आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला
शब्द :— आरोपी-आरोपित आरोपी (वादी)– जो व्यक्ति किसी पर आरोप मढ़ता हो; जैसे– उसने मेरे घर चोरी की थी। आरोपित (प्रतिवादी)– जिस व्यक्ति पर आरोप मढ़ा जाये; जैसे– यही वह चोर है, जिसने चोरी की […]
शब्द :— आरोपी-आरोपित आरोपी (वादी)– जो व्यक्ति किसी पर आरोप मढ़ता हो; जैसे– उसने मेरे घर चोरी की थी। आरोपित (प्रतिवादी)– जिस व्यक्ति पर आरोप मढ़ा जाये; जैसे– यही वह चोर है, जिसने चोरी की […]
● शब्द-विचार– ज़िम्म:दार-ज़िम्म:वार/ज़िम्मादार-ज़िम्मावार ● शुद्ध शब्द ‘ज़िम्म:दार’ और ‘ज़िम्म:वार’ हैं। अब प्रयोग के धरातल पर यही दोनो शब्द क्रमश: ‘ज़िम्मेदार’ और ‘ज़िम्मेवार’ बन गये हैं, जो कि अशुद्ध और अनुपयुक्त हैं। हम इसका ‘ज़िम्मादार’ और […]
■ निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करें–(यह वाक्य निर्देशात्मक है, इसलिए यहाँ ‘निर्देशक- चिह्न’ (–) प्रयुक्त हुआ है।)वाक्य– कल रुई(रूई) की खेती होती है। सकारण उत्तर•••••••••••••••यह प्रश्न देखने में सहज लग रहा है, जबकि है नहीं। […]
—-व्याकरण से ‘आत्मा’ क्या है, समझें (सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १४ जून, २०२२ ईसवी।)
विषय– एक सामान्य प्रकार का पत्रलेखन ‘यू ट्यूब’ पर ऐसे-ऐसे जानकारशास्त्री अवतरित होते आ रहे हैं, जिनका बुद्धि-वैभव देख-समझकर विद्रूपतापूर्ण हँसी आती है। ऐसी-ऐसी पुरुष-महिलाएँ भाषाज्ञान कराने और अन्य विषयों पर ज्ञान बघारने के लिए […]
शब्द– एहसास-एहसान, दम्पती, नवरात्र, ब्रह्मा तथा मनोरंजन। ★ एहसास– प्राय: जनसामान्य इस शब्द को ‘अहसास’ बोलता-लिखता आ रहा है, जो कि पूरी तरह से ग़लत है। कुछ लोग तो एहसास का हिन्दीकरण ‘अहसास’ समझते और […]
शब्द– परिवेश और परिवेष। ★ परिवेश– यह ‘संस्कृत-भाषा’ का शब्द है। शब्दभेद की दृष्टि से यह विकारी ‘संज्ञा-शब्द’ है। लिंगानुशासन इसे ‘पुंल्लिंग’ (‘पुंलिंग’, ‘पुल्लिंग’ अशुद्ध हैं।) के रूप मे स्वीकार (‘स्वीकारता’ अशुद्ध है।) करता है। […]
निर्देश– एक शब्द मे प्रयुक्त अक्षरों की सहायता से सार्थक शब्द बनायें (‘बनाएँ’ अशुद्ध है।) और उसका अर्थ भी बतायें—जैसे— आराधना = पूजा-अर्चना-उपासना।आराधना मे चार अक्षर हैं। इस शब्द के अन्तर्गत इन्हीं चार अक्षरों की […]
एक आभासी मित्र के लेखन पर मैने एक टिप्पणी की थी :—“ध्यातव्य– व्यक्ति का निर्माण कोई नहीं कर सकता; निर्माण केवल ‘कृत्रिम वस्तु’ का होता है। आप कर सकते हैं– व्यक्तित्व का विकास/संवर्द्धन।”इस पर उनकी […]
यहाँ उन शब्दों के प्रयोग पर सम्यक् विचार किया गया है, जो शुद्ध हैं और उपयुक्त भी। आप उच्चारण और लेखन-स्तर पर उन शुद्ध शब्दों को भक्तिभाव के साथ ग्रहण करते हुए, समाज का भाषिक […]
आइए! सत्य-संधान करें। प्राय: सत्य स्वयं मे नितान्त कटु होता है। इसका आयाम बृहद् है— कहीं मृदु अनुभव होता है तो कहीं कठोर। यहीं पर सत्य की प्रियता-अप्रियता की यापित काल-खण्डों मे गहन अनुभूति होती […]
‘वर्णमाला’ के अन्तर्गत हमारे अधिकतर अध्यापक- वृन्द ‘वर्ण’ और ‘अक्षर’ की बात करते हैं। पुस्तकों में इस आशय की परिभाषा विद्यार्थियों को भ्रमित करती है :– वर्ण को ‘अक्षर’ भी कहते हैं। ऐसे में ही, […]
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (१० अप्रैल) ‘रविवार’ रहेगा और आपको ‘झंकार’ के दूसरे पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की रविवासरीय भाषिक प्रस्तुति ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत ‘भाषा की पाठशाला’ मे महत्त्वपूर्ण शब्दों :– ‘अरण्यरोदन’, ‘छूमन्तर’, ‘ठठोली’ आदिक का […]
