“भारतीय भाषाओं को हिन्दीभाषा के साथ मिलकर चलना होगा”― आचार्य पं० पृथ्वीनाथ

March 15, 2023 0

सात बहनो के नाम से जाना जानेवाला और अपनी नैसर्गिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध पूर्वोत्तर-राज्यों के एक महत्त्वपूर्ण राज्य ‘असम’-स्थिति विश्वनाथ चारिआलि मे उत्तरप्रदेश हिन्दी-संस्थान एवं विश्वनाथ चारिआलि राष्ट्रभाषा प्रबोध विद्यालय परिचालना समिति के संयुक्त […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की व्याख्यान और कर्मशाला १२-१३-१४ मार्च को असम मे

March 7, 2023 0

भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक प्रयागराज के आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय को ‘विश्वनाथ चारिआलि राष्ट्रभाषा प्रबोध विद्यालय, परिचालना समिति’, विश्वनाथ, असम की ओर से आयोजित द्विदिवसीय (१२-१३ मार्च) राष्ट्रीय संगोष्ठी मे सारस्वत अतिथि के रूप मे निमन्त्रित […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का वर्धा मे व्याख्यान २६ फ़रवरी को

February 25, 2023 0

भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक प्रयागराज के आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय को हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग की ओर से आयोजित वर्धा (महाराष्ट्र) के द्विदिवसीय (२५-२६ फ़रवरी) ७४वें राष्ट्रीय अधिवेशन मे विशिष्ट वक्ता के रूप मे आमन्त्रित किया […]

हिन्दी साहित्य सम्मेलन का राष्ट्रीय अधिवेशन महाराष्ट्र मे २५ फ़रवरी से

February 23, 2023 0

हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग का द्विदिवसीय ७४वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन २५ फ़रवरी से २६ फ़रवरी तक शान्ती भवन, बापू कुटीर, सेवाग्राम, वर्धा (महाराष्ट्र) मे आयोजित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि सम्मेलन की ओर से यह आयोजन […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 22, 2023 0

यहाँ एक शब्द है, खेल। इसी शब्द से दो शब्द का सर्जन (‘सृजन’ अशुद्ध शब्द है।) होता है :―१– खिलाड़ी२– खेलाड़ी। इनमे से कौन-सा शब्द उपयुक्त है और क्यों? कहीं ऐसा तो नहीं, दोनो शब्द […]

आइए! उदात्त गुरु-शिष्य परम्परा की वापसी करायें

February 11, 2023 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कभी-कभी प्रतीत होता है, ‘आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ अपने उसी पुराकाल की समृद्ध और सात्त्विक परम्परा की देन है, जहाँ कभी गुरु भौतिकता से परे आत्मिक परिवेश का सर्जन […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 11, 2023 0

‘लड़पोछन’ शब्द की सार्थकता? ‘लड़पोछन’ न तो कोई सार्थक शब्द है और न ही ‘अश्लीलता’ का बोध करानेवाला किसी भी प्रकार का शब्द है। ‘लड़पोछन’ मे दो शब्द दिख रहे हैं :― (१) लड़ (२) […]

कर्मशाला के माध्यम से विद्यार्थी और अध्यापक-वर्ग को शुद्ध हिन्दी-लेखन का बोध करना अपरिहार्य है– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

February 10, 2023 0

“हमे आज संदूषित किये जा रहे शब्दों को पकड़कर सारस्वत सुधारगृह मे रखना होगा, ताकि उनका समुचित परिष्कार हो सके और उनका सात्त्विक शब्दनिधि मे प्रवेश हो सके। वास्तविकता यह है कि हमारा अर्द्धशिक्षित-शिक्षित-सुशिक्षित समाज […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय का ‘शब्दरथ’ प्रयागराज से लखनऊ प्रस्थान करने के लिए तत्पर/सन्नद्ध

February 7, 2023 0

‘आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला और कर्मशाला’ विगत वर्षों मे देश के अनेक राज्यों मे प्रसार करती गयी है, जिसका एकमात्र उद्देश्य रहा है, सार्थक शब्दपथ से च्युत (पृथक्, अलग) व्यक्ति को सम्यक् शब्द-धारण […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की कर्मशाला का आयोजन लखनऊ मे ९ फ़रवरी को

February 7, 2023 0

प्रयागराज से पधारे भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक तथा आयोजन मे मुख्य अतिथि आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की कर्मशाला का आयोजन ९ फ़रवरी को ‘दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान’, बख़्शी का तालाब, लखनऊ के सभागार मे […]

एक बार ‘व्यापमं’ के प्राश्निकों की अयोग्यता सामने आयी!

February 6, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हाल ही मे ‘व्यापमं’ की ओर से आयोजित ‘सब-इंस्पेक्टर-परीक्षा’, छत्तीसगढ़ के सामान्य हिन्दी के प्रश्नपत्र मे नीचे दिये गये एक प्रश्न के उत्तर-विकल्प को लेकर इस समय अभ्यर्थी मुझसे लगातार […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 25, 2023 0

♀ हमे ‘इस पाठशाला’ से पूर्व ऐसा कोई भी स्रोत प्राप्त नहीं हुआ था, जिसमे किसी भी प्रकार के अशुद्ध-शुद्ध वाक्य को इतने विस्तार के साथ समझाते हुए, लेखन हुआ हो और समय-समय पर हमारा […]

‘परीक्षा पे/पर चर्चा’ वाक्यांश-प्रयोग का औचित्य?

