प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की एक और नौटंकी शुरू
पृथ्वीनाथ पाण्डेय– नरेन्द्र मोदी ने कल (२ मार्च) रात्रि में ट्वीट किया था– मैं ‘सोसल मीडिया’ प्लेटफॉर्म छोड़ रहा हूँ, फिर आज दोपहर में लगभग १६ घण्टे-बाद ट्वीट किया है– एक दिन के लिए ‘सोसल […]
पृथ्वीनाथ पाण्डेय– नरेन्द्र मोदी ने कल (२ मार्च) रात्रि में ट्वीट किया था– मैं ‘सोसल मीडिया’ प्लेटफॉर्म छोड़ रहा हूँ, फिर आज दोपहर में लगभग १६ घण्टे-बाद ट्वीट किया है– एक दिन के लिए ‘सोसल […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ‘न्यू इण्डिया’ का दामाद बनकर आ रहे हैं। अफ़सोस, हम भारतीयों के करोड़ों रुपये ट्रम्प की यात्रा पर व्यय किये जा रहे हैं; किन्तु देशवासियों […]
बिजोलिया जिला भीलवाड़ा राजस्थान निवासी अंशुल जैन देश मे जरूरतमन्द विद्यार्थियों के लिए स्टेशनरी बैंक की स्थापना करने वाले ऊर्जावान युवा है जिन्होंने राजस्थान के टोंक जिले से हर हाथ कलम अभियान का श्रीगणेश किया। […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- शाहीनबाग़ से निकल कर आनेवाले कुछ मार्गों को दिल्ली-पुलिस-प्रशासन ने रोक लिया है, जिससे कि शाहीनबाग़ में शान्तिपूर्ण आन्दोलन कर रहीं महिलाओं को आरोपित कर, उन्हें अपमानित किया जाये। यही कारण है […]
■ प्रकरण– निर्भया का सामूहिक बलात्कार और उसकी नृशंस हत्या —डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अक्षय, मुकेश, पवन तथा विनय की दशा-दिशा :– बकरे की माँ ‘कब तक’ ख़ैर मनायेगी? दुर्दान्त अपराधियों का वकील ए०पी० सिंह जानता […]
★ ‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय —- डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पुलवामा-विस्फोट में बड़ी संख्या में हमारे निर्दोष सैनिक मारे गये थे। देश की सरकार निकम्मी निकली, जिसने अभी तक कोई जाँच-समिति नहीं गठित करायी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– देश की जनता को ‘हिन्दू-हिन्दुत्व’ और ‘मुसलमान-मुसलमानत्व’ का खेल मत दिखाइए; पहले स्वयं एक ‘मनुष्य’ बनिए, फिर अपने-अपने तरीक़े से भारत राष्ट्र को सुधारने का दावा कीजिए। यदि राष्ट्रहित में कुछ करने […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- तो क्या पाकिस्तान जीत गया? तो क्या आतंकवाद जीत गया? तो क्या हनुमान् किसी की निजी सम्पदा हैं? यह देश का ऐसा पहला चुनाव था, जिसमें किसी मुख्यमन्त्री ने इस आशय की […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- केन्द्र और राज्य की सरकारों ने जो भी विकास-योजनाएँ बनायी हैं, उनमें निहित जातीयता, साम्प्रदायिकता, धर्मान्धता तथा भाग्यवादिता पर आधारित सामाजिक रूढ़ियों और परम्पराओं ने बाधा पहुँचायी है। प्रदत्त, अर्जित पद तथा […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- काहें के दँतवा चियार कर घिंघोर रही हो जी? तुम्हारे भी आच्छा दिनवा आ गया है। चौकीदरवा ‘दूधा का भात’ खा गया। उसको हम तुम्हारे लिए सरिहार कर रखे थे। अब का […]
महेन्द्र नाथ महर्षि (सेवा•नि• वरिष्ठ अधिकारी, दूरदर्शन), गुरुग्राम 2020 जनवरी के महीने में ठंड कुछ ज़्यादा पड़ी। मौसम बड़ा ही असामान्य (unpredictable) बना रहा। कभी घना कोहरा तो कभी धुंधला आसमान, बेवक्त की बौछार , […]
