तो क्या ‘करौली बाबा’ बहुरुपिया है?

March 23, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कानपुर के ‘करौली बाबा’ उर्फ़ संतोष सिंह भदौरिया के गुण्डों-द्वारा एक चिकित्सक और उसके पिता के साथ गम्भीरतापूर्वक मारपीट किये जाने का जो वीडियो सार्वजनिक किया जा रहा है, उससे […]

सुखी और संतुष्ट होकर उसी में पूर्णतः लीन हो जाना ही समर्पण है

March 19, 2023 0

जब कोई व्यक्ति अपने लिए जीना मरना छोड़कर किसी दूसरे के लिए जीता मरता है तो इसे प्रेम कहते है। जो जिसको प्रेम करता है उससे प्रेरित होकर कर्म करता है।प्रेरणाशक्ति को ही प्रेम कहते […]

वर्तमान हिंदुत्व बनाम प्राचीन सनातन धर्म

March 17, 2023 0

“पूर्ण शिक्षित रहने वाला सनातन राष्ट्र पूर्ण अशिक्षित और बेरोजगार ‘हिन्दूराष्ट्र’ में परिवर्तित कैसे हुवा?” अब से लगभग 4000 वर्ष पूर्व तक धरती पर एकमात्र सनातन धर्म ही व्याप्त था।ज्ञान और गुण प्राप्ति हेतु समुचित […]

हर फ़िक्र को धुएँ मे उड़ाता रहा नसीब…!

March 16, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मै कल (१५ मार्च) को ब्रह्म मुहूर्त्त मे ४.२३ बजे गुवाहाटी (असम) रेलस्टेशन (‘रेलवे स्टेशन’ अशुद्ध है।) के प्लेटफ़ॉर्म-क्रमांक चार पर बैठा था, तभी एक वयोवृद्धा पर दृष्टि स्थिर हो […]

मध्यप्रदेश बोर्ड की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होते रहे और शासन-प्रशासन सोता रहा!..?

March 15, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय लज्जा का विषय है कि मध्यप्रदेश बोर्ड की दसवीं और बारहवीं परीक्षाओं के शुरू होने के एक दिन पहले ही सभी प्रश्नपत्र ‘लीक’ करा लिये जा रहे हैं। गत १ […]

एक मित्र का प्रश्न

March 13, 2023 0

प्रश्न- राम गुप्ता जी भगवान होते है अथवा नहीं..?मंदिर में निर्जीव मूर्ति और पत्थरों की पूजा से भगवान का क्या तात्पर्य है..? उत्तर- भगवान होते हैं लेकिन जिन्दे में होते हैं, मुर्दे में नहीं।चैतन्यता में […]

होली स्पेशल

March 11, 2023 0

मेरे बड़े बाबा स्वर्गीय अभिलाख बहादुर सिंह (बप्पा बाबा) बेहद जिंदादिल इंसान थे। और जहां तक मुझे पता है ‘बप्पा बाबा’ वामपंथी नहीं थे, मुसलमान तो बिल्कुल भी नहीं थे। फिर भी पता नहीं क्यों […]

क्या छापों या गिरफ़्तारियों से भ्रष्टाचार रुकेगा?

March 10, 2023 0

देशवासियों! यह बात उतनी ही सत्य व प्रामाणिक है जितने हमारे सनातनी वेद। नरेन्द्र मोदी जी का मकसद राजनैतिक या आर्थिक भ्रष्टाचार खत्म करना मकसद नहीं है, अगर उनका वास्तव में जड़ से भ्रष्टाचार खत्म […]

सत्य सभी को प्रिय है

March 10, 2023 0

सत्य सभी को प्रिय है।लेकिन जब असत्य व्यवहार को ही सत्य के रूप में अपनाया जाय तो प्रिय नहीं हो सकता।प्रियता का जन्म ही सत्य से हुआ है।किसी भी दूसरे को प्रिय मानना ही प्रेम […]

देव और मानव बनने के लिए प्रेम और न्याय का धर्म

March 7, 2023 0

प्रश्न:-हमारे धर्मशास्त्रों में नर और नारायण का वर्णन है, नारायण तो स्वयं भगवान विष्णु हैं तो नर कौन है ..?साधारण बोलचाल की भाषा में नारी शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।तो नारी का क्या अर्थ […]

प्रेमनिवेदन आक्रमण नहीं आमन्त्रण है

March 5, 2023 0

प्रश्न:- स्त्री का प्रेम में पहल करना ओशो ने आक्रामक कहा है। क्या ये ठीक कह रहे हैं? उत्तर:- प्रेम आक्रामक नहीं होता।प्रेमनिवेदन आक्रमण नहीं आमंत्रण है।स्त्री का तो पूरा अस्तित्व ही आमंत्रण है।कहीं भी […]

हर सिक्के के दो पहलू होते हैं

March 5, 2023 0

मैंने किशोरावस्था में ही अपना होमटाउन लालगंज बैसवारा छोड़ दिया। इसका फायदा यह हुआ कि मुझे जल्दी नौकरी मिल गई और जिस उम्र में मेरे कुछ सहपाठी अभी भी TGT/PGT की तैयारी कर रहे थे, […]