January 21, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनो एक वाक्यांश शिक्षाजगत् की शब्द-सम्पदा को खाने के लिए ‘जंगली कुत्ते’ की तरह से छोड़ दिया गया है। आश्चर्य है, उस कुत्ते को लठियाने की हिम्मत मरती हुई […]

शब्दों और अंकों का शुद्ध उच्चारण और लेखन करना सीखें

January 18, 2023 0

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ♀ प्रथम― प्रत्युत्पन्नमति ♀ द्वितीय― शुश्रूषा ♀ तृतीय― ५९ ♀ चतुर्थ― पोषकतत्त्व ♀ पंचम― ९५ ♀ षष्ठ― वीणापाणि ◆ प्रत्युत्पन्नमति :― प्रथम शब्द है― प्रत्युत्पन्नमति।प्रति+उत्पन्न+मति― इसका शाब्दिक अर्थ है, […]

अटल बिहारी वाजपेयी चयन संग्रह : संसद में अटल जी का लोकार्पण 20 जनवरी 2023 को

January 17, 2023 0

डॉ० नरेन्द्र शुक्ल, प्रमुख नेहरू पुस्तकालय एवं संग्रहालय (प्रख्यात लेखक-इतिहासकार) लगभग तीन साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी के अनन्य सहयोगी एन एम घटाटे हमारे तत्कालीन निदेशक श्री शक्ति सिन्हा मिले और उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 15, 2023 0

◆ यहाँ प्रस्तुत है, एक वाक्य का सम्यक् और अनन्य विश्लेषण। ★ वाक्य है :― पुरुषार्थ से बढ़कर ‘कुछ’ भी नहीं।•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• सब कुछ विस्मृत के गर्भ मे विलीन हो जाता है, जबकि पुरुषार्थ ‘अजर-अमर’-रूप/अजर-अमर के […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 6, 2023 0

◆ वे शब्द, जिनका विश्व-समाज अशुद्ध और अनुपयुक्त व्यवहार करता आ रहा है।■ शब्दप्रयोग― आभार; शुक्रिय:/शुक्रिया, धन्यवाद, साधुवाद तथा थैंक यू। आइए! ‘आभार’ शब्द को समझते हैं। ‘आभारी’ का समानार्थी शब्द ‘कृतज्ञता’ है। पढ़े-लिखे लोग […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 2, 2023 0

एक वाक्य के आधार पर व्याकरणीय सम्बोध/संज्ञान करें। वाक्य है :–★ हमारे जीवन मे एक ‘तिनके’ की उपयोगिता है और महत्ता भी। ◆ यह वाक्य ‘अनिश्चित वर्त्तमान/वर्तमानकाल/वर्त्तमान/वर्तमान-काल/ वर्तमान का काल/समय (‘वर्त्तमान/वर्तमान काल’ अशुद्ध है।) का […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 29, 2022 0

■ यदि आपको इसमे से किसी भी प्रकार की अशुद्धि दिखे तो हमारा समुचित मार्गदर्शन करें, स्वागत है।◆ यहाँ वे शब्द हैं, जिनका विश्व-समाज जाने-अनजाने (‘अंजाने’ और ‘अन्जाने’ अशुद्ध हैं।) अशुद्ध और अनुपयुक्त व्यवहार करता […]

विरामचिह्नो के अभाव मे भाषा और साहित्य गतिहीन हैं– विभूति मिश्र

December 21, 2022 0

‘सर्जनपीठ’ की ओर से ‘सारस्वत सभागार’, लूकरगंज, प्रयागराज मे २१ दिसम्बर को ‘शब्द-शब्द संधान’ के अन्तर्गत ‘मौखिक और लिखित भाषाओं मे विराम-चिह्नो की उपयोगिता’ पर चर्चा-परिचर्चा और कर्मशाला का आयोजन किया गया। अध्यक्ष और मुख्य […]

‘शब्द-शब्द संधान’ का आयोजन २१ दिसम्बर को

December 18, 2022 0

‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे हिन्दी-साहित्य के युगप्रवर्तक (द्विवेदी-युग) आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि के अवसर पर ‘शब्द-शब्द संधान’ के अन्तर्गत ‘मौखिक और लिखित भाषाओं मे विराम और विरामेतर-चिह्नो की उपयोगिता’ विषय पर एक व्याकरणिक परिसंवाद […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 17, 2022 0

भाषासंस्कार/भाषा-संस्कार/भाषा का संस्कार (‘भाषा संस्कार’ अशुद्ध है।) विकसित करें प्रतिभाशाली/प्रतिभावान्/प्रतिसम्पन्न/प्रतिभायुक्त विद्यार्थी वही होता है, जो शब्दानुशासन को सम्यक् रूपेण (भलीभाँति) धारण करता हो। जिसके पास विद्या होती है, वही विद्यार्थी कहलाने का अधिकारी होता है; […]

शासकीय महाविद्यालय जयसिंहनगर, शहडोल मे राष्ट्रीय कार्यशाला का प्रथम दिवस

December 7, 2022 0

शिक्षाजगत् मे भाषा-व्याकरण के प्रति उदासीनता समाप्त हो– आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा गुणवत्ता परियोजना प्रकोष्ठ के तत्त्वावधान मे ७ दिसम्बर, २०२२ ई० को शासकीय महाविद्यालय जयसिंहनगर के हिन्दी एवं समाजशास्त्र-विभाग की ओर […]

