सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

ऐसे बेहूदे राजनेता देशद्रोही हैं; उनका बहिष्कार करें

March 17, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय “पहले लोग सोचते थे कि पिछले जनम मे हमने न जाने कौन-से पाप किये थे कि ‘भारत’ मे पैदा हुए थे।” जिस बेहूदे राजनेता ने विदेशी धरती पर जाकर ऐसा […]

ढोल गँवार सूद्र पसु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी॥

January 21, 2023 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनो गोस्वामी तुलसीदास की यह अर्द्धाली/चौपाई विवाद के केन्द्र मे है। दीर्घकाल से इस विवादास्पद चौपाई के सन्दर्भ मे विद्वज्जन, आलोचक- उपदेशक-समीक्षकगण आदिक अपने-अपने बुद्धि-स्तर से अर्थ, अवधारणा, आशय […]

धर्म और अधर्म के प्रेरणाप्रद संवाद से सीखें

January 20, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अधर्म ने धर्म से कहा, “धर्म भाई! मृत्युलोक मे ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं दिखता, जो तुम्हारे तात्त्विक रहस्य को जान सके; इसका कारण क्या है?” धर्म ने सारगर्भित उत्तर […]

आप उतना ही कहें जितना अपने कहे हुए को पूरा कर सकें

January 15, 2023 0

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश आप उतना ही कहें जितना अपने कहे हुए को पूरा कर सकें (कथनी-करनी एक-जैसी रहे और दिखे।) (सर्वाधिकार सुरक्षित― आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १५ जनवरी, २०२३ ईसवी।)

सरकारें को संवैधानिक दायित्व के निर्वहन मे पीछे क्यों

January 13, 2023 0

आखिर वर्तमान सरकारों को संवैधानिक दायित्व के रूप में चार काम (जनता के चार जनाधिकार – प्रतिव्यक्ति न्यायोचित रूप से पूर्ण शिक्षा-प्रशिक्षण/प्रतिपरिवार एक रोजगार के न्यायोचित अवसर व संसाधन/प्रति गाँव समानुपातिक सार्वजनिक सेवा-सुविधा व प्रत्येक […]

अशुद्धता के साथ हिन्दी का विस्तार औचित्यहीन है― आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

January 10, 2023 0

‘जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान’ (डाइट) की ओर से १० जनवरी को ‘विश्वहिन्दी-दिवस’ के अवसर पर संस्थान के सभागार मे व्याख्यान और कर्मशाला का आयोजन किया गया। आयोजन मे मुख्य अतिथि भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक आचार्य […]

सुख, सुरक्षा, सम्मान और उत्थान क्या है

January 5, 2023 0

सुख पाने के लिए इसे जरूर पढ़ें और आगे सभी को फॉरवर्ड भी करें…..! सारी दुनिया के लिए उलझा हुआ प्रश्न-सुख, सुरक्षा, सम्मान और उत्थान क्या हैं और कैसे प्राप्त हो सकता है, कृपया स्पष्ट […]

शिक्षा और रोजगार

January 4, 2023 0

इंसान का इंसान से हो भाईचारा।यही पैगाम हमारा, यही पैगाम हमारा।।और इस भाईचारे का न्यायोचित उपाय है- “शिक्षा और रोजगार”।अर्थात्-1● समाज में 25 वर्ष की आयु तक प्रत्येक नागरिक को मानवीय पात्रता के विकास हेतु […]

वर्ण, गोत्र, जाति और वंश

January 2, 2023 0

युवा जरूर पढ़ें यह आर्टिकल व अपनी प्रतिक्रिया भी लिखें…!! प्रश्न–जाति क्या है…?What is the caste…?उत्तर–जन्मतः प्राप्त उपाधि ही जाति है। जो जिससे जन्म लेता है वह उसी जाति की उपाधि वाला होता है। जैसे- […]

ये देश रहना चाहिए, लोकतंत्र अमर रहना चाहिए : अटल जी

December 25, 2022 0

“सत्ता का खेल तो चलेगा, सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियाँ बनेंगी, बिगड़ेंगी, मगर ये देश रहना चाहिए। इसका लोकतंत्र अमर रहना चाहिए।” -अटल जी बात 1994-95 की है। तब मैं कानपुर में रहकर बीएससी की पढ़ाई […]

