आप ‘मार्गदर्शन’ को ग्रहण कर अपना भविष्य समुन्नत करें

August 12, 2019 0

प्रियवर विद्यार्थीवृन्द! ‘दैनिक जागरण’ में ‘नई राहें’ पृष्ठ पर सोमवार को मुद्रित पाक्षिक स्तम्भ ‘मार्गदर्शन’ के अन्तर्गत आपकी शैक्षिक, सामाजिक तथा मनोवैज्ञानिक समस्याओं का निराकरण और शंकाओं का सहज व्यावहारिक समाधान प्रेरक शब्दों में किया […]

देश के दस राज्यों में नदियों के प्रचण्ड रूप!

August 10, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- पिछले एक सप्ताह से उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश (भोपाल, मन्दसौर आदिक), महाराष्ट्र, गुजरात (अहमदाबाद, सौराष्ट्र, कच्छ, गोधरा, सुरेन्द्रनगर, मोरबी) आन्ध्रप्रदेश (कुर्नूल आदिक) केरल तथा कर्नाटक में आवृष्टि (मूसलाधार वर्षा) के कारण वहाँ की नदियाँ […]

अब शोधनिर्देशकों और परीक्षकों की अभियोग्यता की परीक्षा हो

August 8, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ★ आप यदि सहमत हों तो ‘हाँ’ लिखें। देश की जितनी भी शिक्षण-संस्थाएँ ‘हिन्दी-साहित्य’ के अन्तर्गत जिनके निर्देशन में शोधकर्म और परीक्षण करा रही हैं, उनकी भाषा, व्याकरण, भाषाविज्ञान तथा निर्धारित विषय […]

क्या सभी शिक्षक ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते है ?

August 8, 2019 0

अवनीश मिश्र लखनऊ- सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपलोड मार्कशीट से पता चला कि ग्वालियर के संदीप गर्ल्स हाइयर सेकंडरी स्कूल के क्लास टीचर ने अंकपत्र में अंकों को सही से जोड़े बिना ही अंक […]

सुषमा स्वराज : सर्वश्रेष्ठ भारतीय महिला राजनीतिज्ञ

August 7, 2019 0

जयति जैन ‘नूतन’– भारत की पहली महिला विदेश मंत्री,  दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और देश में किसी राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता। इसमें कोई दोराय नहीं है कि सुषमा स्वराज जैसी कोई और […]

बाढ़ से लाखों भारतीय नागरिक तबाह! सभी राजनीतिक दल संवेदनहीन?

August 6, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- इन दिनों देश के अधिकतर राज्यों में आवृष्टि (बाढ़) से जड़-चेतन गम्भीरावस्था में हैं। केन्द्र-राज्य की सरकारों के मठाधीश निष्क्रिय दिख रहे हैं; वहीं विपक्षी दलों के ठीकेदारों की भी ज़बान पर […]

होम्योपैथी चिकित्सा : बात कुछ लम्बी है, पर है रोज़मर्रा के काम की

August 5, 2019 0

सन्त समीर जी की फ़ेसबुक वॉल से– बात कुछ लम्बी है, पर रोज़मर्रा के काम की है। पूरा पढ़ लेंगे तो शायद औरों को भी पढ़ाना चाहेंगे। होम्योपैथी दोतरफ़ा चिकित्सा पद्धति है। मरीज़ को जागरूक […]

हंगामा क्यों है बरपा रवीश को मैग्सेसे पुरस्कार मिलने से

August 3, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ रवीश कुमार को यह याद रखना चाहिए कि जहाँ ज्यादा अपेक्षाएं होती हैं वहाँ विरोध भी उतना ही मुखर होता है । आज एक नये राजनीतिक दर्शन के विषय में ज्ञान […]

उन्नाव दुष्कर्म काण्ड : राष्ट्रीय लज्जा का विषय!