अज्ञेय के निबन्ध ‘संवत्सर’ पर दो टूक टिप्पणी

December 6, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नीचे अज्ञेय के निबन्ध ‘संवत्सर’ का एक अंश दिया गया है, जिसमे वे ‘अतिरिक्त’ बुद्धिवाद बघारते हुए दिखते हैं। अज्ञेय अपने शब्दजाल मे पाठकवर्ग को ऐसे फँसाते हैं कि वह […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-द्वारा मध्यप्रदेश मे व्याख्यान और प्रशिक्षण ७-८ दिसम्बर को

December 4, 2022 0

‘मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन परियोजना एवं आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ’ के तत्त्वावधान मे शासकीय महाविद्यालय, जयसिंह नगर, शहडोल (म० प्र०) मे भाषाविज्ञानी और समीक्षक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (प्रयागराज) की अध्यक्षता मे द्विदिवसीय राष्ट्रीय […]

‘सृजन’ शब्द शुद्ध है अथवा ‘सर्जन’ शब्द?

December 3, 2022 0

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ‘सृजन’ शब्द शैक्षिक और साहित्यिक वातावरण मे ऐसे घुल-मिल गया है, जैसे ‘दूध मे पानी’। उस दूध मे कितना पानी (पानी का भिन्नार्थक :– जल; चमक; प्रतिष्ठा) है, इसे […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 1, 2022 0

व्याकरण-बन्धन का समादर करना सीखें– दो•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••[२५ नवम्बर, २०२२ ई० से आगे की पाठशाला-सामग्री का अध्ययन-अनुशीलन करें।] हिन्दी-भाषा निश्चित रूप से क्लिष्ट है; परन्तु उनके लिए जो देवनागरी लिपि और हिन्दी-भाषा को पढ़ने-समझने से कतराते आ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की विद्यार्थियों के लिए उपयोगी पुस्तकें

November 27, 2022 0

कृतियाँ :– ‘मीडिया और प्रेस-विधि’ और ‘प्रयोजनमूलक हिन्दी’ ‘सामयिक प्रकाशन’, दिल्ली (स्वामी– श्री महेश भारद्वाज) से एक साथ प्रकाशित हुई थीं और आज ही के दिनांक (२६ नवम्बर) मे हस्तगत हुई थीं। दोनो ही पुस्तकें […]

संविधान-दिवस के अवसर पर प्रबुद्ध-वर्ग का विशेष आयोजन

November 26, 2022 0

■ देश की जनता संविधान मे बदलाव चाहती है ‘सर्जनपीठ’ की ओर से ‘संविधान-दिवस’ के अवसर पर २६ नवम्बर को अलोपीबाग़, प्रयागराज से एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद ‘संविधान मे परिवर्त्तन की माँग’ विषय पर […]

भारत का संविधान

November 25, 2022 0

‘संविधान’ शब्द की उत्पत्ति : ‘संविधान’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा के दो शब्दों ‘सम’ तथा ‘विधान’ ( सम+ विधान) से हुई है। सम का अर्थ है – एकसमान, बराबर जबकि विधान का अर्थ है […]

सीखिए और सिखाइए; जीवन व्यर्थ न गँवाइए

November 25, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आत्मीय मित्रवृन्द!आपमे से बहुसंख्य आभासी मित्र ऐसे हैं, जो भयवश मेरे सम्प्रेषण पर कोई भी टिप्पणी नहीं करते। उन्हें आशंका रहती है कि उनके अशुद्ध लेखन पर सीधे अँगुली (‘अंगुली’ […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 25, 2022 0

व्याकरण-बन्धन का समादर करना सीखें– एक आत्मीय विद्यार्थिवृन्द! (‘विद्यार्थीवृन्द’ अशुद्ध है।)‘सामान्य हिन्दी’ अथवा ‘हिन्दी-भाषा’, ‘हिन्दी-साहित्य’ तथा अन्य किसी भी विषय के प्रश्नपत्रों मे (‘में’ अशुद्ध है।) अंकित प्रश्नों के उत्तरों को लिखते समय आप यदि […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 22, 2022 0

◆ शब्द– अल्ला और अल्लाह। ★ अल्ला– बहुसंख्य जन नहीं जानते कि ‘अल्ला’ संस्कृतभाषा (यहाँ ‘षष्ठी तत्पुरुष’ समास है।) ‘संस्कृत-भाषा’ (संस्कृत की भाषा; यह सामासिक विग्रह है। ‘संस्कृत भाषा’ का प्रयोग अशुद्ध है; क्योंकि दोनो […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 18, 2022 0

◆ निम्नलिखित वाक्यों को सकारण शुद्ध करें :–१- वह ब्याख्यान दी थी।२- रेलगाड़ी देर से रेलवेस्टेशन में आयेगा।ध्यानपूर्वक शुद्ध और उपयुक्त उत्तर टिप्पणी-सहित ग्रहण करें। (इस आशय का उत्तर किसी भी पुस्तक मे उपलब्ध नहीं […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 11, 2022 0

