पाँच राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनावों का विश्लेषण

December 12, 2018 0

राम वशिष्ठ- पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे कल देर रात तक प्राप्त हुए । इन चुनावों विशेषकर हिन्दी पट्टी के राज्य मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनावों को 2019 के लोकसभा […]

खूनी हैं हरदोई की सड़कें, एक साल में निगल गयीं 414 की जान

December 1, 2018 0

मनोज तिवारी -जिले भर में एक साल में हुए 775 सड़क हादसे -हादसों में घायलों की संख्या भी 373 -सामान्य अवस्था मे करीब 1 हजार से अधिक लोग घायल -हादसों से बचने के लिए पुलिस […]

हिन्दुओं के भीतर कितना ‘हिन्दू’?

November 4, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय                 इस देश में जितने भी लोग ‘हिन्दू’ की दूकानें खोल-खोलकर बैठे हुए हैं, उनमें से पाँच प्रतिशत भी ऐसे नहीं हैं, जो दस वाक्यों […]

उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग ने खड़ा किया ‘भयंकर अशुद्धियों’ का पहाड़!

November 1, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) दशकों से उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग की अयोग्यता उसका पीछा नहीं छोड़ रही है। इस आयोग की ओर से जितनी भी परीक्षाएँ आयोजित की जा रही हैं, सभी में प्रश्नपत्र तैयार करनेवाले […]

विश्व की राजनीतिक क्षितिज पर देदीप्यमान महानायिका इन्दिरा प्रियदर्शिनी की पुण्यतिथि (३१ अक्तूबर) पर सम्पूर्ण भारतवासियों की श्रद्धाञ्जलि

October 31, 2018 0

विश्व की राजनीतिक क्षितिज पर देदीप्यमान महानायिका इन्दिरा प्रियदर्शिनी की पुण्यतिथि (३१ अक्तूबर) पर सम्पूर्ण भारतवासियों की श्रद्धाञ्जलि :———————— अभूतपूर्व आत्मविश्वास और कठिनतर परिस्थितियों में भी धैर्य खोये बिना स्वविवेक से निर्णय करने की सामर्थ्य […]

अब ‘सी० बी० आइ०’ को ‘स्वतन्त्र’ अधिकार दिया जाये

October 26, 2018 0

 डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश की जिस सी०बी०आइ० को शीर्षस्थ परीक्षण/जाँच-अभिकरण माना जाता है, राजनीतिक षड़यन्त्र के कारण उसकी प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुँचा है। इससे सम्पूर्ण विश्व में एक अविश्वसनीय और शोचनीय सन्देश सम्प्रेषित हुआ […]

प्रयाग तो देश-देशान्तर में परिव्याप्त है, फिर इलाहाबाद तक ही क्यों?

October 15, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘प्रयाग’ अथवा ‘तीर्थराज प्रयाग‘ के सम्बन्ध में पुराणों का मत है कि प्रयाग उसे इसलिए कहा गया है कि वह समस्त तीर्थों में सर्वोत्तम और उत्कृष्ट तीर्थ है। देवताओं की यज्ञभूमि होने […]

पलायनवादी आक्रोश और ‘इन्क़िलाब ज़िन्दाबाद’

October 14, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज जिधर देखिए उधर, ‘पलायनवादी आक्रोश’। चेहरे निस्तेज; हथेलियों की आग बुझी हुई। दिखती है तो पिछवाड़े में बाँस डालकर ख़ुद को सबसे अधिक ऊँचाई पर खड़े रहने की थोथी ख़्वाहिश। यही […]

क्या प्रो. जीडी अग्रवाल (स्वामी सानंद) की मृत्यु को स्वाभाविक मान लिया जाए

October 13, 2018 0

सुधान्शु बाजपेयी (रिसर्च फेलो)- कल सुबह अखबार में प्रो. जीडी अग्रवाल (स्वामी सानंद) की त्रासद मृत्यु की खबर देखी तो ऐसे लिखी गई मानो वह स्वाभाविक मौत मरें हो, बगल में ही *प्रधानमंत्री का बेशर्मी […]