कल (३ अप्रैल) रविवार रहेगा। देश-देशान्तर मे बड़ी संख्या मे विद्यार्थी और प्रबुद्धवृन्द को ‘दैनिक जागरण-परिवार’ के सौजन्य से विगत छ: वर्षों से प्रस्तुत किये जा रहे इस भाषिक अभियान की चिर-प्रतीक्षा रहती है और […]
खेद है! शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) और माध्यमिक शिक्षा परिषद् के सभापति श्री विनय कुमार पाण्डेय को यही नहीं मालूम कि परीक्षा ‘निरस्त’ की गयी है या फिर ‘स्थगित’ की गयी है। उल्लेखनीय है कि देश […]
यह एक समाचार-चैनलद्वारा/चैनल-द्वारा प्रस्तुत किया गया समाचार है। (‘चैनल द्वारा’ अशुद्ध शब्द-प्रयोग है; क्योंकि दोनो शब्द पृथक्-पृथक् दिख रहे हैं, जबकि ‘चैनलद्वारा’/’चैनल-द्वारा’/’चैनल ‘के’ द्वारा’ सम्बन्धबोधक कारक है और षष्ठी तत्पुरुष समास का उदाहरण भी।) इस […]
••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कोश– शब्दकोश; कोशिका (प्राकृतिक)।कोष– धन, द्रव्य, रुपये-पैसे, आभूषण इत्यादिक (कृत्रिम)।आगार– भाण्डार; निधि; स्थान; घर।कोशागार– शब्दनिधि, शब्दभाण्डार।कोषागार– धन-दौलत, ख़ज़ानाघर; जिस स्थान पर/जिस जगह रुपये-पैसे-आभूषण को संचित कर रखा गया हो। (सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, […]
कल (२० मार्च) रविवार/रविवासर रहेगा। आप ‘दैनिक जागरण-परिवार’ के सौजन्य से विगत छ: वर्षों से प्रस्तुत की जा रही साप्ताहिक ‘भाषा की पाठशाला’ में अध्ययन करते आ रहे हैं। आप कल पाँच शब्दों के शुद्ध […]
कल (१३ मार्च) रविवार/रविवासर होगा और आप प्रति सप्ताह की भाँति ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के चारपृष्ठीय ‘झंकार’ के द्वितीय पृष्ठ पर ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत हमारी रविवारीय/ रविवासरीय ‘भाषा की […]
इनमे से कौन-से शब्द शुद्ध हैं?(क) आनुशासनिक (ख) अनुशासनिक (ग) अनुषांगिक (घ) आनुषंगिक (ङ) अन्तर्रात्मा (च) अन्तरात्मा (छ) चामत्कारिक (ज) चमत्कारिक (झ) समाचारिक (ञ) सामाचारिक (ट) प्रामाणिक (ठ) प्रमाणिक (ड) सख्योचित (ढ) सख्युचित (ण) आनुषांगिक […]
अधोलिखित मे से कौन-से शब्द शुद्ध नहीं हैं और क्यों? (क) शतप्रतिशत (ख) सौ प्रतिशत (ग) दिनप्रतिदिन (घ) प्रतिदिन (च) स्त्रियोचित (छ) स्त्र्युचित (ज) आभ्यन्तर (झ) अभ्यन्तर उत्तर ग्रहण करें—(क) शतप्रतिशत (पुनरुक्ति-दोष– शत) (ग) दिनप्रतिदिन […]
किसी विषय के प्रश्नपत्र/प्रश्न-पत्र (‘प्रश्न पत्र’ अशुद्ध है।) मे यदि यह प्रश्न हो तो आपका उत्तर कौन-सा (यहाँ ‘क्या’ अशुद्ध है।) होगा? प्रश्न– इनमे से ‘हवा’ के लिए उपयुक्त शब्द है :– (यहाँ ‘है-‘ और […]
कल (२० फ़रवरी) रविवार रहेगा। आप ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की रविवारीय/ रविवासरीय प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ में कल ऐसे अनेक शब्दों का अध्ययन करेंगे, जिनके अर्थ को न समझते हुए, अधिकतर जन मौखिक और लिखित भाषाओं […]
आप प्रत्येक वर्ण के पञ्चमाक्षर/पंचमाक्षर का प्रयोग सम्बन्धित प्रत्येक शब्द में ‘लेखनी’ के माध्यम से तो कर सकते हैं; किन्तु ‘टंकण-माध्यम’ से वैसा सम्भव नहीं हो पा रहा है। ऐसा इसलिए कि सम्बन्धित ‘सॉफ़्टवेअर’ की […]
साहित्यिक संस्थान ‘हिन्दुस्तानी एकेडेमी’-द्वारा अक्षम्य अशुद्ध शब्द-प्रयोग और व्याकरण की अवहेलना ● विशेष– आप ऊपर दिख रहे निमन्त्रणपत्र मे घेरे गये शब्द और वहाँ अंकित (६) अंक की गणना न कर, घेरे गये (७) को […]