शालू मिश्रा, युवा साहित्यकार/अध्यापिका (नोहर), रा.बा.उ.प्रा.वि.सराणा (जालोर) अबकी बार हम सब भारत का 71 वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। भारत के प्रत्येक नागरिक को बङी ही उत्सुकता से इस विशेष दिन का इंतज़ार […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- सच तो यह है कि तथाकथित धर्मानुरागी ‘प्रार्थना’ का वास्तविक अर्थ जानते ही नहीं। मनुष्य जैसे ही आत्म-केन्द्रित अथवा परिवार-केन्द्रित अभिलाषा और आकांक्षा की पूर्ति के लिए हाथ जोड़ता है, उसकी प्रार्थना […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आज सम्पूर्ण देश में ‘महँगाई’ बुरी तरह से अपने पैर फैला चुकी है; अफ़सोस! इस विषय पर देश की सरकार ‘दिव्यांग’ सिद्ध हो चुकी है। वह किंकर्त्तव्यविमूढ़ बन चुकी है, इसीलिए वह […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सम्मानित देशवासीगण! आज भारत राष्ट्र की अखण्डता, एकता तथा सम्प्रभुता संकट में है। अपने देश का लोकतन्त्रीय ढाँचा ध्वस्त होने की स्थिति में है। इसके लिए देश का सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष उत्तरदायी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– ★ देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ बलप्रयोग करने से देश की सरकार कैसे बाज़ आयेगी? ★ ‘नारी-स्वाभिमान’ और “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” के नाम पर दिख रही अत्याचार की पराकाष्ठा […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– कल ‘विश्व हिन्दी-दिवस’ था और ऊपर भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का १५ दिसम्बर, २०१५ ई० का पत्र है, जिसे उन्होंने ‘विश्व हिन्दी-दिवस’ के अवसर पर प्रसारित कराया था। बोलने-लिखने-ट्वीट आदिक करने […]
राम वशिष्ठ (युवाचिन्तक व फिल्म निर्देशक)– किस्से है बलिदान के , साहस के और वीरता के , स्वधर्म पर मर मिटने के । क्या कर सकोगे हौसला उन बलिदानी , साहसी , वीरों के संघर्ष […]
भवानीमंडी:- देहरादून उत्तराखण्ड से प्रकाशित लोकप्रिय व प्रतिश्ठित देवभूमि समाचार पत्र के 6 जनवरी 2020 के अतिथि सम्पादक डॉ .राजेश पुरोहित, भवानीमंडी (झालावाड) राजस्थान के ख्यातिनाम कवि, लेखक एवम वरिष्ठ साहित्यकार रहेंगे। पुरोहित ने बताया […]
राजेश पुरोहित, भवानीमंडी कहते हैं आसमान वे छूते हैं जिनमें हौसले होते हैं ऐसा ही कर दिखाया एक नौजवान साहित्य की सेवा में लगे हुए महेश राठौर सोनू ने, जो कि मध्य प्रदेश के रीवा […]
◆ नगर निगम, प्रयागराज के काले कारनामे डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– देश की भूतपूर्व प्रधानमन्त्री इन्दिरा गांधी की जन्मतिथि (१९ नवम्बर) के अवसर पर ‘नगर निगम’ ने ‘आनन्द भवन’, प्रयागराज के प्रशासक के पास ‘गृहकर’ के […]
राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’- हर बार की तरह इस बार भी हिन्दी दिवस हिन्दी की याद दिलाकर गुज़र गया । हिन्दी का विकास हो रहा है, प्रचार – प्रसार में बड़ी -बड़ी बातें कहते हुए नीति […]
राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ शिक्षक एवं साहित्यकार- दीपावली के तीन दिनों बाद हमारे देश की राजधानी दिल्ली धुंध के काले आवरण से ढँक चुकी थी। दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण की दर बढ़ती […]
