World Environment Day : Beyond Symbolism, Towards Responsibility

June 6, 2026 0

—- Dr. Raghavendra Kumar Raghav Every year, World Environment Day is celebrated with great enthusiasm. Government departments, educational institutions, social organizations, and environmental groups organize plantation drives, awareness campaigns, and public events. Newspapers publish photographs […]

पर्यावरण दिवस : औपचारिकता नहीं, उत्तरदायित्व का अवसर

June 5, 2026 0

विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, समाचार पत्रों में रंगीन तस्वीरें प्रकाशित होती हैं और […]

देश की विविधता और संस्कृति को प्रतिबिम्बित करती है, हिन्दी-पत्रकारिता

May 30, 2026 0

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे हिन्दीपत्रकारिता-दिवस की पूर्व-संध्या मे एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन सारस्वत सदन, आलोपीबाग़, प्रयागराज से किया गया, जिसमे देश के अनेक वर्ग के प्रबुद्धजन ने सहभागिता की थी। मध्यप्रदेश […]

बाज़ारवाद के जाल मे फँसी मीडिया लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व और अनुवर्तन पत्रकारिता से हो रही दूर

May 5, 2026 0

आदित्य त्रिपाठी, हरदोई— भारत जैसे विशाल और बहुलतावादी लोकतंत्र में मीडिया को परंपरागत रूप से “चौथा स्तम्भ” माना गया है। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ-साथ मीडिया की भूमिका लोकतांत्रिक जवाबदेही (accountability) सुनिश्चित करने में […]

मीडियाकर्मियोँ को अपनी स्वतन्त्रता का आकलन स्वयं करना होगा

May 3, 2026 0

प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे ‘विश्व प्रेस-स्वतन्त्रता-दिवस’ के अवसर पर ३ मई को एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया, जिसमे देश के अनेक मीडियाकर्मी एवं अन्य विचारकोँ की साझेदारी रही। आयोजन […]

संतुलन, समता और सामाजिक न्याय

April 25, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– समाज के भीतर उपस्थित विकृतियों को दूर किए बिना केवल दोषारोपण या छिद्रान्वेषण में लगे रहना किसी भी राष्ट्र के लिए हितकारी नहीं हो सकता। जब हम समस्याओं के मूल कारणों […]

संस्कृति, समुदाय और हमारी जिम्मेदारियाँ — एक सामाजिक पुनर्जागरण की पुकार

April 24, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– संस्कृति और कला के अभाव में मानव-जीवन निस्सार हो जाता है। रचनात्मकता केवल मनुष्य को प्राप्त वह दिव्य क्षमता है जो उसे अन्य प्राणियों से अलग करती है। यही रचनात्मकता हमारी […]

ब्राह्मण, जाति और समाज

April 15, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव समाज की एक जटिल सच्चाई यह है कि संसार का कोई भी देश, कोई भी संस्कृति, कोई भी मत या सम्प्रदाय ऐसा नहीं है जहाँ किसी न किसी रूप में […]

जहाँ कम्पोजिंग के अक्षरोँ के ख़ाने मे नीचे ‘बारूद’ और ब्लॉक के स्थान पर ‘बम’ रखे जाते थे!

March 24, 2026 0

क्रान्तिकारी गणेशशंकर विद्यार्थी के बलिदान-दिनांक (२५ मार्च) पर विशेष प्रस्तुति ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• योँ तो क्रान्तिधर्मी गणेशशंकर विद्यार्थी ने कई समाचारपत्र-पत्रिकाओँ मे लेखन और सम्पादन किया था; परन्तु वे स्वयं के लिए जैसी […]

विद्या परमं धनम् : भारतीय शास्त्रीय परम्परा में ज्ञान, साधना और लोकहित का दर्शन

February 8, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– “विद्या परमं धनम्।” — यह केवल एक सूक्ति नहीं, अपितु भारतीय सभ्यता की आत्मा है। मानव इतिहास में यदि किसी संस्कृति ने ज्ञान को सत्ता, संपत्ति और सामर्थ्य से ऊपर स्थान […]

Is there any conspiracy behind UGC guidelines

January 27, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav– In India, the moment the subject of equality arises, public debate often slips from reason into emotion, and then into outright accusations. This is especially evident whenever equality-based provisions introduced by […]

ज्ञान-विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रोँ मे हिन्दी का विकास होना बहुत ज़रूरी

September 14, 2025 0

‘राष्ट्रीय हिन्दी-दिवस’ (१४ सितम्बर) के अवसर पर विशेष प्रस्तुति ●आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अत्याधुनिक पक्षोँ को विश्व के प्राय: प्रत्येक देश तक पहुँचाया गया है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को सुचारु […]

क्रान्तिदूत नेल्सन मण्डेला को हमारा नमन

July 18, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••• आज १८ जुलाई है; और आज ही की तिथि (१८ जुलाई, १९१८ ईसवी) मे दक्षिणअफ़्रीका मे रंगभेद के विरुद्ध महाक्रान्तिधर्मी रोलिहलाहला नेल्सन मण्डेला का जन्म हुआ था। क्रान्तिदूत नेल्सन मण्डेला […]

भारत मे प्लास्टिक प्रतिबन्धित करनेवाली ‘क्रान्ति’ कहाँ सो गयी?

