आइए! लखनऊ के ‘लूट माल’ बनाम ‘लुल्लू माल’ की अस्लीयत परखेँ
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• गत रविवार को पत्नीसहित बेटियाँ लखनऊ आयीँ। तीनो की ज़िद थी, ‘लुल्लू माल’ घूमने की। पत्नी ‘इमामबाड़ा’ की रट लगा रखी थीँ। मैने सोचा– भावना का सम्मान करना चाहिए और […]