एक यशस्वी पत्रकार के रूप मे महामना मदनमोहन मालवीय जी

December 25, 2022 0

आज (२५ दिसम्बर) महामना की जन्मतिथि/का जन्मदिनांक है। ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इलाहाबाद अध्यात्म, शिक्षा, भाषा, व्याकरण, साहित्य, पत्रकारिता, विधि, राजनीति आदिक क्षेत्रों मे देश का सर्वविख्यात सारस्वत केन्द्र रहा है। इस स्थान को […]

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN) आवंटन एवं कटौती को लेकर असमंजस की स्थिति और समाधान

December 20, 2022 0

राहुल पाण्डेय ‘अविचल’ भारत सरकार ने दिनांक 22 दिसंबर 2003 को अधिसूचना जारी करके दिनांक 1 जनवरी 2004 से सरकारी सेवा में आने वाले केंद्रीय कार्मिकों (सशस्त्र बलों को छोड़कर) के लिए पुरानी पेंशन की […]

मानव और मानवाधिकार दिवस

December 9, 2022 0

मानव अधिकार दिवस हर साल 10 दिसंबर को पूरे विश्व में मनाया जाता है। यह संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसंबर, 1948 को मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाने का जश्न मनाता है। तब […]

दिल्ली नगर निगम परिसीमन : कूटनीति, राजनीति और सत्ता प्रतिष्ठान का खेल

October 11, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’ (स्वतन्त्र पत्रकार, हरदोई)– तीन मौजूदा नागरिक निकाय, पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी), उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) 22 मई, 2022 को दिल्ली नगर निगम के रूप में एक इकाई में फिर से एकीकृत हो गए हैं । एकीकृत एमसीडी का प्रधान […]

हम अपने भीतर का रावण क्यों नहीं जला पाते?

October 6, 2022 0

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज का आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद-समारोह (पुनः प्रेषित– यह समारोह दो वर्ष पूर्व 27 अक्टूबर, 2020 ईसवी मे आयोजित हुआ था)। ‘बौद्धिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा सामाजिक संस्था ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में एक […]

जन्मतिथि विशेष : ‘वीर बलिदानी भगत सिंह’ एक महान सामाजिक चिन्तक

September 28, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– भारत माँ के लिए हँसते-हँसते जन कुर्बान कर देने वाले “नास्तिक” नहीं हो सकते । लेकिन मात्रभूमि का एक दीवाना अपने को नास्तिक कहता था । हजारों नवयुवकों के आदर्श शहीद-ए-आज़म […]

स्वामी विवेकानन्द ने मनसा-वाचा-कर्मणा लोक जनमानस में आत्माभिमान का अंकुरण किया

September 11, 2022 0

डॉ. निर्मल पाण्डेय (लेखक/ इतिहासकार) : 1893 का वर्ष- वैश्विक दृष्टि से एक अविस्मरणीय वर्ष। इस वर्ष एक ओर जहाँ शिकागो के विश्वधर्म सम्मेलन में विवेकानन्द ने हिन्दू धर्म दर्शन की सर्वसमावेशी स्वर्णिम गौरवशाली परम्परा […]

स्पोर्ट्स, मेडल और प्रमोशन : क्या सेना आज भी “काले अंगरेज़ों” की मुट्ठी मे है?

August 9, 2022 0

अंग्रेजी हुकूमत के दौरान सेना के लिए अंग्रेजों का एक ही नियम था- Welfare for officers, Discipline for jawans.”लेकिन ऐसा लगता है कि आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी सेना पर यही नियम लागू हो […]

जिसे हम एसीपी अजय सिंह राठौर समझने की भूल करते रहे , वह वास्तव में गुलफाम हुसैन है

August 4, 2022 0

कभी आमिर खान का मैं जबरा फैन हुआ करता था। साल में केवल एक मूवी। और मूवी भी ऐसी कि जैसे उस मूवी के कैरेक्टर को खुद जीता था वह। मंगल पांडेय के लिए मूँछे […]

पुरस्कार-सम्मान का यथार्थदर्शन

August 4, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय दशकों पहले आधिकारिक विद्वान् और विषयज्ञाता को पुरस्कार से समलङ्कृत किया जाता था, तब उसके कर्तृत्व-विषय के प्रति एक जिज्ञासा उत्पन्न हो जाती थी; क्योंकि तब चयनकर्त्ता आधिकारिक हस्ताक्षर हुआ […]

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