‘विकल्प’ पूछनेवाले देश में ‘भिक्षाशाला’ खुलवाने की प्रतीक्षा में हैं

October 11, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अपना देश बिखरता जा रहा है। केन्द्र और राज्य की सरकारें हमारे युवावर्ग के साथ ग़द्दारी करती आ रही हैं और अपने-अपने तरीक़े से देश के संसाधनों को लूटती जा रही हैं। […]

बैंकों के विलय से नहीं होगा ऋण-वसूली का कोई निदान

October 9, 2018 0

यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस के बैनर तले कर्मचारियों ने किया विरोध-प्रदर्शन   हरदोई। बैंकों की प्रमुख समस्या खराब ऋण हैं। बैंकों का विलय इन खराब ऋणों को वसूल करने का कोई समाधान नहीं है। […]

इलाहाबाद में गांधी जी : यह चिता नहीं, राष्ट्रयज्ञ का ‘हवनकुण्ड’ है!

October 2, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्राय: देखा गया है कि जीवन में ‘आकस्मिक’ और ‘अप्रत्याशित’ की विशेष भूमिका होती है; जैसा कि महात्मा गांधी जी के साथ हुआ था :– जाना कहीं था और चले गये कहीं […]

भारत के सैन्यतन्त्र का राजनीतीकरण क्यों?

September 30, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रश्न हैं– भारतीय सेना के ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का वीडियो ‘सार्वजनिक’ किसने और क्यों किया है? क्या भारतीय सेना के सारे सैनिक और शीर्षस्थ अधिकारी इतने अविश्वसनीय, दुर्बल, शिथिल तथा बौने पड़ चुके […]

अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ फैक्ट्री संचालक शातिर कारीगर गिरफ्तार

September 30, 2018 0

             हरदोई- पुलिस ने अवैध शस्त्रो के  जखीरे के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है, गिरफ्तार शातिर कारीगर अरसे से शस्त्र फैक्ट्री का संचालन करता […]

आओ! ‘व्यभिचार’ करें

September 28, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय क्या ये न्यायाधीशगण अपनी बहू-बेटियों-पत्नियों को पर-पुरुषों के साथ व्यभिचार करने की आज़ादी देंगे? चौकीदार के राजकाल में जो अब तक नहीं हुआ है, वह सब होगा; देखते रहिए। नैतिकता की पुस्तकों […]

शोध-क्षेत्र में हो रहे ‘क्षरण’ के लिए कौन उत्तरदायी ?

September 22, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय शोधकर्म के निर्देशक और परीक्षक अधिकतर ऐसे लोग ‘बनते’/’बनाये’ जाते हैं, जिनमें शोधविद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने और शोधकार्यों’ के सम्यक् परीक्षण करने की योग्यता नहीं रहती; क्योंकि ऐसे लोग बिना अध्यवसाय और […]

गम्भीर विषय– नरेन्द्र मोदी को पुन: सत्ता में लाने का औचित्य?

September 19, 2018 0

डॉ. पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देशवासी इस विषय पर गम्भीरतापूर्वक विचार करें :– यदि नरेन्द्र मोदी वर्ष २०१४ में चुनाव-पूर्व देश की जनता को दिखाये मीठे सपनों को अपने निर्धारित कार्यकाल में पूरा नहीं कर सकेे और […]

दोनों हाथों से देश को दूह रहीं केन्द्र और राज्य की सरकारें!

September 18, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष २०१४ में कच्चे तेल की क़ीमत ११० डॉलर प्रति बैरल थी और तब पेट्रोल की क़ीमत ७० रुपये प्रति लीटर थी। वर्ष २०१७ में कच्चे तेल की क़ीमत ४९.३ डॉलर प्रति […]

प्रत्येक भारतवासी पर कुल कितना क़र्ज़ है, सरकार बताये?

