हम एक-दूसरे के नजदीक तो बहुत आये पर न विश्वास करना सीखा और न ही त्याग
—सुरेश राय चुन्नीइलाहाबाद विश्वविद्यालय
—सुरेश राय चुन्नीइलाहाबाद विश्वविद्यालय
बचपन के स्वतंत्रता दिवस की कुछ धूमिल यादें अब भी मन-मस्तिष्क में हैं! हमारे विद्यालय प्राथमिक पाठशाला बरी में प्रधानाध्यापक श्री अवधेश बहादुर सिंह हुआ करते थे। श्री देव नारायण सिंह, श्री अयोध्या सिंह शिक्षक […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के राष्ट्रध्वज का वस्त्र खादी का रहा है। इस सरकार ने उसे भी बदल दिया है। खद्दर हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है। विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार और उनका […]
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● आज भक्तों की अपार भीड़ और सबसे पहले भगवान्-दर्शन करने की होड़ मे भगदड़ मचने से खाटूश्याम मे भक्तगण एक-दूसरे को रौंदते हुए बढ़ते रहे; ३ महिलाओं को भक्तों ने […]
तांबरम (चेन्नई) ट्रेनिंग सेंटर में हमारे एक ‘मित्र’ थे।नाम था—– खैर छोड़िए, शेक्सपियर कह गए हैं कि नाम में क्या रखा है? इसलिए चलो काम की बात करते हैं। काम की बात यह कि हमारे […]
आज दिल्ली में बारिश हुई तो लिट्टी-चोखा खाने का मन किया और मैं गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन के पास एक परिचित सनातनी दुकान पर रुककर लिट्टी चोखा खाने लगा। लिट्टी-चोखा वास्तव में स्वादिष्ट था। मैं तारीफ […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••खा तो इतना लिया है कि अन्धों को भी दिखने लगा है। उसने दूसरों की थालियों को बलपूर्वक अपनी ओर खींच लिया है, फिर खाने कैसे देगा? उसने हमारी थाली […]
स्मरण रहे कि राम मंदिर का निर्माण किसी साम्प्रदायिक सद्भाव, गंगा जमुनी तहजीब के कारण नहीं हो रहा है। बल्कि पांच अगस्त का यह पावन दिन राम भक्तों की पच्चीस पीढ़ियों के पांच सौ साल […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नीचे दिख रहे चित्र मे जिन महापुरुष का चेहरा दिख रहा है, वे हैं, देश के महान् उद्योगपति गौतम अडाणी/ अडानी। इन्होंने भारतीय बैंकों से २९ खरब ९३ अरब ९८ […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विलम्ब रात्रि मे १.१५ पर अलोपीबाग़, प्रयागराज से डी० जे० बजाते हुए अराजक तत्त्व निकले थे, जिसकी आवाज़ विलम्ब रात्रि मे २.२० तक सुनायी दे रही थी। उसकी कर्कश धुन […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नीचे दिखायी गयी कार नवाब यूसुफ़ मार्ग, सिविललाइन्स लाइन्स, प्रयागराज के उस सड़क-मार्ग पर बन्द करके काफ़ी देर तक खड़ी कर दी गयी थी, जिसे नगर का अति व्यस्त क्षेत्र […]
उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती(31 जुलाई, 1880 लमही, काशी) सत्य, निष्ठा और न्याय के पथ पर,मैं जीवन भर चलती जाऊं।सादा जीवन हो उच्च विचार,मैं महापुरुषों से ऐसी सीख लाऊं। आदर्श यथार्थ भरी कहानियां […]