July 30, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– ■ मुख्यमन्त्री, प्रधानमन्त्री, पुलिस-प्रशासन– सभी के सामने वह अनाथ गिड़गिड़ाती रही, सभी ने पल्ले झाड़ लिये; परिणाम….ओफ़्फ़! ◆ ‘नारी-स्वाभिमान’ और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की बड़ी-बड़ी बातें करनेवालो! तुम सभी का सर्वनाश हो। […]

आप समस्त सुशिक्षित-प्रशिक्षित ‘अनियोजित’ (बेरोज़गार) विद्यार्थियों के लिए एक गुरु (डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय) का सन्देश’

July 29, 2019 0

सामूहिक आर्थिक साम्राज्य की स्थापना करें। आप अनियोजित (बेरोज़गार) विद्यार्थियों की संख्या लाखों में है और आप में अभियोग्यता की कोई कमी नहीं है। आप सभी मिलकर एक ‘प्रतियोगी प्रकाशन’ आरम्भ करके अरबों-खरबों रुपये सम्मान […]

भारत की नई गोल्डन गर्ल हिमा दास

July 26, 2019 0

राम वशिष्ठ (स्वतंत्र पत्रकार, लेखक व फिल्म निर्देशक)- आज के लिए जब विषय चुन रहा था तो बहुत से विषय सामने थे । लेकिन मैंने भारत की नई गोल्डन गर्ल हिमा दास को चुना । […]

20 साल पहले हुए कारगिल युद्ध के बारे में विशेष बातें

July 26, 2019 0

जयति जैन ‘नूतन’– कारगिल युद्ध (करगिल: kargil) में शहीद हुए जवानों के सम्मान हेतु मनाया जाने वाला कारगिल विजय दिवस, 26 जुलाई को मनाया जाता है। कारगिल युद्ध भारतीय सेना के साहस और जांबाजी का […]

अब्दुल कलाम के विचार आज भी प्रासंगिक

July 24, 2019 0

संदर्भ:- 27 जुलाई (स्मृति दिवस) राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”, कवि, साहित्यकार हम केवल तभी याद किये जायेंगे जब हम हमारी युवा पीढ़ी को एक समृद्ध और सुरक्षित भारत दें जो आर्थिक समृद्धि और सभ्यता की […]

प्रियंका वाड्रा ने मृतकों के स्वजन से मिलकर कौन-सा अपराध किया है?

July 20, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- प्रियंका वाड्रा यदि सोनभद्र में मारे गये लोग के स्वजन से मिलने गयी हैं तो कैसा राजनीतिक पहाड़ टूट पड़ा है? योगी और नवनिर्वाचित अध्यक्ष स्वतन्त्र देव सिंह को मिरची क्यों लग […]

उत्तरप्रदेश में अपराधतन्त्र पर कोई लगाम नहीं

July 19, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- एक अरसे से उत्तरप्रदेश को अपराध की ज़मीन के रूप में देखा जा रहा है; परन्तु जो भी मुख्यमन्त्री रहा, उसने ऐसा कुछ भी नहीं किया, जिससे अपराध पर नियन्त्रण देखा जाये। […]

सतगुरु ज्ञान का दीप जलाए

July 15, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”, प्रधान संपादक, समाचार संगम भीड़ लगी है। लोग संत के भेष बनाकर जनता को ठग रहे हैं। नकली गुरु आये दिन पकड़ में आ रहे गया। उनका पर्दाफाश हो रहा है। इसलिए […]

साक्षी मैं तुम्हारे साथ हूँ …

July 13, 2019 0

साक्षी मैं तुम्हारे साथ हूँ । भगवान करे जितने भी तुम्हारे साथ हैं उन सबकी बहन और बेटियाँ यही करते हुए उनका मानवर्धन करें जैसे तुमने किया है । विशेषत: यह सब टीआरपी वाली के […]

सई नदी कोई नाला या ड्रेन नहीं, जो उसके किनारों को चमकाने से प्रवाह मार्ग के अवरोध दूर हो जाएंगे

June 24, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी- हरदोई में सई नदी को बचाने के लिए प्रयास किए जा रहें हैं । सई नदी के समुचित प्रवाह के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर तटवर्ती ग्राम सभाओं द्वारा राष्ट्रीय रोज़गार गारण्टी […]

