जयति जैन नूतन- हमने अपने कृत्यों से प्राकृतिक संपदा को बहुत क्षति पहुंचाई है। निरीह पशुओं को कष्ट पहुँचाने के साथ-साथ पेड़ पौधों को भी नष्ट किया है। आज हम सभी एक वायरस की वजह से घरों में बंद हो गए और पशु-पक्षी, पेड़-पौधे स्वतंत्र हो गए। शायद प्रकृति भी यही चाहती थी । घरों में बंद होना ही काफी नहीं है, वक़्त की मांग है कि हमें अपने परिवार और अपना भरपूर ध्यान रखना होगा ताकि कोरोना जैसे अन्य वायरस हमें नुकसान न पहुँचा सकें। इसके लिए हमें अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना होगा ताकि किसी भी तरह के बैक्टीरिया और वायरस जब हमारे शरीर में प्रवेश करें तब हमारा प्रतिरक्षा तंत्र अपनी क्षमता को बनाए रखे और उन बैक्टीरिया- वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बना सके ताकि वह हमें नुकसान ना पहुंचा सके या यूं कह लें कि हम बीमार न पड़ सकें। इसके लिए हमें अपनी प्रतिरोधक क्षमता को कम नहीं होने देना है, घर में जो भोजन बना रहें हैं उसमें संतुलित- पौष्टिक और प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करना है। इसमें कोई शक नहीं कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अच्छी डाइट और उचित लाइफस्टाइल की जरूरत है। ऐसे में फिट और सेहतमंद बने रहने के लिए खानपान ।में कुछ बदलाव लाना बेहद जरूरी है। आइए जानें ऐसी चीजों के बारे में, जो प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं। 1] फल = विटामिन A & E- विटामिन A एवं विटामिन E एक प्रकार के शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो इंफ्लमैशन (सूजन) को रोकते है साथ शरीर में रोगों से लड़ने वाले कोशिकाओं को बढ़ाते है।फल जैसे- आम, खुबानी, संतरा, पपीता, खरबूजा, चकोतरा= विटामिन E- खुबानी, कीवी= विटामिन C- विटामिन सी में एंटीऑक्सिडेंट मौजूद होते हैं जो फ्री रेडिकल्स के कारण शरीर को होने वाले क्षति एवं संक्रमण से भी बचाते हैं । फल जैसे- नींबू, संतरा, अंगूर, पपीता, स्ट्रॉबेरी, आंवला, सेब=सेलेनियम- इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से प्रभाव एवं शरीर को रोगो के संक्रमण से बचाते हैं।फल जैसे- केले= पोटैशियम- नाशपाती, सेब2] सब्जियाँविटामिन A & E- गाजर, पीले व लाल शिमला मिर्च, कद्दू, शकरकंद, मिर्चविटामिन E- सरसो एवं शलगम का साग, ब्रोकोली, कद्दू विटामिन C– ब्रोकोली, हरी मिर्च, लाल व पीली शिमला मिर्च, टमाटर विटामिन D – मशरूम आयरन (लौह तत्व)– पालक, ब्रोकोली, सलाद पत्ता, साबुत अनाज, सेम, मटर, अंकुरित फलियां, हरी धनिया सेलेनियम– आलू, मशरूम 3] अंकुरित अनाज और दाल चना, मूंग, गेहूं, मोठ, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, तिल, अल्फाल्फा, अन्न, दालें और बीज अंकुरित भोजन में मैग्नीशियम, कॉपर, फॉलेट, राइबोफ्लेविन, विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन बी-6, नियासिन, थायमिन और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है। इसे चाहे नाश्ते के तौर पर लें, सलाद के तौर पर खाएं या फिर सूप के रूप में, यह शरीर को पर्याप्त पोषण देता है। अंकुरित दालों का सेवन सुबह या शाम के नाश्ते में सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इनमें दो या तीन तरह की दालें व सब्जियां मिलाकर खा सकते हैं। इन्हें स्वादिष्ट बनाने के लिए इनमें टमाटर, प्याज, धनिया, खीरा, नीबू, काली मिर्च और नमक जैसी चीजों को मिलाया जा सकता है। अंकुरित अनाज का सेवन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर बैक्टीरियल इंफैक्शन से बचाव करता है। साथ ही इससे डाइजेशन सिस्टम भी मजबूत होता है, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं नहीं होती। · बीन्स और मटर अंकुरित स्प्राउट होते हैं, जिसमें दाल, चना, मूंग बीन्स, सोयाबीन, राजमा व हरे मटर शामिल हैं। · सब्जी या पत्तेदार स्प्राउट्स में ब्रोकोली स्प्राउट्स, मूली, सरसों का साग और मेथी अंकुरित आहार होते हैं। · अंकुरित अनाज, जिसमें भूरा चावल, कुट्टू (buckwheat), क्विनोआ (quinoa), जई और अमरंथ (amaranth) स्प्राउट शामिल हैं। · नट और बीज स्प्राउट में मूली के बीज, बादाम, अल्फाल्फा (alfalfa), कद्दू, तिल और सूरजमुखी के बीज शामिल हैं। अंकुरित मूंग प्रोटीन, फाइबर और विटामिन-ए व सी का अच्छा स्रोत है, वहीं अल्फाल्फा स्प्राउट्स विटामिन-ए, बी, सी, ई और के से भरपूर है। अंकुरित दालें भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। वहीं, ब्रसेल्स स्प्राउट्स में विटामिन-के1 और सी सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा, इसमें अन्य मिनरल जैसे पोटैशियम व एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं। कुछ सावधानियां भी हैं जरूरी 0 राजमा को अंकुरित करके नहीं खाना चाहिए, क्योंकि अंकुरित राजमा विषैला हो सकता है। 0 एक साथ अधिक मात्रा में स्प्राउट्स खाना नुकसान पहुंचा सकता है।0 यदि एलर्जी की समस्या है तो स्प्राउट्स नहीं खाने चाहिए। 0 यदि अंकुरित भोजन खाने से पेट दर्द या फिर गैस होती है तो इन्हें लहसुन और टमाटर के साथ मिलाकर खाएं।0 अंकुरित भोजन हमेशा भूनकर खाएं।0 सूक्ष्मजीवों की उत्पत्ति को रोकने के लिए अंकुरित आहार को खाने से पहले गर्म पानी में डालें और फिर छानकर इसका सेवन करें। 4] सलाद सलाद के माध्यम से न केवल विटामिन्स, मिनरल्स की कमी पूरी होती है साथ ही शरीर में फाइबर्स की कमी भी पूरी होती है। खासकर बारिश के मौसम में सलाद का उपयोग बहुत सावधानी से किया जाना चाहिए। अगर थोड़ी भी असावधानी बरती गई तो फूड प्वाइजनिंग जैसी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। बारिश में इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है इसलिए कोशिश करें कि सलाद बनाने के पहले सब्ज्यिों और फलों को अच्छे से साफ कर लें। सलाद को खुला न छोड़ें। इससे संक्रमण हो सकता है। सलाद में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में पहले से सोडियम होता है इसलिए इसमें नमक नहीं मिलाना चाहिए। अगर आप सलाद में ऊपर से नमक डालते हैं तो सलाद से मिलने वाले पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। सलाद में नमक डालकर रख देने स इसमें से काफी मात्रा में पानी निकल जाता है। इसलिए पौष्टिकता बरकरार रखने के लिए सलाद को बिना नमक डाले ही खाना चाहिए। […]