सिद्धान्त शाश्वत है

March 2, 2023 0

व्यक्ति नश्वर है।सिद्धांत शाश्वत है।व्यक्ति नष्ट हो जाते हैं।सिद्धांत स्थिर रहता है।। सत्य प्रेम न्याय पुण्य शाश्वत एवं सनातन सिद्धांत हैं।दार्शनिक सिद्धांत पर आधारित धर्म ही सनातन, शाश्वत और स्थायी हो सकता है।दूसरा कुछ भी […]

शिक्षा और दीक्षा मे अन्तर

March 1, 2023 0

प्रश्न-शिक्षा और दीक्षा मे अंतर समझाते हुए उनकी दार्शनिक अनिवार्यता पर प्रकाश डालकर जिज्ञासा शांत करने की कृपा करें। उत्तर-मनुष्यों में सत्ज्ञान और सत्गुण के विकास हेतु शिक्षा और प्रशिक्षण की जरूरत होती है।शिक्षा अधिकार […]

पानी भरा बर्तन और हाई स्कूल की परीक्षा

March 1, 2023 0

हाई स्कूल की परीक्षा में मेरा सेंटर (परीक्षा केंद्र) इंटर कॉलेज अंबारा पश्चिम था यानि लालगंज बैसवारा से लगभग 6 किलोमीटर दूर । अन्य बच्चों की तरह मैं भी साइकिल से परीक्षा देने जाता तो […]

एक बुद्धिजीवी की समस्या

February 28, 2023 0

#RenamingCommission हम आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। हमें धार्मिक और सांस्कृतिक आजादी चाहिए। राष्ट्रीय स्तर पर #नामकरण_आयोग बनाने और वहशी विदेशी लूटेरों और आक्रांताओं के नाम पर बने कस्बों और शहरों के नाम […]

सख्त से सख्त सजा देने से अपराध होने या अपराधी बनने बंद हो जाते हैं क्या?

February 25, 2023 0

गज़ब सोचते हैं ये बुद्धिजीवी लोग भी, “प्यास लगने के बाद ही कुआँ खोदना भी आजकल शायद समझदारी की श्रेणी में आ चुका है।” अपराधी को सख्त सज़ा दिए जाने के कानून से भला मेरिटोक्रेसी […]

सत्य क्या है?

February 24, 2023 0

सामान्यतः किसी भली या बुरी बात या घटना को ज्यों का त्यों कहने को ही लोग सत्य बोलना कहते हैं।लेकिन ऐसा बोलने वाला मामला तथ्य होता है सत्य नहीं।सत्य तो ज्ञान है, आत्मा है, ईश्वर […]

अमृत उद्यान

February 24, 2023 0

रायसीना पहाड़ी पर स्थित राष्ट्रपति भवन (वाइसरॉय हाउस) के पीछे बना हुआ अमृत उद्यान तत्कालीन वाइसरॉय लार्ड होर्डिंग की पत्नी लेडी होर्डिंग की इच्छा और सर एडविन लुटियंस की वास्तुकला का अद्धभुत संगम है। 113 […]

मोदी-सरकार-द्वारा सत्ता का खुला दुरुपयोग कब तक?

February 23, 2023 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज काँग्रेस के मुखर प्रवक्ता पवन खेड़ा के विरुद्ध अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए, भारतीय जनता पार्टी की सरकार की असोम-राज्य- पुलिस-द्वारा दिल्ली वायुयान-केन्द्र से उन्हें यह कहकर अकस्मात् विमान […]

सदाचरण व सद्व्यवहार ही सत्धर्म

February 21, 2023 0

सदाचरण व सद्व्यवहार ही सत्धर्म है।यह सत्धर्म ही परस्पर शत्रुता के स्थान पर मित्रता को प्रतिष्ठित करता है।दुर्जन नहीं सज्जन बनने के लिए इसी शाश्वत एवं सनातन धर्म को स्वीकार किया जाता है ऐसे सनातन […]

समयसत्य विचार और प्रचार

February 19, 2023 0

◆ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय चलो, हम मान लेते हैं, तुम ‘हिन्दूराष्ट्र’ बना लो; पर हमारे कुछ प्रश्न हैं :―● तथाकथित हिन्दू सनातनी सरकार की प्रतिशोधात्मक राजनीति समाप्त हो जायेगी?● “फूट डालो और राजनीति करो” […]

आप कुछ सोचें और उस सोच को दूसरा कोई बता सके, सम्भव ही नहीं

February 19, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस जगत् मे ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जो आप कुछ सोचें और वह उस सोच को, आपसे बिना कोई प्रश्न किये, सीधे बता सके। आप जब कुछ सोचते हैं […]

उत्तर भारत मे पत्नियाँ अपने पति का नाम नहीं लेतीं

February 19, 2023 0

मान्यता है कि नाम लेने से उनके “उनकी” उम्र कम हो जाती है । इसी बात पर हरीलाल वाला चुटकुला भी बना है। हां, वही हरी/लाल जिनका शुरू का नाम लेने से गाड़ी चल देती […]

तो क्या त्रिपुरा का चुनाव ‘सत्तापरिवर्त्तन’ का संकेत है?