July 8, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आश्चर्य होता है, जब केन्द्र और राज्य की सरकारेँ प्लास्टिक की थैलियोँ पर प्रतिबन्ध की बातेँ करती हैँ; परन्तु उनमेँ भी विभेद करती नज़र आती हैँ। सरकारोँ ने अपनी सुविधा […]

ईरान को कमज़ोर समझने की भूल का परिणाम

June 20, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• विश्वासघात और बदनाम ख़ुफ़िया-एजेन्सी ‘मोसाद’ के सहारे ईरान पर हमला कर, उसके प्रमुख सैन्य-अधिकारियोँ और परमाणुविज्ञानियोँ की हत्या कराकर, इस्राइल के प्रधानमन्त्री बेंजामिन नेतान्याहू अपनी पीठ थपथपा रहे थे और […]

बेटियों की उच्छृंखलता : एक सुलगता हुआ सवाल

June 13, 2025 0

आदित्य त्रिपाठी (सहायक अध्यापक, प्रतापपुर, कोथावाँ)– आज समाज में आये दिन रिश्तों के टूटने की घटनाएँ, घर-परिवार की दरकती दीवारें और स्त्री-पुरुष के बीच पनपती कटुता ने एक गंभीर प्रश्न खड़ा कर दिया है। क्या […]

हिन्दीपत्रकारिता-दिवस : पत्रकारोँ के लिए ‘आत्मपरीक्षण’ का दिन

May 30, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विश्वस्तर पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या मे विविध प्रकार के दिवस का आयोजन किया जाता रहा है; परन्तु उन दिवस-आयोजन का निहितार्थ क्या है, इसे छोटी संख्या मे ही लोग जानते-समझते […]

भाषा का पोषण की जगह शोषण करती पत्रकारिता

May 18, 2025 0

विश्व मे हिन्दी इकलौती ऐसी भाषा है जिसका अशुद्ध सम्भाषण लोग के लिए हास्य का विषय है और शुद्ध वाचन भी मूर्खतापूर्ण हँसी का विषय है। ग़लत बोलने पर वक्ता का मजाक उड़ाते हैं और […]

सम्प्रभुता-रक्षा हेतु सतत संघर्षरत अपराजेय-योद्धा महाराणा प्रताप को स्मरणाञ्जलि

May 9, 2025 0

डॉ॰ निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार) : ‘आपने कभी अपने घोड़े पर मुग़लिया सल्तनत का शाही दाग़ नहीं लगने दिया, आपने अपनी पगड़ी कभी नहीं झुकाई ना ही आपने अपने घोड़े पर शाही मोहर नहीं लगने दी। […]

“हम जीवनमूल्योँ को भूलते गये; अब तो कोई जीवन-मूल्य है ही नहीँ”– महादेवी वर्मा

March 26, 2025 0

“आपने जब काव्यक्षेत्र मे प्रवेश किया था तब उस समय का साहित्यिक परिवेश कैसा था?” “कहाँ से शुरू करूँ? अच्छा कुछ सोचने दीजिए। अतीव सम्भावनाओँ से विकसित था, उस समय का साहित्यिक परिवेश। १९१७ मे […]

मन का भ्रम मिटाने के लिए रावण को कब तक जलाते रहोगे?

October 12, 2024 0

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज का आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद-समारोह सम्पन्न ‘बौद्धिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा सामाजिक संस्था ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद समारोह का आयोजन १२ अक्तूबर को ‘सारस्वत सदन’, आलोपीबाग़, प्रयागराज […]

‘केंद्रीय हिंदी निदेशालय’ अपनी ही मानकता को झुठलाता हुआ!..? (भाग– तीन और अन्तिम)

September 5, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रिय पाठकवृन्द! आपने ‘भाग– दो’ मे निर्देशक-चिह्न, विवरण-चिह्न, अल्प विरामचिह्न, हिन्दी-वर्णमाला, व्यंजन-लेखन, विकारी-अविकारी शब्द-प्रयोग मे घालमेल करने, अशुद्ध शब्द-व्यवहार, अशुद्ध योजक-चिह्न-व्यवहार, अनुपयुक्त संख्यावाचक-लेखन आदिक से सम्बन्धित प्रामाणिक लेख का अध्ययन […]

विपक्षी दलोँ के ‘भारत बन्द’ मे ‘आन्दोलनकारियोँ’ और ‘पुलिस’ की खुली गुण्डागर्दी!