महेन्द्र महर्षि (से. नि. प्रसारण अधिकारी) पर्व पर सभी को बधाई ! १.११.२०१९
◆ किसकी पहल पर जम्मू-कश्मीर में ‘विदेशी’ सांसद बुलाये गये? डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की सरकार इन दिनों जिस तरीक़े से अपने चरित्र-चाल-चेहरा को अन्तरराष्ट्रीय मंचों से ख़ूबसूरत दिखाने की कोशिश कर रही है, वे […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश के मतदाताओं ने तुम्हें सत्ता इसलिए नहीं सौंपी है कि अपनी निष्क्रियता का ठीकरा पूर्ववर्ती सत्ताधारियों पर फोड़ते रहो और बेशर्म बनकर अपनी नाकामियाँ छिपाते रहो। वर्ष २०१४ से पहले के […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आश्चर्य का विषय है कि चुनाव राज्यों के लिए हो रहे हैं और राज्यों की जनता के मन-मस्तिष्क में ‘अनुच्छेद ३७०’, ‘भारत-पाकिस्तान’, ‘आतंकवाद और काँग्रेस’ आदिक अप्रासंगिक विषयों का विष भरा जा […]
महोदय! उत्तरप्रदेश राज्य में जी रहे जनसामान्य का जीवन आज जितना आतंकपूर्ण है उतना कभी नहीं रहा। जिस भाँति आपके राज्य की सरकार अकल्पनीय-अप्रत्याशित निर्णय कर राज्य के नागरिकों को हतप्रभ और भयभीत करती आ […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- यह चिता नहीं, राष्ट्रयज्ञ का ‘हवनकुण्ड’ है! प्राय: देखा गया है कि जीवन में ‘आकस्मिक’ और ‘अप्रत्याशित’ आवागमन की विशेष भूमिका होती है; जैसा कि महात्मा गांधी जी के साथ हुआ था […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आपने कभी विचार किया है :– भारतीय अपनी सन्तति की जन्मतिथि (जन्मदिन का प्रयोग अशुद्ध और अनुपयुक्त है।) के अवसर पर आयोजित समारोहों में जलती हुई मोमबत्तियों को क्यों बुझाते हैं? ‘केक’ […]
रावण का अर्थ है, ‘जो सम्पूर्ण लोक को रुला दे’, जो आज भी प्रासंगिक है। आज का रावण सम्पूर्ण भारतवासियों को रुला रहा है और हमारी आहें उसकी ‘अहम्मन्यता के घड़े’ में भरती जा रही […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- 0 निजता का हनन्। 0 देश का प्रत्येक नागरिक असुरक्षित। 0 देश की संरक्षा-सुरक्षा के स्थान घृणित प्रतिशोध की नीति अपनाती सरकार। 0 देश का प्रधानमन्त्री आत्म प्रदर्शन करने में तल्लीन। 0 […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी जनसामान्य को रिश्वतख़ोरों, दलालों तथा भ्रष्ट शासकीय कर्मचारियों-अधिकारियों की दादागिरी और मनमाने आचरण से बचाने के लिए ‘संकटमोचक मोबाइल नम्बर’ क्यों नहीं सार्वजनिक करते? जिस तरह से […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी हमारे उक्त अभ्यर्थियों-विद्यार्थियों के साथ मिल-बैठकर उनके प्रतिनिधिमण्डल के साथ सकारात्मक संवाद कर, कोई ‘मध्यम मार्ग’ निकालने पर विचार क्यों नहीं करते? हमारा युवावर्ग टूटता जा रहा […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– प्रयागराज में ‘दिव्य कुम्भ’ के अवसर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, उत्तरप्रदेश-राज्यपाल-मुख्यमन्त्री, प्रमुख विपक्षी राजनेत्री-नेता आदिक शान के साथ डुगडुगी पिटवाते हुए पधारे थे; संगमस्नान किये थे; यहाँ तक कि प्रधानमन्त्री कवच-कुण्डल धारण […]