February 17, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस बार त्रिपुरा राज्य मे ६० सीटों के लिए कराये गये चुनाव मे कुल २५९ उम्मीदवार मैदान मे थे। भारतीय जनता पार्टी (५५ सीट) का अपने सहयोगी दल ‘आई० पी० […]

आरम्भो न्याययुक्तो य: स हि धर्म इति स्मृत:

February 16, 2023 0

“आरम्भो न्याययुक्तो यः स हि धर्म इति स्मृतः।” यानि न्याय से युक्त होने पर ही धर्म का प्रारम्भ होता है यही बात याद रखने योग्य है। अब उपरोक्तानुसार आप विचार कीजिये क्या वर्तमान किसी भी […]

बागेश्वरधाम के स्वामी धीरेन्द्र शास्त्री और उनके सेवादारों के कुकृत्यों को प्रशासन की हरी झण्डी

February 13, 2023 0

‘मुक्त मीडिया’ की अन्वेषणात्मक पत्रकारिता ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बागेश्वरधाम के स्वामी धीरेन्द्र शास्त्री को चमत्कारी पुरुष बतानेवाले देश के समस्त समाचार-चैनल के संवाददाता इस सच को जानने की कोशिश क्यों नहीं कर रहे […]

प्रेम तो मैत्री से भी ऊँचा

February 13, 2023 0

मित्रता पाने की नहीं करने की चीज है।प्रेम तो मैत्री से भी ऊंचा है।प्रेम बाहर से नहीं मिलेगा।प्रेम तो प्रत्येक को अपने भीतर जगाना होता है वह भी अपने से अधिक श्रेष्ठ व्यक्ति के प्रति।निकृष्टों […]

प्रेम देने से बढ़ता है मांगने से घटता है

February 9, 2023 0

मित्रता पाने की नहीं करने की चीज है।प्रेम तो मैत्री से भी ऊंचा है।प्रेम बाहर से नहीं मिलेगा।प्रेम तो प्रत्येक को अपने भीतर जगाना होता है वह भी अपने से अधिक श्रेष्ठ व्यक्ति के प्रति।निकृष्टों […]

कृष्ण जी की जिज्ञासा

February 7, 2023 0

प्रश्न-:न्याय तो सबकों चाहिए लेक़िन कोई भी जल्दी सत्यनिष्ठ बनने को तैयार नहीं हैं।लेकिन अगर उनके साथ अन्याय होता है तो उन्हें सत्य एवं न्याय की याद अवश्य आती है। उत्तर-:जी!अभी प्रायः लोगों को सत्यनिष्ठा […]

धर्म क्या है ?

February 6, 2023 0

जीवन में पारस्परिक सहजीविता के आधार पर “न्यायपूर्वक” जीना ही धर्म है। धर्म जीवन को कभी दो भागों में नहीं बाँटता था..राजनीति ने जीवन को दो भागों में बाँट दिया-एक शोषक और दूसरा शोषित । […]

‘बागेश्वरधाम’ के नाम पर रेलमन्त्रालय को प्रतिदिन लगाये जा रहे लाखों रुपये के चूने!..?

February 6, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय धर्म के नाम पर सरकार चलानेवाले और रेल-मन्त्रालय का संचालन करनेवाले प्रतिदिन आँखें मूँदे पुण्य कमाते आ रहे हैं और उसी धर्म के नाम पर बागेश्वरधाम जानेवाले धर्मात्मा उन्हें प्रतिदिन […]

भयभीत, मूल्यहीन, दु:खग्रस्त मनुष्य का जीवन किसी अभिशाप से कम नहीं

February 5, 2023 0

तीन बातों का स्व आत्मनिरीक्षण कीजिए- यदि ये तीनों या इनमें से कोई भी दो या कोई भी एक ग्रंथि आपके हृदय में विद्यमान है तो आप उतनी ही मात्रा में विक्षिप्त रहते हैं..! इन […]

ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध भारतीय क्रिकेट-खिलाड़ियों का चयन

February 5, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मैने ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध ९ फ़रवरी से आरम्भ होनेवाले क्रिकेट-टेस्ट मैच-शृंखला के लिए अधोटंकित भारतीय खिलाड़ियों का चयन किया है :― (१) रोहित शर्मा (२) के० एल० राहुल (३) पृथ्वी […]

धरम न दूसर सत्य समाना। आगम निगम पुरान बखाना॥

February 4, 2023 0

हिन्दू लोग जबसे सत्य के स्थान पर ईश्वर, भगवान, देवी, देवता, भूत, प्रेत की पूजा को धर्म मानकर जीवन जीना प्रारम्भ किए, तब से हिंदुओं का बेड़ागर्क हो गया। विश्वव्यापी हिन्दूधर्म बिखरता चला गया।और इनके […]

जीना इसी का नाम है

February 4, 2023 0

ज़िन्दगी बड़ी ख़ूबसूरत है, हर पल को ख़ुशी से जियो! जाने आनेवाला कल कैसा होगा? उसकी चिंता में इस पल को बेकार न करो! ज़िन्दगी को ख़ूबसूरत बनाना है कैसे? इस पर विचार करो! सभी […]