शुद्ध और उपयुक्त शब्द :– वर्णो-पर्णो, कारणो, दोनो-तीनो, अपनो, नोक, नीवँ, मानो, मुन्नो, मा, मुझमे,मे, मै, मैने, हमे तथा कर्मो। आज की पाठशाला मे हम ऐसे शब्दों पर गम्भीरतापूर्वक विचार करेंगे, जिन्हें हम जाने-अनजाने (‘जाने-अंजाने/अन्जाने’ […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 10, 2022 0

◆ साग्रह अनुरोध–आप सभी इस टिप्पणी मे से किसी भी प्रकार की सकारण अशुद्धि/अशुद्धियाँ निकालें और मेरा मार्गदर्शन करें।••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••आत्मीय विद्यार्थिवृन्द!किसी भी स्तर की परीक्षा के हिन्दीभाषा/हिन्दी-भाषा (‘हिन्दी भाषा’ अशुद्ध है।) /सामान्य हिन्दी और हिन्दीसाहित्य/ हिन्दी-साहित्य […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 8, 2022 0

शुद्ध और उपयुक्त शब्द :– परिक्षा और परीक्षा। ★ परिक्षा– इस ‘परिक्षा’ शब्द की वर्तनी (अक्षरी) देखते ही कोई भी सुस्पष्ट शब्दों मे कह देगा– यह जो ‘परिक्षा’ शब्द दिख रहा है, पूरी तरह से […]

ज्ञान का सागर है, ‘स्वातन्त्र्य-समर मे इलाहाबाद का शंखनाद’– अरविन्द चौहान

November 7, 2022 0

तत्कालीन मण्डलायुक्त श्री संजय गोयल, जो अब शिलांग मे राजस्व-सचिव हैं, उन्होंने अपना संदेश भेजा था, “अमृत महोत्सव’ के अवसर पर स्वाधीनता-संग्राम मे अपना सर्वस्व न्योछावर करनेवाले अमर बलिदानियों के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने […]

‘स्वातन्त्र्य-समर मे इलाहाबाद का शंखनाद’ कृति का लोकार्पण ७ नवम्बर को

November 4, 2022 0

‘आज़ादी का अमृत महोत्सव समिति’ प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज की ओर से तत्कालीन मण्डलायुक्त संजय गोयल के सौजन्य से प्रकाशित और भाषाविज्ञानी-समीक्षक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-द्वारा सम्पादित कृति ‘स्वातन्त्र्य-समर मे इलाहाबाद का शंखनाद’ नामक कृति का […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 4, 2022 0

अधोटंकित वाक्यों मे से कौन-सा वाक्य शुद्ध है?१- अन्विता घर से अस्पताल वापस लौट आयी है।२- अन्विता अस्पताल से वापस घर लौट आयी है।३- अस्पताल से घर अन्विता वापस आयी है।४- अन्विता लौट आयी है […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 30, 2022 0

◆ अशुद्ध और अनुपयुक्त शब्दप्रयोग :– शुभ कामना, शुभकामनाएं, शुभकामनाएँ, शुभ कामनाएँ, हार्दिक शुभकामना, हार्दिक शुभ कामना, हार्दिक शुभकामनाएं/हार्दिक शुभकामनाएँ तथा हार्दिक शुभ कामनाएं तथा हार्दिक शुभ कामनाएँ। ऊपर अशुद्ध और अनुपयुक्त शब्दप्रयोग के अन्तर्गत […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का मार्गदर्शन

October 30, 2022 0

सामान्य अध्ययन’ की तैयारी करना सीखें सामान्य ज्ञान एक ‘साधारण-सा’ शब्द दिखता है; परन्तु वह ज्ञान का एक ऐसा विस्तार है, जो प्रतिपल की वैश्विक घटनाओं से बूँद-बूँद भरते हुए, एक ‘महासिन्धु’ के रूप में […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 27, 2022 0

अशुद्ध और अनुपयुक्तशब्द-प्रयोग–◆ शुभ कामना, शुभकामनाएं, शुभकामनाएँ, शुभ कामनाएँ, हार्दिक शुभकामना, हार्दिक शुभ कामना, हार्दिक शुभकामनाएं तथा हार्दिक शुभकामनाएँ।———————————-ऊपर अशुद्ध और अनुपयुक्त शब्दप्रयोग के अन्तर्गत जितने भी शब्द दिख रहे हैं, वे सभी-के-सभी [यहाँ दो […]

‘साभार’ और ‘सौजन्य’ का समादर करें

October 26, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जो भी जन ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ और ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-द्वारा प्रकाशित’ उन शब्दों का प्रयोग अपने सम्प्रेषण मे करते आ/दिख रहे हैं, जिनका व्यवहार उनके (आचार्य […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 24, 2022 0

● आपने २३ अक्तूबर की विलम्ब रात्रि मे ‘दीपावली-दीवाली’, ‘दीया-दिया’ तथा ‘प्रज्वलन’ शब्दप्रयोग की जानकारी अर्जित की थी। आज आप (२४ अक्तूबर) ‘वर्तिका’ (बाती) और ‘तैल-घृत’ शब्दों को समझें। शुद्ध और उपयुक्त शब्द :–वर्तिका और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 21, 2022 0

अधोटंकित मे से शुद्ध उत्तर का चयन करें :–◆ यहाँ किये गये प्रश्नो के कारणसहित उत्तर दिये गये हैं। १– परीक्षक उत्तर-पुस्तिका का क्या करता है?(क) मूल्यांकन (ख) चेक(ग) दृष्टिपात (घ) इनमे से कोई नहीं।उत्तर– […]

