भारत में रंगभेद/जातिभेद कहाँ और क्यों ?
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हम कितने अज्ञानी हैं, जो ‘सवर्ण’ को मात्र कतिपय जातियों तक सीमित करके देखते हैं। पहले की व्यवस्था को वर्तमान सामाजिक व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में यदि देखा जाये तो आज की तुलना […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हम कितने अज्ञानी हैं, जो ‘सवर्ण’ को मात्र कतिपय जातियों तक सीमित करके देखते हैं। पहले की व्यवस्था को वर्तमान सामाजिक व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में यदि देखा जाये तो आज की तुलना […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक) डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उत्तरप्रदेश-शासन की ओर से निजी शिक्षालयों की निरंकुश प्रवृत्ति पर नियन्त्रण करने के लिए कठोर नियम बनाने की घोषणा की गयी है, जो राज्य के उन विद्यालयों […]
राघवेन्द्र कुमार “राघव” नदियाँ हमारा रक्षण करने वाली हैं । नदियाँ अन्नोत्पादन में सहायक हैं । नदियों का जल अमृत रूप है । नदियाँ जीवन का आधार हैं फिर भी मनुष्य इन्हें मैला कर रहा […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष २०१४ से अब तक भारत की आन्तरिक दशा अत्यन्त शोचनीय हो चुकी है। भारत में जब से राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबन्धन की ओर से नयी सरकार गठित हुई है तब से उसी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आरक्षण के राजनीतीकरण के विरुद्ध क्रान्ति-बिगुल की प्रतिध्वनि संसद् तक पहुँचायें। शिक्षा, परीक्षा तथा सेवा से आरक्षण को हटाया जाये, अन्यथा आर्थिक आधार पर देश की सभी जातियों को आरक्षण का लाभ […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इतिहास और पुराण साक्षी हैं कि हिन्दुओं ने ही ‘हिन्दुओं’ की जड़ें खोदी हैं और आज भी खोद रहे हैं। और ये जो आपने प्रश्न किये हैं, उनका उत्तर व्यक्तिविशेष से नहीं, […]
जगन्नाथ शुक्ल, (इलाहाबाद) भारतवर्ष प्रत्येक कालखण्ड में स्वार्थी तत्त्वों से ही घिरा रहा है, वर्त्तमान भी इससे अछूता नहीं है। दरअस्ल वर्त्तमान सत्तासीन दल ने भी अपने दलीय संविधान के चीरहरण में कोई कोताही नहीं […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मुलायम सिंह यादव की सत्ताकालावधि में जिस तरह से ‘यादववाद’ की महामारी फैली हुई थी; मायावती के राजकाल में ‘दलितवाद’ का कुष्ठरोग विस्तार पा रहा था, उसी प्रकार का संक्रमणरोग वर्तमान मुख्य […]
महेन्द्र नाथ महर्षि – गुडगांव एक वाक़या है। बड़ी कार बनाने वाली कम्पनी के एक माहिर इंजीनियर ने ख़ूब सूझबूझ से एक नायाब कार डिज़ाइन की। कार में सैंकड़ों ऐसे प्रावधान किए जिससे कार इतनी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज देश में शिक्षा कितनी महँगी कर दी गयी है, यह किसी से छुपा नहीं है। देश की अधिकतर जनता अपने अस्तित्व को बचाये रखने के लिए रात-दिन जी-तोड़ परिश्रम करके एक-एक […]
मणि सत्यनारायण तिवारी- नवरात्र की शुभकामनाएं । कल नवरात्र है हर जगह कन्याओं का पैर पूजन किया जाएगा खाना खिलाया जाएगा वगैरह-वगैरह । सच कहूं तो बहुत नौटंकी है अपना देश । आप वो लोग […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक ऐसा विधेयक लोकसभा में पारित करा दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि वर्ष १९७६ से अब तक राजनीतिक दलों के द्वारा लिये गये चन्दे का हिसाब नहीं देना होगा, […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारतीय जनता पार्टी के प्रयास से कई क्षेत्रीय दलों को मिलाकर एक गठबन्धन दल का अस्तित्व उभरा था, जिसे ‘एन० डी० ए०’ (नेशनल डीमाक्रटिक एलायंस’) ‘रा० ज० द०’ (राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबन्धन) का […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- अतिरिक्त आत्मविश्वास अतीव घातक होता है। उत्तरप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता और राज्य के मुख्य मन्त्री आदित्यनाथ योगी ने उत्तरप्रदेश-विधानसभा-चुनाव के समय जितनी घोषणाएँ की थीं; साथ ही प्रधान […]
