– ‘जाओ और उनसे कह दो, चंद्रशेखर एक दिन में तीन बार अपने विचार नहीं बदलता….’ चन्द्रशेखर को इस्तीफ़ा वापस लेने के लिए मनाने आए शरद पवार यह बात अपनी आत्मकथा ‘ऑन […]

मंत्रियों को एक बार फिर मैदान में उतारने में देरी क्यों ?

April 8, 2021 0

(शाश्वत तिवारी) यह सर्वविदित है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई एकजुटता से ही जीती जानी संभव है। इसके लिए जितनी गंभीरता योगी सरकार दिखा रही है, उतना ही अस्पताल प्रबंधन, स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर और […]

‌21वीं सदी के तीसरे दशक में प्रवेश

April 3, 2021 0

‌(शाश्वत तिवारी)‌‌आज हम सबके प्रगतिशील सोच वाले एक ‘न्यू इंडिया’ में जी रहे हैं। लेकिन महिलाओं की सामाजिक स्थिति, इस नए भारत पर भी सवाल खड़े करती है। मौजूदा समाज में भी महिलाओं की स्थिति […]

तो क्या एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा की शिकायतों पर जबरन सेवानिवृत किये गए आईपीएस अमिताभ ठाकुर ?

March 25, 2021 0

लखनऊ : 25 मार्च 2021 (By P. C. GUPTA) लखनऊ की नामचीन आरटीआई एक्टिविस्ट ने 02 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके प्रमुख सचिव नृपेन्द्र मिश्र के मार्फत 53 पेज के प्रमाणों के साथ पत्र लिखकर यूपी कैडर के आईपीएस अमिताभ […]

भारत हुए इन परिवर्तनों की वजह से सफल हो रहा क्वाड

March 15, 2021 0

शांतनु त्रिपाठी : 15 मार्च, नई दिल्ली। क्वाड्रीलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग यानी क्वाड के राष्ट्राध्यक्षों का पहला वर्चुअल शिखर सम्मेलन 12 मार्च को संपन्न हुआ। इस दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे […]

जब दुनिया मुश्किल में थी तब ये बड़े और खुद को खूबसूरत बताने वाले देश कहाँ थे : एस० जयशंकर

March 15, 2021 0

भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाले देशों को विदेश मंत्री एस० जयशंकर ने दिया करार जवाब हम संविधान पर हाथ रखकर शपथ लेते हैं, किसी धार्मिक किताब पर नहीं : एस० जयशंकर शान्तनु त्रिपाठी (स्वतंत्र पत्रकार) […]

गाँधी, नमक क़ानून और सविनय अवज्ञा आन्दोलन

March 15, 2021 0

एक जीवन शैली के रूप में हर हिन्दुस्तानी में हिन्दुत्व की मौजूदगी उस नमक की तरह ही है, जिसके बिना जीवन का बेस्वाद होना तय है। नमक? जी हाँ… यहाँ इस आबोहवा में कुछ नहीं […]

हम भी उतने ही खटते हैं जितने आदमी लोग– सुमन

March 8, 2021 0

आज अन्तरराष्ट्रीय महिला-दिवस है और बौद्धिक वर्ग का मंच ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से उस वर्ग की स्थिति के प्रति अपनी मुखरता व्यक्त की गयी है, जो दीर्घकाल से असमानता का व्यवहार झेलता आ रहा […]

दाने-दाने में भरी हैं ऐसी बीमारियाँ जो आपको गंभीर रोगों के साथ दे रही हैं मौत !

March 4, 2021 0

नशे पर विशेष अवनीश मिश्रा (सह सम्पादक, अवध रहस्य) तंबाकू से कैंसर होता है। शराब सेहत के लिए हानिकारक होती है । इन बातों को आज के समाज में रहने वाले बच्चे से लेकर बुजुर्ग […]

गुरुजी गोलवलकर जयन्ती : राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम्

February 19, 2021 0

डॉ० निर्मल पाण्डेय (व्याख्याता/लेखक) ‘ये जीवन राष्ट्र का है, राष्ट्र को ही अर्पित है, ये मेरा नहीं है’ राष्ट्र को समर्पित । ऐसे मन्त्र के प्रणेता परम् पूज्य माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की आज जयन्ती है […]

“सबल पुरुष यदि भीरु बनें तो हमको दे वरदान सखी” : सुभद्रा कुमारी चौहान (पुण्यतिथि विशेष)