प्रयागराज मे ‘आनन्द भवन’ के समीप ‘विश्वगुरु’ ‘भरद्वाज मुनि’ का आश्रम स्थित है। वही भरद्वाज-आश्रम, जहाँ प्रवास करते हुए, दस हज़ार विद्यार्थी प्रतिदिन अध्ययन किया करते थे। भरद्वाज मुनि को ही विश्व का प्रथम कुलाधिपति […]
● अधोलिखित वाक्यों को शुद्ध हिन्दी-भाषा मे बदलें :–(१) शिकायत के लह्जे मे उसने मुझसे कहा था।(२) उसकी चुनौती क़ाबिले रह्म नहीं है।(३) उसकी ईमानदारी ग़ौरतलब है।(४) उसकी आशंकाएँ बेवज्ह नहीं हैं।(५) उसकी तैयारियाँ मुकम्मल […]
“सफलता से वही अछूता रहता है, जिसने एक निश्चित दिनचर्या का निर्धारण न किया हो।” यह तो एक सूत्रवाक्य है। हमारे विद्यार्थियों को इस प्रेरक वाक्य का ‘कल’ विधिवत् पल्लवन और विशदीकरण रूप प्राप्त होगा, […]
हिन्दी का विकास शुद्धतापूर्वक हो, समय की माँग १० जनवरी को ‘विश्व हिन्दीभाषा-दिवस’ के उपलक्ष्य मे ‘सर्जनपीठ’ की ओर से सारस्वत सभागार, लूकरगंज, प्रयागराज मे १० जनवरी को अपराह्न १ बजे से ५ बजे तक […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल १० जनवरी की तिथि रहेगी और कल ही की तिथि मे वर्ष १९७५ मे ‘प्रथम विश्व हिन्दीभाषा सम्मेलन’ का आयोजन नागपुर (महाराष्ट्र) मे किया गया था। इसी उपलक्ष्य मे […]
कल (९ जनवरी) रविवार रहेगा और आप कल के ‘दैनिक जागरण’, ‘नव दुनिया’ तथा ‘नई दुनिया’ के रविवासरीय ‘झंकार’ परिशिष्ट मे ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत ‘भाषा की पाठशाला’ मे यह अध्ययन करेंगे कि ‘देवियों […]
मेरे प्रश्न और विद्यार्थियों के उत्तर••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ● पिछले दिनो सागर (म० प्र०) मे अपनी कर्मशाला मे मैने एक प्रश्न किया था :–इनमे से ‘विकलांग’ के अर्थ मे कौन-सा शब्द शुद्ध है ?(ए) दिव्यांग (बी) अपांग(सी) […]
आज (२३ दिसम्बर) गढ़ाकोटा, सागर-स्थित शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिन्दी-विभाग की ओर से ‘अध्ययन-अध्यापन मे हिन्दी-भाषा की उपयोगिता और महत्ता’ विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय कर्मशाला का आयोजन महाविद्यालय-सभागार मे किया गया। इस कर्मशाला मे प्रयागराज […]
● हटा शासकीय महाविद्यालय की कर्मशाला सम्पन्न मध्यप्रदेश राज्य के दमोह ज़िले के अन्तर्गत हटा-क्षेत्र के शासकीय महाविद्यालय मे आयोजित द्विदिवसीय शैक्षणिक कर्मशाला (२१-२२ दिसम्बर) का कल (२२ दिसम्बर) समापन-अवसर था। इस अवसर पर दो […]
● देश के भाषाविज्ञानी, समालोचक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘अध्ययन-अध्यापन में शुद्ध हिंदी की उपयोगिता’ पर देंगे विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को प्रशिक्षण गढ़ाकोटा 22 दिसंबर, 2021 शासकीय पी०जी० कॉलेज गढ़ाकोटा में हिन्दी-विभाग द्वारा 23 दिसंबर, […]
‘ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण-केन्द्र’ (डाइट, मथुरा) की त्रिदिवसीय (१६-१७-१८ दिसम्बर) ऐतिहासिक ‘भाषा-शिक्षण-प्रशिक्षणकर्मशाला’ के बाद अब भाषाविज्ञानी और समालोचक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हटा, दमोह (म० प्र)) में द्विदिवसीय कर्मशाला (२१-२२ दिसम्बर) ‘शिक्षण-प्रशिक्षण में मौखिक और […]
● शब्दानुशासन धारण कर स्वयं को शब्द-सम्पन्न बनायें– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय डाइट, मथुरा की ओर से पिछले तीन दिनो से संस्थान के मुक्तांगन मे आयोजित की जा रही सारस्वत कर्मशाला का कल (१८ दिसम्बर) […]