प्रभात सिंह (वरिष्ठ पत्रकार)- किसी भी व्यापारिक प्रतिष्ठान, औद्योगिक इकाई या फिर कोई संगठन जो भी परिवार के संयुक्त उद्यम से बनाया गया हो, परिवार के टूटने के बाद संयुक्त उद्यम पर असर पड़ना लाज़मी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज के अधिकतर कलमधारियों और छद्मवेशी साहित्यकारों की न तो कोई रचना-पद्धति है; न रचना-शैली है और न ही रचना-प्रक्रिया, फिर चिन्तन-मनन तो दूर की बात। उनके सर्जन में भाव-दर्शन होता है […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के समस्त राजनीतिक दलों के आकाओ, विशेषत: भारतीय जनता पार्टी के प्रधान नेताओ, चौकीदारो, सांसदो, विधायको, छुटभय्यो, रंगदारो तथा अन्ध समर्थको! देश को धर्मान्ध मत बनाओ; देश को जाति, क्षेत्र, वर्गादिक […]
विवेकानंद सिंह (युवा लेखक/पत्रकार)- वर्ष 1969 में एक चर्चित हिंदी फिल्म आयी थी, जिसका नाम था ‘एक फूल दो माली’. इस फिल्म का एक गाना- भूखे, गरीब ये ही दुआ है, औलाद वालो फूलो फलो. […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- हिन्दू-हिन्दुत्व के नाम पर सम्पूर्ण देश में ‘मात्र सत्ता की राजनीति’ करने के लिए संकुचित हिन्दूवादी राजनीतिक दल ‘भारतीय जनता पार्टी’ भारतीय समाज की पारस्परिक सौहार्द-भावना को छिन्न-भिन्न करने की दिशा में […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश का अब तक सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला आपकी नाक के नीचे कर दिया गया और आप सोते रह गये!..? अब देश ऐसे लापरवाह चौकीदार को बदलने के लिए तत्पर है। कितनी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यह समाचार उन विद्यार्थियों से सम्बन्धित है, जिन्होंने बी०एड्० और टी०ई०टी० (अध्यापक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण की और वर्ष २०११ में प्राइमरी शिक्षक की भर्ती हेतु आवेदन किया था। उस समय २३ अगस्त, […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रत्येक मनुष्य की अपनी प्राथमिकताएँ होती हैं, जो पृथक्-पृथक् स्तर पर परिलक्षित होती रहती हैं। उन प्राथमिकताओं की पृष्ठभूमि में उसकी चिन्तन की गहनता और विचार की परिपक्वता होती है। उसके लिए […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश की जनता को ‘हिन्दू-हिन्दुत्व’ और ‘मुसलमान-मुसलमानत्व’ का खेल मत दिखाइए; पहले स्वयं एक ‘मनुष्य’ बनिए, फिर अपने-अपने तरीक़े से भारत राष्ट्र को सुधारने का दावा कीजिए। यदि राष्ट्रहित में कुछ करने […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय संयुक्त अरब अमीरात में भारत की आन्तरिक राजनीतिक गतिविधियों पर नकारात्मक विचार व्यक्त करते समय आपको लज्जा नहीं आयी? वहीं जब आपके पगचिह्नों पर चलते हुए, विपक्षी नेता राहुल गांधी और अन्य […]
कोमल गुप्ता जी- रानियां जब रजस्वला होती थीं तो बिना शृंगार के आरामदायक वस्त्रों में रहतीं। राजकार्यों से दूर रहतीं और अधिक से अधिक आराम करतीं। इससे लगभग सभी को पता होता था कि वे […]