September 16, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय केन्द्र-सरकार को चलानेवाले लोग आम जनता की कमर तोड़ रहे हैं, फिर भी सत्तालोलुपों का जयगान करती अधिकतर जनता थकते-नहीं-थकती। आर्थिक और सामाजिक स्तर पर वर्तमान सरकार पूरी तरह से विफल सिद्ध […]

पारस्परिक समन्वय-सामंजस्य स्थापित कर, हिन्दी राष्ट्रभाषा का सम्मान प्राप्त कर सकती है

September 16, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हम किसी पर कुछ भी थोप नहीं सकते। इसी सन्दर्भ में हमें अपनी हिन्दी-भाषा को भी समझना होगा। इतिहास साक्षी है कि विश्व की भीषण समस्याएँ भी मिल-बैठकर सुलझा ली गयी हैं। […]

कल ढूँढ़ते रह जाओगे, ‘हिन्दी’ नहीं मिलेगी

September 13, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस ‘मुक्त मीडिया’, जिसे ‘सोसल मीडिया’ कहा जाता है, के माध्यम से ऐसी बड़ी संख्या उनकी है, जो चक्षुसहित रहते हुए भी ‘नेत्ररहित’ लक्षित होते हैं। यत्र-तत्र-सर्वत्र ऐसों की ही उपस्थिति है। […]

खबरदार हिन्दू सो रहे हैं —

September 13, 2018 0

Ram Vashishtha- आपको चार्ली हैब्दो याद हैं या भूल चुके हैं ? दरअसल इस्लाम धर्म के पैगंबर मुहम्मद साहब ने मुसलमानों को चित्र बनाने की मनाही की थी और उनका कोई चित्र उपलब्ध नहीं है […]

देश की जनता किसी भी प्रकार का ‘कर’ (टैक्स) क्यों दे?

September 8, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय धर्म और राजनीति की गलबँहिया का परिणाम— सारे बाबा-बाबियाँ फल-फूल रही हैं। नेतागण आश्रमों में जाकर प्रकारान्तर से ‘वोट की राजनीति’ करते आ रहे हैं। आज राम का प्रभाव इसलिए नहीं दिख […]

विचार हमारा शस्त्र है और शास्त्र भी, विचार को गोलियों से नहीं दबाया जा सकता

September 7, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे पास ‘विचार’ है, जो हमारी उष्मा है और ऊर्जा भी; वही हमारा शस्त्र है और शास्त्र भी। हम व्यक्ति-विशेष के समर्थक और विरोधी नहीं हैं, प्रत्युत हम गुण-अवगुण के आधार पर […]

अवसरवादियों को पनपने न दें; उखाड़ फेंकें!

September 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ऐसे निकृष्ट लोग, जो हर तरह की कुव्यवस्था के साथ गलबहियाँ करते हैं, जब साहित्य की किसी भी विधा में अथवा विमर्श-वाचन-व्याख्यान अथवा किसी भी प्रकार के लेखन के माध्यम से किसी […]

देश का बुद्धिजीवी-वर्ग और राजनीतिक विपक्षी दल बिना रीढ़ की हड्डी का!

September 5, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश की लोकघाती सरकार आर्थिक नीतियों को लागू कर विभिन्न क्षेत्रों में मूल्य-वृद्धि करती जा रही है। पेट्रोल-डीजल के मूल्य आसमान छू रहे हैं; रुपये का लज्जाजनक अवमूल्यन हो चुका है; घृणा […]

हमारे पिछड़ेपन का कारण मुफ्तखोरी

September 2, 2018 0

विजय कुमार (अजुहा, कौशांबी) जानते हैं हमारा देश पिछले साठ सालों मे क्यों पिछड़ता गया क्योंकि पिछली सरकारों ने राज करने के लिए सबसे आसान एजेंडे मुफ्तखोरी को बढ़ावा दिया और यह धीरे-धीरे हमारी मानसिकता […]

प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी! देश को मत बाँटिए

September 1, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पिछले सवा चार वर्षों में देश की वास्तविक आर्थिक विकास की कितनी दुर्गति हुई है, इस पर तटस्थ रहकर अब विचार करने की आवश्यकता है। १ डॉलर = लगभग ७१ रुपये का […]

आधुनिक युग मे हिन्दी उपेक्षित क्यों ?