‘स्व’ और ‘पर’ के बीच के द्वैतबोध को हटाओ

February 2, 2023 0

प्रेम तो किसी से कोई आशा नहीं करता, प्रेम किसी को पीड़ा नहीं देता, फिर क्यो प्रेम को लोग स्वीकार नहीं कर पाते, जबकि प्रेम सबको स्वीकार करता है..? उत्तर- प्रेम जब किसी से कोई […]

रामचरितमानस विवाद, राम पर सवाल या वोट पर निशाना

February 2, 2023 0

पिछले कुछ समय से एक कूटरचित साजिश के तहत सनातनधर्म को विशेषकर निशाना बनाकर उसको बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। जिसमे विशेषकर अपने वोट बैंक को साधने के लिए विपक्षी राजनीतिक पार्टियों […]

कहाँ है यह रामराज्य

February 2, 2023 0

क्या रामराज में सतयुगीन वर्णाश्रमधर्म लौट आया था?गोस्वामी तुलसीदास ने तो लिखा था…!यदि रामराज आ चुका था तो रामराज को पुनः लाने की बात गांधीजी कैसे कहते थे..? उत्तर :-दुनिया को ‘रामराज्य’ की नहीं ‘न्यायराज्य’ […]

प्रेम ही श्रद्धा है

January 30, 2023 0

प्रेम ही संवेदना है।प्रेम ही साहस है।।प्रेम ही श्रद्धा है।प्रेम ही सद्वृत्ति है।।प्रेम ही सद्भाव है।प्रेम ही संबंध है।।प्रेम ही मैत्री है।प्रेम ही प्रवृत्ति है।।प्रेम ही सहकार है।प्रेम ही स्वीकार है।।प्रेम ही सहजीविता है।प्रेम ही […]

सामाजिक चेतना हेतु अतिमहत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

January 26, 2023 0

प्रश्न–क्या साधारण मनुष्य बिना अधिकारों के किसी भीनिजी या व्यवहारिक/सामाजिक कर्तव्य करने हेतु उत्तरदायी है? उत्तर–नही, कोई भी मनुष्य अपने निजी कर्तव्यों हेतु पूर्णतः स्वतंत्र है वो भी तबतक जबतक कि व्यवहारिक/सामाजिक बाध्यता का हनन […]

यह सद्भाव ही प्रेम है

January 24, 2023 0

प्रेम जितना बढ़ेगा काम उतना अच्छा होगा। प्रेमपूर्वक किया गया काम अवश्य, सुंदर, शुभ, कुशल और सुफल होता है। झुंझलाहट से किया गया काम अधकचरा ही रहता है। प्रेम अपने भीतर ही जागता है सत्यनिष्ठा […]

प्रेम की तो पीड़ा भी आनंददायक है जबकि घृणा का आराम भी दुःखद है

January 22, 2023 0

प्रेम के बिना तुम कभी सुखी नहीं हो सकते।प्रेम ही तुम्हारे दुःखों-दर्दों की एकमात्र अचूक दवा है। यदि तुम इस विराट संसार में किसी एक सद्व्यक्ति से भी प्रेम करते हो तो समझ लो कि […]

समर्पण मे ही प्रेम की पूर्णता है

January 21, 2023 0

सर्वस्व समर्पित हुए बिना किसी का प्रेम पूर्ण नहीं होता।जब तन मन प्राण आत्मा से पूर्णतः समर्पित होकर मनुष्य अपने इष्ट में स्थित होता है तभी वह अपने स्वाभिमान से मुक्त होकर इष्ट ही हो […]

एकला चलो रे….!

January 20, 2023 0

दुष्ट या अहंकारी मनुष्य एकला ही चलना चाहता है।जबकि पारस्परिकता के बिना मानवीय जीवन जीना सम्भव नहीं है। दूसरे से मिलकर जीना ही मानवीय सभ्यता है। समाजशास्त्र कहता है कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। […]

प्रेम ही संसार को सुखी बनाता है

January 16, 2023 0

दूसरे से जुड़ने और उसकी महिमा में खो जाने की इच्छा ही प्रेम है।इससे ही संवेदना जागती है, सरलता और विनम्रता आती है। दूसरे को स्वीकार करवाती है यह प्रेम की तड़प।दूसरे के संपर्क से […]

प्रयाग का विलक्षण आध्यात्मिक वैभव

January 14, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रयाग (इलाहाबाद) मे तीर्थयात्रियों का गमनागमन (‘आवागमन’ अशुद्ध है।) आरम्भ हो चुका है। इन दिनो ‘माघ मेला’ की आध्यात्मिक उत्सवधर्मिता के साथ सभी तीर्थयात्री सम्बद्ध हो गये हैं। सुदूर अंचलों […]

विश्वास और अविश्वास के बीच की कड़ी है ‘धर्म’

January 13, 2023 0

धर्म तो विश्वास और अविश्वास के बीच की कड़ी है!ये हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करती है..? धर्म किसी के विश्वास और अविश्वास का मोहताज नहीं होता।बल्कि धर्म तो संसार की सबसे महत्त्वपूर्ण वस्तु है। […]

सत्य को जानो, मानो और जीयो

January 9, 2023 0

इस संसार में सब कुछ एकात्म है।एक ही मूल तत्त्व से सब कुछ रचा हुआ है, दूसरा कोई है ही नहीं।मैं-तू के बीच सभी संघर्ष व्यर्थ हैं।सब प्रकार की तूतू-मैंमैं निरर्थक है। संसार में जब […]

पवित्रता क्या है?