कछौना(हरदोई): परिषदीय विद्यालयों की दशा व शिक्षण कार्य विभागीय अधिकारियों की खाऊ-कमाऊ नीति के चलते दिन पर दिन स्तर सुधरने के स्थान पर गिरता चला जा रहा है जहाँ अभिभावकों का मोह भंग हो रहा […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘हिन्दू-मुसलमान’ की राजनीति करनेवाले देश के युवा बेरोज़गारो! पहले अपनी सामाजिक स्थिति सुदृढ़ करो। इसके लिए तुम सभी को प्रत्येक स्थिति में स्वावलम्बी बनना होगा। तुम्हें ‘राष्ट्र का कर्णधार’ कहकर तुम्हारे साथ […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- कासगंज (उत्तरप्रदेश) इन दिनों साम्प्रदायिकता की आग में धधक रहा है और वहाँ का प्रशासन पर्याप्त सुरक्षाबल उपलब्ध होने की बात करने के बाद भी उपद्रवियों पर अंकुश लगाने में असफल सिद्ध […]
कोमल गुप्ता – मैं फिल्मों को मनोरंजन के साधन से अधिक महत्त्व नहीं देती। लेकिन प्रश्न है कि, ‘जोधा, मीरा, राधा, पद्मावती, सीता ही क्यों? द विन्ची कोड में क्राइस्ट के पुत्र जन्म पर बहुत […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – आज (२४ जनवरी, २०१८ ई०) करणी सेना के आतंकियों ने अपने को क्षत्रिय और हिन्दूवादी सिद्ध करने के लिए गुरुग्राम, हरियाणा में चेहरा ढँककर जिस तरह से स्कूल-बस में बैठे निर्दोष-निष्पाप […]
पीयूष कुमार- अप्रैल 2016 को संयुक्त राष्ट्र सभा ने 2016-25 के दशक को पोषण में सक्रियता लाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना है। जुलाई 2016 में ही वित्त मंत्री सहित अन्य मंत्री, वरिष्ठ नौकरशाह एवं […]
दिवाकर दत्त त्रिपाठी- आज का युवा अपने आपको आधुनिक कहलवाने की चाह में भौतिकता की आग मे कुछ इस तरह कूद पड़ा है कि उसे यह तक आभास नहीं है कि वह जो कर रहा […]
आशीष सागर – उस पेड़ को जिसने कई पीढ़ियों को बिना किसी भेद भाव ,रंग-भेद के शुद्ध प्राणवायु प्रदान की ! जिसने छाँव में अब तक असंख्य जीव जन्तुओ -परिंदो को आश्रय दिया ! अपनी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश का नेतृत्व जब न्यस्त स्वार्थों के कारण राष्ट्रहित की अनदेखी करता है तब उसके ‘सत्ता’ में बने रहने के औचित्य पर सीधा प्रश्न आ खड़ा होता है; उसका अस्तित्व निराधार-सा दिखने […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक), इलाहाबाद- वस्तुत: परिवार, समाज, राज्य तथा राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में नारी-समुदाय की प्रमुख भूमिका रही है परन्तु इस लक्ष्य तक पहुँचने में उन्हें दीर्घकालीन ऐतिहासिक संघर्ष करना पड़ा है। वह […]
सौन्दर्या नसीम- ख़बर सुन रही हूँ कि तीन दहशतगर्द हिंदुस्तान में घुस आए हैं, जो अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन से वास्ता रखते है और मेरी तरह पश्तो ज़बान बोलते हैं। पाकिस्तान में उन्हें ट्रेनिंग दी गई […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- सम्मानित देशवासीगण! आज भारत राष्ट्र की अखण्डता, एकता तथा सम्प्रभुता संकट में है। अपने देश का लोकतन्त्रीय ढाँचा ध्वस्त होने की स्थिति में है। इसके लिए देश का सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष उत्तरदायी […]
आज १३ जनवरी के दिन उत्तर भारत में लोहड़ी त्योहार मनाया जाता है। यह मकर संक्रान्ति के एक दिन पहले मनाया जाता है। मकर संक्रान्ति की पूर्वसंध्या पर इस त्यौहार का उल्लास रहता है। रात्रि […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – भारत में उच्चतम न्यायालय के चार न्यायाधीशों ने कल (१२ जनवरी, २०१८ ई०) भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र पर स्वेच्छाचारिता का आरोप मढ़ते हुए, अपना विरोध सार्वजनिक कर दिया है। […]