इन दिनों उत्तरप्रदेश में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौन-उत्पीड़न आदिक अपराध प्रगति पर हैं। राजनेता, सन्त, महन्त, धर्मोपदेशक ‘बलात्कारी’ के रूप में बलात्कार-आसन पर स्थापित होते जा रहे हैं; किन्तु ‘नारी-स्वाभिमान’, ‘नारी-सशक्तीकरण’, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ आदिक […]
शिवांकित तिवारी “शिवा” हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं,बल्कि यह हमारे अल्फाजों को समेट, हमारी बातों को सरलता एवं सुगमता से कहने का विशेष माध्यम हैं। हिन्दी बिल्कुल हमारी की तरह ही हमसे […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- मन्त्रि जी! बी०एड्० की अनिवार्यता ‘घास’ छीलने के लिए की गयी है? आप संवादहीनता की स्थिति क्यों उत्पन्न कर रहे हैं? ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग’ में जो ‘दलाल’ (कमीसनख़ोर) बैठे हुए हैं और […]
प्रेरणा नम्रतामयी होती है । मूढ़मतियों को जागरण के सोपानों पर चढ़ने की उपादेशना है । यह ऐषणाओं को दृष्टाभाव नहीं कर्ताभाव की ओर लक्षित करती है। प्रेरणा अवकाशभोगी दार्शनिक नहीं, पार्थिव काया-माया की जटिल […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आज ९९ प्रतिशत गुरु कुटिल बन चुके हैं। वहीं पूर्व के गुरु, जो जीवन-मूल्यों की ‘कल’ तक रक्षा करनेे के लिए प्राण-पण से तत्पर रहते थे और अपने शिष्यवृन्द को भी चैतन्य […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– केन्द्र-राज्य की सरकारों ने देश की जनता की गाढ़ी कमाई को बेहयाई के बेसन में लपेटकर पकौड़ीनुमा निर्दय अर्थव्यवस्था की कूटनीतिभरी बर्बरता की दहकती कड़ाही में तलकर चट करने की नीतियाँ बनाती […]
आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक) आज हमारा राष्ट्र जिस परिवर्त्तन के दौर से गुज़र रहा है उसमें एक ओर विकास की छलाँग है तो दूसरी ओर महँगाई की मार एक ओर भारत अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – इस समय देश में शासन करनेवाले भले अपनी पीठ थपथपा लें फिर भी वर्तमान और भविष्य अतीव भयावह दिख रहा है। नोटबन्दी और जी०एस०टी० के दुष्प्रभाव का ही परिणाम है कि […]
विजय कुमार, अझुवा कौशाम्बी- दिवंगत जेटली जी को स्मरण करता हूं तो आंखे नम हो जाती हैं वह न सिर्फ एक कुशल वक्ता, अधिवक्ता और राजनेता थे अपितु उन्होने मां भारती के हित के लिए […]
राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’- श्रीराम कॉलोनी भवानीमंडी भारत के वित्त मंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल में काले धन नकली मुद्रा और आतंकवाद पर अंकुश लगा। भ्र्ष्टाचार खत्म हुआ। जेटली ने कहा था धर्म के आधार […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश की वित्तमन्त्री निर्मला सीतारमण जी०एस०टी० को दशहरा से और सुविधाजनक बनाने की आज बात कर रही हैं; किन्तु इस समय देश जिस ‘आर्थिक मन्दी’ से गुज़र रहा है, उस पर मौन […]
राजेश कुमार शर्मा पुरोहित कवि, साहित्यकार हम 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी का 75 वां जन्म दिवस हीरक जयंती के रूप में मना रहे हैं। राजीव जी को कम्प्यूटर का जनक […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– पुस्तकें जीवन-मरण का आख्यान करती हैं। पुस्तकें कृष्ण और शुक्ल-पक्षों का अनावरण करती हैं। पुस्तकें मर्मान्तक पीड़ा देती हैं। पुस्तकें मन-प्राणों पर इन्द्रधनुषी रंगों का अनुलेपन करती हैं। पुस्तकें राग-अनुराग और द्वेष-विद्वेष […]