January 6, 2023 0

प्रश्न;क्या “पवित्रता” विषय पर हमें सटीक जानकारी मिल सकती है..? उत्तर;गतिशीलता ही पवित्रता है।पवित्रता का अर्थ शुद्धता से ही है। संस्कृत की ‘पव्’ धातु से ‘पवित्र’ शब्द बनता है।इसी धातु से ‘पवन’ और ‘पावक’ शब्द […]

पूंजीवादी और साम्यवादी विचारधारा से नहीं; भारत की आध्यात्मिकता से उपजे अर्थशास्त्र की आवश्यकता : आचार्य वाजपेयी

December 28, 2022 0

विश्व मे दो अर्थशास्त्रीय धाराएं विद्यमान है– एक पूंजीवादी और दूसरी साम्यवादी। यद्यपि दोनों सतह पर अलग अलग दिखती है परंतु दोनों एक ही दर्शन से उत्पन्न है। दोनों मे पदार्थ, भौतिकवाद, उपभोग, मुद्रा प्रदर्शन, […]

सिक्किम की खाई मे सैन्य-वाहन गिरा; हमारे १६ सैनिक मारे गये; समाचार-चैनलों की नपुंसकता सामने आयी!

December 23, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय घोर आश्चर्य! आज हमारे १६ सैनिक मारे गये हैं; परन्तु सरकारी इशारे पर ‘कोरोना’ का भय दिखानेवाले दल्लाल समाचार-चैनलों मे साहस नहीं है, जो हमारे सैनिकों की अति दर्दनाक मृत्यु […]

देश मे शराब पर पूर्णत: प्रतिबन्ध क्यों नहीं?

December 16, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश की सरकारें लोभी रही हैं और नैतिकताविहीन भी; वह चाहें राज्य की रही हों वा केन्द्र की रही हों। यही कारण है कि आज़ादी के बाद से देश मे […]

आज विजय दिवस है

December 16, 2022 0

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के ग्रैंड अंकल जनरल नियाज़ी को लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा साहब के सामने ढाका के रेस कोर्स ग्राउंड में आत्मसमर्पण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते हुए देखना कितना गौरवशाली […]

कोस-कोस में बदले पानी, चार कोस में बानी

December 14, 2022 0

हमारे देश की विविधता के बारे में प्रचलित है –“कोस-कोस में बदले पानी, चार कोस में बानी।”लेकिन हर चार कोस में वाणी-भाषा बदलने की इस अनोखी, अद्भुत विशेषता के कारण कई बार एक ही शब्द […]

भारतीय शासन और मीडिया की गलबँहिया

December 12, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय चुनाव-परिणाम आ चुके हैं। अब ‘आफ़ताब और श्रद्धाकाण्ड’ का प्रचार-प्रसार समाप्त। क्रीतदास मीडियाकर्मी किसी और ‘मुसलमान-हिन्दू की राजनीति’ करने और उसके ज़ह्र (‘ज़हर’ अशुद्ध है।) की सुई को भारतीय समाज […]

रेलगाड़ी की पहली यात्रा : चरन्ति वसुधां कृत्स्नां वावदूका बहुश्रुताः

December 10, 2022 0

संस्कृत की एक सूक्ति है- ‘चरन्ति वसुधां कृत्स्नां वावदूका बहुश्रुताः।’ यानी बुद्धिमान और वाक कुशल लोग सारी पृथ्वी घूमते हैं। भारतवर्ष पृथ्वी के सबसे सुंदर देशों में से एक है और इस खूबसूरत देश को […]

बेटा आराम से चलना

December 5, 2022 0

2004 की बात है। मैं उस समय हैदराबाद में था और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर से प्रभावित होकर नई-नई टीवीएस विक्टर बाइक ख़रीदी थी। पापा हमसे मिलने हैदराबाद आये थे। एक छुट्टी के दिन […]

आकाशलोक से सम्मोहक मेघदर्शन/मेघ-दर्शन

December 3, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आकाशगामी वायुयान से आकाश-दर्शन मन-प्राण (‘प्राणों’ अशुद्ध है।) को आह्लादित कर देता है; मेघ का रूप-परिवर्त्तन होते रहने से मन-मस्तिष्क मे एक अद्भुत विचार-शृंखला कौंधने लगती है; विचार-प्रक्रिया ‘शून्य से […]