साभार – जनवादी लेखक संघ भारत ‘आख़िरी क़लाम’ जैसे अविस्मरणीय महाकाव्यात्मक उपन्यास और ‘रक्तपात’, ‘रीछ’, ‘धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे’, ‘माई का शोकगीत’ जैसी लम्बे समय तक चर्चा में बनी रहने वाली कहानियों के लेखक, जनवादी लेखक संघ […]
सुधान्शु बाजपेयी- अपना संपूर्ण जीवन साहित्य साधना को समर्पित करने वाले अद्वितीय गद्यकार व ऐतिहासिक उपन्यास, कथाओं के रचनाकार रमाकांत पांडेय अकेला को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान ने साहित्य भूषण से सम्मानित किया है । […]
मणि सत्यनारायण तिवारी – आज जो लिख रहा हूँ उसे पढ़ने के बाद बहुत लोग आसानी से मुझे अपने द्वारा बांटी गयी दो श्रेणियों में से एक श्रेणी का घोषित कर देंगे । महाराष्ट्र में हुई […]
सुधान्शु बाजपेयी- कश्मीर एक बार फिर तड़प रहा है, अपनी नियति खुद तय करने के लिए, मगर उसकी पीड़ा, उसकी आह सुनने वाला कोई नहीं । कश्मीर पर ऐसे बात की जा रही है जैसे […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘तीन तलाक़’-जैसे विवादास्पद और ‘संवेदनशील’ विषय पर देश के शीर्षस्थ न्यायालय उच्चतम न्यायालय की संविधानपीठ के न्यायाधीशों ने बहुमत से यह माना था कि तीन तलाक़ का प्रयोग जिस तरह से किया […]
आशीष सागर- सभ्य लोग अब तो विलियम हंटर और मैक्स मूलर ( विलियम हंटर कमीशन ) के माध्यम से विकृत की गई मनु स्मृति भी जलाने जा रहे है । जिसमें हिन्दू धर्म / कर्म […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- हमने जब अँगरेज़ी तिथि, माह तथा वर्ष अङ्गीकार कर लिये हैं तब उन्हें ‘आङ्गल’ कहकर, उनका तिरस्कार करना बुद्धिमत्ता नहीं। जीवन-मरण की गणना भी उन्हीं के आधार पर की जाती हैं; […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’- मेरा गांव मेरा देश मेरा ये वतन , तुझपे निसार है मेरा तन मेरा मन । आदित्य कुछ सोचते हुए कहता है कि ऐसा ही होता है गांव ? जहाँ हर […]
क्रांतिप्रिया- ‘देखो बेटा ‘काउ आई। चलो उसे रोटी देंगे। बुलाओ- आजा काउ, आजा काउ। दो साल के छुटके को उसकी मां गाय को रोटी देना सिखा रही थी। बच्चा काउ-काउ करके उसे बुला रहा था, […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश की जिस विदेशनीति पर एक वर्ग-विशेष गर्व कर रहा है, वह इस विषय पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से बचता आ रहा है कि पाकिस्तान भारत की हर नीति […]
महेन्द्र महर्षि, गुरुग्राम (से.नि. वरिष्ठ प्रसारण अधिकारी, प्रसार भारती)- भारत का अमेरिका और इस्राईल के मामले में स्वतंत्र फ़ैसला शायद पाकिस्तान ने कभी सोचा भी नहीं होगा । वहाँ की फ़ौज कूटनीति को क्या समझे […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आश्चर्य होता है कि इलाहाबाद (उत्तरप्रदेश) में सड़कें बनायी जाती हैं और छ: माह के भीतर उनमें दरारें पड़ जाती हैं। यहाँ से ऐतिहासिक राष्ट्रीय राजमार्ग ‘ग्रैण्ड ट्रैंक रोड’ गुज़रती है परन्तु […]
बौद्धिक परिसंवाद-आयोजन संयोजक-सूत्रधार : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यहाँ हमने ‘मुक्त मीडिया’ के उन मित्रों के विचार आमन्त्रित किये हैं, जो बौद्धिक धरातल पर उन्नत हैं। आपने कभी यह जानने का प्रयास किया है :—- देश […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पौने तेरह महीने तू-तू, मैं-मैं और न जाने क्या-क्या लोग करते रहे हैं और जैसे ही तेरहवें महीने के गर्भ से २०१८ वाँ फुदकने की तैयारी में है, लोग शिकवा-शिकायत-गिला की गठरी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- अनुरोध—इस क़िस्म की अनैतिक पत्रकारिता को इतना बाँटिए (Share) कि सम्बन्धित तन्त्र संचालित करनेवालों की आँखें खुल