February 15, 2021 0

● आज (१५ फ़रवरी) सुभद्रा कुमारी चौहान की पुण्यतिथि है । -डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) सुभद्रा कुमारी चौहान : एक दृष्टि में जन्म— १६ अगस्त, १९०४ ई० को निहालपुर, इलाहाबाद मृत्यु-– १५ फ़रवरी, १९४८ ई० […]

स्वरक्तै: स्वराष्ट्रं रक्षेत् : चौरी चौरा आंदोलन के 100 वर्ष

February 4, 2021 0

डॉ० निर्मल पाण्डेय (इतिहास-व्याख्याता) : चौरी चौरा की घटना सौ सालों बाद आज भी इतिहास में अपने सही स्थान की बाट जोह रही है। 1922 में घटी इस घटना के साथ तत्कालीन ब्रिटिश सत्ता के […]

‘आवाज उठाने की स्वतंत्रता’ ही आज के समय में ‘गाँधीजी’ का जंतर है

January 30, 2021 0

डॉ० निर्मल पाण्डेय (इतिहास-व्याख्याता/लेखक) विद्रोह दरअसल ‘विरोध की वृत्ति/प्रवृत्ति’ की उन्नत अभिव्यक्ति है। विरोध करना सही मायनों में हमारे-आपके जीवित होने का प्रमाण है। और जो व्यवस्था ‘बिना किसी तर्क’, ‘बिना किसी बहस’ के विरोध […]

आज यदि ‘गांधी’ होते तो?

January 30, 2021 0

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज का राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद बौद्धिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, सामाजिक तथा साहित्यिक मंच ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान आज (३० जनवरी) एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद ‘काश! आज ‘गांधी’ होते’ विषय पर आयोजन किया गया, […]

शहरों में बिक रहा ज़ह्र, सरकार की अहम भूमिका

January 26, 2021 0

एक तरफ सरकार नशा मुक्त भारत का दिखावा करता है वहीं दूसरी तरफ नशा रूपी ज़हर को बेचने के लिए लाखों रूपए लेकर लाइसेंस देकर नशे को वैध बनवाकर बेंचने को प्रेरित भी कर रहा […]

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद: वैश्विक दायित्व को निभाने के लिए तैयार ‘न्यू इंडिया’

January 9, 2021 0

1 जनवरी 2021 से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के गलियारे में भारतीय तिरंगा एक बार फिर से लहराने लगा है। इसके साथ ही सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में भारत ने अपना आठवां […]

वे किसान नहीं, धूर्त्त और मक्कार हैं, पहचानिए!

January 4, 2021 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखण्ड तथा राजस्थान के किसान ‘रजाई’ में क्यों दुबके हुए हैं? लज्जा नहीं आती, सिंघु बॉर्डर पर पंजाब-हरियाणा के बूढ़े-बच्चे-जवान, महिलाएँ एक पैर पर खड़ी […]

द्विदिवसीय आन्तर्जालिक अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न : डॉ. निशंक एक ऊर्जावान साहित्यकार

December 25, 2020 0

‘सिदो कान्हु मुर्मु विश्वविद्यालय’, दुमका (झारखंड) की ओर से ‘वातायन’ अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान 2020 के संदर्भ में डॉ. निशंक का रचना-संसार’ विषय पर द्विदिवसीय आन्तर्जालिक (ऑन-लाइन) अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी (23-24 दिसम्बर) प्रयागराज के शंकराचार्य आश्रम में […]

प्रयोजनमूलक हिंदी के परिप्रेक्ष्य में प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित के प्रदेय पर अन्तर्जालीय अनुष्ठान आयोजित

December 25, 2020 0

भाषा शिक्षण संस्थान हाजीनगर (कलकत्ता), अन्तरराष्ट्रीय भाषा संस्थान सूरत द्वारा प्रायोजित और लखनऊ विश्वविद्यालय तथा ‘इंदु संचेतना’एवं भाखा के संयुक्त तत्त्वावधान में प्रयोजनमूलक हिंदी के परिप्रेक्ष्य में प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित के प्रदेय पर अन्तर्जालीय […]