● शुद्ध हिन्दी का उच्चारण और लेखन-स्तर पर ग्रहण करने की विकसित करें क्षमता ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण-संस्थान (डाइट), मथुरा के संयोजन में डाइट के मुक्तांगन में गुरुवार से आयोजित की जा रही त्रिदिवसीय हिन्दीभाषा-कर्मशाला […]
भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का जो चिर-परिचित अभियान ‘अपनी भाषा सुधारें’ कोरोना-दुष्प्रभाव के कारण थम गया था, अब उसे गति मिल चुकी है। वे अपने अभियान का आरम्भ मथुरा से करेंगे, जो दमोह तथा […]
आइए! ‘उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग’ के अधिकारियों की पीठ थपथपायें देश के समस्त प्रतियोगी विद्यार्थिवृन्द!अत्यन्त गर्व और गौरव का विषय है कि ‘उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग’, प्रयागराज की ओर से आज (५ दिसम्बर) उत्तरप्रदेश के […]
प्रिय विद्यार्थिवृन्द!अभी हाल ही में अधोलिखित सेवाओं के लिए उनकी प्रारम्भिक परीक्षाओं के परिणाम घोषित किये गये हैं।गहनतापूर्वक विचार करें– उत्तरप्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पी० सी० एस०) और सहायक वन संरक्षक/क्षेत्रीय वन अधिकारी (ए० […]
कल के शब्द :– रेल और रेलवे। कल (२८ नवम्बर) रविवार रहेगा और आपको देश के शीर्षस्थ दैनिक हिन्दी-समाचारपत्र ‘दैनिक जागरण’ और मध्यप्रदेश के पाठकप्रिय दैनिक हिन्दी-समाचारपत्र ‘नई दुनिया’ और ‘नव दुनिया’ के कल के […]
देश के प्रसिद्ध कोचिंग-संस्थान ‘दृष्टि’ की ओर से आयोजित एक छद्म साक्षात् परीक्षा (साक्षात्कार परीक्षा’ अशुद्ध है।) का मूल्यांकन आई० ए० एस०-सेवा के लिए सुनीता नामक अभ्यर्थिनी छद्म ‘साक्षात् परीक्षा’ के लिए बुलायी गयी थी। […]
◆ शब्द– अल्ला और अल्लाह।★ अल्ला– यह ‘संस्कृत-भाषा’ का शब्द है, जो लिंग-निर्धारण के अन्तर्गत स्त्रीलिंग का शब्द है। अधिकतर कोशकार ‘अल्ला’ शब्द को ‘अरबी-भाषा’ बताते हैं, जो कि ‘भयंकर’ दोष है। शब्दभेद की दृष्टि […]
भाषाविज्ञानी और समीक्षक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय को ‘नागरी प्रचारिणी सभा’, आगरा की ओर से आयोजित एक सारस्वत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमन्त्रित किया गया है। वे ६ अक्तूबर को नागरी प्रचारिणी […]
● समाचार-चैनल : ‘न्यूज़ 24’ यहाँ सबसे ऊपर एक चित्र है। इस चित्र के अन्तर्गत दिखाये गये समाचारों का शब्दानुशासन के निकष पर हम भाषिक परीक्षण करेंगे। आइए! चलते हैं, अपनी ‘प्रायोगिक भाषिक कर्मशाला में।अब […]
निम्नांकित शब्दों को सविस्तार समझने के लिए अपने स्वस्थ तर्क-चिन्तन को बोध का आधार बनायें। शुद्ध और उपयुक्त शब्द :– समाधि, उठावनी, पंचतत्त्व में विलीन, पार्थिव शरीर तथा पन्ना-पृष्ठ/पेज। ★ समाधि– इस शब्द को लेकर […]
सामर्थ्य के अवयव (तर्क अथवा वाक्य के पञ्च अंग :– उदाहरण, उपनयन, निगमन, प्रतिज्ञा तथा हेतु) सभी के भीतर हैं; आवश्यकता है, टटोलने की। सामर्थ्य पहले भ्रूणावस्था में रहती है, फिर भीतर-ही-भीतर उसका विकास होता […]
◆ ऊपर दिये गये ‘चित्र’ को गम्भीरतापूर्वक देखें।● न हिन्दी का ज्ञान और न ही अँगरेज़ी का बोध!‘बस-विभाग’ की विमूढ़ता या फिर ‘वाराणसी विकास प्राधिकरण’ का प्रमाद कहा जाये– न हिन्दी का संज्ञान और न […]