घटना आज से लगभग 20 वर्ष पहले की है। उस समय लोग रेलगाड़ियों में यात्रा करते समय मिल्टन, गोदरेज आदि कंपनियों की अपारदर्शी बोतलों में पानी भरकर अपने साथ ले जाते थे क्योंकि तब तक […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाध पाण्डेय प्रियवर डॉ० घनश्याम भारती जी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गढ़ाकोटा, सागर (मध्यप्रदेश) मे हिन्दीविभागाध्यक्ष और राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय सारस्वत आयोजनों के सूत्रधार हैं। वे मेरे परम प्रिय शिष्य हैं और अध्ययन-अनुशीलन के प्रति […]
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कोई मनुष्य महान् नहीं होता, उसकी ‘मनुष्यता ‘महान् होती है। कोई साधक महान् नहीं होता, उसकी ‘सिद्धि’ महान् होती है। कोई विदुषी अथवा विद्वान् महान् नहीं होता, उसका ‘वैदुष्य’ और उसकी […]
स्मृति-वातायन ०——– ● आज (२७ जुलाई) भ्राताश्री, पूर्व-राष्ट्रपति अबुल कलाम जी की निधनतिथि है। — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय डॉ० अब्दुल कलाम प्रेय थे तो श्रेय भी। उन्होंने जब राष्ट्रपति-पद की शपथ ली थी तब […]
तेज़ी से बदलते परिदृश्य के साथ बाहरी मामलों से निपटने के लिये नीतियाँ भी बदलती रहती हैं। इसलिए भारत भी समय-समय पर अपनी विदेश नीति में ऐसे बदलाव करता रहता है ताकि समयानुसार स्थितियों का […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ मे वित्तमन्त्री के रूप मे जनता के सीने पर हल जोत रही निर्मल सीतारमण से कल (२५ जुलाई) लोकसभा मे जब प्रश्न किया गया था– स्विस […]
बुढ़ापे में अपने नाती-पोतों को कहानी सुनाया करूंगा कि कारगिल युद्ध मैंने भी लड़ा था और उस युद्ध के सबसे बड़े नायक परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव के साथ सेल्फी भी ली थी। […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज (२५ जुलाई) प्रयागराज के प्रमुख सड़क-मार्ग जी०टी० रोड– झूसी, अलोपीबाग़, बैरहना, बाई का बाग, रामबाग़ आदिक क्षेत्रों मे कथित हिन्दू-भक्ति का प्रभाव गहराई के साथ अनुभव किया गया। मेरे […]
1984 की बात है!!! “बड़ा पेड़” गिरने के बाद धरती हिलकर लगभग शांत हो चुकी थी। मैं पापा के साथ मुंबई घूमने गया था, अपने नाना के घर। चूंकि उन दिनों किसी घर का दामाद […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ई० डी० के अधिकारियों ने बंगाल के मन्त्री पार्थ चटर्जी को ‘शिक्षक भरती घोटाले’ मे गिरिफ़्तार किया है। उसकी चहेती अर्पिता मुखर्जी के घर से लगभग २१ करोड़ रुपये की […]
सन 2005 की बात है। उस समय मैं कुछ-कुछ वामपंथी था। पूजा-पाठ को ढोंग और धर्म (सिर्फ हिंदू धर्म) को अफीम समझता था। एक बार मैं घर से छुट्टी बिताकर वापस आया हुआ था और […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ममता बनर्जी, शरद पवार, हेमन्त सोरेन, उद्धव ठाकरे, मायावती, राजा भइया, वाइ० एस० आर० काँग्रेस, शिवपाल यादव, ओमप्रकाश राजभर आदिक विपक्षी नेता विश्वासघाती निकले। ममता बनर्जी को तो चुल्लूभर पानी […]