सकें। मीडिया–चरित्र-चाल-चेहरा (सारे प्रमाण मेरे पास हैं।) पहली घटना—– किसी गाँव के १४ साल की […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- बुद्धिजीवियों का एक वर्ग ऐसा है, जो ‘अवसरवादी’ चरित्र जी रहा है। उसकी ओर समय-समय पर टुकड़े फेंक कर, व्यवस्था-तन्त्र उसे अपने पक्ष में ‘भौं-भौं’ करने के लिए मीडिया के माध्यम से […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– वास्तव में, ‘समलैंगिकता’ और ‘लिव इन रिलेशनशिप’ एक प्रकार का व्यभिचार है; एक दुष्प्रवृत्ति है; पारस्परिक सहमति के बावजूद वह एक प्रकार का अपराध है, जो अब तक की आपराधिक घटनाओं से […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- पाकिस्तान के सैन्य कारागार में कुलभूषण जाधव से मिलने गयीं, उनकी माता और पत्नी के साथ पाकिस्तानी हुक़ूमत की ओर से किये गये अमानवीय दुर्व्यवहार के प्रति आज (२८ दिसम्बर, २०१७ ई०) […]
राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’- प्रधान संपादक, इण्डियन वॉयस 24 अब तो धर्मशत्रु पहचानो, भारत कहे पुकार के । सत्ता के लालच में तुम क्यों, चरणों में हो गद्दार के ॥ कब तक छद्म देश भक्ति, भारत […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- इस समय सम्पूर्ण देश शंका और संशय के गर्दो गुब्बार से ढँका हुआ है। भारतवासियों का स्वर्णिम भविष्य अनिश्चितताओं के कृष्ण मेघ ने आच्छादित कर रखा है। ‘अच्छे दिन’ दो दल बनाकर […]
आशीष दीक्षित सागर बांंदा- बाँदा से लेकर दिल्ली तक मीडिया में छाए बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित के लिए न देशभक्त आये और न कोई करणी सेना , बजरंग दल, शिवसेना । सैकड़ों लड़कियों को चरणदासी […]
महेन्द्र महर्षि ( सेवानिवृत्त अधिकारी, दूरदर्शन ) “हार गए लेकिन रिज़ल्ट अच्छा रहा – राहुल गांधी । कॉंग्रेस अध्यक्ष का यह वाक्य आज टी.वी. चैनलों […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ”तू-तू मैं-मैं” की राजनीति से सम्पूर्ण देश में बीभत्स परिदृश्य उपस्थित हो चुका है। इसके लिए भा०ज०पा० उतनी ही ज़िम्मेदार है जितनी कि काँग्रेस पार्टी है। प्रधान मन्त्री के पद पर काम […]
राज चौहान समूचे उत्तर प्रदेश में लगभग 8 लाख से ऊपर सरकारी स्कूल हैं, और इनमें पढ़ने बाले बच्चों को पढाई से लेकर खाना और कपड़े मुहैया कराना भी राज्य सरकार की जिम्मेदारियों के अंतर्गत ही आता […]
उत्तर प्रदेश पुलिस एसोसिएशन की वॉल से साभार- श्री आर एस यादव गुजरात के 1988 बैच के एक सीनियर आई पी एस अधिकारी हैं । इन्हें आज एडिशनल डी जी पी होना चाहिए […]
राज सिंह चौहान आज भारत ने भविष्य के उस खिलाड़ी को खो दिया, जो भारत के सर पर गोल्ड मेडल का ताज सजाता। मैंने कुछ वक्त पहले लिखा भी था, की शर्म करें मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- काँग्रेस और साम्यवादी अलग-अलग विचारधारा के रहे हैं और उनके विचार-व्यवहार कभी मौलिक नहीं रहे हैं, इसीलिए आदर्शपूर्ण सारे सिद्धान्तों को चुल्लू-भर पानी में डुबोते हुए, दोनों ने एक-दूसरे के साथ अप्रत्याशित […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- यहाँ पर दो शब्द हैं : ‘बीभत्स’ और ‘वीभत्स’। ‘मुक्त मीडिया’ की एक मित्र हैं, ‘सुधा मिश्र द्विवेदी जी’। सुधा जी रेलविभाग में ‘राजभाषा-अधिकारी’ हैं; कई भाषाओं की ज्ञाता हैं तथा ‘गोल्ड […]
सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ——० परिसंवाद-आयोजन०—— अभी हाल ही में देश के प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी पर काँग्रेस की ओर से की गयी ट्वीट अति निन्दनीय है और बीभत्स भी, जिसकी ‘मुक्त मीडिया’ भर्त्त्सना […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – आज देश में जितने भी राजनीतिक दल हैं, सभी में आपराधिक छविवाले नेता भरे हुए हैं। दु:ख का विषय है, इस समय विविध प्रकार के अपराधों में लिप्त रहे सर्वाधिक नेता वर्तमान […]