प्रश्न– आपको अधोलिखित शब्दों में से जो शब्द/ शब्दप्रयोग अशुद्ध लगते हों, उन्हें शुद्ध करते हुए लिखें—१- समन्दर२- जीवन में सुख और दुख दोनों है।३- पाठ्येत्तर और शिक्षणेतर४- ऋषि पातंजली एवंम् पाणिनि५- उसके साँसों/श्वास में […]
● निम्नांकित वाक्यों/वाक्यांशों में से जो शुद्ध हों, उन्हें लिखें। निर्देश– आपका प्रथम उत्तर ही मान्य होगा। किसी के उत्तर पर कोई प्रतिक्रिया न करें। पाठशाला की ओर से आयोजित इस परीक्षा में समस्त सदस्यवृन्द […]
••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••◆ प्रश्न– निम्नांकित वाक्यांशों में से कौन-से शुद्ध हैं, उन्हें यहाँ लिखें/टंकित करें?१- संवेदनाओं को तीव्रतर से तीव्रतर अनुभव।२- प्रेमचन्द्र के सर्वश्रेष्ठ कहानियां।३- संकल्पों को लेनी हैं।४- चक्रवाती तूफानों का भारी आतंक।५- साहित्य की निर्माण, […]
◆ निम्नांकित वाक्यों/वाक्यांशों को शुद्ध करें :–१- फुलों का विकसित होने से।२- गाड़ी से तीन सवारी गिरा।३- शपथनी का कथन।४- पौधरोपण की।५- उसने श्राप दी।६- महिला कार्यकर्ता आते। शुद्ध उत्तर हैं :–(१) कलियों के विकसित […]
लगभग चार वर्षों से देश के शीर्षस्थ हिन्दी-दैनिक समाचारपत्र ‘दैनिक जागरण’ में हमारी ‘भाषा की पाठशाला’ अनवरत प्रकाशित होती आ रही है। पहले यह ‘प्रति शनिवार’ को सप्तरंग पृष्ठ पर अपना भाषिक आकार ग्रहण करते […]
जो भी जन यह मानते हैं कि तपस्या करने के लिए किसी ‘उपत्यका’ (पहाड़ के समीप का भूभाग/भू-भाग/भू का भाग– षष्ठी तत्पुरुष समास; सम्बन्ध कारक) अथवा ‘अधित्यका’ (पहाड़ के ऊपर का समतल भूभाग) की आवश्यकता […]
मनुष्य यदि आत्मानुशासित नहीं है तो उसे ‘आत्मचिन्तन’ का आश्रय लेना होता है, अन्यथा वह एक ‘रिक्त पात्र’ की तरह से ‘सार्वकालिक वस्तु’ बनकर रह जाता है। अनुशासन का चरित्र वैषम्य (विषमता) से परे का […]
मनुष्य का एक वर्ग ऐसा है, जो योग और योगदान विषय पर प्रवचन तो करता है; परन्तु आचरणस्तर पर जब योगदान करने (यहाँ ‘देने’ अशुद्ध है।) का विषय आता है तब कुतर्क की क्षणिक स्थापना […]
इच्छाशक्ति सुदृढ़ हो तो मनुष्य प्रभंजन (प्रचण्ड वायु) की गति को भी विपरीत दिशा की ओर मोड़ने में समर्थ हो जाता है। पौरुष का अधिकारी वही होता है, जो अपने कथन और कर्म के धरातल […]
नदी अपनी स्वाभाविक गति में (‘गति से’ अशुद्ध है।) बहती रहती है। एक ढेला फेंकने के बाद कुछ क्षण तक जलान्दोलन बना रहता है, तदनन्तर वह अपनी पूर्व-गति पुन: प्राप्त कर लेती है। वह ढेले […]
कोई भी मनुष्य जन्मना ‘विशेष’ नहीं बनता; महान् नहीं बनता। विशेष और महान् बनाती है, उसकी आचरण की सभ्यता और संस्कृति। इसके लिए मनुष्य को आत्मचिन्तन करना पड़ता है। समाज की ‘विकृत’ व्यवस्था के साथ […]
••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••अपने क़लम (‘अपनी क़लम’/’अपने कलम’ अशुद्ध प्रयोग है।) को ईमानदारी के साथ अपनी ताक़त (अरबी-भाषा) बनानेवाला अपनी कलानी (फ़ारसी-भाषा; गौरव) को प्राप्त कर अपने हर लफ़्ज़ से दुन्याया (अरबी-भाषा; संसार; दुनिया/दुनियाँ/दुनियां अशुद्ध है।) को शिकस्त […]
लगभग चार वर्षों से देश के शीर्षस्थ हिन्दी-दैनिक समाचारपत्र ‘दैनिक जागरण’ समाचारपत्र में हमारी ‘भाषा की पाठशाला’ अनवरत प्रकाशित होती आ रही है। पहले यह पाठशाला ‘प्रति शनिवार’ को सप्तरंग पृष्ठ पर अपना भाषिक आकार […]
मनुष्य का जीवन जीवधारी के कठोर साधना और सत्कर्म के परिणामस्वरूप प्राप्त होता है, जिसे ‘सर्वोत्तम योनि’ की संज्ञा प्राप्त है। ऐसे में, यदि मनुष्य साधनारहित होकर प्रतिकूल आचरण करता रहता है तो उसका संचित […]