August 21, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विपक्षी दलोँ का ‘भारत बन्द’ सफल रहा। सबसे अधिक बिहार प्रभावित रहा, जहाँ आन्दोलनकारियोँ का उग्र प्रदर्शन देखा गया :– व्यावसायिक प्रतिष्ठान बन्द कराये गये; रेलगाड़ियाँ रोकी गयीँ; तोड़फोड़ की […]

विषाक्त पर्यावरण मे जीने को अभिशप्त मनुष्य

June 5, 2024 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ (अध्यक्ष ह्यूमन वेलफेयर सोसायटी, हरदोई) पर्यावरण का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण भाग जल और जंगल हैं। जल के बिना जंगल का कोई अस्तित्त्व ही नहीं। मैदानी इलाकों में पर्यावरण के स्वास्थ्य के […]

तिल-तिल कर मरता पर्यावरण

June 3, 2024 0

आदित्य त्रिपाठी (अध्यापक-लेखक/अध्यक्ष महर्षि विवेकानन्द ज्ञान स्थली) पर्यावरण दिवस की सार्थकता तभी है जब धरातल पर काम होता है। मात्र अखबार मे फ़ोटो व न्यूज़ देना ही हमारा उद्देश्य नहीं होना चाहिए। धरती का बढ़ता […]

संप्रभुता-रक्षा हेतु सतत संघर्षरत अपराजेय योद्धा महाराणा प्रताप को स्मरणांजलि

May 9, 2024 0

डॉ० निर्मल पाण्डेय (इतिहास-व्याख्याता/लेखक) : ‘आपने कभी अपने घोड़े पर मुग़लिया सल्तनत का शाही दाग़ नहीं लगने दिया, आपने अपनी पगड़ी कभी नहीं झुकायी, ना ही आपने अपने घोड़े पर शाही मोहर नहीं लगने दी। […]

पत्रकारिता और लेखन मेरे ‘होने को’ प्रमाणित करते हैं

May 3, 2024 0

● आज (३ मई) ‘विश्वप्रेस-स्वतन्त्रता-दिवस’ (‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे’ है, न कि ‘अन्तरराष्ट्रीय (यहाँ ‘अन्तर्राष्ट्रीय’ अशुद्ध अनुपयुक्त है।), ‘स्वतन्त्रता-दिवस’/ ‘अन्तरराष्ट्रीय प्रेस-स्वतन्त्रता-दिवस’ वा विश्व पत्रकारिता- दिवस’।••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ◆ ‘युनेस्को एवं संयुक्त राष्ट्रसंघ के ‘जनसूचना-विभाग’ की ओर से […]

नारी के भीतर-बाहर का समूचा सच

March 8, 2024 0

आज ८ मार्च है; आइए! हम भी गाल बजा लें ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• “आ बैल! ले मार” को चरितार्थ करनेवाला संवैधानिक अधिकार ‘लिव-इन रीलेशन’ भारतीय विधान की हवा निकालता आ रहा है। नारी […]

“रामराज की स्थापना के लिए क्षुद्र स्वार्थ से ऊपर उठना होगा”– डॉ० प्रकाश चिकुर्डेकर

January 22, 2024 0

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद सम्पन्न ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से २१ जनवरी को ‘सारस्वत सदन’, अलोपीबाग़, प्रयागराज की ओर से ‘रामराज की प्रासंगिकता : वर्तमान संदर्भ मे’ विषय पर एक […]

भारत का संविधान

November 26, 2023 0

‘संविधान’ शब्द की उत्पत्ति:- ‘संविधान’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा के दो शब्दों ‘सम’ तथा ‘विधान’ (सम+ विधान) से हुई है। सम का अर्थ है – एकसमान, बराबर जबकि विधान का अर्थ है -नियम , […]

अपनी बेटियों को ‘श्रीमती’ नहीं, ‘शक्तिमती’ बनायें!

October 30, 2023 0

—आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● नपुंसक और पुरुषार्थविहीन हैं वे, जो बेटी बचाने की बात तो करते हैं; परन्तु उन्हीं के लोग जब बेटियों का शीलहरण करते हैं तब वे ‘शीलहरणकर्त्ताओं’ के संग खड़े होते […]

असंसदीय भाषा

August 12, 2023 0

भाषा किसी भी व्यक्ति, समाज या राष्ट्र के चरित्र की प्रथम परिचायक होती है। यह एक ऐसा वस्त्र है जिसको यदि शालीनता से न पहना जाए तो किसी व्यक्ति का संपूर्ण व्यक्तित्व ही निर्वस्त्र हो […]

नूँह काण्ड की पारदर्शितापूर्ण जाँच करायी जाये

August 5, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नूँह (हरियाणा) मे मणिपुर के बाद सर्वाधिक भयावह हिंसा और विध्वंसक-काण्ड किया गया था। सामूहिक हत्या, महिलाओं के साथ शारीरिक दुष्कर्म, अग्निकाण्ड, तोड़-फोड़, चोरी-डक़ैती आदिक किये जाने से पहले सबसे […]

“टण्डन जी हिन्दी मे भारत की मिट्टी की सुगन्ध महसूस करते थे”

August 1, 2023 0

राजर्षि पुरुषोत्तमदास टण्डन की जन्मतिथि पर ‘सर्जनपीठ’ की ओर से आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद ‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे सुप्रसिद्ध चिन्तक-विचारक एवं स्वतन्त्रतासेनानी राजर्षि पुरुषोत्तमदास टण्डन की जन्मतिथि के अवसर पर १ अगस्त को ‘पुरुषोत्तमदास टण्डन एवं […]

गणनाप्रसंग मे प्रेमचन्द के आगे ठिठक जाते हैं पाँव!..?