०परिसंवाद-आयोजन० सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कर्ण का दोष क्या था? पन्ना धाय के पुत्र का दोष क्या था? एकलव्य का दोष क्या था ? कबीर का दोष क्या था? ध्रुव का क्या दोष था? […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ‘पद्मावत’ महाकाव्य भारतीय परिभाषा के अन्तर्गत नहीं आता। उसे एक बृहद् खण्ड काव्य कहा जा सकता है, जिसमें कथा की धारा सर्गों में विभाजित न होकर, अविच्छिन्न रूप में प्रवहमान है। उसे […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- हमारे देश में ऐसे लोग की संख्या बहुत है, जो कहते हुए सुने जाते हैं : भाषा की शुद्धता ज़रूरी नहीं है; भाषा किसी भी तरह से सम्प्रेषित हो जाये, यही हमारा […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश का आर्थिक विकास हो रहा है तो प्रतिमाह फुटकर और थोक आर्थिक दर में वृद्धि क्यों और कैसे हो रही है?रोटी-कपड़ा-मकान क्यों महँगे होते जा रहे हैं? सरकार मनमाने तरीक़े से […]
राज चौहान (ब्यूरो प्रमुख हरदोई) भावनाओं के आगे देश का संविधान शून्य आ रहा नज़र पद्मावती विवाद मे संविधान बाद में पहले भावनाओं पर हो रहा ज़ोर पद्मावती विवाद से करणी सेना और भंसाली दोनों […]
प्रद्युम्न दीक्षित- उस समाज में महिलाओं का सम्मान कैसे बढ़ सकता है जहाँ आज भी दो पुरुषों की लड़ाई में गालियां माँ-बहनों को दी जाती हैं । इंसान के अंदर की इन्सानियत मर चुकी है […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश के स्नातक-उपाधि-प्राप्त समस्त अनियोजित (बेरोज़गार) युवाओं के लिए सरकार ‘मानधन’ देने की व्यवस्था करे, अन्यथा युवावर्ग दिग्भ्रमित हो जायेगा और नकारात्मक पथ का पथिक बनकर आत्महन्ता और दुर्द्धर्ष रूप को प्राप्त […]
मनहरण- हिन्दी दिवस की तैयारी पूर्ण हो गई थी। इस अवसर पर आदर्श मध्य विद्यालय के बच्चों एवं शिक्षकों के एक समूह द्वारा कविता पाठ, कहानी पाठ, कहानी लेखन प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया […]
राघवेन्द्र कुमार ”राघव”- प्राचीन धर्म ग्रन्थ कहते है ” जो धारण करने योग्य हो ” वह धर्म है | लेकिन आज के परिप्रेक्ष्य में धर्म आडम्बर से ज्यादा कुछ नहीं | हम किसी भी धर्म की […]
दिवाकर दत्त त्रिपाठी- आज पूरी दूनिया में शांति और सेवा की आड़ में धर्मपरिवर्तन करने वाले ईसाई ,कभी जेहादी आतंकवादियों से भी बर्बर थे । हिटलर के नेतृत्व में इन्होंने लगभग 60 लाख यहूदियों और […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- यह सुनकर और पढ़कर बहुत आश्चर्य होता है कि एक प्रकार के मिष्टान्न को लेकर भारत के दो राज्य आपस में भिड़ गये। पहले तो इसे लेकर वैचारिक संवाद होते रहे परन्तु […]
रिपोर्ट : आदित्य त्रिपाठी वर्तमान समय में हरदोई में 2467 प्राथमिक विद्यालय, 939 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 48 अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल संचालित किए जा रहे हैं । सर्व शिक्षा अभियान द्वारा विद्यालयों […]
महेन्द्र नाथ महर्षि (से. नि. अ. दूरदर्शन दिल्ली)- नृत्य क्या है ? क्यों किया जाता है ? इसका जबाब अगर परिभाषा और परंपरा में लपेट कर देने की कोशिश की जाए तो मुश्किल है। सरल […]
——-०परिसंवाद-आयोजन०——- सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विषय : देश की सरकार का जी०एस०टी० पर पलटी मारना, अनुभवहीनता का परिचायक है? जिस तरह से आज (१० नवम्बर, २०१७ ई०) देश की सरकार ने १७७ वस्तुओं पर […]