व्याकरणाचार्य कामता प्रसाद गुरु पाणिनि-परम्परा के धारक थे

December 24, 2020 0

● आज (२४ दिसम्बर) व्याकरणाचार्य पं० कामता प्रसाद गुरु की १४६ वीं जन्मतिथि है। व्याकरणाचार्य पं० कामता प्रसाद गुरु की एक सौ छियालीसवीं जन्मतिथि के अवसर पर ‘सर्जनपीठ’ प्रयागराज की ओर से २४ दिसम्बर को […]

डॉ. निशंक की कृतियों में जीवन बोलता है

December 23, 2020 0

‘सिदो कान्हु मुर्मु विश्वविद्यालय’, दुमका (झारखंड) की ओर से ‘वातायन’ अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान 2020 के संदर्भ में डॉ. निशंक का रचना-संसार’ विषय पर द्विदिवसीय ऑन-लाइन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 23 दिसम्बर को अपराह्न 4- बजे से आयोजित […]

उत्तरप्रदेश की सरकारी प्राथमिक शालाओं में ‘ऑन-लाइन’ पढ़ाई का सच

December 19, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सरकारी प्राथमिक शालाओं में ‘ऑन-लाइन’ पढ़ाई के नाम पर बच्चों के साथ छलावा किया जा रहा है; क्योंकि ऐसी पाठशालाओं में अधिकतर वे बच्चे पढ़ रहे हैं, जिनके माँ-बाप किसी […]

सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार ही नहीं, सभी क्षेत्र में मजबूत हो रहे भारत-बांग्लादेश के सम्बन्ध

December 8, 2020 0

शान्तनु त्रिपाठी (स्वतन्त्र पत्रकार) बीते 6 दिसंबर को भारत और बांग्लादेश ने अपने द्विपक्षीय संबंधों की 49वीं वर्षगांठ मनाई। यह वही दिन है, जब वर्ष 1971 में भारत ने बांग्लादेश को एक संप्रभु राष्ट्र के […]

किसान-क्रान्ति ‘ऐतिहासिक’ मोड़ पर

December 5, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज यदि किसान-आन्दोलन-वार्त्ता का पाँचवाँ दौर परिणामरहित रहा। ऐसे में, सरकार को चाहिए कि वह किसानों के लिए बनाये गये अधिनियम को निरस्त कर, […]

‘स्वतन्त्र’ हिन्दी-व्याकरणलेखन की आवश्यकता

November 26, 2020 0

—- आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे हिन्दीशब्दकोशकारवृन्द ने हिन्दीशब्दकोश के नाम पर उसे ‘कबाड़ख़ाना’ बनाया है। इसका मुख्य कारण है कि उन्होंने उद्देश्यपरक कोश तैयार नहीं किये हैं। उद्देश्यपरक का प्रश्न इसलिए कि कौन-सा शब्द […]

प्रतीक्षा है, कलियुग में ‘महाभारत’ होने की

November 17, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का आज का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के स्नातक-उपाधि-प्राप्त समस्त अनियोजित (बेरोज़गार) युवाओं के लिए सरकार प्रति युवा १० हज़ार रुपये प्रतिमाह ‘मानधन’ देने की व्यवस्था करे, अन्यथा युवावर्ग दिग्भ्रमित […]

परीक्षा नियामक प्राधिकारी, उत्तरप्रदेश के हिन्दी-प्रश्नपत्र में लज्जाजनक अशुद्धियाँ!..?

November 9, 2020 0

● भाषाविद्-समीक्षक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने चिन्ता जतायी परीक्षा नियामक प्राधिकारी, उत्तरप्रदेश की ओर से 6 अक्तूबर को करायी गयी द्वितीय सेमेस्टर– 2020 के हिन्दी-विषय की परीक्षा; प्रश्न-पुस्तिका ‘।।-6’ में ऐसी-ऐसी अशुद्धियाँ देखने को […]

साहित्य किसी की भी ‘सम्पदा’ नहीं

November 6, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय साहित्य सभी के लिए है। साहित्य के साथ दलित-पतित, अगड़ा-पिछड़ा लगाकर साहित्य को कतिपय लोग एक खाँचे तक सीमित रखना चाहते हैं। अरे! साहित्य को ‘साहित्य’ ही रहने दो, उसका […]

विमर्श : शोले उगलने वाली क़लम और लब आख़िर क्यों हैं ख़ामोश ?