सौदर्य प्रतियोगिताओं के फाइनल राउंड में दुबली-पतली, कुपोषण की शिकार विश्व सुंदरियों से निर्णायक बहुत गंभीरता से प्रश्न पूछते हैं – “आपके जीवन का उद्देश्य क्या है? भविष्य में आप मानवता के लिए क्या करना […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय काँवरियों (‘काँवड़ियों’ अनुपयुक्त शब्द है।) को इतनी सुविधाएँ न दी जायें कि जनसामान्य का गमनागमन (‘आवागमन’ अशुद्ध शब्द है।) अवरुद्ध हो जाये। सभी समुदाय के पूजा-पाठ को समान रूप से […]
त्रेतायुग में यह सीख मिली कि:- अहंकार , महाबली और काल को पैरों तले रखने वाले रावण का भी नहीं टिक पाता है। प्रकांड विद्वान और शिव स्त्रोत का रचयिता भी अपने दुष्कर्मों से राक्षस […]
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज के अधिकतर गुरु अर्थात् तथाकथित ‘Sir’ अपने गर्हित आचरण की स्थापना ‘स्वयं’ कर चुके हैं। वे स्वयं को बाज़ार मे ‘विक्रेता’ के रूप मे उतार चुके हैं और ‘ज्ञान’ को […]
बैसवारा सदियों से कलम और तलवार का धनी क्षेत्र रहा है। महावीर प्रसाद द्विवेदी, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जैसे कलमकार और राजा राव रामबख्श सिंह तथा राणा बेनी माधव जैसे वीर योद्धा बैसवारा क्षेत्र की आन-बान-शान […]
विवाद संख्या -1:- अशोक स्तंभ का उद्घाटन लोकसभा के स्पीकर को करना चाहिए था न कि प्रधानमंत्री को। क्योंकि संसद का सर्वेसर्वा स्पीकर होता है , प्रधानमंत्री नहीं। स्पष्टीकरण:- यह बिल्कुल सत्य है कि किसी […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आशा और निराशा के दोनों ध्रुवों के बीच ज़िन्दगी तैर रही है। जागरण में सुख के स्वप्न सँजोये वह पुतली की तरह चलती-फिरती है। उसका चम्पई तन सम्पर्कों की सारी […]
आजकल की अधिकतर फिल्मों के फूहड़ और कानफोड़ू गीत मैं सुनता नहीं हूं और कभी गलती से सुन भी लेता हूं तो मुझे समझ नहीं आता है कि गायक चिल्ला क्या रहा है। लेकिन पुराने […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश मे दो क़ानून :–एक तुम्हारा और दूजा हमारा। तुम चाहें जितनी और जितनी बार पेंशन लो और हमारी पेंशन बन्द; तुम चाहें जितनी भी सुविधाएँ लो, हमारी सुविधाओं पर […]
1991 में प्रणव मुखर्जी के समर्थन से प्रधानमंत्री बने लेकिन उनको वित्तमंत्री न बनाकर राजनीति के क्षेत्र में बिल्कुल नौसिखिए आरबीआई के पूर्व गवर्नर मनमोहन सिंह पर भरोसा किया। 1966 में इंदिरा गांधी द्वारा रुपये […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २६ जून, २०२२ ईसवी।)
बरखारानी के नावे आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय के एगो चिट्ठी आ ए हामार सोना के पुतरिया बरखारानी!जीयत रह आ जागतो रह! आ हेने के हाल-चाल ठीके बा। आपन सुनाव। ए घरी केने बाड़ू? आ जान […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनो जिन उथले और थोथले तर्कों के साथ बुलडोज़र-प्रयोग कराये जा रहे हैं और न्यायालय मे तर्क प्रस्तुत किये जा रहे हैं, वे सरकार की अबोध मानसिकता को रेखांकित […]