August 1, 2023 0

कल (३१ जुलाई) प्रेमचन्द की जन्मतिथि/ जन्मदिनांक थी। कथा-विषय पर जब संवाद-परिसंवाद होता है तब समीक्षक पारदर्शिता के साथ ‘प्रेमचन्द’ से आगे बढ़ नहीं पाता है। यह अलग विषय है कि कतिपय साहित्यिक गुटों की […]

‘सनातन संस्कृति’ को ललकारता ‘आदिपुरुष’!

June 18, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनो एक ऐसी फ़िल्म जन-जन के दिलो दिमाग़ को बेचैन किये हुए है। ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ के बाद ‘द केरल स्टोरी’ का असर अभी ख़त्म होने की शुरूआत होने […]

प्रवेश, शिक्षा, परीक्षा तथा सेवा पाने का आधार आरक्षण क्यों?

May 27, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय संविधान के जिस प्रविधान के अन्तर्गत कतिपय जातियों और वर्गों को एक सीमित अवधि के लिए ‘विशेष’ प्रकार के आरक्षण की व्यवस्था की गयी थी, उसे अभी तक समाप्त क्यों […]

भारतीय पत्रकारिता का स्वर्णयुग रहा औपनिवेशिक काल

May 25, 2023 0

     दुनिया के नक़्शे पर स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले गुलाम देशों में सबसे बड़ा संघर्ष भारत राष्ट्र ने किया।     मशहूर शायर एवं  स्वतंत्रता सेनानी अकबर इलाहाबादी लिखते हैं कि– खींचो न कमानों […]

उर्दू-पत्रकारिता के शानदार इतिहास के २०१ वर्ष पूरे हुए

March 29, 2023 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश मे स्वातन्त्र्य संग्राम का अमृत महोत्सव जगह-जगह आयोजित किया जा रहा है; हिन्दी-पत्रकार-पत्रकारिता की बात की जा रही है; अँगरेज़ी-पत्रकारिता की चर्चा-परिचर्चा की जा रही है; मत-सम्मत व्यक्त किये […]

ऐसे बेहूदे राजनेता देशद्रोही हैं; उनका बहिष्कार करें

March 17, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय “पहले लोग सोचते थे कि पिछले जनम मे हमने न जाने कौन-से पाप किये थे कि ‘भारत’ मे पैदा हुए थे।” जिस बेहूदे राजनेता ने विदेशी धरती पर जाकर ऐसा […]

ढोल गँवार सूद्र पसु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी॥

January 21, 2023 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनो गोस्वामी तुलसीदास की यह अर्द्धाली/चौपाई विवाद के केन्द्र मे है। दीर्घकाल से इस विवादास्पद चौपाई के सन्दर्भ मे विद्वज्जन, आलोचक- उपदेशक-समीक्षकगण आदिक अपने-अपने बुद्धि-स्तर से अर्थ, अवधारणा, आशय […]

धर्म और अधर्म के प्रेरणाप्रद संवाद से सीखें

January 20, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अधर्म ने धर्म से कहा, “धर्म भाई! मृत्युलोक मे ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं दिखता, जो तुम्हारे तात्त्विक रहस्य को जान सके; इसका कारण क्या है?” धर्म ने सारगर्भित उत्तर […]

आप उतना ही कहें जितना अपने कहे हुए को पूरा कर सकें

January 15, 2023 0

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश आप उतना ही कहें जितना अपने कहे हुए को पूरा कर सकें (कथनी-करनी एक-जैसी रहे और दिखे।) (सर्वाधिकार सुरक्षित― आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १५ जनवरी, २०२३ ईसवी।)

सरकारें को संवैधानिक दायित्व के निर्वहन मे पीछे क्यों

January 13, 2023 0

आखिर वर्तमान सरकारों को संवैधानिक दायित्व के रूप में चार काम (जनता के चार जनाधिकार – प्रतिव्यक्ति न्यायोचित रूप से पूर्ण शिक्षा-प्रशिक्षण/प्रतिपरिवार एक रोजगार के न्यायोचित अवसर व संसाधन/प्रति गाँव समानुपातिक सार्वजनिक सेवा-सुविधा व प्रत्येक […]

अशुद्धता के साथ हिन्दी का विस्तार औचित्यहीन है― आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

January 10, 2023 0

‘जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान’ (डाइट) की ओर से १० जनवरी को ‘विश्वहिन्दी-दिवस’ के अवसर पर संस्थान के सभागार मे व्याख्यान और कर्मशाला का आयोजन किया गया। आयोजन मे मुख्य अतिथि भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक आचार्य […]

सुख, सुरक्षा, सम्मान और उत्थान क्या है

January 5, 2023 0

सुख पाने के लिए इसे जरूर पढ़ें और आगे सभी को फॉरवर्ड भी करें…..! सारी दुनिया के लिए उलझा हुआ प्रश्न-सुख, सुरक्षा, सम्मान और उत्थान क्या हैं और कैसे प्राप्त हो सकता है, कृपया स्पष्ट […]