‘अथर्ववेद’ की एक पंक्ति है, जिसका अर्थ है– जो कुछ भी सम्यक् रूपेण लेखन किया जाता है, वह द्रष्टव्य (‘दृष्टव्य’ अशुद्ध है)/देखने-योग्य/देखनेयोग्य/देखने के योग्य (‘देखने योग्य’ अशुद्ध है।) है। ऐसे में, यहाँ यह एक प्रश्न […]
हे देश के भावी कर्णधार! चाहे तुम अधिक व्याकरण न पढ़ो; परन्तु थोड़ा-बहुत पढ़ो अवश्य, जिससे ‘स्वजन’ (प्रिय बन्धु) और ‘श्वजन’ (कुत्तारूपी बन्धु) शब्दों का अनुपयुक्त प्रयोग न कर सको; ‘सकृत’ (एक बार) के स्थान […]
——० संरचना-पक्ष ०—– ★ रचना— किसी भी उस पद्य अथवा गद्य-कृति को ‘रचना’ कहते हैं, जिसका प्रवाह नैसर्गिक होता है और सर्जन करने के लिए किसी का आश्रय नहीं लेना पड़ता। ★ लेख— किसी विषय […]
विचारणीय शब्द :– ● पूर्वाग्रह● पूर्वग्रह● प्रणाम ● पूर्वाग्रह– यह दीर्घ स्वर सन्धि का उदाहरण है और षष्ठी तत्पुरुष समास का भी। पूर्वाग्रह में प्रामाणिक-अप्रामाणिक और अविवादित-विवादित विषय आते हैं। ऐसे में, कौन कब अप्रामाणिक-विवादास्पद […]
■ ओलम्पिक और ओलिम्पिक इन दोनों में शुद्ध और उपयुक्त शब्द ‘ओलिम्पिक’ है। ईसा-पूर्व ७७६ में ‘ओलिम्पिया’ में प्राचीन ओलिम्पिक-खेलों का समारम्भ किया गया था। ओलिम्पिया यूनान के पश्चिम-भाग में स्थित है, जिसे ओलिम्पिक का […]
कल (१७ जुलाई) ‘शनिवार’ रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के समस्त संस्करणों में कल एक साथ प्रकाशित साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत ‘अभिभूत’, ‘भास्कर’, ‘भास्वर’, ‘भाकर’ आदिक शब्दों […]
••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••शब्दविचार••••••••••••••• परम–१- किसी क्षेत्र में सर्वाधिक उन्नत, सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण।२- किसी दिशा अथवा सीमा में अग्रसर (सबसे आगे बढ़कर चलनेवाला)।३- जिसके हाथों में सम्पूर्ण शक्ति हो (शक्तिमान्)इनके अतिरिक्त मुख्य; आदिम को भी ‘परम’ कहते हैं।उदाहरण के […]
कौन हो ‘तुम’? (सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ९ जुलाई, २०२१ ईसवी।)
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (१० जुलाई) ‘शनिवार’ रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के समस्त संस्करणों में कल एक साथ प्रकाशित साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत ‘मान्यता’, ‘विदेश’, ‘रोग’, ‘जोग’ आदिक शब्दों […]
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ६ जुलाई, २०२१ ईसवी।)
प्रिय विद्यार्थिवृन्द!सारस्वत पथ पर अग्रसर रहे! कल आता है; क्योंकि कल ७ जुलाई है और दिन बुद्धवार। आप इसी दिन प्रतिसप्ताह ‘अमर उजाला उड़ान’ पत्रिका में ‘मार्गदर्शन’ स्तम्भ के अन्तर्गत ‘व्यक्तित्व-संवर्द्धन’ और ‘व्यक्तित्व-परीक्षण’ से सम्बन्धित […]
टी० ह्वी० पर विद्यार्थियों को शिक्षित करने के उद्देश्य से ‘किशोर-मंच’ नामक एक ‘चैनल’ संचालित किया जाता है। आज (३ जुलाई) ‘किशोर-मंच’ चैनल पर रात्रि ११ बजे एक शिक्षक कक्षा नौ की पुस्तक स्पर्श, पाठ […]
कल (३ जुलाई) ‘शनिवार’ रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के समस्त संस्करणों में कल एक साथ प्रकाशित साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत ‘महाभाग-महाभागी’, ‘श्रीमान्-श्रीमन्त’, ‘महानुभाव’, ‘महोदय’ आदिक शब्दों […]
डॉ० शक्तिधरनाथ पाण्डेय : शब्दों के बनावट के आधार पर मुख्यतः तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशज ये चार भेद हैं। किन्तु इन मुख्य भेदों के अतिरिक्त अर्धतत्सम भेद उन्हें कहा जाता है जो शब्दों के […]