रक्षा बंधन-१५ अगस्त,२०१९ सभी बहनों को धन्यवाद ! इस पर्व के दो मुख्य पक्ष हैं। एक पौराणिक और दूसरा ऐतिहासिक। पौराणिक में पहला कृष्ण का युधिष्ठिर को दिया वह संदेश जिसमें उन्हें प्रजापालक होने के […]
राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” कवि, साहित्यकार निसार तन-मन स्वदेश पर है चीज़ क्या जेल, गन, मशीनें क़ज़ा का भी हमको डर नहीं है।। ये गीत उन अमर शहीदों ने गाये थे जिन्होंने हमारे हिंदुस्तान को आज़ाद […]
लेखक – सीतांशु त्रिपाठी, सतना मध्यप्रदेश आज मैं उस समाज की बात कर रहा हूँ जहाँ कहा तो ये जाता हैं की लड़की लक्ष्मी का रूप होती है । लड़की देवी होती है । लड़की […]
पृथ्वीनाथ पाण्डेय- वर्तमान में सरकारी क्षेत्रों में न्यूनतम २४ लाख पद रिक्त हैं, जिन्हें सरकार भरना ही नहीं चाह रही है, फलत: अनियोजन (बेरोज़गारी) बुरी तरह से विस्तार करता जा रहा है। निजी क्षेत्रों के […]
प्रियवर विद्यार्थीवृन्द! ‘दैनिक जागरण’ में ‘नई राहें’ पृष्ठ पर सोमवार को मुद्रित पाक्षिक स्तम्भ ‘मार्गदर्शन’ के अन्तर्गत आपकी शैक्षिक, सामाजिक तथा मनोवैज्ञानिक समस्याओं का निराकरण और शंकाओं का सहज व्यावहारिक समाधान प्रेरक शब्दों में किया […]
रामू बाजपेयी- रक्षा बंधन का त्यौहार पूरे देश ने धूमधाम से मनाया जाता है । इस त्यौहार को भाई व बहन के स्नेह का प्रतीक माना जाता है । इस दिन बहन अपने भाई की […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ★ आप यदि सहमत हों तो ‘हाँ’ लिखें। देश की जितनी भी शिक्षण-संस्थाएँ ‘हिन्दी-साहित्य’ के अन्तर्गत जिनके निर्देशन में शोधकर्म और परीक्षण करा रही हैं, उनकी भाषा, व्याकरण, भाषाविज्ञान तथा निर्धारित विषय […]
अवनीश मिश्र लखनऊ- सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपलोड मार्कशीट से पता चला कि ग्वालियर के संदीप गर्ल्स हाइयर सेकंडरी स्कूल के क्लास टीचर ने अंकपत्र में अंकों को सही से जोड़े बिना ही अंक […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- प्रेमचन्द-विषयक इस विशेषांक में प्रत्येक स्थान पर ‘प्रेमचन्द्र’ ही छपा है। एक-दो स्थान पर होता तो मुद्रणप्रणाली के प्रक्रियान्तर्गत एक सामान्य भूल मानी जा सकती थी; परन्तु यहाँ तो ‘अज्ञान की सञ्चित […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– हमारे देश के ९५ प्रतिशत से अधिक मीडियाकर्मी और अधिवक्ता यह नहीं जानते कि ‘धारा’ और ‘अनुच्छेद’ में क्या अन्तर है। यही कारण है आज तक हमारे मीडियाकर्मी और अधिवक्ता ‘अनुच्छेद ३७०’ […]
राम वशिष्ठ (युवा चिन्तक व फिल्म निर्देशक) – आज टीवी पर दो खबरें प्रमुखता से देखी गई । एक खबर भारत के चन्द्रयान – 2 के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण की है तो दूसरी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री […]
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया जैसे वॉट्सएप्प और फेसबुक पर बहुत सारे पेड़ लगाए गए । यानी की बहुत मित्रों के पास से पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं वाले मैसेज आए । बहुत […]
राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’- तुम सामान्य कैटेगरी में पैदा हुए हो तो अब ऐसे ही भटकोगे, कोई तुम्हारी बात नहीं सुनेगा सरकार युवाओं के लिए कितनी भी योजनाए क्यों न ले आएं, लेकिन सरकारी बैंकों की […]
Exit Poll – राम वशिष्ठ – सभी एक्जिट पोल दिखा रहे हैं कि एक बार फिर मोदी सरकार बनेगी । चुनाव से पहले जो एक बात चली थी कि आयेगा तो मोदी ही और धीरे […]
आंखों देखी स्थान– इंग्लिश मीडियम स्कूल प्राइमरी स्कूल/अपर प्राइमरी स्कूल फर्स्ट, अजुहा, विकास खंड- कड़ा, जनपद- कौशांबी, उत्तर प्रदेश विद्यालय का समय- सुबह 7 बजे से 11 बजे तक, समय- सुबह 7.47 बजे स्थिति– विद्यालय […]
अझुवा/कौशांबी से विजय कुमार विरोधियों के इशारे पर बिजली विभाग के अफसरों की सरकार को बदनाम करने की साजिश से इंकार नहीं । अभी तक कस्बे को विद्युत आपूर्ति नियमित हो रही थी । वहीं […]
व्याकुल मन की अकुलाहट को शब्द दिए बिना मुझसे नहीं रहा जाता। यही मेरी मजबूरी और कमजोरी है। जिससे कई बार मुझे सुखद और दुखद स्थितियों का सामना करना पड़ा। अपनी व्याकुल मन की पीड़ा […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सुनो-सुनो-सुनो! जहाँ-जहाँ पाठशालाएँ हैं वहाँ-वहाँ अब लावारिस घूम रहीं गायों के लिए ‘गोशालाएँ’ बनायी जायेंगी, इसलिए माँ-बाप कल से अपने बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था अब स्वयं करें। उत्तरप्रदेश की सरकार अब […]
राघवेन्द्र कुमार राघव- नया साल नया संकल्प स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत । स्वच्छता और मानसिकता साथ ही चलते हैं । किसी और पर स्वच्छता के लिए आश्रित होना तो एक तरह से पाप है । […]
मेरी यह टिप्पणी उन सभी के लिए है, जो मुझे किसी भी राजनीतिक दल के प्रवक्ता के रूप में अपने विकृति दृष्टिपथ पर लाकर वर्षों से देखते और प्रतिक्रिया करते आ रहे हैं :–मैं उन […]
‘असिस्टेण्ट प्रोफेसर-परीक्षा’ के लिए प्रश्नपत्र बनानेवाले ‘लिए’, ‘मस्तिष्क’, ‘प्रस्तुतीकरण’, ‘प्रवृत्ति’, ‘वैयक्तिक’ आदिक शब्द नहीं लिख सके?.. ! भाषाविद्-समीक्षक डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने प्रश्नपत्र बनानेवालों की योग्यता पर प्रश्न उठाया है । डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने […]
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में किसानों की कर्जमाफी क्या हुई, कुछ लोगों की छाती पर सांप लोट गया है, इस सांप के डिस्को डांस करने की वजह कुछ और नहीं 2019 का टूटता ख्वाब है, […]
दोस्तों १९ दिसम्बर अमर सेनानी पण्डितराम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक़उल्ला खान वारसी ‘हसरत’ और ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान दिवस है | इन्हें १९२७ को गोरखपुर में फांसी दे दी गयी थी । ये तीनों ही […]