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ के साथ साक्षात्कार :- मजबूत इरादों के शिवांकित खुले आसमान में उड़ने को हैं तैयार

June 20, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ – उम्र भले ही छोटी है इनकी, मगर इरादे बहुत मजबूत हैं। ये है मध्यप्रदेश के सतना जिले के निवासी शिवांकित तिवारी ‘शिवा’ जिनको बचपन से कविताएं लिखने का शौक रहा है […]

क्या सरकारी बैंक देते है जाति आधार पर Education Loan, 6 महीने SBI के चक्कर काटने के बाद छात्र ने लिखा Suicide Note

May 28, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’- तुम सामान्य कैटेगरी में पैदा हुए हो तो अब ऐसे ही भटकोगे, कोई तुम्हारी बात नहीं सुनेगा सरकार युवाओं के लिए कितनी भी योजनाए क्यों न ले आएं, लेकिन सरकारी बैंकों की […]

‘निर्वाचन आयोग’ की कार्यपद्धति न्यायपरक नहीं?

May 18, 2019 0

— डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और कुछ आयुक्तों में सत्ताधारियों के प्रति जो निष्ठा दिखती आ रही है और जिस ‘निर्वाचन आयोग’ की कार्यपद्धति को लेकर मैं लगातार उसे न्याय के […]

सामाजिक समरसता और विकास के बीच जननायक बन जाने वाले मोदी देश के विभाजक कैसे ?

May 11, 2019 0

राम वशिष्ठ (युवा फ़िल्मकार, चिन्तक / विचारक)- कल यानी शुक्रवार 10 मई दोपहर में सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक ख़बर वायरल हो रही थी और वो खबर प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ी है । खबर […]

राष्ट्रहित में योगदान – सिर्फ मतदान

May 7, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’- भारत देश में लोकतंत्र का उत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है क्योंकि यह महापर्व पांच सालों में एक बार आता है। विशेषतया भारत देश जैसे सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश […]

बांटने की राजनीति का क्यों बने हम हिस्सा

April 14, 2019 0

अभिषेक कांत पांडेय prakharchetnablogspot.com जातिप्रथा समाज में सबसे बड़ी बुराई बनी हुई है। हिंदू समाज अगड़े, पिछड़े व दलित जातियों में बंटा है। यही नहीं अलग-अलग धर्म के लोगों में भी अपनी संस्कृति व विचारों […]

चुनावी चिट्ठी – कैसे माने कि देश में अराजकता है ?

April 7, 2019 0

राम वशिष्ठ स्वतंत्र लेखक व फिल्मकार- साहिबान, आज की चिट्ठी में चुनाव के एक ऐसे मुद्दे पर बात करते हैं जो बड़ा अजीबोगरीब है । अजीबोगरीब इसलिए कि चुनाव के दौर में प्रत्याशी एक दूसरे […]

लोकसभा चुनाव: बदलनी होगी भाजपा को रणनीति

April 6, 2019 0

अभिषेक कांत पाण्डेय (लेखक/पत्रकार, मध्यप्रदेश)- पांच राज्यों के चुनाव के बाद भाजपा के खेमें में मंथन का दौर चल रहा है तो वहीं कांग्रेस इस जीत के प्रति बहुत उत्साहित है। कांग्रेस की यह विजय […]

‘चौकीदार’ और ‘पोस्टर ब्वॉय’! उत्तरप्रदेश में, ‘अग्निपरीक्षा’ के लिए तैयार रहो

January 5, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – जिन किसानों के पास १०, १५, ३५ रुपये के चेक़ ‘किसान ऋणमाफ़ी’ के रूप में भेजकर उनका अपमान किया गया है और उनकी दुर्दशा की गयी है, अब उन्हें सियासी दाँव-पेच […]

नया साल नया संकल्प, स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत के विचार के साथ बालामऊ गाँव में युवाओं ने पुनर्जीवित किया प्राचीन विशाल कुआँ

January 1, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार राघव- नया साल नया संकल्प स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत । स्वच्छता और मानसिकता साथ ही चलते हैं । किसी और पर स्वच्छता के लिए आश्रित होना तो एक तरह से पाप है । […]

पाँच राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनावों का विश्लेषण

December 12, 2018 0

राम वशिष्ठ- पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे कल देर रात तक प्राप्त हुए । इन चुनावों विशेषकर हिन्दी पट्टी के राज्य मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनावों को 2019 के लोकसभा […]

इलाहाबाद की सड़कों पर मौत का बसेरा!