समाचार-चैनलों की ओर से ‘ग़ुलाम-वंश’ के पुरावृत्त का आरम्भ

December 2, 2022 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आजका’ सम्पादकीय ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● बाइकवाली, ट्रैक्टरवाली, जीपवाली चैनलवालियाँ।● ऑटोवाला, ट्रकवाला चैनलवाले। ◆ सच तो यह है कि इन सभी का कोई स्वतन्त्र अस्तित्व नहीं; बनियों की नौकरी जो […]

जानकारी फुटबॉल के बारे मे

December 2, 2022 0

इंग्लैंड को आधुनिक फुटबॉल का जनक माना जाता है। इंग्लैंड में लोगों के झुंड फुटबॉल खेलते थे, जहां इसे ‘मॉब फुटबॉल’ के रूप में जाना जाता था। यह खेल नौवीं शताब्दी तक यूरोप के कई […]

इसलिए मुफ्त के चक्कर में कतई न पड़ें, परिणाम घातक होगा

November 30, 2022 0

एयर फोर्स अकैडमी हैदराबाद के मुख्य गेट यानी अन्नाराम की तरफ से अंदर प्रवेश करिए और अगर नाक की सीध में चलते जाइए तो आप ट्विन हैंगर के पास से गुजरते हुए डीएससी गेट पार […]

नरेन्द्र मोदी! नैतिकता बची हो और साहस हो तो उत्तर दें

November 28, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय गुजरात-चुनाव की सार्वजनिक सभा मे २७ नवम्बर को काँग्रेसी नेताओं को आतंकवादियों का साथ देने का आरोप मढ़नेवाले नरेन्द्र मोदी जवाब दीजिए– वर्ष १९९९ मे किस दल के सरकार मे […]

मासानां मार्गशीर्षोऽहम्

November 28, 2022 0

देवशयनी एकादशी’ से शुरू होकर ‘देवोत्थान एकादशी’ को समाप्त हुआ चातुर्मास (श्रावण, भाद्रपद, आश्‍विन और कार्तिक महीना) का कठिन समय गुजर चुका है। हेमंत ऋतु का पहला और हिंदू पंचांग का नवां मास अगहन (अग्रहायण/मार्गशीर्ष) […]

कैसा मन्दिर-कैसा मस्जिद-कैसा गिरजाघर-कैसा गुरुद्वारा?

November 27, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय स्वर्ग यहीं है और नरक भी यहीं। कर्म के सम्मुख किसी ‘भौतिक धर्म’ का कहीं कोई अस्तित्व नहीं। ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ की यही निष्पत्ति है। जो भी इस विचार से असहमत हो, […]

देर से ऑफिस आने का बहाना

November 26, 2022 0

बिल्कुल असत्य घटना पर आधारित कहानी! शर्मा जी पढ़ने-लिखने में होशियार थे और देखने- सुनने में स्मार्ट। कामकाज के मामले में भी वह तेजतर्रार थे। बस उनकी एक ही कमी थी कि वह ऑफिस हमेशा […]

केंद्रीय सचिवालय

November 24, 2022 0

राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट की तरफ चलिए तो बाई तरफ नार्थ ब्लाक, दाहिनी तरफ साउथ ब्लॉक और कर्तव्य पथ के रास्ते नाक की सीध में चले जाइए तो इंडिया गेट, नेताजी सुभाष चंद्र बोस […]

देश के संवेदनहीन समाचार-चैनलवालो! डूब मरो

November 23, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के समाचार-चैनलवालो! गिर तो पूरी तरह से चुको हो; अब उठ-उठकर; सरक-सरककर कब तक और कितना गिरते रहोगे? गुजरात के मोरबी पुल के टूटने से सैकड़ों लोग मरे थे। […]

भारत पर प्रभुता स्थापित करती ‘न्यू इण्डिया’

November 22, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष २०१४ मे ‘भारत’ को पराधीन बनाकर, ‘न्यू इण्डिया’ की स्थापना करनेवाले प्रभुतासम्पन्न लुटेरे ‘भारत’ मे घुसपैठ कर चुके हैं। देश की औसत जनता भूखी, रूखी तथा सूखी पड़ती जा […]

पुरुष कौन है?

November 19, 2022 0

बेटी के लिए ‘परफेक्ट मैन’, बेटे के लिए ‘सुपरमैन’, पत्नी के लिए ‘ही मैन’ और मां के ‘जेंटलमैन’ पुरुष है। बच्चों, पत्नी, मां-बाप, परिवार के लिए सामान खरीदने के बाद बचे हुए पैसों से अपना […]


नितान्त असभ्य दिख रहा गुजरात का ‘चुनावी प्रचार’!