आकांक्षा मिश्रा- यह हर्ष का मौसम है सुनकर तुम्हें अजीब लगेगा मौसम तो आते हैं और जाते हैं लेकिन हम रहते है मौसम में ही एक लंबे अंतराल के बाद तुम्हें देखती हूं तो लगता […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) दशकों से उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग की अयोग्यता उसका पीछा नहीं छोड़ रही है। इस आयोग की ओर से जितनी भी परीक्षाएँ आयोजित की जा रही हैं, सभी में प्रश्नपत्र तैयार करनेवाले […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ‘एवार्ड’ देने की बेईमानी किस तरह से की जाती है, इसे अपने देश में ही रहकर समझा जा सकता है। हमारे देश में सड़क और रेल-मार्गों के किनारे वर्षों […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय रसोई गैस, डीज़ल, पेट्रोल, समस्त खाद्य पदार्थ तथा दैनिक उपभोग-उपयोग की वस्तुओं के दाम आसमान पर; सभी विपक्षी दल मौन? सत्ता और विपक्षदल मिलकर दोनों हाथों से देश की जनता को दूह […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इलाहाबाद का इलेक्ट्रॉनिक मीडियातन्त्र (समाचार-चैनलकर्मी) दायित्वविहीन हो चुका है। यहाँ के बौद्धिक-साहित्यिक आयोजनों के प्रति उसमें कोई रुचि नहीं रहती। कहने और दिखाने के लिए देश के लगभग सभी चैनलों ने इलाहाबाद […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मैं तो आरम्भ से ही सबसे अलग-थलग व्यक्ति रहा हूँ, इसलिए ‘समाज और संविधान’ की किसी भी ग़लत रीति-नीति को पचा नहीं पाता। यदि किसी व्यक्ति अथवा संस्थान को अनीति को बढ़ावा […]
साभार- रवीश कुमार (वरिष्ठ टीवी पत्रकार)- ऐसा लग रहा है कि भारत से भागने के लिए एयरपोर्ट पर अलग से काउंटर बना हुआ है। जहां से बैंक लूटने वालों को भागने में मदद की जा […]
राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ शिक्षक, साहित्यकार मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। ये पंक्तियां व्यक्ति को मेहनती बनाती है। मेहनत से ही सफलता मिलती है। मेहनत करने से ही किसी व्यक्ति जाति या […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक और ‘भारत’ के साथ बँटवारे का बीभत्स खेल शुरू हो गया है। पहली ओर, हिन्दू है और दूसरी ओर, मुसलमान। भारतवासियों का मानसिक स्तरवर्द्धन करने के स्थान पर उनके मन-बुद्धि में […]
राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” (साहित्यकार) वन्दे मातरम का अर्थ है मैं माता की वंदना करता हूँ। बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा संस्कृत बांग्ला मिश्रित भाषा मे इस गीत की रचना की थी। 1882 में उनके उपन्याद आनन्द […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देवरिया (उत्तरप्रदेश) के सदर कोतवाली-स्थित एन०जी०ओ० ‘माँ विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा-संस्थान’ द्वारा संचालित ‘बालिका-गृह’ की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उसका पति मोहन त्रिपाठी तथा उसकी बेटी व्यभिचार, यौनशोषण-प्रकरण तथा देह-व्यापार में […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अभिनय में वह शक्ति है, जो पाषाण को भी द्रवीभूत कर दे। ‘सदमा’ अर्थात् आघात मनुष्य को एक ऐसी मानसिक अवस्था में प्रवेश कराता है, जहाँ उसका जीवन किसी अभिनय से अल्पतर […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश और राज्य का संचालन वहाँ के सचिवालय के अधिकारी करते हैं ; सांसद, विधायक, प्रधानमन्त्री-मन्त्री-राज्यपाल मुख्यमन्त्री नहीं। ऐसे में, इन पदों को बनाये रखने का कहीं-कोई औचित्य नहीं है।राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति के पद […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनों ‘उन्मादी भीड़’ (मॉब लिचिंग) शब्द अपनी पूरी आक्रामकता के साथ सभी के होठों पर उत्सुकता और चिन्तापूर्वक बैठ चुका है। हमारी व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका तथा अवैध चतुर्थ स्तम्भ ‘मीडियापालिका’ पूर्णत: […]