हिन्दीव्याकरण-भाषाविज्ञान के विरोधियों को ‘स्वघोषित’ भाषाविज्ञानी, आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की खुले रूप मे ललकार

October 19, 2022 0

हिन्दी-व्याकरण/शब्दानुशासन का विरोध करनेवालो-वालियो! कई दशक से तुम सभी की कलुषित-कुत्सित मानसिकता को पढ़ता आ रहा था; सोचता था, शायद सुधर जाओ; परन्तु वस्तुस्थिति ‘अन्यथा’ दिखती आ रही है। जब ‘एक व्यक्ति’ इस देश मे […]

सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार की जन्मजयंती और जाति

October 19, 2022 0

इतिहासकार डॉ ओझा लिखते हैं कि पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के क्षेत्र को “गुर्जर” कहा जाता था। इसलिए वहां के प्रतिहार राजाओं को सबसे पहले उनके पड़ोसी राष्ट्रकूट और पाल शासक “गुर्जर प्रतिहार” कहने लगे। […]

जीवन का ज्ञान है ‘आयुर्वेद’

October 18, 2022 0

स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं आतुरस्य विकार प्रशमनं च।” (च० सू० 30/26) स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा अर्थात् स्वास्थ्य को बनाये रखना तथा रोगी के रोग का प्रशमन करना आयुर्वेद-ज्ञान का प्रयोजन है। भारत का आयुर्वेद […]

चिकित्साविज्ञान की पुस्तकों का बेहद ‘शर्मनाक’ अनुवाद!

October 18, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नीचे मध्यप्रदेश-सरकार की ओर से ‘मेडिकल साइंस’ (चिकित्साविज्ञान) के अध्ययन करनेवाले विद्यार्थियों के लिए एक अनूदित (अँगरेज़ी से हिन्दी-अनुवाद) पुस्तक के ‘लंग्स’ (फेफड़े/फेफड़ों) नामक अध्याय की सामग्री है। इसमे केवल […]

‘सर्जनपीठ’ की ओर से ‘राम की शक्तिपूजा और निराला’ विषयक एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का हुआ आयोजन

October 15, 2022 0

“निराला की ‘राम की शक्तिपूजा’ एक मौलिक अवधारणा है” ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की पुण्यतिथि के अवसर पर १५ अक्तूबर को ‘राम की शक्तिपूजा और निराला’ विषयक एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक […]

शुद्ध और उपयुक्त शब्दप्रयोग :– आभार, कृतज्ञता, धन्यवाद तथा साधुवाद

October 14, 2022 0

★ आभार– यह ऐसा शब्द है, जिसका लोग एक पारम्परिक शब्दार्थ के रूप मे प्रयोग करते आ रहे हैं। जब कोई किसी पर उपकार करता है तब उस उपकारी व्यक्ति के प्रति उपकृत व्यक्ति ‘आभार’ […]

इलाहाबाद की ऐतिहासिक क्रान्तिगाथा का उद्घाटन शीघ्र

October 13, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव समिति, प्रयागराज-मण्डल’ की ओर से प्रकाशित ‘इलाहाबाद की आज़ादी’-विषयक कृति मुद्रित हो चुकी है। वह कृति वहाँ से आरम्भ होती है जहाँ से हमे मुग़ल-बादशाह अकबर […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 4, 2022 0

■ आप सभी सीखिए (यहाँ ‘सिखिए’ अशुद्ध है।), ‘शुद्ध हिन्दी’ कैसे लिखी जाती है? (सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ४ अक्तूबर, २०२२ ईसवी।)

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की शैक्षिक कर्मशाला का समापन हुआ

September 27, 2022 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की हिन्दी-पाठशाला की ओर से आयोजित कर्मशाला २७ सितम्बर को सम्पन्न हो गयी। अन्तिम दिन राजर्षि साहू महाविद्यालय, लातूर (महाराष्ट्र) के सभागार मे सारस्वत भेंटवार्त्ता का आयोजन किया गया था। महाविद्यालय […]

किसी भी पंचमाक्षर पर अनुस्वार का प्रयोग नहीं होता– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

September 26, 2022 0

राजर्षि शाहू महाविद्यालय, लातूर (महाराष्ट्र) के हिन्दी-विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर प्रयागराज की ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की हिन्दी-पाठशाला’ के अन्तर्गत ‘उच्चारण और लेखन-स्तर पर अशुद्धियाँ’ विषयक द्विदिवसीय कर्मशाला का आयोजन महाविद्यालय-सभागार मे […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की शैक्षिक राष्ट्रीय कर्मशाला लातूर मे २६ सितम्बर से

September 24, 2022 0

भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की शैक्षिक राष्ट्रीय कर्मशाला का आयोजन शिव छत्रपति शिक्षणसंस्था-द्वारा संचालित राजर्षि साहू महाविद्यालय (स्वायत्त), लातूर (महाराष्ट्र) के हिन्दी-विभाग की ओर से किया जायेगा। वहाँ की हिन्दीविभाग-प्रमुख डॉ० पल्लवी […]

विद्यार्थी और अध्यापक शुद्ध शब्द बोलने-लिखने के प्रति सजग रहें– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