November 19, 2022 0

‘मुक्त मीडिया’ का आज का सम्पादकीय विधानसभा-चुनाव गुजरात-राज्य मे होनेवाला है; परन्तु वहाँ का सत्ताधारी दल और उनके तथाकथित चालीस स्टार प्रचारक यह नहीं बता पा रहे हैं कि वर्षों तक गुजरात मे रहनेवाली उनकी […]

ऊंचाहार ‘बैलगाड़ी’ एक्सप्रेस

November 18, 2022 0

सन 1988 में रायबरेली के ऊंचाहार कस्बे में थर्मल पावर स्टेशन स्थापित हुआ तो ऊंचाहार को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ने के लिए तत्कालीन इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) और दिल्ली के मध्य ‘ऊंचाहार एक्सप्रेस’ रेलगाड़ी […]

आइए! ‘राष्ट्रीय प्रेस-दिवस’ को समझें

November 16, 2022 0

◆ आप सभी से सानुरोध आग्रह है कि इस आलेख मे किसी भी प्रकार का ‘प्रयोगदोष’/’प्रयोग-दोष’ (‘प्रयोग दोष’ निरर्थक प्रयोग है।) दिखे तो संबोध करायें; आभारी रहूँगा। आज (१६ नवम्बर) ‘राष्ट्रीय प्रेस-दिवस (तिथि)’ है। ● […]

रूस-युक्रेन मे अब तक का भीषण आक्रमण-प्रत्याक्रमण

November 16, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय २३ फ़रवरी, २०२२ ई० की रात्रि से रूस-द्वारा युक्रेन पर लगातार किया जा रहा आक्रमण अब रूस के लिए गले की फाँस बन चुका है। अब तक रूस के लगभग […]

व्हिस्की और रम

November 12, 2022 0

रम और व्हिस्की दोनों ही मादक पेय हैं। सामान्य भाषा में दोनों को ही ‘दारू’ कहा जाता है। लेकिन रम, गन्ने से प्राप्त शीरे के किण्वन (fermentation with yeast) के पश्चात प्राप्त घोल के आसवन […]

मेरी पक्की सहेली

November 12, 2022 0

मेरा नाम दिशा है, मैं नौवीं कक्षा में पढ़ती हूं। मेरी एक सहेली थी जिसका नाम पायल था। जो मेरे साथ पहली से आठवीं तक पढ़ती थी। अब मैं नौवीं कक्षा में प्रवेश कर चुकी […]

बाल दिवस और अध्यापक

November 11, 2022 0

जैसे कि हम जानते हैं पंडित जवाहरलाल नेहरु के जन्म दिवस 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है। यह निर्णय नेहरू का बच्चों के प्रति लगाव को देखकर ही […]

दिल्ली मॉडल

November 11, 2022 0

आज से एक दशक पूर्व तक दिल्ली में डीडीए का फ्लैट निकलना लॉटरी लग जाने जैसा होता था। आज ड्रा में फ्लैट निकला और कल से ब्रोकर पीछे पड़ जाते कि इतने लाख लेकर इसे […]

बैसवारा की कतकी (कार्तिक पूर्णिमा)

November 8, 2022 0

करवा हैं करवाली,उनके बरहें दिन दिवाली।उसके तेरहें दिन जेठुआन ,औरफिर चुटिया-पुटिया बांध के चलो गंगा नहाय। मतलब की दीपावली की धूम और फिर जेठुआन के गन्ने की मिठास खत्म होते कतकी (गंगा स्नान) की तैयारी […]

हर साल नवंबर के महीने में यह साबित करना पड़ता है कि मै जिंदा हूँ : रिटायर्ड फौजी

November 5, 2022 0

जंगल वाले टाइगर के साथ तो ऐसी कोई मजबूरी नहीं है लेकिन फौज वाले रिटायर्ड टाइगर्स को हर साल नवंबर के महीने में यह साबित करना पड़ता है कि वह जिंदा हैं। तभी उनकी पेंशन […]

बैसवारा का जेठुआन

November 3, 2022 0

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को ‘देवउठनी एकादशी’ या ‘हरिप्रबोधिनी एकादशी’ कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि चार माह तक भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं। सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार […]

महापर्व छठ

October 31, 2022 0

पिछले कुछ वर्षों में अगर कोई त्यौहार पूरे भारत में सबसे तेजी से फैला है तो वह महापर्व छठ ही है। हालांकि इसके प्रचार- प्रसार में बिहार और उत्तर प्रदेश की तथाकथित पिछड़ी, समाजवादी, सेकुलर […]

भाईदूज का त्यौहार और इसकी कथा

October 26, 2022 0

हिंदू धर्म में भाई-बहन के स्नेह के प्रतीक के रूप में दो त्योहार मनाए जाते हैं:- पहला ‘रक्षाबंधन’ जो श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसमें भाई बहन की रक्षा करने का संकल्प […]

यदि दीपावली ‘मुसलमानो’ का त्योहार होता….

October 26, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यदि दीपावली मुसलमानो का त्योहार होता तो अब तक कई याचिकाएँ न्यायालयों मे दाख़िल हो जातीं। दोष मढ़ा जाता :– दीपावली से शोर-शराबा होता है; हमारे देवी-देवताओं के चित्र चिपकाकर […]

देश की कार्यसंस्कृति सात-आठ सालों मे बदलने का श्रेय ‘नरेन्द्र मोदी’ को

October 23, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अन्तत:, यह सच नरेन्द्र मोदी की ज़बान पर आ ही गया :–“देश की कार्यसंस्कृति सात-आठ साल मे बदली है।” नरेन्द्र मोदी के इस कथन मे कहीं कोई असत्य का पुट […]

बचपन वाली दीवाली

October 23, 2022 0

बचपन की दीपावली का मतलब छोटी दीवाली, बड़ी दिवाली और उसके बाद गंगा स्नान (कार्तिकी) की तैयारी हुआ करता था। धनतेरस और भैया दूज कम से कम हमारे गांव में तो नहीं मनाया जाता था। […]

चाय पर चर्चा

October 21, 2022 0

ईसा से 2737 साल पहले एक दिन चीन के सम्राट शेन नुंग के सामने रखे गर्म पानी के प्याले में कुछ सूखी पत्तियां आ कर गिरी, जिनसे पानी में रंग आया और जब उन्होंने उसकी […]

निर्लज्जता की पराकाष्ठा!