सङ्गीत सौरभ- आज आप सब लोगों के साथ में एक घटना का ज़िक्र करने जा रहा हूँ, जिसका मेरे मन के अन्तर्पटल पर अब तक प्रभाव है। पांच महीने पहले हुई घटना बताने जा रहा […]
“पाल – पाल मैं बनूंगा तेरा काल” को चरितार्थ करती हुुुई एक हृृृृदयविदारक घटना हरदोई मेें उस समय सामने आयी जब अपने ससुरालियों के कहने पर इंजीनियर बेटे ने पिता को सामान सहित घर से […]
दीपक श्रीवास्तव (इलाहाबाद) भाजपा द्वारा महबूबा सरकार से समर्थन वापस लेने के मायने निर्विवाद रूप से उनका भारत सरकार को आंतक विरोधी कार्यवाही में अपेक्षित सहयोग न देना तथा अपने मतों की फिक्रमंद हो एक […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इलाहाबाद-स्थित उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग आज (१९ जून, २०१८ ई०) एक बार फिर से दाग़दार हुआ है। पी० सी० एस० (मुख्य) परीक्षा में द्वितीय पाली के निबन्ध-विषय का प्रश्नपत्र प्रथम पाली में ही […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जम्मू-कश्मीर में ‘राज्यपाल-शासन’ लागू होने की पूर्ण सम्भावना बन चुकी है। वहाँ के राज्यपाल बोहरा का भी कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। जम्मू-कश्मीर राज्य में उसका स्वतन्त्र संविधान है; उसका अपना ध्वज […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अपने अधिकारियों के भ्रष्ट आचरण के लिए प्रसिद्ध लखनऊ-स्थित ‘उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान’ का नाम और काम इतना कलंकित हो चुका है कि उसे ‘पाप-कर्म’ से प्रायश्चित्त सहजता के साथ नहीं मिलनेवाला है। […]
सैनिकों की शहादत सिर्फ एक सैनिक के रूप में नहीं बल्कि किसी पत्नी के लिए अपना सर्वस्व खो देने, माता-पिता के लिए जिंदगी का सहारा खो देने, बच्चों के लिए पिता का प्यार-मजबूती खो देने […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज एक ‘अस्वस्थ’ मित्र का उपालम्भपूर्ण सम्प्रेषण पढ़ने के पश्चात् मेरा मन विषण्ण हो उठा। मैं स्वयं को रोक न सका। उनकी कातरता को ‘अपनी’ कातरता बनाते हुए, वास्तविक अनुभूति की तरलता […]
सामाजिक कार्यकर्ता अनुज अग्निहोत्री ने जलाशयों को भरे जाने की मांग की है। भरखनी विकास खंड के ग्राम खनिकलापुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अनुज अग्निहोत्री ने जलाशयों में पानी की कमी से दम तोड़ रहे पशु- पक्षियों […]
सैफ अली जाफरी बिलग्राम (पत्रकार) मो. नं. 7897722206- पत्रकार…पत्रकार होता है, उसे केवल इंसान समझने की गलती तो बिल्कुल ही नहीं करनी चाहिए। पत्रकार की शक्ल इंसान की जरूर होती है, मगर वो इंसान तो […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इसमें कोई सन्देह नहीं कि आपकी माँग पूर्णत: न्यायसंगत है; परन्तु इसका अर्थ यह नहीं कि आप जनसामान्य का जीवन अस्त-व्यस्त कर दें। इससे एक गम्भीर आपराधिक प्रकरण भी आपके साथ जुड़ […]