June 10, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मानसून अपने उड़न-पथ पर आनेवाला है। इस दृष्टि से उत्तरप्रदेश का मुख्य जनपद ‘इलाहाबाद’ में ‘ख़तरे की घण्टी’ बज चुकी है; परन्तु यहाँ का प्रशासन ‘चैन की बंशी’ बजा रहा है। लगभग […]

स्किल्स देखेंगे तो गाँव गाँव में मिलेगी

June 9, 2018 0

प्रभात सिंह (मान्यता प्राप्त पत्रकार)- रज्जन, शफीक, मुजीब, हिना नाम से क्या होता है ?….कार्टून नेटवर्क, प्ले स्कूल, तमीज, एटिकेट्स, इंग्लिश विंग्लिश से दूर गाँव में स्किल्स देखने की किसे फुरसत है। कुछ नन्हे बच्चे […]

पत्रकारिता ‘मौज-मस्ती’ नहीं, ‘साधना’ है

June 3, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कहाँ से शुरू करूँ? यह प्रश्न स्वाभाविक है; क्योंकि मैं ‘नख-शिख’ स्वयं में ‘पत्रकारिता’ हूँ। तीन अंकों में भी अर्जन किया और पाँच अंकों में भी। इन्हीं तीन और पाँच के बीच […]

शिक्षा जगत के अनमोल रत्न

May 29, 2018 0

मित्रों आज हम आपका परिचय मिशन शिक्षण संवाद के माध्यम से बेसिक शिक्षा के एक ऐसे महान व्यक्तित्व के धनी कर्मयोगी अनमोल रत्न आदर्श शिक्षक आदरणीय श्री कृष्ण मुरारी उपाध्याय जी जनपद-ललितपुर से परिचय करा […]

त्वरित टिप्पणी : बंगाल में टी०एम०सी०, बी०जे०पी० तथा सी०पी०एम० के नेताओं की खुली गुण्डागर्दी

May 14, 2018 0

 डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय  प. बंगाल के ५८ हज़ार पंचायत-चुनाव में तृणमूल काँग्रेस, भारतीय जनता पार्टी तथा साम्यवादी पार्टी के राजनेताओं और कार्यकर्त्ताओं ने जमकर गुण्डागर्दी की है, जिसमें पाँच राजनीतिक कार्यकर्त्ताओं की मृत्यु हो चुकी है, […]

एक अन्तर्द्वन्द्व ०—- ‘मन और काम’ की सत्ता और महत्ता 0

May 13, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मन चंचल है और चपल भी; बाँधने के लिए आगे बढ़ता हूँ तो अँगुलियाँ छिटक जाती हैं और मनभाव को एकाग्र करने की प्रक्रिया से सम्बद्ध होता हूँ तो उपालम्भ के स्वर […]

समाचार-चैनल के महिला-पुरुष एंकरो! शर्म करो

April 22, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आश्चर्य है, जितने भी समाचार-चैनल हैं, उनमें काम करनेवाले सभी एंकर यह जानते ही नहीं कि किसी कार्यक्रम में ‘एंकर’ की क्या भूमिका होती है। इस अनभिज्ञता को सभी एंकरों की कर्मशैली […]

नारी-सम्मान को आघात पहुँचानेवाला ‘फेवीकोल इजी स्प्रे’ का विज्ञापन!..?

April 22, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय दूरदर्शन के सभी चैनलों (सरकारी-ग़ैरसरकारी) पर ‘फेवीकोल’ का जो विज्ञापन सुनाया-दिखाया जा रहा है, वह निस्सन्देह, नारी-सम्मान के प्रति अक्षम्य धृष्टता है। देश के सूचना एवं प्रसारण-मन्त्रालय को सम्बद्ध विज्ञापन-एजेंसी से स्पष्टीकरण […]

आठ राज्यों के ए०टी०एम० के रुपये गये कहाँ?