शिक्षा और रोजगार

January 4, 2023 0

इंसान का इंसान से हो भाईचारा।यही पैगाम हमारा, यही पैगाम हमारा।।और इस भाईचारे का न्यायोचित उपाय है- “शिक्षा और रोजगार”।अर्थात्-1● समाज में 25 वर्ष की आयु तक प्रत्येक नागरिक को मानवीय पात्रता के विकास हेतु […]

वर्ण, गोत्र, जाति और वंश

January 2, 2023 0

युवा जरूर पढ़ें यह आर्टिकल व अपनी प्रतिक्रिया भी लिखें…!! प्रश्न–जाति क्या है…?What is the caste…?उत्तर–जन्मतः प्राप्त उपाधि ही जाति है। जो जिससे जन्म लेता है वह उसी जाति की उपाधि वाला होता है। जैसे- […]

ये देश रहना चाहिए, लोकतंत्र अमर रहना चाहिए : अटल जी

December 25, 2022 0

“सत्ता का खेल तो चलेगा, सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियाँ बनेंगी, बिगड़ेंगी, मगर ये देश रहना चाहिए। इसका लोकतंत्र अमर रहना चाहिए।” -अटल जी बात 1994-95 की है। तब मैं कानपुर में रहकर बीएससी की पढ़ाई […]

एक यशस्वी पत्रकार के रूप मे महामना मदनमोहन मालवीय जी

December 25, 2022 0

आज (२५ दिसम्बर) महामना की जन्मतिथि/का जन्मदिनांक है। ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इलाहाबाद अध्यात्म, शिक्षा, भाषा, व्याकरण, साहित्य, पत्रकारिता, विधि, राजनीति आदिक क्षेत्रों मे देश का सर्वविख्यात सारस्वत केन्द्र रहा है। इस स्थान को […]

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN) आवंटन एवं कटौती को लेकर असमंजस की स्थिति और समाधान

December 20, 2022 0

राहुल पाण्डेय ‘अविचल’ भारत सरकार ने दिनांक 22 दिसंबर 2003 को अधिसूचना जारी करके दिनांक 1 जनवरी 2004 से सरकारी सेवा में आने वाले केंद्रीय कार्मिकों (सशस्त्र बलों को छोड़कर) के लिए पुरानी पेंशन की […]

मानव और मानवाधिकार दिवस

December 9, 2022 0

मानव अधिकार दिवस हर साल 10 दिसंबर को पूरे विश्व में मनाया जाता है। यह संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसंबर, 1948 को मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाने का जश्न मनाता है। तब […]

दिल्ली नगर निगम परिसीमन : कूटनीति, राजनीति और सत्ता प्रतिष्ठान का खेल

October 11, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’ (स्वतन्त्र पत्रकार, हरदोई)– तीन मौजूदा नागरिक निकाय, पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी), उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) 22 मई, 2022 को दिल्ली नगर निगम के रूप में एक इकाई में फिर से एकीकृत हो गए हैं । एकीकृत एमसीडी का प्रधान […]

जन्मतिथि विशेष : ‘वीर बलिदानी भगत सिंह’ एक महान सामाजिक चिन्तक

September 28, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– भारत माँ के लिए हँसते-हँसते जन कुर्बान कर देने वाले “नास्तिक” नहीं हो सकते । लेकिन मात्रभूमि का एक दीवाना अपने को नास्तिक कहता था । हजारों नवयुवकों के आदर्श शहीद-ए-आज़म […]

स्वामी विवेकानन्द ने मनसा-वाचा-कर्मणा लोक जनमानस में आत्माभिमान का अंकुरण किया

September 11, 2022 0

डॉ. निर्मल पाण्डेय (लेखक/ इतिहासकार) : 1893 का वर्ष- वैश्विक दृष्टि से एक अविस्मरणीय वर्ष। इस वर्ष एक ओर जहाँ शिकागो के विश्वधर्म सम्मेलन में विवेकानन्द ने हिन्दू धर्म दर्शन की सर्वसमावेशी स्वर्णिम गौरवशाली परम्परा […]

स्पोर्ट्स, मेडल और प्रमोशन : क्या सेना आज भी “काले अंगरेज़ों” की मुट्ठी मे है?

August 9, 2022 0

अंग्रेजी हुकूमत के दौरान सेना के लिए अंग्रेजों का एक ही नियम था- Welfare for officers, Discipline for jawans.”लेकिन ऐसा लगता है कि आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी सेना पर यही नियम लागू हो […]

जिसे हम एसीपी अजय सिंह राठौर समझने की भूल करते रहे , वह वास्तव में गुलफाम हुसैन है

August 4, 2022 0

कभी आमिर खान का मैं जबरा फैन हुआ करता था। साल में केवल एक मूवी। और मूवी भी ऐसी कि जैसे उस मूवी के कैरेक्टर को खुद जीता था वह। मंगल पांडेय के लिए मूँछे […]

पुरस्कार-सम्मान का यथार्थदर्शन

August 4, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय दशकों पहले आधिकारिक विद्वान् और विषयज्ञाता को पुरस्कार से समलङ्कृत किया जाता था, तब उसके कर्तृत्व-विषय के प्रति एक जिज्ञासा उत्पन्न हो जाती थी; क्योंकि तब चयनकर्त्ता आधिकारिक हस्ताक्षर हुआ […]