September 23, 2022 0

२३ सितम्बर को धर्मादेवी इण्टरमीडिएट कॉलेज, केन (कौशाम्बी) के सभागार मे आयोजित ‘आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ मे सैकड़ों विद्यार्थियों और अध्यापकों को मौखिक, लिखित तथा सांकेतिक भाषा का सोदाहरण बोध कराया गया। लगातार […]

पाठशाला– एक दृष्टि मे

September 21, 2022 0

◆ पाठशाला उचित-अनुचित का ज्ञान और भान कराती है।◆ पाठशाला मनुष्यता सिखाती है।◆ पाठशाला अक्षरज्ञान से परिचित कराती है।◆ पाठशाला ‘सामान्य’ शिक्षा से लेकर ‘विशेष’ शिक्षा तक का बोध कराती है।◆ पाठशाला जीवन-अनुभव का विस्तार […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की कर्मशाला ‘रायबरेली से लातूर तक’

September 20, 2022 0

भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक, प्रयागराज के आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की शैक्षिक कर्मशाला का आरम्भ हो चुका है। विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा मीडियाकर्मियों को कई दशक से शुद्ध हिन्दी बोलने और लिखने के प्रति आग्रहशील आचार्य पाण्डेय […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की कर्मशाला रायबरेली (उत्तरप्रदेश) से लातूर (महाराष्ट्र) की ओर

September 20, 2022 0

२५ सितम्बर से २८ सितम्बर तक की अवधि एक शैक्षिक, किन्तु कलात्मक संस्मरण की रचना कराने के प्रति आग्रहशील है। प्रयागराज से इन्दौर और इन्दौर से हैदराबाद, तदनन्तर (‘तद्न्तर’, ‘तद्नन्तर’, ‘तदन्तर’ अशुद्ध हैं।) गन्तव्य लातूर […]

आज (११ सितम्बर) ही की तिथि में महादेवी जी का शरीरान्त हुआ था

September 11, 2022 0

स्वनामधन्य महीयसी महादेवी वर्मा का विलक्षण कर्तृत्व — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इलाहाबाद-आगमन और क्रॉस्थवेट स्कूल, बाई का बाग़, इलाहाबाद मे प्रवेश पाने के बाद महादेवी जी की साहित्य-साधना अबाध्य गति में चलती रही। ‘मा […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

September 10, 2022 0

गुरुदेव आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जी की इस वर्ष की कर्मशाला का प्रथम आयोजन श्री शिवमंगल मौर्य इण्टरमीडिएट कॉलेज, ऊँचाहार, रायबरेली मे २१ सितम्बर को होगा, तदनन्तर सितम्बर-माह की अन्य तिथियों मे कौशाम्बी के अनेक […]

ओणम के विषय में रोचक जानकारी

September 7, 2022 0

मेरा दृढ़ विश्वास है कि देश के सभी नागरिकों को फौज की नौकरी जरूर करनी चाहिए। और किसी कारणवश अगर सेना की सेवा करने का सौभाग्य न भी मिल पाए तो “ऑल इंडिया सर्विस लायबिलिटी” […]

और कितना विषैला बनाओगे शिक्षा-प्रशिक्षा-परीक्षा को?

September 4, 2022 0

‘शिक्षक-दिवस’ की पूर्व-सन्ध्या मे आयोजित ‘सर्जनपीठ’ की राष्ट्रीय परिसंवादमाला ‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे ‘शिक्षक-दिवस (तिथि)’ की पूर्व-सन्ध्या मे (‘सन्ध्या पर’ अशुद्ध है।) ‘शिखर से शून्य की ओर सारस्वत पथ’ परिसंवादमाला के अन्तर्गत ‘शिक्षा-प्रशिक्षा और परीक्षा […]

संसद भवन : विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का सबसे पवित्र मंदिर

August 27, 2022 0

एडविन लुटियन और हरबर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किया गया विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का सबसे पवित्र मंदिर भारत का संसद भवन सन 1927 में बनकर तैयार हुआ था । इस ऐतिहासिक इमारत ने भारतीय […]

आइए! ‘कविता और कवि’ का परीक्षण करें और समीक्षण भी

August 23, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सम्भवत: कोई पारंगत कवि हो, जो समग्र मे अपने गीतात्मक रचना और अन्य छन्दबद्ध सर्जन करते समय भाषा और छन्द के साथ न्याय कर पाता हो। वैसे सर्जक की पीठ […]

नास्तिक और आस्तिक की अवधारणा

August 21, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सच तो यह है कि इस लोक मे कुछ भी ‘नास्ति’ (न+अस्ति=नास्ति) नहीं है; सब कुछ ‘सास्ति’ (स +अस्ति=सास्ति) है। नास्तिक तो कोई भी नहीं है। सुशिक्षित समाज इन दोनो […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

August 18, 2022 0

अधोटंकित शब्दों मे से कौन-सा/कौन-से शब्दप्रयोग शुद्ध है/हैं? ● आचार्य की पाठशाला के प्रश्न देखने मे बहुत सरल लगते और दिखते हैं; किन्तु उतने होते नहीं हैं, इसलिए उत्तर टंकित करते समय ‘त्वरा’ का परिचय […]

क्या आपको मालूम था?