April 17, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश के प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी-द्वारा ‘प्रधान मन्त्री का देश के नाम सन्देश’ को जिस रात्रि देश के समाचार-चैनलों के माध्यम से ‘नोट-परिवर्त्तन’/’नोटबन्दी’ की अप्रत्याशित घोषणा के रूप में प्रसारित किया गया […]

आसिफ़ा सामूहिक बलात्कार और हत्याकाण्ड ने ‘भारत’ को कलंकित किया है !..?

April 12, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कठुआ (जम्मू-कश्मीर) में निर्दोष आसिफ़ा का अपहरण कर लिया गया और सात दिनों तक नशे की सुइयाँ देकर आदमख़ोर एक मन्दिर में उसके शरीर के साथ दरिंदगी के खेल खेलते रहे और […]

सन्त, साधु, योगी आदिक राजनीति में लिप्त नहीं होते

April 6, 2018 0

  डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सुर-सुरा-सुन्दरी में निमग्न ‘हिन्दू-संस्कृति’ के पोषण करने के नाम पर ख्यात-सुख्यात-कुख्यात बाबाओं की एक ऐसी श्रृंखला छनक-छनक कर सामने आने लगी है, जो ‘भूमिगत’ शैली में निर्दोष भावना-संवेदना के साथ क्रूर […]

भारत बन्द’ आतंकी आन्दोलन के सारे नेताओं को गिरिफ़्तार करो

April 4, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय तथाकथित भारत बन्द के समय आतंकवाद फैलाने में बहुजन समाज पार्टी के अतिरिक्त काँग्रेस, समाजवादी पार्टी इत्यादिक नेताओं की ‘जघन्य’ भूमिका दिख रही है। इसके साथ ही आतंकवाद को रोकने में केन्द्र […]

चिन्तन- जो पढ़े सो मूरख, न पढ़े महामूरख

April 1, 2018 0

अनन्तगामी हो चुके भारत के व्यतीत राष्ट्रपति अबुल पाकिर जैनुलआब्दीन साहब का एक विचार रेडियो समाचारों के ठीक पहले सुनता हूँ- “ यदि लोग मुझे अच्छे शिक्षक के रूप में याद रखेंगे तो मेरे लिए […]

देश के घृणित राजनेता ‘देश’ को ‘गिरवी’ रखना चाहते हैं

April 1, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (यह टिप्पणी अपेक्षाकृत ईमानदार नेताओं के लिए नहीं है।) धर्म और जाति के नाम पर घृणित राजनेता जिस तरह की राजनीति करते आ रहे हैं, उससे ‘भारतराष्ट्र’ कितना पिछड़ता जा रहा है, […]

देश के युवाओ! सरकार को ललकारो

March 29, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज देश की सरकार की उदासीन असहाय दशा-दिशा के कारण हमारा युवावर्ग हताशा, कुण्ठा, निराशा तथा अवसाद का जीवन जीने के लिए बाध्य है। ऐसा इसलिए भी कि राष्ट्रीय नेतृत्व की इच्छाशक्ति […]

योगी के उत्तरप्रदेश में “डंके की चोट पर” ‘ठाकुरवाद’ और ‘निरंकुशवाद’

March 29, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मुलायम सिंह यादव की सत्ताकालावधि में जिस तरह से ‘यादववाद’ की महामारी फैली हुई थी; मायावती के राजकाल में ‘दलितवाद’ का कुष्ठरोग विस्तार पा रहा था, उसी प्रकार का संक्रमणरोग वर्तमान मुख्य […]

सी०बी०एस०ई० की बारहवीं कक्षा के एकाउण्टेंसी का प्रश्नपत्र कैसे ‘लीक’ हुआ?