बेशक, मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग का चेअरमैन ‘मेहरा’ है। पिछले १९ जून को आयोजित मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग की ओर से आयोजित ‘मध्यप्रदेश पी० सी० एस० (प्रा०) परीक्षा– २०२१’ के प्रश्नपत्र मे एक ऐसा प्रश्न किया गया […]
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश– (सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १९ जून, २०२२ ईसवी।)
विनय सिंह बैस (अनुवाद-अधिकारी, लोकसभा सचिवालय)– बहुत समय पहले की बात है। तब मैं 6-7 साल का रहा होऊंगा! उन दिनों ज्यादातर घरों में भोजन पकाने के बाद आग को राख से ढक दिया जाता […]
0 चिन्तन के आयाम 0 ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यह विडम्बना ही है कि अद्वैतवादी सिद्धान्त और अभेदमूलक विचार की जन्मभूमि मे ही आरम्भ से भेदमूलक समाज रहा है। यहाँ सिद्धान्त और व्यवहार के […]
देश का प्रमुख व्यक्ति मात्र सत्ता पाने के लिए देशहित मे कोई घोषणा कर दे और शीघ्र ही उसे ‘ज़ुम्ला’ का नाम देकर पीछे हट जाये तो ऐसे व्यक्ति के नेतृत्व मे यदि किसी भी […]
आज विशेष- स्वतंत्रता दिवस (आइसलैंड) सूखा व मरूस्थलीकरण नियंत्रण दिवस ज्ञान और विज्ञान 1775- बंकर हिल के युद्ध में ब्रिटिस सेना नेना अमेरिका की महाद्वीपीय सेना को पराजित किया किंतु उसे भारी क्षति उठानी पड़ी। […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे देश के ‘समाचार-चैनल’ इस सीमा तक पराधीन हो जायेंगे कि उनकी ‘सत्यनिष्ठा’ ‘अधर्म’ की श्रेणी में रेखांकित होगी, इसकी आशा भी नहीं थी। अब वे ‘अधर्म’ के चतुर्थ स्तम्भ […]
विश्व की तमाम सेनाओं में भर्ती दो तरह से की जाती है- अनिवार्य सैन्य सेवा, 2. स्वैच्छिक सैन्य सेवा नागरिकों के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा: इसमें हर नागरिक को एक खास उम्र के दौरान सेना […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सर्जक (‘सृजन’ निरर्थक शब्द है। सृज् धातु+ल्युट् प्रत्यय = सर्जन– रचना करनेवाला) की एक स्थिति ऐसी आ जाती है, जहाँ उसे बड़ी-बड़ी धनराशिवाले सम्मान भी डिगा नहीं पाते; क्योंकि उसकी […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जो कथित हिन्दू अपने सेवाकाल मे रिश्वतख़ोर रहे हैं और हैं; अपराधी रहे हैं और हैं, उनमे से अधिकतर कथित ‘न्यू इण्डिया की सरकार’ की जनघाती नीतियों के पक्षधर बने […]
आप जिस भी क्षेत्र मे जायें, अपनी सत्यनिष्ठा और स्वस्थ प्रतियोगिता की भावना को कभी विस्मृति न करें। आप अपनी जिजीविषा (जीने की इच्छा) और जिगीषा (जीतने की इच्छा) को कभी शिथिल न पड़ने दें; […]
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का विचारमन्थन ब्रह्मा, विष्णु तथा महेश जब ‘हिन्दू’ नहीं थे तब उनके उपासक ‘हिन्दूवादी’ कहाँ से आ गये? ‘तथ्य’ और ‘तर्क’ सनातन-सन्दर्भ मे सारगर्भित हो तभी ‘उत्तर’ दिया जाये। ‘धर्मान्धता ओढ़ा […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आज (१० जून) प्रयागराज मे जुमे की नमाज़ पढ़़ने के बाद जिस तरह से ईंट और पत्थर के टुकड़ों से पुलिस और ज़िला-प्रशासन के अधिकारियों पर हमले किये