November 5, 2020 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की, जिस पर विचार-विमर्श भी किया गया । आप भी इस विचार-विनिमय में प्रतिभाग कर सकते हैं । प्रस्तुत है विमर्श की संक्षिप्त बातें… राघवेन्द्र […]

राष्ट्रपति-चुनाव में जो बिडेन ने डोनाल्ड ट्रम्प की नींद हराम की

November 5, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय संयुक्त राज्य अमेरिका में इन दिनों राष्ट्रपति-पद के लिए चुनाव हो रहे हैं। चुनाव में रिपब्लिक पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन/बाइडेन के मध्य […]

महान विचारक दत्तोपंत ठेंगड़ी को नमन

October 14, 2020 0

डॉ० निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार और लेखक) : अपना देश, धरित्री अपनी, अपने खेत, पहाड़ जगाएं ।सावधान हो घर-घर जाकर जयतु स्वदेशी नाद गुंजाएं ।। रमाशंकर अग्निहोत्री उपरोक्त पंक्तियों के माध्यम से जिस स्वदेशी की जय का उद्घोष […]

पार्लियामेंट में ‘आम्बेडकर’ की प्रतिमा लगवाने के साथ ‘भारत रत्न’ दिलाने में पासवान की थी अहम भूमिका

October 9, 2020 0

शाश्वत तिवारी : लखनऊ : डॉ0अम्बेडकर को भारत रत्न दिलाने और सेंट्रल हाल में अम्बेडकर की प्रतिमा लगवाने में रामविलास पासवान की अहम भूमिका रही। रामविलास पासवान जैसा दिग्गज दलित नेता आज हमारे बीच नही […]

शास्त्री जी की सादगी

October 2, 2020 0

जन्मतिथि विशेष : लाल बहादुर शास्त्री (पूर्व प्रधानमंत्री) अवधेश कुमार शुक्ल ‘मूरख हिरदय’ बात तब की है, जब शास्त्रीजी इस देश के प्रधानमंत्री के पद को सुशोभित कर रहे थे। एक दिन वे एक कपड़े […]

“यह चिता नहीं, राष्ट्रयज्ञ का ‘हवनकुण्ड’ है”— महात्मा गांधी

October 2, 2020 0

● इलाहाबाद में गांधी जी का प्रथम आगमन — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्राय: देखा गया है कि जीवन में ‘आकस्मिक’ और ‘अप्रत्याशित’ गमनागमन की विशेष भूमिका होती है; जैसा कि महात्मा गांधी जी के […]

भारतीय नरेशों की हिंदी-सेवा : भारतीय इतिहास की एक अमूल्य सारस्वत निधि

September 29, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यह कृति निजी डाकसेवान्तर्गत आज (२९ सितम्बर) ही हस्तगत हुई है। प्रथम दृष्ट्या श्रद्धेय डॉ० किरन पाल सिंह जी (कार्यक्रम निदेशक– भारतीय राजभाषा विकास संस्थान, देहरादून (उत्तराखण्ड) के कुशल सम्पादकत्व […]

हमारा देश ‘हमारे देश के भीतर’ कहाँ खड़ा है?

September 25, 2020 0

आत्मचिन्तन — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज़ादी के बाद से पिछले छ: वर्षों में जिस नीति के अन्तर्गत ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ ने प्रत्येक स्तर पर प्रत्येक क्षेत्र में जिस तरह से खोखला कर आत्म-समृद्धि […]

हिन्दी के बल पर अपनी पहचान बनानेवालों का ‘हिन्दी’ के साथ विश्वासघात!..?

September 23, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय धिक्कार है, देश के सभी समाचार चैनलों के स्वामियों और उनके महिला-पुरुष कर्मचारियों (निदेशक, कार्यकारी निदेशक, सम्पादक, समाचार-सम्पादक, संवाददाता, सूत्रधार आदिक) को, जो ‘हिन्दी’ की दी हुई रोटी तो तोड़ […]

नियमों का दोगलापन और बेरोजगारी

September 21, 2020 0

आदित्य त्रिपाठी ( प्रबंध सम्पादक आई.वी.24 न्यूज ) सत्ता के लिए महाराष्ट्र में रात 1 बजे राष्ट्रपति शासन हट जाता है । सरकार बनाने के लिए रात में कोर्ट भी लग जाती है, आनन-फानन फैसले […]