March 15, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बारहवीं कक्षा के ‘एकाउण्टेंसी’ विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पूर्व ही ‘लीक’ होने की जानकारी आते ही परीक्षाभवन से बाहर आये परीक्षार्थियों में क्षोभ व्याप्त हो गया। ‘लीक’ हुए प्रश्नपत्र और मूल […]

मुस्कान के पीछे छुपा दर्द…

March 6, 2018 0

अमित धर्मसिंह- किसी की मुस्कान के पीछे इतना दर्द छिपा हो सकता है यह मैंने आज देखा। फोटो में दिखाई देने वाली लड़की राजेश कुमारी है। मुज़फ्फर नगर के गाँव सराय रसूलपुर की रहने वाली […]

उत्तरप्रदेश की कोख में ‘क्रान्ति’ का बीज बो दो!

March 2, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- उत्तरप्रदेश में सफल बी०एड्०, बी०टी०सी०, कर्मचारी चयन आयोग, उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग के अभ्यर्थीगण की आवाज़ को बहरी-गूँगी सरकार तक पहुँचाने के लिए हम योजनाबद्ध ढंग से अब एक अप्रत्याशित और अभूतपूर्व क्रान्ति […]

शोध का विषय : नरेन्द्र मोदी का मिथ्यावादी व्यक्तित्व-कर्त्तृत्व

February 23, 2018 0

‘नरेन्द्र मोदी’ नामक जीव को ऊपरवाले ने बहुत फ़ुर्सत से बनाया है। डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के राज्यों में पढ़े-लिखे युवा बेरोज़गार चार हज़ार-पाँच हज़ार की नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं और मुख्य […]

अकल्पनीय, अविश्वसनीय, अद्भुत प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी

February 22, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल (२२ फ़रवरी, २०१८ ई०) उत्तरप्रदेश की महिमा का बखान करते समय नरेन्द्र मोदी को तथाकथित हिन्दुओं के मन्दिर और धार्मिक स्थान आदिक याद रहे; जैन, बौद्धों, मुसलमानों, सिक्खों, ईसाइयों की देन […]

Front seat – back seat

February 19, 2018 0

Mr. Mahendra Maharishi, Gurgaon (EX. SENIOR BROADCASTING OFFICER, DD NATIONAL) Those of us who saw British era city transport vehicles , must be familiar with tongas, buggy or erstwhile horse driven carts. Gandhi-Jinnah going together […]

लखनऊ में बी०टी०सी० अभ्यर्थियों को पुलिस ने लाठियों से क्यों मारा?

February 16, 2018 0

 डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल (१५ फरवरी, २०१८ ई०) का दिन उत्तरप्रदेश-शासन के लिए बर्बरता का था; काला दिन था। उत्तरप्रदेश की दिव्यांग सरकार लगभग एक वर्ष से न्याय की माँग करनेवाले बी०टी०सी० के सफल अभ्यर्थियों […]

अखण्ड भारत के सपने को पंख लगाता केवल उत्तर प्रदेश

February 7, 2018 0

जगन्नाथ शुक्ल✍ प्रतियोगी छात्र (इलाहाबाद)  उत्तर प्रदेश भारत वर्ष का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है, सीमित संसाधनों के मध्य यहाँ की बहुसंख्य जनता जीवन-यापन करती है। वर्तमान में भारतवर्ष के अधिसंख्य राज्यों की भाँति उत्तर प्रदेश […]

जागो, जनता जागो – संवेदनहीन-अमानवीय-क्रूर सरकार की घिनौनी बैंकिंग नीति

January 30, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बैंक-खाते को ‘आधार कार्ड’ से जोड़ने की अनिवार्य व्यवस्था कराकर, देश की सरकार बच्चों के भी ब्याज में सेंधमारी करा रही है। ‘१५ जी’ फॉर्म को भरने के बाद भी बच्चों की […]

खबर का असर- कैबिनेट मन्त्री श्री सत्यदेव पचौरी ने मामले में लिया संज्ञान

January 14, 2018 0

कल https://www.indianvoice24.com के ट्विटर हैण्डल से कैबिनेट मन्त्री श्री सत्यदेव पचौरी जी व जिलाधिकारी हरदोई से अपील की गयी थी कि हरदोई के कछौना विकास खण्ड में कलौली निवासी छोटेलाल नाम का एक नेत्रहीन दिव्यांग शौचालय व […]