गये हैं, […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कानपुर-दंगे को लेकर वहाँ की डी० एम० का स्थानान्तरण कर दिया गया है; अनेक पुलिस-अधिकारियों को इधर-उधर कर दिया गया है; मगर जिस मुख्य आरोपित और कथित ‘मास्टर माइण्ड’ नूपुर […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सरकारी ‘लॉक-डाउन’ के कारण अब तक लाखों लोग नौकरी से बाहर हो चुके हैं; बाहर किये जा रहे हैं; कम्पनियाँ, व्यावसायिक प्रतिष्ठान इत्यादिक बन्द किये जा रहे हैं। ऐसे मे, […]
५ जून ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ पर विशेष । ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारा संदूषित पर्यावरण स्वस्थ दिखे और जनमानस उसका ‘प्रसाद’ (कृपा) ग्रहण करे, कामना है। वर्तमान सरकार पर्यावरण के प्रति बिलकुल चिन्तित नहीं […]
यह कहना मुश्किल कि पीपल के इस बड़े से पेड़ के पास मेरा फ्लैट है या मेरे फ्लैट के पास यह पीपल का पेड़ है। नजदीकी इतनी कि खिड़की खोलते ही इसकी कोमल टहनियां गाल […]
प्रतिवर्ष हम 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर देश विदेश में कई बड़े आयोजन होते हैं सेमिनार होती है जहाँ पर्यावरण की सुरक्षा व संरक्षण पर वार्ता की जाती है। बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण पर […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के सरसंघचालक मोहन मधुकर भागवत ने आज (३ जून) एक बहुत अच्छी बात कही है, ” हर मस्जिद मे शिवलिंग की खोज क्यों? अब आर० एस० एस० […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ज्ञानवापी मस्जिद, वाराणसी मस्जिद मे उन्हें पूजा-पाठ आदिक करने का अधिकार मिले, इसे लेकर राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, रेखा पाठक, सीता साहू तथा मंजू व्यास नामक महिलाओं ने ‘विश्व वैदिक […]
समाज के उत्थान एवं उसके संवर्धन की पहली कसौटी ही “नैतिकता” है, अगर समाज नैतिक शून्य हो जाये तो समाज लोगों के समूह से तुरंत भेड़ की भीड़ से लेकर जंगली जानवर के झुण्ड समान […]
मनुष्य ठहरी हुईं और गतिमान् मान्यताओं के साथ न्याय नहीं कर पाता है; क्योंकि गतिशीलता के ‘कु’ और ‘सु’ पक्षों से वह प्रभावित तो होता है, जबकि ‘ठहराव’ के प्रति उदासीन बना रहता है। ध्यातव्य […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष २०१४ मे देश को आज़ादी मिलते ही देश के समस्त समाचार-चैनलों के अधिकारियों को ‘रतौंधी और ‘दिनौधी’ ने जकड़ लिया है। उन्हें ‘ज्ञानवापी’ ‘मथुरा’ ‘ताजमहल’, ‘कुतुबमीनार’ आदिक के अलावा […]
प्रभात सिंह (मान्यता प्राप्त पत्रकार, लखनऊ ) मैं ये स्वीकार करता हूँ कि मैं पत्रकार नही हूँ। मैं अपना दो- पहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट पहनता हूँ, गाड़ी के कागज़ पूरे रखता हूँ, मैं किसी […]
अमित कुमार अवस्थी- विरोध और क्रांति की आवाज हिंदी पत्रकारिता को पूरे 191 साल हो गए हैं। कानपुर की क्रांतिकारी धरा पर जन्मे हिंदी पत्रकारिता के पितृपुरुष पं युगुल किशोर शुक्ल जी ने प्रथम हिन्दी […]