कला-जगत की कमलदलविहारिणी का जाना

September 16, 2020 0

डॉ॰ निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार/लेखक) जहां मैं पढ़ा-बढ़ा उस बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की अलुम्नाई, कला और सौंदर्यशास्त्र की एक प्रतिष्ठित विद्वान, संसद की पूर्व सदस्य और सांस्कृतिक अनुसंधान के एक दिग्गज हस्ती पद्म विभूषण डॉ. कपिला […]

‘हिन्दी-दिवस’ की पूर्व-सन्ध्या पर ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज का आन्तर्जालिक अन्तरराष्ट्रीय आयोजन

September 13, 2020 0

■ हिन्दी के मानकीकरण के लिए विद्वज्जन को सामने आना होगा बौद्धिक-वैचारिक संस्था ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में हिन्दी-दिवस की पूर्व-सन्ध्या पर ‘हिन्दी के मानकीकरण की समस्या’ पर एक आन्तर्जालिक अन्तरराष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन […]

कौन हैं प्रो. मित्तल जिन्हें ICHR ने अपनी लाइब्रेरी का नाम दिया

September 12, 2020 0

डॉ. निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार/लेेेखक) : राष्ट्रवादी विचारक, प्रख्यात मनीषी, सुपरिचित इतिहासकार, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के संस्थापक सदस्यों में से एक प्रो. सतीश चंद्र मित्तल (1938 -2019) राष्ट्रवादी दृष्टिकोण से इतिहासलेखन के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर […]

हमारे विद्यार्थियों के साथ अन्याय क्यों?

September 12, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय योगी आदित्यनाथ एक गम्भीर राजनेता लगते हैं। वे उत्तरप्रदेश राज्य के मुख्यमन्त्री भी हैं। क्या यह विषय उनके संज्ञान में नहीं है कि आज राज्य में प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च […]

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर गम्भीर मंथन ज़रूरी

September 7, 2020 0

शाश्वत तिवारी : लखनऊ : राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बालिकाओं एवं दिव्यांगों की शिक्षा के मद्देनजर सकारात्मक निर्णय लिये गये हैं, वहीं सामाजिक समस्याओं के निराकरण एवं शिक्षा […]

शिक्षक दिवस पर विशेष : “नायमात्मा बलहीनेन लभ्य”

September 5, 2020 0

डाॅ. निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार/लेखक) शिक्षा का सही उद्देश्य बताते एक उद्बोधन में, जिसे डॉ. राधाकृष्णन ने 23 जनवरी 1957 को कलकत्ता विश्वविद्यालय शताब्दी वर्ष में उपाधि-वितरण-समारोह के अवसर पर दिया था, कहते हैं: ‘पुराने विश्वविद्यालयों […]

‘शिक्षक-दिवस’ पर विशेष : हम कैसे कह दें, “आचार्य देवो भव?”

September 5, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक वह समय था, जब अध्यापक की सम्पूर्ण समाज में सर्वाधिक मान-प्रतिष्ठा हुआ करती थी, तब यह उदात्त शब्दावली शोभा देती थी, “आचार्य देवो भव।” एक समय आज का है, […]

एकमात्र विकल्प ‘नोटा’

September 1, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय दु:ख है, इन दिनों भारतीय समाज के कुछ लोग किसानों-बेरोज़गारों (जातिरहित) की बात न कर, संकीर्ण स्वार्थ की बात कर रहे हैं; समूह बना रहे हैं। मत भूलिए, वही लोग […]

राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 बहिष्कार को बढ़ावा देने वाली

August 30, 2020 0

शाश्वत तिवारी : लखनऊ/ अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ, शिक्षक व समाज के कई वर्ग इस बात से बहुत उत्साहित हैं कि लगभग 34 वर्षों के बाद देश को एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 […]

काँग्रेस अपनी व्यूह-रचना में फँसती हुई

August 23, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सोनिया गांधी ने काँग्रेस के राष्ट्रीय कार्यकारीअध्यक्ष-पद का त्याग करने का निर्णय किया है।★ हम इसका स्वागत करते हैं।★ पिछले १० अगस्त को ही उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका था, […]

सुशान्त-आत्महत्या के साक्ष्य बहुत-कुछ इशारा करते

August 17, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सुशान्त-आत्महत्या-प्रकरण में सी०बी०आइ० की ओर से जाँच-विलम्ब का कारण क्या है? ऐसी स्थिति में, साक्ष्य समाप्त किये जा सकते हैं; साक्षियों की हत्या भी […]

राष्ट्रगान-गायन करने से आपत्ति क्यों?