विश्व-न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार भारत के चार न्यायाधीशों ने अपने मुख्य न्यायाधीश को कटघरे में ला खड़ा किया है

January 13, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – भारत में उच्चतम न्यायालय के चार न्यायाधीशों ने कल (१२ जनवरी, २०१८ ई०) भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र पर स्वेच्छाचारिता का आरोप मढ़ते हुए, अपना विरोध सार्वजनिक कर दिया है। […]

देश की सरकार चलानेवालों का नारा ‘सबका साथ-सबका विकास’ सचमुच एक ढकोसला सिद्ध हो रहा है?

January 1, 2018 0

बौद्धिक परिसंवाद-आयोजन संयोजक-सूत्रधार : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यहाँ हमने ‘मुक्त मीडिया’ के उन मित्रों के विचार आमन्त्रित किये हैं, जो बौद्धिक धरातल पर उन्नत हैं। आपने कभी यह जानने का प्रयास किया है :—- देश […]

क्या बाबा के इस आध्यात्मिक पाप का सहयोगी ये समाज नहीं है ?

December 24, 2017 0

 आशीष दीक्षित सागर बांंदा- बाँदा से लेकर दिल्ली तक मीडिया में छाए बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित के लिए न देशभक्त आये और न कोई करणी सेना , बजरंग दल, शिवसेना । सैकड़ों लड़कियों को चरणदासी […]

भारत-भारतीयता तथा सनातन संकट में!

December 10, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-  काँग्रेस और साम्यवादी अलग-अलग विचारधारा के रहे हैं और उनके विचार-व्यवहार कभी मौलिक नहीं रहे हैं, इसीलिए आदर्शपूर्ण सारे सिद्धान्तों को चुल्लू-भर पानी में डुबोते हुए, दोनों ने एक-दूसरे के साथ अप्रत्याशित […]

लोकसंसद में विमर्श : इ०वी०एम० की क्रियाप्रणाली पर जब बार-बार अँगुलियाँ उठ रही हैं तब ‘मतदानपत्र’ की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती?

December 7, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- कवि प्रशान्त मिश्र- महोदय अभी तक खूब रखा । जब देश को गाली व भारत माँ को लोग गाली देते हैं, तब आप जैसे लोग कुछ नहीं कहते । डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- […]

परिचर्चा- देश का विपक्ष जब तक एकजुट नहीं होगा, लोकतन्त्र कराहता रहेगा

November 30, 2017 0

सूत्रधार : पृथ्वीनाथ पाण्डेय-  अनिवेर्ति तिवारी- सर वर्तमान में दलीय तानाशाही का यह सबसे प्रमुख कारण है । पृथ्वीनाथ पाण्डेय- बिलकुल, सभी दलवाले अहम्मन्यता से ग्रस्त हैं, जिसका दूरगामी परिणाम दिख रहा है। निर्भय विक्रम […]

शुद्ध शब्द ‘बीभत्स’ है अथवा ‘वीभत्स’?

November 27, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- यहाँ पर दो शब्द हैं : ‘बीभत्स’ और ‘वीभत्स’। ‘मुक्त मीडिया’ की एक मित्र हैं, ‘सुधा मिश्र द्विवेदी जी’। सुधा जी रेलविभाग में ‘राजभाषा-अधिकारी’ हैं; कई भाषाओं की ज्ञाता हैं तथा ‘गोल्ड […]

राजनेताओं का बड़बोलापन खुली गुण्डागर्दी है ?

November 24, 2017 0

सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ——० परिसंवाद-आयोजन०—— अभी हाल ही में देश के प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी पर काँग्रेस की ओर से की गयी ट्वीट अति निन्दनीय है और बीभत्स भी, जिसकी ‘मुक्त मीडिया’ भर्त्त्सना […]

परिसंवाद का विषय : यदि पुत्र ‘कुपुत्र’ होता है तो माता भी ‘कुमाता’ होती है?