—-०दो टूक०—- ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जो भी व्यक्ति इस विषय का पक्षधर है कि उसके लिए ‘भाषा-शुचिता’ से अधिक ‘मात्र सम्प्रेषणीयता’ का महत्त्व है, वह मेरी मैत्री-सूची से स्वयं को ‘सदैव’ के लिए […]
प्रश्न;क्या साधारण मनुष्य बिना अधिकारों के किसी भीनिजी या व्यवहारिक/सामाजिक कर्तव्य करने हेतु उत्तरदायी है? उत्तर;नही, कोई भी मनुष्य अपने निजी कर्तव्यों हेतु पूर्णतः स्वतंत्र है वो भी तबतक जबतक कि व्यवहारिक/सामाजिक बाध्यता का हनन […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जो कथित हिन्दू अपने सेवाकाल मे रिश्वतख़ोर रहे हैं और हैं; अपराधी रहे हैं और हैं, उनमे से अधिकतर कथित मोदी-सरकार की जनघाती नीतियों के पक्षधर बने हुए हैं। उन्हें […]
मणि सत्यनारायण तिवारी : मैं सम्मान सभी धर्मों का करता हूँ पर मैं हिन्दू हूँ, इसपर मुझे गर्व है । बुद्धिजीवी कितना भी धर्म निरपेक्षता की बातें कर लें, लेकिन भारत “राष्ट्र” तभी तक है […]
मणिप्रकाश तिवारी : दोस्तों! आपको एक बात बताता हूँ; अपने देश के IIT मुंबई, दिल्ली और गुवाहाटी में एक डिपार्टमेंट है “रूरल डेवलपमेंट”; जहाँ रूरल डेवलपमेंट में Ph-D और अन्य पाठ्यक्रम भी संचालित किये जाते […]
आत्मीय मित्रमण्डल!समय का समादर करना सीखें। समय सभी को समान रूप से देखता आया है। वह प्रत्येक मनुष्य का मूल्यांकन उसके कर्मों के आधार पर करता आया है। समय कभी निष्ठुर नहीं होता; प्रत्युत मनुष्य […]
सामाजिक परिवर्तन के संदर्भ में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जी द्वारा 2019 विजयादशमी को दिया एक भाषण मुझे याद है, उन्होंने कहा था कि – सामाजिक परिवर्तन के लिए ‘स्व’ केंद्रित सामूहिक दृष्टि विकसित होने […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज (५ मई) प्रात: बाँसडीह, बलिया (उत्तरप्रदेश) मे प्रभंजन (आँधी-तूफ़ान) के साथ वर्षा के आरम्भिक किशोरावस्था का दर्शन-लाभ प्राप्त हुआ है। उसने किशोरवय मे रहते हुए भी ‘तरुणाई’ की ओर […]
प्रभात सिंह (युवा लेखक/मान्यता प्राप्त पत्रकार)- पन्ना लाल ख़लीफ़ा एक हाँथ में गमछा और दूसरे हाँथ में माइक पकड़े पहले लंबी तान लगाते हैं। फिर मंच के नीचे बैठे रमेश ख़लीफ़ा, मुन्नी लाल ख़लीफ़ा से […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ (यह रचना राघवेन्द्र की पुस्तक “विकृतियाँ समाज की” से ली गयी है)- सड़क के किनारे पड़ी थी एक लाश । उसके पास कुछ लोग बैठे थे बदहवाश । उनमे चार छोटे […]
अखबार बेंचो, खबर लिखो और विज्ञापन तलाशो ! इस तरह ग्रामीण पत्रकारों की जीवन शैली कब तक चलती रहेगी ? वैसे तो यह आम बात है लेकिन आखिर कब तक यह रूटीन वर्क चलता रहेगा […]
प्रश्न : एक मित्र ने पूछा कि नेक मंशा रखते हुए भी मनुष्य मौजूदा राजनीति में असफ़ल क्यों होता है? क्योंकि; मौजूदा राजनीति अपने सामने वाले के गलत कृत्यों का विरोध करने से शुरू होती […]