August 16, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस्लाम-सम्प्रदाय को माननेवाले राष्ट्रगायन न करने के प्रति आग्रहीजन! दशकों से यह तथ्य संज्ञान कराता आ रहा है कि आप लोग को निम्नांकित ‘राष्ट्रगान’ में सम्मिलित किन्हीं दो शब्दों के […]

समाजवादी नेतृत्व और आज़ादी का सफ़रनामा !

August 8, 2020 0

(अगस्त क्रान्ति दिवस पर विशेष):- राजनाथ शर्मा, समाजवादी चिन्तक/लोकतंत्र सेनानी, (अध्यक्ष गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट) “मैं आपको एक ही मंत्र देता हूं ‘करो या मरो।’ आज़ादी डरपोकों के लिए नहीं है। जिनमें कुछ कर गुजरने […]

वास्तविक नियन्त्रणरेखा के पास चीन कर रहा परमाणुशक्ति का विस्तार

August 6, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय फ्रांस से जब पाँच युद्धक विमान ‘राफैल’ भारत लाये जा रहे थे तब भारत का मीडिया-तन्त्र ऐसा विवरण प्रस्तुत कर रहा था, जिससे लग रहा था, मानो चीन का सर्वनाश […]

लेखनधर्मिता का बाज़ारवादी चरित्र

July 30, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आपकी लेखनी यदि ‘पराधीनता’ की ओर बढ़ने के लिए मचल रही हो तो उसे पहले दुलराइए-पुचकारिए- समझाइए; उसके बाद भी उस धृष्ट की अक्खड़पना दूर न हो तो झट उसे […]

मातृभूमि ही इस युग की आराध्य देवी

July 26, 2020 0

डॉ॰ निर्मल पाण्डेय (व्याख्याता/इतिहासकार और लेखक) : 1921 से ही स्वतंत्रता की चाह रखने वाले योद्धा की तरह डॉ. वासुदेव शरण अग्रवाल ने भारतीय राष्ट्र की एकता और नैतिकता को प्रभावित करने वाले हर सूत्र […]

एक कठोर गुरु का मांगलिक स्वभाव

July 22, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय गुरु ‘गुरु’ ही है। जैसे ही कोई शिष्य यह विचार कर विद्या ग्रहण करता है कि वह अपने ‘गुरु’ की सिद्धि का अतिक्रमण कर स्वयं को सिद्ध करेगा, वैसे ही […]

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से आयोजित बौद्धिक परिसंवाद

July 20, 2020 0

● पं० बालकृष्ण भट्ट की साहित्यिक-सामाजिक चेतना देखते ही बनती थी प्रख्यात निबन्धकार-पत्रकार- संस्कृतिधर्मी पण्डित बालकृष्ण भट्ट की पुण्यतिथि पर आज (२० जुलाई) ‘सर्जनपीठ’ की ओर से ‘पं० बालकृष्ण भट्ट का साहित्यिक और पत्रकारीय जीवन’ […]

क्रान्तिदूत नेल्सन मण्डेला को हमारा नमन

July 18, 2020 0

● नेल्सन मण्डेला की आज जन्मतिथि है। — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज १८ जुलाई है। १८ जुलाई, १९१८ ईसवी को दक्षिणअफ़्रीका में रंगभेद के विरुद्ध अप्रतिम क्रान्ति करनेवाले रोलिहलाहला नेल्सन मण्डेला का जन्म हुआ […]

शिक्षा परिषदों ने बेरोज़गारी बढ़ायी

July 16, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विगत दो दशकों से जिस तरह से शिक्षा परिषदों में अधिकतर विद्यार्थियों को ८० से १०० प्रतिशत अंक दिये जाते रहे हैं, उससे उतने […]

सावधान! ‘दो-तिहाई’ देश को चुनौती देने हमारी ‘परा-प्रकृति’ आ रही है

July 14, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘दो-तिहाई’ शब्द देश में सत्ता-सुख भोगने के लिए है; राजधर्म से वंचित रखने के लिए है तो ‘निरंकुशता’ का चरित्र जीने के लिए है। हाँ, दो-तिहाई बहुमत प्राय: पूर्णत: विश्वसनीय […]