October 20, 2022 0

◆ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस समय देश की आर्थिक स्थिति बदतर हो चुकी है; परन्तु ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ पर इसका कहीं कोई असर होता दिख नहीं रहा है। सभी उत्पादों पर आये-दिन बेलगाम […]

‘कश्मीर पण्डितों’ के बहाने करोड़ों की कमाई

October 19, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ दिखाकर अपनी पीठ थपथपाने और अपने उल्लू सीधा करनेवालो! कश्मीर मे ‘कश्मीरी पण्डित’ और ‘अन्य हिन्दू’ मारे जा रहे हैं; अब चुप क्यों हो? फ़िल्म से की […]

चिकित्साविज्ञान की पुस्तकों का बेहद ‘शर्मनाक’ अनुवाद!

October 18, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नीचे मध्यप्रदेश-सरकार की ओर से ‘मेडिकल साइंस’ (चिकित्साविज्ञान) के अध्ययन करनेवाले विद्यार्थियों के लिए एक अनूदित (अँगरेज़ी से हिन्दी-अनुवाद) पुस्तक के ‘लंग्स’ (फेफड़े/फेफड़ों) नामक अध्याय की सामग्री है। इसमे केवल […]

ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी मीडियम से होना किसी वरदान से कम नहीं

October 18, 2022 0

विज्ञान वर्ग से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई हिंदी मीडियम से करने के बाद मैंने बीएससी (पीसीएम) करने हेतु कानपुर के प्रसिद्ध बीएनडी कॉलेज में एडमिशन लिया । वहां के प्रोफेसर बहुत अच्छे थे, अपने विषय […]

चंदा तेरे कितने रूप

October 14, 2022 0

चंद्रमा पूजनीय है क्योंकि हमारे शास्त्रों में चंदा को ब्रह्माजी का मानस पुत्र कहा गया है। चंद्रमा को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त है , इसलिए सुहागिन स्त्रियां कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी […]

काश! राममन्दिर का पूरा निर्माण देख गये होते मुलायम सिंह यादव

October 11, 2022 0

‘मौलाना मुलायम’ की हकीकत तो सबको मालूम ही है कि वह एक जाति विशेष और मजहब विशेष के नेता थे। उत्तर प्रदेश के यादवों के लिए वह ‘अंबेडकर’ और शांति दूतों के लिए ‘जिन्ना’ से […]

कट्टर मुसलमानो! जवाब दो!

October 10, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय तुम केवल एक ईश्वर ‘ख़ुदा’ को मानते हो, जिसका कोई आकार-प्रकार नहीं है। वैसे भी तुम लोग के ख़ुदा का कोई मूर्त रूप आज तक नहीं मिला है और यदि […]

घोर हिन्दूवादियो! उत्तर दो?

October 10, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय तुमने राम, कृष्ण, लक्ष्मण, हनुमान आदिक को देखा है? देखा था? तुम्हें अब तक इनसे क्या मिला है? इसके बाद भी तुम इन सभी के अन्धभक्त बने हुए हो और […]

भारत की चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए उत्तरदायी कौन?— दो और अन्तिम भाग

October 10, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए उत्तरदायी कौन?— एक हम इस तथ्य को अस्वीकार नहीं कर सकते कि मोदी-सरकार लगातार क़र्ज़ लेती आ रही है; किन्तु उसे पटा नहीं पा […]

भारत की चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए उत्तरदायी कौन?— एक

October 10, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज भारत देश के आर्थिक पहिये बेलगाम हो चुके हैं। यही कारण है कि वे अपना संतुलन खोकर ऊबड़-खाबड़ रास्ते से भागे जा रहे हैं। इसका सामान्य जन-जीवन पर सीधा […]

आम जनता को पूरी तरह से लूट रहा है, ‘रेलमन्त्रालय’!

October 7, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जबसे न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार का गठन हुआ है तबसे उसका इरादा साफ़ है– जनसामान्य को कैसे कंगाल (तत्सम ‘कंकाल) बनाया जाये और उसे आर्थिक रूप से इतना तोड़ दिया […]

नरेन्द्र मोदी के सिर पर मडराता ‘नोटबन्दी’ का भूत!

October 6, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नरेन्द्र मोदी ने जिन-जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नोटबन्दी (उपयुक्त शब्द ‘नोटपरिवर्त्तन’ है।) की थी, उन्हें लेकर वे और उनकी सरकार अब बुरी तरह से घिर चुकी हैं। उच्चतम […]

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