प्रिय विद्यार्थिवृन्द!सारस्वत पथ पर अग्रसर रहे! कल आता है; क्योंकि कल ३० जून है और दिन बुद्धवार। आप इसी दिन प्रतिसप्ताह ‘अमर उजाला उड़ान’ पत्रिका में ‘मार्गदर्शन’ स्तम्भ के अन्तर्गत ‘व्यक्तित्व-संवर्द्धन’ और ‘व्यक्तित्व-परीक्षण’ से सम्बन्धित […]
डी० ए० वी० पश्चिम बंगाल-प्रक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रशिक्षण-केन्द्र-द्वारा क्षमता-संवर्द्धन प्रशिक्षण-कार्यक्रम में व्याकरण का संज्ञान कराने के लिए डी० ए० वी० मॉडल स्कूल के बीस विद्यालयों की हिन्दी-अध्यापक- अध्यापिकाओं को भाषाविद्-भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने […]
कल (१९ जून) ‘शनिवार’ रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के समस्त संस्करणों में कल एक साथ प्रकाशित साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत ‘जन्मजयन्ती’, ‘जयन्ती’, ‘जन्मदिन’, ‘जन्मतिथि’ तथा कई […]
••••••••••••••••••••••••••••••••••◆ निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को कारण-सहित विशद (स्पष्ट) रूप में शुद्ध करें।■ अशुद्ध वाक्य है– प्राधानाचार्या महोदय! आपके दर्शनों को पाकर मैं अभिभूति हूँ।● अब इस वाक्य की अशुद्धियों को विस्तारपूर्वक समझते हुए, इसके शुद्ध […]
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••प्रियवर विद्यार्थिवृन्द!सारस्वत पथ पर अग्रसर रहे! (‘रहें’ और ‘रहें!’ अशुद्ध प्रयोग हैं; क्योंकि यहाँ ‘इच्छासूचक’ वाक्य है।) हमारे साप्ताहिक (बुद्धवासरीय) स्तम्भ ‘मार्गदर्शन’ के अन्तर्गत आप कल (१६ जून) ‘अमर उजाला उड़ान’ में कुछ हटकर ज्ञान […]
कल (१२ जून) ‘शनिवार’ रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के समस्त संस्करणों में कल एक साथ प्रकाशित साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत ‘भोग’-‘उपभोग’, ‘उपयोग’, ‘प्रयोग’, ‘वियोग’ तथा ‘संयोग’ […]
अशुद्ध और अनुपयुक्त शब्द-प्रयोग :– सगुण-दुर्गुण, कपूत-सपूत। यहाँ शुद्ध और उपयुक्त शब्द ‘सुगुण’ है। ‘सुगुण’ और ‘दुर्गुण’ ही एकसाथ प्रयोग किये जानेवाले विपरीतार्थक शब्द हैं। सगुण का अर्थ है, ‘गुणसहित’ और सुगुण का अर्थ है, […]
कल (९ जून) बुद्धवार रहेगा और आप कल की ‘अमर उजाला उड़ान’ पत्रिका में हमारे साप्ताहिक स्तम्भ ‘मार्गदर्शन’ के अन्तर्गत ‘प्रेरणाप्रद विचार’– ‘ज़िन्दगी की किताब पढ़ना सीखें’ का अनुशीलन करेंगे। सच, मनुष्य वेद-वेदान्त तथा अन्य […]
कल (५ जून) शनिवार रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के समस्त संस्करणों में कल एक साथ प्रकाशित साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत ‘कि’, ‘की’, दी, ‘किया’, ‘लिया’ आदिक […]
जो भी लोग :– साहित्यकार, लेखक, कवि, पत्रकार, अध्यापक-अध्यापिकाएँ, प्रकाशक, प्रूफ़-संशोधक आदिक ‘गया’ से ‘गये’, ‘दिया’ से ‘दिये’, ‘लिया’ से ‘लिए’, ‘बताया’, ‘दिलाया’, ‘हिलाया’, ‘रुलाया’ का क्रमश: बताए’, ‘दिलाए’, ‘हिलाए’, ‘रुलाये’; ‘हुए’ का ‘हुये’, ‘हूँ’ […]
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (२ जून) ‘बुद्धवार’ रहेगा और आप ‘अमर उजाला’-संग प्रकाशित ‘उड़ान’ पत्रिका के हमारे साप्ताहिक स्तम्भ ‘मार्गदर्शन’ में ‘अनुवाद-कला’ (हिन्दी से अँगरेज़ी और अँगरेज़ी से हिन्दी-अनुवाद) का विधिवत् ज्ञान करेंगे, जिसे ‘अमर उजाला-परिवार’ ‘कवर स्टोरी’ […]