कल का गुरु ‘ज्ञान’ देता था; आज का ‘सर’ ‘उत्पाद’ बेचता है

July 12, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय —आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज के अधिकतर गुरु अर्थात् तथाकथित ‘सर’ अपने गर्हित आचरण की स्थापना ‘स्वयं’ कर चुके हैं। वे स्वयं को बाज़ार में ‘विक्रेता’ के रूप में […]

देश की अर्थ-व्यवस्था के राजनीतीकरण का परिणाम भुगतना होगा

July 10, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज भारत की अर्थ-व्यवस्था उन बन्दरों के हाथों में है, जो उस्तरा लेकर देश की सामान्य जनता की कटौती में सेंध लगाकर ‘कतर-ब्योंत’ करने […]

अपराध के ‘विकास दुबे’ नामक अध्याय का अन्त !

July 10, 2020 0

आदित्य त्रिपाठी ‘यादवेन्द्र’ (प्रबन्ध निदेशक, IV24): अपराध के विकास दुबे नामक अध्याय का अन्त… पर क्या यह वाकई अपराध का अन्त है, यह विचारणीय है? भले देर से ही सही परन्तु यूपी पुलिस ने एक […]

अपराध का ‘विकास’ अब बन कर रह गया ‘इतिहास’

July 10, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय लगभग तीन दशकों तक उत्तरप्रदेश में ‘आतंक’ का पर्याय बना रहा, कानपुर के आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या का मुख्य आरोपित कानपुर का विकास दुबे एक बहुत ही नाटकीय अन्दाज़ […]

विकास दुबे का क़ुबूलनामा– मैं सभी पुलिसवालों की हत्या कर उन्हें एक साथ जलाकर साक्ष्य मिटाना चाहता था

July 9, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मध्यप्रदेश की पुलिस का कहना है– हमने विकास दुबे को आधिकारिक रूप से गिरिफ़्तार नहीं किया है। ऐसे में, प्रश्न है– विकास दुबे को गिरिफ़्तार किया गया था अथवा शासन […]

विकास दुबे-प्रकरण– माता-पिता के विरोधाभास बयान

July 5, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विकास दुबे की माता जी सरला दुबे कहती हैं– मेरा बेटा अपराधी है; आतंकी है, उसका ‘एनकाउण्टर’ कर दीजिए। मैंने उसे बहुत समझाया कि अपराध की दुनिया छोड़कर शरीफ़ का […]

काग़ज़ी कोरोना योद्धाओं को ‘प्रमाणपत्र’ देनेवालों और उन्हें लेनेवालों को धिक्कार है

July 5, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय —आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (प्रयागराज) कोरोना-काल अभी समाप्त नहीं हुआ है। वास्तव में, जो कोरोना योद्धा हैं, उनका कहीं-कोई सम्मान नहीं और जो ‘छद्म’ कोरोना योद्धा हैं, उन्हें नाना […]

चीन को चारों ओर से घेरने की भारतीय रणनीति

July 3, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत-चीन-सीमा पर आज (३ जुलाई) जाकर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का सीमा पर डटे भारत के सैनिकों से मिलना; घायल भारतीय सैनिकों को सुखद आश्वासन […]

उन्हें प्लाज़्मा चाहिए; किन्तु प्लाज़्मा क्या है, बताते नहीं

July 2, 2020 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के पाँच प्रतिशत लोग भी ‘प्लाज़्मा’ के बारे में नहीं जानते। वे मीडियाकर्मी भी नहीं जानते, जो समाचार-चैनल और समाचारपत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से इस शब्द को सार्वजनिक कर रहे […]

न्यूइण्डिया की मोदी-सरकार के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का ‘राष्ट्र के नाम सन्देश’ की समीक्षा

June 30, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रकारान्तर से नरेन्द्र मोदी ने अपने ‘लॉक-डाउन’ को ‘अनलॉक’ करने को ग़लत ठहराया है, तभी तो ‘अनलॉक- एक’ के परिणाम पर उन्होंने गहरी चिन्ता व्यक्त की है। दिखावे के लिए […]

उत्तरप्रदेश के विद्यालयों में हिन्दी-अध्ययन-अध्यापन की यह तस्वीर सच बोलना जानती है

June 29, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘हिन्दी’ विषय कितना आसान है, इसे उत्तरप्रदेश का एक ‘कुकुर’ भी जानता है; लेकिन वह ‘देवनागरी लिपि’ में भौंक नहीं पाता। हमारे देश जाना-माना […]

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