प्रेमचन्द के उपन्यासों में सामाजिक यथार्थ की दृष्टि और सृष्टि

July 31, 2022 0

प्रेमचन्द की जन्मतिथि (३१ जुलाई) पर विशेष प्रस्तुति ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में आज (३१ जुलाई) एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया। प्रेमचन्द की जन्मतिथि के अवसर पर आयोजित ‘प्रेमचन्द के उपन्यासों […]

अग्निपथ योजनान्तर्गत 3500 पदों के लिए लगभग साढ़े सात लाख आवेदन योजना की सफलता या बढ़ती बेरोजगारी का प्रकटीकरण

July 9, 2022 0

05 जुलाई को वायु सेना में अग्निपथ योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि समाप्त हुई तो साढ़े तीन हजार पदों के लिए लगभग साढ़े सात लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसे लोग […]

नूपुर शर्मा प्रकरण और इस्लामी हिंसा के सम्बन्ध मे सन्त समीर का गम्भीर विश्लेषण : न्यायपीठ पर हिन्दू-मुसलमान

July 2, 2022 0

माननीय न्यायाधीश महोदय (जस्टिस सूर्यकान्त, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला वग़ैरह-वग़ैरह)! जैसा कि मैं समाचारों में पढ़ रहा हूँ, उसके हिसाब से आपने कहा है—“जिस तरह से उन्होंने (नूपुर शर्मा) देशभर में भावनाएँ भड़काई हैं….जो कुछ हो […]

आइए! सत्य-संधान करें

June 13, 2022 0

— आचार्य पंडित पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्राय: सत्य स्वयं में नितान्त कटु होता है। इसका आयाम बृहद् है— कहीं मृदु अनुभव होता है और कहीं कठोर। यहीं पर सत्य की प्रियता-अप्रियता की, यापित काल-खण्डों में गहन […]

मिशन से प्रोफेशन होते हुए ऑपरेशन तक पहुँचा पत्रकारिता का सफ़र

May 30, 2022 0

किसी भी विषय पर हर व्यक्ति का अपना-अपना नजरिया होता है ऐसे में मेरा भी पत्रकारिता को लेकर जो भी थोड़ा बहुत अनुभव है उसके अनुसार अपनी बात कह रहा हूं। आज हिंदी पत्रकारिता दिवस […]

मै पत्रकार नही हूँ !

May 30, 2022 0

प्रभात सिंह (मान्यता प्राप्त पत्रकार, लखनऊ ) मैं ये स्वीकार करता हूँ कि मैं पत्रकार नही हूँ। मैं अपना दो- पहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट पहनता हूँ, गाड़ी के कागज़ पूरे रखता हूँ, मैं किसी […]

अमर बलिदानी सुखदेव : भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम का एक अमिट व अतुलनीय पन्ना

May 15, 2022 0

संकलित- आज हुतात्मा सुखदेव का जन्म दिन है । 15 मई 1907 को रामलाल थापर व श्रीमती रल्ली देवी के घर पंजाब के शहर लायलपुर में जन्मे सुखदेव थापर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक अमिट […]

वाह रे भारत की धर्मनिरपेक्षता !

May 4, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार “राघव”- यदि भारत में गैर मुसलमान से कुरआन को ईश्वरीय हिदायतनामा मानने की उम्मीद की जाती है तो यह भी सोचना चाहिए कि सच्चा हिन्दू मनुस्मृति और पुराणों को कैसे नकार सकता है […]

कविता : नशा

May 3, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’  (यह रचना राघवेन्द्र की पुस्तक “विकृतियाँ समाज की” से ली गयी है)- सड़क के किनारे पड़ी थी एक लाश । उसके पास कुछ लोग बैठे थे बदहवाश । उनमे चार छोटे […]

आरक्षण का विरोध क्यों नहीं?

May 1, 2022 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (प्रख्यात लेखक/आलोचक)- आत्मीय अमित्र-मित्रवृन्द!‘आरक्षण’ देश को अयोग्यों की पंक्ति मे ला खड़ा करेगा और एक दिन ऐसा भी आयेगा, जब देश पर ‘नितान्त’ अक्षम, असमर्थ तथा संस्कारविहीन लोग शासन-प्रशासन करने लगेंगे; […]

धर्म और दर्शन : इस्लाम परिवर्तनो का विरोध करता है

May 1, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’— सारी दुनिया में आतंक का पर्याय माने जाने वाले गजनवी, गौरी, बाबर, ओसामा बिन लादेन और गद्दाफी सरीखे लोगों को भी मुस्लिम आतंकवादी और मानवता का हत्यारा नहीं बल्कि अपना आदर्श […]

गाँवों का जीवन झुलस रहा है

April 30, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’- वास्तव में भारत गाँवों में ही बसता है। शान्ति, सहिष्णुता, अहिंसा, नैतिक मूल्य और संस्कृति का दर्शन गाँवों के अतिरिक्त और कहाँ होगा? अफ़सोस गाँव बदल गए हैं। अब गाँव में […]

देह के उतार-चढ़ाव के प्रदर्शन की कोई आवश्यकता नहीं

April 29, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’- युगों-युगों से लाज और स्त्री का चोली-दामन सा साथ रहा है, लज्जा तो स्त्री का आभूषण है । भारतीय स्त्री का प्रतिबिम्ब एक स्वर्ण शरीर की मलिका, चंचल, मृगनयनी के समान […]

क्या नैतिक होना बुरी बात है?