ध्यान देने योग्य बात-:AAP न हिन्दू विरोधी है।न इस्लाम विरोधी और न ही अन्य समुदाय विरोधी।बल्कि आमआदमीपार्टी सर्वदावसुधैवकुटुम्बकम्…ब्रम्हाण्डमंडलम् के नारे को चरितार्थ करने वाली विश्व की एक मात्र पवित्र पार्टी है जिसका उद्देश्य सार्वभौमिक न्यायशील […]
‘मनुष्यता’ की बात तो की जाती है; किन्तु अपने भीतर की शुष्क मानवीय संवेदना पर दृष्टिपात करने में प्राय: मनुष्य क्षम (‘सक्षम’ अशुद्ध है।) नहीं रहता है। यही कारण है कि उसके कथ्य, उपदेश आदिक […]
यह बिन्ना है। तिक्तशीतकाल की पर्णहीन व्यथा से अब मुक्त हो चुका है। यह पर्णहीन तो अब भी है पर कुसुमाभरण से सघन अलंकृत है। मधुमास में इसके पुष्प इतने मधुसने की मधुलोभी कीटों का […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कुत्ता जब पागल हो जाता है तब वह बिना विचार किये सबको काटता रहता है। वैसी स्थिति उत्पन्न होते ही लोग मिलकर उसे मार डालते हैं; क्योंकि अन्तत:, वह एक […]
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कोई भी राजनैतिक दल यदि चुनाव लड़े तो अपनी योग्यता के बल पर, न कि ‘मुफ़्तख़ोरों’ के सहारे। आज ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ की […]
जमीन की सतह पर किसी शहर, गांव, सेहरा का कोई घर या कोई खेमा ऐसा बाकी नहीं रहेगा, जहाँ अल्लाह तआला इस्लाम के कलिमा को दाखिल न फ़रमा दें । मानने वाले को कलिमा वाला […]
Reserve Bank of India जिसदिन रेपो रेट 0% कर देगी उसीदिन से महँगाई पूर्णतः कंट्रोल में आ जायेगी। क्योंकि सारा खेल ही मुद्रा पर अधिभार लगाने से शुरू होता है।चूँकि मुद्रा आम नागरिकों के परिश्रम […]
मानवपुराण व्यावहारिक दृष्टि से समाज में मनुष्यों के तीन प्रकार हैं-मूर्ख, धूर्त, सज्जन सज्जनों का 2+2 = 4 होता है।धूर्तों का 2+2 = 3 या 5 होता है।मूर्खों का 2+2 = 0 होता है। सत्य […]
राजनैतिक न्याय को परिभाषित करने वाली महालोकतंत्रीय स्वशासनप्रणाली :- लोकतंत्र शब्द में दो शब्दों का संयोग है- लोक + तंत्र।लोक मतलब सार्वजनिक और तंत्र मतलब शासन।अर्थात “सार्वजनिक शासन” ही लोकतंत्र है। शासन का परिचय शासन […]
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••आज (२२ अप्रैल) ‘पृथ्वी-दिवस’ है। ऐसे अवसर परसाहित्यजगत् के अधिनायक (तानाशाह) कबीरदास की पंक्तियाँ जीवन्त हो उठती हैं :–“खोदखाद धरती सहै, काटकूट बनराय।कुटिल बचन साधू सहै, औरन सहा न जाय।।” यह सहिष्णुता (सहनशीलता) और क्षमाशीलता […]
सावधान देशवासियों;आज देश बद से बदतर हालात में पहुँचाया जा चुका है! यदि सुप्रीमकोर्ट के जस्टिस “अरुण मिश्रा” जी को सार्वजनिक रूप से यह कहना पड़ रहा हो कि– “देश में कानून नही बचा, सुप्रीमकोर्ट […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश मे हिन्दू-मुसलमान-दंगा करानेवालो और इस कुकृत्य का समर्थन करनेवालो! सभी सुनो–इस रोज़-रोज़ की नौटंकी से बेहतर है, तुम सभी अपने-अपने गुण्डों को आमने-सामने लाकर हथियारसहित खड़ा कर दो। ऐसी […]