November 21, 2017 0

०परिसंवाद-आयोजन० सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय  कर्ण का दोष क्या था?  पन्ना धाय के पुत्र का दोष क्या था?  एकलव्य का दोष क्या था ? कबीर का दोष क्या था?  ध्रुव का क्या दोष था? […]

प्रश्न : ‘पद्मिनी’ के नाम पर देश में आतंकवाद!

November 18, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अपने को क्षत्राणी बताकर तलवारें चमकानेवाली महिलाएँ उत्तर दें :—- १- ‘पद्मावती’ रानी थी अथवा महारानी थी? २- रानी और महारानी में किन्हीं तीन अन्तर को बता सकती हो? ३- मलिक मुहम्मद […]

व्यंग्य- ‘सामान्य वर्ग’ का अभिशाप

November 17, 2017 0

आदित्य सिंह- उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में तीन सदस्यीय साक्षात्कार बोर्ड ने पूछे मुझसे ये प्रश्न… 1) माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल में कितने तरह के चार्ट बनाये जा सकते हैं? 2) माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल में एक्टिव […]

देश की सरकार का जी०एस०टी० पर पलटी मारना, अनुभवहीनता का परिचायक है?

November 11, 2017 0

——-०परिसंवाद-आयोजन०——- सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विषय : देश की सरकार का जी०एस०टी० पर पलटी मारना, अनुभवहीनता का परिचायक है? जिस तरह से आज (१० नवम्बर, २०१७ ई०) देश की सरकार ने १७७ वस्तुओं पर […]

देश के किसानों के साथ ‘समर्थन मूल्य’ दिये जाने के नाम पर केन्द्र-राज्य की सरकारें अब तक घिनौना मज़ाक़ करती आ रही हैं?

November 10, 2017 0

परिसंवाद-आयोजन संयोजक-सूत्रधार : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विषय : देश के किसानों के साथ ‘समर्थन मूल्य’ दिये जाने के नाम पर केन्द्र-राज्य की सरकारें अब तक घिनौना मज़ाक़ करती आ रही हैं? आज देश के १७ […]

परिसंवाद-आयोजन – विषय : ‘दलित’ शब्द के स्थान पर अब ‘सर्वहारा’ शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए?

November 8, 2017 0

संयोजक-सूत्रधार : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय निस्सन्देह, यह गम्भीर विषय है; जिसका सामाजिक महत्त्व कम, परन्तु ‘राजनीतिक’ बहुत अधिक है। इसी ‘दलित’ शब्द को देश के राजनेताओं और मीडियाकर्मियों ने भारतीय समाज में इस रूप में […]

भारतीय ‘नोटबन्दी’ का कृष्णपक्ष!

November 8, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ० देश के सैकड़ों लोग बैंक की क़तारों में खड़े-खड़े दम तोड़ दिये थे। ० देश की सारी जनता का जीवन अस्त-व्यस्त रहा। ० आहार, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, निवास, खेती-किसानी आदिक पूर्णत: […]

लोक संसद में आज का प्रश्न- ‘हिन्दू-समाज’ जयश्री राम’ के स्थान पर ‘जयश्री भरत’ क्यों नहीं कहता?

October 30, 2017 0

संचालक- डॉ. पृथ्वीनाथ पाण्डेय लोक संसद में आज का प्रश्न- ‘हिन्दू-समाज’ जयश्री राम’ के स्थान पर ‘जयश्री भरत’ क्यों नहीं कहता? देवेन्द्र कुमार तिवारी- सत्य हैं, इससे देश की एकता और अखंडता को बल मिलेगा। प्रदीप […]

‘मुद्रित माध्यम’ (प्रिण्ट मीडिया) में अब ‘विशेषज्ञ’ पत्रकारों की आवश्यकता है?

October 18, 2017 0

–—–०परिसंवाद-आयोजन०—— संयोजक-सूत्रधार : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिद्वन्द्विता है, प्रतियोगिता है तथा प्रतिस्पर्द्धा भी। ‘मुद्रित माध्यम’ (समाचारपत्र-पत्रिकाएँ) भी इनसे अछूती नहीं हैं। किसी भी समाचारपत्र अथवा पत्रिका के पन्ने पलटते जाइए फिर […]

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