April 27, 2022 0

समाज का उत्थान और उसके संवर्धन की पहली कसौटी ही नैतिकता है। अगर समाज नैतिकता-शून्य हो जाये तो समाज लोग के समूह से तुरंत भेड़ की भीड़ से लेकर जंगली जानवरों के झुण्ड समान हो […]

समाज में जनसंचार का प्रभाव

April 26, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– विकास की दृष्टि से जनसंचार का क्या महत्व है यह समझने के लिए जनसंचार के विविध पहलुओं को जानना अत्यावश्यक है । समाज में जनसंचार के माध्यम किस तरह प्रभाव डालते […]

पत्रकारिता का स्तर निम्न ही नहीं, भयावह और शर्मनाक भी है

April 25, 2022 0

विजय कुमार– कई साल पहले एक फिल्म आई थी ‘पेज थ्री’! पत्रकारिता जगत की रंगीनियों, भ्रष्ट नेताओं से हाई लेवल के पत्रकारों की सांठ-गांठ और पत्रकारिता के क्षेत्र मे शीर्ष स्तर पर फैले भ्रष्टाचार को […]

आइए! वैश्विक परिदृश्य को समझते हैं

April 22, 2022 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● रूस युक्रेन के पीछे हाथ धोकर पीछे पड़ चुका है।● चीन ताइवान के विरुद्ध ताल ठोंक रहा है।● ईरान संयुक्त राज्य अमेरिका को धमका चुका है।● तालिबान पाकिस्तान को धमकी […]

हिन्दुत्व को जाने, दुनिया मे केवल हिन्दू ऐसा कहता है कि ईश्वर एक है

April 21, 2022 0

आलोक सिंह (हरदोई)- मित्रों, मैं समझता हूँ,कि मेरी इस बात से कई लोग सहमत नहीं हो सकते ,किन्तु मुझे यह कहने में जरा भी संकोच नहीं कि भारत में रहने वाला प्रत्येक नागरिक सर्वप्रथम हिन्दू […]

उत्तरप्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् के हाईस्कूल के संस्कृत-प्रश्नपत्र मे अशुद्धियाँ-ही-अशुद्धियाँ– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

April 17, 2022 0

हाल मे सम्पन्न उत्तरप्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् के हाईस्कूल के संस्कृत-विषय के 818 (AS) प्रश्नपत्र मे किये गये प्रश्नात्मक वाक्यविन्यास और उत्तर-विकल्प, विरामचिह्न-प्रयोग आदिक को लेकर भाषाविज्ञानी और समीक्षक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने घोर […]

राजनीत के दाँव पर खाकी

April 12, 2022 0

आदित्य त्रिपाठी – विगत कुछ वर्षों से हमारे देश में सहिष्णुता और असहिष्णुता पर बड़े जोर – शोर से बहस चल रही है । आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश […]

धर्मान्ध बनने से पहले ‘धर्म’ को जानो

April 1, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय धर्म क्या है? हिन्दू-मुसलमान, सिक्ख (‘सिख’ अशुद्ध है।), जैन, पारसी आदिक अथवा कुछ और? धर्म की अवधारणा क्या है– ‘जय श्री राम? जय सियाराम? अल्लाहो अकबर? दलित हनुमान् या फिर […]

आख़िर इस तरह की तटस्थता से क्या साबित हो रहा है?

March 4, 2022 0

—सन्त समीर (वरिष्ठ पत्रकार व प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के जानकार) पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि युद्ध रुके, लेकिन सवाल है कि कैसे। जवाब भी साफ़ है कि नाटो देशों का सरदार अमेरिका रूस को बस […]

रूस-युक्रेन संघर्ष मिलिट्री-युद्ध से कहीं ज़्यादा सूचना-युद्ध है : सन्त समीर

March 2, 2022 0

मुझे लगता है कि अमेरिका आज के दिन तक तो कामयाब है। यूक्रेन बलि का बकरा बन गया है या कहें ज़ेलेंस्की मोहरे बन गए हैं। अमेरिका पिछले कुछ वर्षों से रूस को लेकर कुछ […]

मानसिक विकार : एक चर्चा

February 14, 2022 0

प्रतिनव मिश्र : मानसिक विकार भारत और तमाम दुनिया में एक ऐसी समस्या है जिस पर लोग बात नहीं करना चाहते हैं। हम और आप अपने आसपास और समाज में तमाम मानसिक रोगों से पीड़ित व्यक्तियों […]

 भाषाई संकरता

February 14, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार “राघव”-   निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति को मूल। निज भाषा के ज्ञान बिन मिटै न हिय को शूल ।। सारे विश्व में भाषा को देशों की पहचान माना जाता है । […]