सौन्दर्या नसीम- देहरादून से मसूरी। एक सफ़र और। छोटा-सा। जो भी हो, सफ़र तो सफ़र! सफ़र में ज़िंदगी और ज़िंदगी का सफ़र। जैसे सफ़र ही हो गई हो मुकम्मल ज़िंदगी। काफ़ी नोक-झोंक के बाद तय […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज जिस भयावह सच के प्रति देश का पुलिस-तन्त्र आँखें मूँदे हुए है, वही सामाजिक समरसता के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने मे पूरी शक्ति के साथ जुटा हुआ है; परिणामस्वरूप […]
प्रभात सिंह : तस्वीरें आज कल बात नहीं करतीं। जब भी कोई दृश्य अपने कैमरे में कैद करने की कोशिश करता हूँ, दृश्य तेज़ी से दौड़ता कैमरे की पकड़ से भाग निकलता है। फ्रेम, कलर […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जहाँगीरपुरी, दिल्ली मे एक समुदाय के द्वारा ‘हनुमान्-शोभायात्रा’ मे तलवारें लहराते हुए, लाठी-डण्डे, हॉकी लिये हुए कौन लोग शामिल थे? पुलिस-प्रशासन ने उन्हें घातक हथियारों के साथ उस जुलूस मे […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय १० मार्च को पाँच राज्यों के विधानसभाई क्षेत्रों से जो चुनाव-परिणाम दिखाये गये थे, उनमे एक ही दल भारतीय जनता पार्टी का दबदबा दिख रहा था। ऐसा लग रहा था […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रयागराज के सघन पदातिक पथ परविश्रान्त-क्लान्त शयन करती प्रौढ़ा,आजीविका-साधन से समन्वय-सामंजस्य स्थापित करती;अद्भुत एकान्वित और पार्थक्य केआचरण की सभ्यता प्रदर्शित करती;अवचेतन से साक्षात् करती,मानो सांसारिकता से सुदूरकिसी निभृत निलय में […]
बाबा साहब को किसी वर्ग या जाति में बाँधकर उनकी असीमित महानता को सीमित नहीं किया जा सकता। पूज्यनीय बाबा साहब राष्ट्र के हर वर्ग, हर जाति, हर धर्म के लोगों के लिये आदरणीय और […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय खरगौन (मध्यप्रदेश) मे जिन दंगाइयों ने ‘रेप’ करने की धमकी दी हो; निर्दोष लोग के जन-धन की क्षति पहुँचायी हो; सार्वजनिक सम्पत्ति नष्ट की हो, वे चाहे कथित हिन्दू हों […]
प्रभात सिंह (मान्यता प्राप्त पत्रकार), लखनऊ- नेता जी, आपके ऊपर लोहियावादी पार्टी और समाजवादी परिवार का भार है, इस भार को वहन करना आसान नहीं है। आज के दौर में “हम दो हमारे दो” टाइप […]
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय— ”अक़्ल का अन्धा” हमारे देश में बहुविध चरितार्थ हो रहा है और उसे वह सरकार कर रही है, जो भेड़-चाल चल रही देश की अधिकतर […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पाकिस्तान के भावी प्रधानमन्त्री शहबाज़ शरीफ़ ने जब कहा– हम किसी से बदला नहीं लेंगे; बेगुनाहों को जेल नहीं भेजेंगे तब नरेन्द्र मोदी-द्वारा दूसरी बार शपथ-ग्रहण करते समय उनके द्वारा […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यह घटना पिछले २ अप्रैल की है। सीधी के भारतीय जनता पार्टी के विधायक केदारनाथ सिंह और उनके बेटे के विरुद्ध ‘नाट्य समिति’ के संचालक नीरज कुन्देर पर अभद्र भाषा-व्यवहार […]
जतन पाठक– पिछले एक महीने में विश्व व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इसकी वजह है यूक्रेन पर रूसी सेना का हमला। अमेरिका सहित ज्यादातर देशों ने इसके लिए रूस को जिम्मेदार ठहराते […]