परिसंवाद-आयोजन संयोजक-सूत्रधार : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विषय : देश के किसानों के साथ ‘समर्थन मूल्य’ दिये जाने के नाम पर केन्द्र-राज्य की सरकारें अब तक घिनौना मज़ाक़ करती आ रही हैं? आज देश के १७ […]
विजय कुमार- नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध देश का अब तक का सबसे महत्वपूर्ण एवं बड़ा अभियान था जिसमे देश के जनमानस ने पूर्ण सहयोग व समर्थन किया।भले ही देश के […]
संयोजक-सूत्रधार : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय निस्सन्देह, यह गम्भीर विषय है; जिसका सामाजिक महत्त्व कम, परन्तु ‘राजनीतिक’ बहुत अधिक है। इसी ‘दलित’ शब्द को देश के राजनेताओं और मीडियाकर्मियों ने भारतीय समाज में इस रूप में […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आदित्यनाथ योगी और पिछली सरकार चलानेवालों में अन्तर ही क्या है? उत्तरप्रदेश की वर्तमान सरकार चलानेवाले अपने चरित्र को किस रंग में रँगेंगे? ० ब०स०पा०-प्रमुख मायावती ने सत्ता में आने के बाद […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज अपराह्न १२.३० के लगभग सत्ताधारी ‘बी०जे०पी०’ का बी०जे०पी० मुख्य कार्यालय दिल्ली में ‘दीपावली मंगल मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था और उसमें बी०जे०पी० के प्रमुख नेता नरेन्द्र मोदी सम्बोधन कर रहे […]
राजेंद्र, विश्व संवाद केन्द्र लखनऊ- राष्ट्रगान पर बहस करना अत्यंत मूर्खता है, समाज में कम से कम दो किस्म के लोग हैं जिसमें एक वे लोग हैं जो अपने माता-पिता को ईश्वर मानते हैं उनकी […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ‘धर्म’ और ‘मज़हब’ के नाम पर ठगी करनेवालो! पहली बात, तुम लोग ‘धर्म’ और ‘मज़हब’ का अर्थ ही नहीं जानते; दूसरी बात, कथित धर्म को लेकर इस सीमा तक मत गिर जाओ […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय गुजरात में पाटीदारों को पटाने के लिए ‘भारतीय जनता पार्टी ‘ के नेताओं ने १० लाख रुपये नक़्द दिये थे और फिर कहा कि शेष ९० लाख रुपये बाद में दिये जायेंगे। […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – देश और विदेश के समस्त ‘समाचार-चैनलवाले’ और समाचारपत्र-पत्रिकावाले “अक़्ल के अन्धे” और “बुद्धि के पैदल” हैं; अर्थात् ‘प्रिण्ट’ और ‘इलेक्ट्रानिक’ मीडिया का सारा तन्त्र “लकीर का फ़क़ीर” बना हुआ है; कैसे, समझें […]
राज चौहान (ब्यूरो प्रमुख हरदोई)- आइए पहले दीपावली की शुभकामनाएं दे दें, बाद में कहीं अगर हिंदुत्व को ठेस पहुँची तो शायद कुछ लोगों को स्वीकार न हो। दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं, रामलीला से लेकर […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- दीपवर्तिका की ज्वलनशीलता लोकमानस की सहनशीलता पृथक्-पृथक् पथ पर परिलक्षित होती हैं। दो समानान्तर दूरी पर चलते हुए भी संवाद करने के लिए कहीं-कोई ठौर नहीं बचता। किस हेतु लोक दीप जलाता […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- मैं एक सामान्य लेखक हूँ। मेरी आर्थिक स्थिति सामान्य स्तर की है। मैंने एक पुस्तक मुद्रित करायी थी। जब मुद्रक को भुगतान किया तब मैंने उस मुद्रक से ‘मुद्रित वैध कैशमेमो’ माँगा। […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ‘इण्टर पास’ विद्यार्थी, संगीत सोम, जो अब ‘भारतीय जनता पार्टी’ के प्रत्याशी के रूप में विधायक का चुनाव जीत कर उत्तरप्रदेश की राजनीति में पहुँचा है, क्या कहता है, सुनिए (वह विधायक […]