उत्तरप्रदेश-विधानसभा का चुनाव-परिणाम देश को चौंका सकता है

February 5, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस समय उत्तरप्रदेश- विधानसभा-चुनाव मे दो ही दल वास्तविक चुनावी मैदान मे दिख रहे हैं, शेष की भूमिका मतदाताओं को प्रभावित करने की रहेगी। पहली ओर ‘बहुजन समाज पार्टी’ की […]

कैंसर : एक रहस्य

February 2, 2022 0

  प्रतिनव मिश्र : कैंसर जिसे हिंदी में कर्करोग भी कहते हैं। आज के युग में एक ऐसी असाध्य बीमारी बन गई है जिससे हर साल भारत समेत पूरी दुनिया में लाखों लोगों की जान जाती […]

देश के प्रबुद्ध-वर्ग की नववर्ष में हिन्दी-भाषा की शुद्धता के प्रति आग्रह की अभिव्यक्ति

January 1, 2022 0

नववर्ष में हिन्दीभाषा की शुद्धता के प्रति समाज को हमारे साहित्यकार, अध्यापक तथा पत्रकार-वर्ग जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसका लक्षण उस समय दिखा जिस समय ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से नववर्ष की पूर्व-सन्ध्या […]

वर्ष दो हज़ार इक्कीस! हम कृतज्ञ हैं

December 31, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष का वर्तमान ‘अतीत’ होनेवाला है। सहज समय-चक्र गतिमान है। हम सब का ‘बहुत कुछ’ कभी न खुलनेवाली एक गठरी मे बाँध कर रख दी गयी है, जिसे मात्र हम […]

उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मौन क्यों?

December 28, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उत्तरप्रदेश मे बहुरुपियों की चुनावी सभा मे लाखों लोग को ‘साम-दान-दण्ड-विभेद’ नीति के द्वारा इकट्ठा किया जा रहा है। कहीं कोई शारीरिक दूरी नहीं और मुखरक्षिका भी नहीं। ख़ुद को […]

सत्ज्ञान की सरलता

November 25, 2021 0

सत्य का ज्ञान सर्वत्र खुला ही हुआ है और यह सत्ज्ञान अनूठा और सर्वथा उपयोगी भी है।तुम केवल मूर्खतावश या धूर्ततावश ही उससे दूर भागते हो। सबको ज्ञात ही है कि संसार में एक ही […]

मानवजीवन-विकास का सिद्धान्त न जानने के कारण ही मानवजीवन की इतनी दुर्गति

November 24, 2021 0

PQ IQ, EQ और SQ के विकास का अभिप्राय क्या है..?मानवजीवनविकास के सिद्धांत का संक्षिप्त परिचय प्रदान करें…?💎मानवीय इन्द्रियों से मन…मन से प्राण…प्राण से आत्मा …ऐसी चार सीढियां हैं मानवजीवनविकास की..! मानवीय इन्द्रियों के विकास […]

तीनों कृषि क़ानून पर अब भी दिखते संशय के उमड़ते-घुमड़ते बादल!

November 20, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय लगभग एक वर्ष से हमारे अन्नदाता आन्दोलनरत हैं; उनके लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता रहा है; ख़ालिस्तानी, आतंकी, पाकिस्तानी, टुकड़े-टुकड़े गैंग और न जाने क्या-क्या कहा जाता रहा; […]

हिंदूराष्ट्र बनाम न्यायराष्ट्र

November 15, 2021 0

हिंदूराष्ट्र, इस्लामिकराष्ट्र या कोई अन्य राष्ट्र में यदि चारों न्यायशील जनाधिकार (पूर्णशिक्षा-प्रशिक्षण/पात्रतानुसार रोजगार/सार्वजनिक सेवा-सुविधा/संरक्षण) नागरिकों को ना मिलें तो वे सभी अन्यायराष्ट्र ही सिद्ध होंगे। ◆ प्रत्येक नागरिक को 4 से 25 वर्षीय उम्र तक […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 10, 2021 0

देश के प्रसिद्ध कोचिंग-संस्थान ‘दृष्टि’ की ओर से आयोजित एक छद्म साक्षात् परीक्षा (साक्षात्कार परीक्षा’ अशुद्ध है।) का मूल्यांकन आई० ए० एस०-सेवा के लिए सुनीता नामक अभ्यर्थिनी छद्म ‘साक्षात् परीक्षा’ के लिए बुलायी गयी थी। […]

Chhoti Diwali (Roop-Chaudas)

November 3, 2021 0

Welcome to this beautiful morning. A day before the grand day for which –We waited so eagerly,The great DIWALI. Before going for any festivity or a function in the family or for any reason to […]

आओ जाने! क्या है डिजिटल वोटिंग सिस्टम और इसके फायदे क्या हैं?

October 28, 2021 0

देश के नागरिकों के ऊपर पिछले 75 सालों से विभिन्न पार्टियों की शासनसत्ता व एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था की मिलीभगत से होता आ रहा है खुला राजनैतिक अन्याय। जिसे कभी किसी बुद्धिजीवी ने जानने या […]

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