कल (२९ मई) शनिवार रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के समस्त संस्करणों में कल एक साथ प्रकाशित साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत ‘बर-वर’, बरात-बारात, बराती-बाराती’ तथा अन्य शब्दों […]
‘ललकार’ के साथ सुनें-पढ़ें खरी-खरी हमारे देश के ख़ूब पढ़े-लिखे-कढ़े लोग से एक रोग के उपचार के लिए चिकित्सककक्ष में पहुँचने से पूर्व ही ‘पाँच सौ रुपये’ परामर्शशुल्क के रूप में रखवा लिये जाते हैं […]
••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••शुद्ध शब्दप्रयोग (उदाहरण-सहित)कहाँ ‘से’ के स्थान पर ‘में’ का प्रयोग होता है; समझें :–★ मेरी समझ ‘में’ ऐसा ही है।★ तीव्र गति ‘में’ गाड़ी मत चलाओ।★ देर ‘में’ मत आना।★ गाड़ी देर ‘में’ आयेगी।★ क्रम […]
प्रिय विद्यार्थीवृन्द!ज्ञानपथ पर अग्रसर रहें। आप ‘अमर उजाला’ के संग प्रति बुद्धवार को प्रकाशित ‘उड़ान’ पत्रिका के कल (१९ मई) के अंक में साप्ताहिक स्तम्भ ‘मार्गदर्शन’ के अन्तर्गत इस आशय का आलेख पढ़ सकते हैं, […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय रोग-प्रतिरोधक शक्तिवृद्धि के लिए जो सुई लगायी जा रही है, क्या वह ‘टीकाकरण’ है? चेचक इत्यादिक रोग के उपचार के अन्तर्गत जो ‘टीका’ लगाया जाता था, उसके नीचे का भाग […]
प्रश्न– निम्नांकित शब्दों में से कौन-से शब्द उपयुक्त हैं और क्यों?(कृपया दो वाक्यों में उत्तर दें।)१– बरात २– बारात ३– बाराती ४– बराती ◆ निकट भविष्य में ‘दैनिक जागरण’, ‘नव दुनिया’ तथा ‘नई दुनिया’ समाचारपत्रों […]
कल (१५ मई) शनिवार रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की साप्ताहिक ‘भाषा की पाठशाला’ में ‘पाँच शब्दों’ का अध्ययन करेंगे। आप मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदिक स्थानों से प्रकाशित होनेवाले वहाँ के प्रमुख समाचारपत्रों :– ‘नई दुनिया’ […]
देश के अधिकतर लोग देवनागरी लिपि में ‘Vaccine’ की वर्तनी का अशुद्ध लेखन कर रहे हैं और उच्चारण भी। इसकी शुद्ध वर्तनी ‘वैक्सिन’ है, जिसे हिन्दी में ‘टीका’ कहते हैं। कृपया इसके वर्तनी-प्रयोग करते समय […]
••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (८ मई) ‘शनिवार’ रहेगा और आपको ‘दैनिक जागरण’ के ‘सप्तरंग’ पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की शनिवासरीय भाषिक प्रस्तुति ”हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत ‘भाषा की पाठशाला’ में पाँच उपयोगी शब्दों को सोदाहरण समझने को […]
यहाँ उन शब्दों के प्रयोग के लिए अनुरोध किया गया है, जो शुद्ध हैं और उपयुक्त भी। कृपया अपने लेखन में उन शुद्ध शब्दों को स्थान देकर, समाज का भाषिक मार्गदर्शन करें। ★ ‘प्रावधान’ के […]
अशुद्ध वाक्य का शुद्धीकरण (‘शुद्धिकरण’ अशुद्ध शब्दप्रयोग है।) वाक्य– होली की आपको हार्दिक/ अनन्त अनन्त/बहुत/बहुत बहुत/ढेर सारी शुभ कामना/ शुभकामनाएं। होलिकोत्सव (होलिका+उत्सव) पिछले दिनों सम्पन्न हुआ था। ‘मुक्त मीडिया’ (सोसल मीडिया) नामक मंच पर बहुसंख्या […]
••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (१० अप्रैल) ‘शनिवार’ रहेगा और आपको ‘सप्तरंग’ पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की शनिवासरीय भाषिक प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत पाँच शब्दों को सोदाहरण समझने को मिलेगा। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की पाठक-पाठिकाएँ ‘नव दुनिया’ […]