August 18, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय १- इलाहाबाद को एक दिन के लिए ‘देश’ की राजधानी बनाया गया था?२- इलाहाबाद ‘स्वतन्त्रतासंग्राम की अवधि’ मे १० दिनो के लिए सबसे पहले आज़ाद हुआ था?३- इलाहाबाद मे ही […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 29, 2022 0

यह पूरी पारदर्शी प्रतिक्रिया नीचे दिखाये गये प्रचारपत्र मे प्रयुक्त शब्दों और विराम-विरामेतर (‘विरामेत्तर’ अशुद्ध है।) चिह्नो के संदर्भ मे की गयी है। यह पढ़े-लिखे लोग का ‘विश्व हिन्दी संगठन’ है; परन्तु भाषाबोध के नाम […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

July 17, 2022 0

शब्द :– भारी बहुमत से; प्रचण्ड बहुमत से; बहुत भारी बहुमत से; भयंकर बहुमत से। ये सभी शब्द अब सार्वजनिक सम्पत्ति हो चुके हैं; ज़ाहिर है, इन्हें पंचायती माल बना दिया गया है; यों (‘यूँ’ […]

तत्सम, तद्भव, देशज तथा विदेशज शब्दावली का मनोहारी दर्शन

July 10, 2022 0

—-इसे कहते हैं ‘शब्दचित्र’ ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मै अपलक उसे निहार रहा था। राजहंस-सा गौर वर्ण, द्रुत विलम्बित-सी गति, अभिधावाणी, उपनागरिका वृत्ति-सी प्रकृति, प्रसाद गुण-सा शील, मासूम चेहरे पर खिलता शृंगार-रस, अंग-अंग से […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 1, 2022 0

विषय– जन्मदिन बनाम जन्मतिथि/जन्मदिनांक ऐसा ज्ञान, जो आपको इस पाठशाला के अतिरिक्त कहीं नहीं मिलनेवाला है। इसे हम वर्षों से बताते-समझाते आ रहे हैं; परन्तु प्रत्येक कुएँ मे डाली गयी भाँग को बाहर लाकर उस […]

साहित्य क्या है?

July 1, 2022 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला— जिसमे जड़-चेतन का हित हो; कल्याण हो तथा भला हो, वह ‘साहित्य’ है। साहित्य जीवन का व्याख्याता है। साहित्य के परिशीलन से हृदय का परिष्कार होता है। उसमें प्रकृति […]

इतिहास के झरोखे में 25 जून

June 25, 2022 0

1529 – बंगाल पर विजय प्राप्त कर मुगल शासक बाबर आगरा लौटा। 1903 – चन्द्रशेखर पाण्डे – साहित्यकार का जन्म। 1908- सुचेता कृपलानी – भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ का जन्म। 1913 – बाबा सोहन […]

सामान्य ज्ञान : 21 जून का गौरवशाली अतीत

June 22, 2022 0

2014- २१जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी भी मनाया जाता है जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में रखकर की जिसकी स्वीकृति संयुक्त राष्ट्र ने ११ दिसंबर २०१४ को […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 20, 2022 0

■ अरबी-फ़ारसी शब्दों का शुद्ध प्रयोग करना सीखेंआज हम लीक से हटकर उस मार्ग पर चलेंगे, जिस पर चलने का साहस हमारे ‘विद्वज्जन’ नहीं कर पाते हैं; और वह मार्ग है, ‘विलक्षण ज्ञानमार्ग’। हम जब […]

सामान्य ज्ञान : इतिहास में 20 जून का लेखा-जोखा

June 20, 2022 0

आज विश्व शरणार्थी दिवस है। यह हर साल 20 जून को दुनिया भर में शरणार्थियों को सम्मानित करने और युद्ध, उत्पीड़न, राजनीतिक उथल-पुथल या हिंसा के कारण विस्थापित हुए लाखों लोगों के प्रति जागरूकता और […]

सामान्य ज्ञान : 19 जून के इतिहास का पन्ना

June 19, 2022 0

1269: फ्रांस के राजा लुई ने सभी यहूदियों को शर्म का बिल्ला पहनने का फऱमान जारी कर दिया । 1865: यूनियन जनरल ग्रैनर ने टेक्सास के सभी गुलामों को आजाद किया । राष्ट्रभाषा हिन्दी के […]

सामान्य ज्ञान : 18 जून की यादगार बातें

June 18, 2022 0

आज गोवा क्रान्ति दिवस 1576: महाराणा प्रताप और अकबर के बीच हल्दी घाटी का युद्ध शुरू हुआ था । 1812: अमेरिका और ब्रिटेन के बीच युद्ध शुरू हुआ। 1815: वाटरलू में ब्रिटेन से हारने के बाद […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 17, 2022 0

शब्द :— आरोपी-आरोपित आरोपी (वादी)– जो व्यक्ति किसी पर आरोप मढ़ता हो; जैसे– उसने मेरे घर चोरी की थी। आरोपित (प्रतिवादी)– जिस व्यक्ति पर आरोप मढ़ा जाये; जैसे– यही वह चोर है, जिसने चोरी की […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 16, 2022 0

● शब्द-विचार– ज़िम्म:दार-ज़िम्म:वार/ज़िम्मादार-ज़िम्मावार ● शुद्ध शब्द ‘ज़िम्म:दार’ और ‘ज़िम्म:वार’ हैं। अब प्रयोग के धरातल पर यही दोनो शब्द क्रमश: ‘ज़िम्मेदार’ और ‘ज़िम्मेवार’ बन गये हैं, जो कि अशुद्ध और अनुपयुक्त हैं। हम इसका ‘ज़िम्मादार’ और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 16, 2022 0

■ निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करें–(यह वाक्य निर्देशात्मक है, इसलिए यहाँ ‘निर्देशक- चिह्न’ (–) प्रयुक्त हुआ है।)वाक्य– कल रुई(रूई) की खेती होती है। सकारण उत्तर•••••••••••••••यह प्रश्न देखने में सहज लग रहा है, जबकि है नहीं। […]

सामान्य ज्ञान और विज्ञान में 15 जून का महत्त्व

June 15, 2022 0

1215- इंग्लैंड के राजा जान ने मैग्नाकार्टा पर हस्ताक्षर किया। 1389- कोसोवो के युद्ध में औटोमन साम्ज्य ने सर्वों और बोस्नियाइयों को पराजित किया। 1752- बेंजामिन फ्रेंकलिन ने साबित किया की प्रकाश विद्युत चुंबकिए तरंग […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 14, 2022 0

विषय– एक सामान्य प्रकार का पत्रलेखन ‘यू ट्यूब’ पर ऐसे-ऐसे जानकारशास्त्री अवतरित होते आ रहे हैं, जिनका बुद्धि-वैभव देख-समझकर विद्रूपतापूर्ण हँसी आती है। ऐसी-ऐसी पुरुष-महिलाएँ भाषाज्ञान कराने और अन्य विषयों पर ज्ञान बघारने के लिए […]

सामान्य ज्ञान : 14 जून की खास – खास बातें

June 14, 2022 0

  उत्सव-  विश्व रक्तदाता दिवस झंडा दिवस (अमेरिका) खास घटनाएँ- 1777- फिलाडेलफिया कांग्रेस में अमेरिकियों ने अपना झंडा अपनाया। 1777- अमेरिकी सेना की स्थापना की गई। 1901- पहली बार गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। 1922- अमेरिकी […]

सामान्य ज्ञान : 13 जून की जानने योग्य बातें

June 14, 2022 0

जन्म हिन्दी फिल्मों के मशहूर गीतकार प्रेम धवन का जन्म 13 जून 1923 को अम्बाला में हुआ था. 1944 – बान की मून – संयुक्त राष्ट्र संघ के आठवें महासचिव थे। निधन प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक मेहदी हसन […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 13, 2022 0

शब्द– एहसास-एहसान, दम्पती, नवरात्र, ब्रह्मा तथा मनोरंजन। ★ एहसास– प्राय: जनसामान्य इस शब्द को ‘अहसास’ बोलता-लिखता आ रहा है, जो कि पूरी तरह से ग़लत है। कुछ लोग तो एहसास का हिन्दीकरण ‘अहसास’ समझते और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 13, 2022 0

शब्द– परिवेश और परिवेष। ★ परिवेश– यह ‘संस्कृत-भाषा’ का शब्द है। शब्दभेद की दृष्टि से यह विकारी ‘संज्ञा-शब्द’ है। लिंगानुशासन इसे ‘पुंल्लिंग’ (‘पुंलिंग’, ‘पुल्लिंग’ अशुद्ध हैं।) के रूप मे स्वीकार (‘स्वीकारता’ अशुद्ध है।) करता है। […]

सामान्य ज्ञान : 12 जून की खास बातें

June 12, 2022 0

1752- कर्नाटक में चन्दा साहिब ने आत्मसमर्पण कर दिया। 1812- नेपोलियन बोनापार्ट ने रूस पर हमला किया। 1830- फ्रांस ने अल्जीरिया के उपनिवेशीकरण की प्रक्रिया शुरु की थी। 1898- जनरल एमिलियो ओगिनाल्डो ने स्पेन से […]

सामान्य ज्ञान : ज्ञान और विज्ञान में 11 जून

June 11, 2022 0

1866- इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थापना हुई। इसे पहले आगरा उच्च न्यायालय के नाम से जाना जाता था। 1897- भारत के सुप्रसिद्ध क्रान्तिकारी पण्डित राम प्रसाद ‘बिस्मिल’) का जन्म । 1901- न्यूजीलैंड ने क्रुक द्वीप […]

10 जून की इतिहास में दर्ज बातें

June 10, 2022 0

विश्व भूगर्भ जल दिवस 323 ई.पू.- सिकंदर का जन्म, मकदूनिया का विश्वविजेता बादशाह 1246- नसिरुद्दीन मुहम्मद शाह दिल्ली की गद्दी पर आसीन हुआ। 1786- चीन के सिजुआन प्रांत में भूकंप के कारण दादू नदी पर […]

सामान्य ज्ञान : 9 जून का इतिहास

June 9, 2022 0

1752- त्रिचुरापल्ली में फ्रांसीसी सेना ने अंग्रेजों के आगे आत्मसमर्पण कर दिया। 1898- चीन ने हॉँगकाँग को 98 वर्षों के लिए ब्रिटेन को लीज पर दिया। 1900 – भारतीय राष्ट्रवादी एवं क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की […]

सामान्य ज्ञान : जाने! 8 जून को क्या रहा खास?

June 8, 2022 0

1655- यहूदियों ने रोम के खिलाफ बगावत की। 1658- औरंगजेब ने आगरे के किले पर कब्जा किया। 1936- इंडियन स्टेट ब्रोडकास्टिंग सर्विस का नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो कर दिया गया। 1948- भारत की पहली […]

1 2 3 4 6