August 23, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” (कवि, साहित्यकार) हिन्दी हमारी राजभाषा है। ये जन जन की भाषा बने इस हेतु हम सभी प्रयासरत हैं। आज़ादी के 72 वर्षों के बाद भी हिन्दी उपेक्षित है। आधुनिक युग की भाषा […]

अटल जी के ‘अस्थिकलश’ में भरे हैं, चुनावी गणित अपने पक्ष में करने के सूत्र

August 23, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यहाँ रखे इन सभी कलश में स्मृति-शेष श्रद्धेय अटलबिहारी वाजपेयी जी की अस्थियाँ भरी हुई हैं, ऐसा बताया जाता है। देश के प्रधान चौकीदार को, देश की जनता ने जिस कार्य के […]

‘विश्व हिन्दी-सम्मेलन’ का उतरता मुखौटा और नंगा होता आयोजन का अभिप्राय!

August 23, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल (२१ अगस्त, २०१८ ईसवी) इलाहाबाद का एक हिन्दी-दैनिक समाचारपत्र देख रहा था। उसमें इलाहाबाद के उन लोग का नाम और चित्र था, जिन्हें मारीशस में सम्पन्न विश्व हिन्दी सम्मेलन में आमन्त्रित […]

लोक-विरुद्ध होता सत्ता-प्रतिष्ठान

August 18, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इतिहास से सीख न लेने पर महान् शक्तियाँ भी पराजित होती रही हैं। एक शक्तिसम्पन्न व्यक्ति जब ‘बलप्रयोग’ करते हुए, अतिरेकता की ओर बढ़ता है तब उसकी बुद्धि किस समय पलटी खा […]

अटलबिहारी जी और नरेन्द्र मोदी जी में ज़मीं-आसमाँ का अन्तर

August 17, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अटलबिहारी वाजपेयी जी और नरेन्द मोदी जी में तुलना-स्तर पर ‘ज़मीन और आसमान’ का अन्तर है। अटल जी में कूट-कूटकर ‘मनुष्यता’ भरी हुई थी। वे सच्चे अर्थ में ‘राष्ट्रवाद’ के पोषक थे। […]

आज सर्वत्र ‘असमाधान’ की हवा क्यों?

August 13, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज घर-परिवार अशान्त लक्षित हो रहे हैं। किसी में भी धैर्य धारण करने की सामर्थ्य लक्षित नहीं हो रही है। सारे ऐश्वर्य-वैभव के भोक्ता हम ही रहें, स्वार्थपरक ऐसा विचार जैसे ही […]

दोगलों’ की कोई ‘जाति’ नहीं होती

August 11, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय दो ही जातियाँ हैं :— पहली, महिला (प्रकृति) की और दूसरी, पुरुष की; परन्तु ‘दोगलों’ की कोई जाति नहीं होती, जो ‘रंग और रूप’ बदलने में माहिर होते हैं। जैसे हाथी के […]

आश्रयगृहों को खोले जाने के वास्तविक उद्देश्य पर कोई बात नहीं कर रहा

August 9, 2018 0

विजय कुमार – कल के समाचार पत्र में एक खबर पढ़ी कि हमारी महिला एवं बाल विकास मंत्री माननीया श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी जी ने देवरिया की शर्मनाक घटना के संबंध मे टिप्पणी की कि […]

“पत्रकारों को क्या ‘पार्टी’ बनना चाहिए”

August 8, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज एक विचित्र-सा सम्प्रेषण देखा, जो दैनिक जागरण, इलाहाबाद में महाप्रबन्धक रह चुके श्रीवास्तव जी का है, जिसका शीर्षक उपर्युक्त है। वे क्या कहना चाहते हैं, कुछ सुस्पष्ट नहीं है। बहरहाल, मैंने […]

उत्तरप्रदेश-शासन प्राथमिक अध्यापक-पद पर नियुक्ति के लिए कब गम्भीर होगा?

August 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उत्तरप्रदेश में १० लाख सरकारी पद रिक्त हैं, जिनमें से २ लाख २४ हज़ार ३२७ स्थान मात्र प्राथमिक शालाओं में रिक्त पड़े हैं। वस्तुस्थिति यह है कि महीनों से लखनऊ में बी०एड्०-टेट […]

सभी राजनीतिक दल संवेदनहीन; एकमात्र विकल्प ‘नोटा’

August 5, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनों देश के अधिकतर राज्यों में आवृष्टि (बाढ़) से जड़-चेतन गम्भीरावस्था में हैं। केन्द्र-राज्य की सरकारों के मठाधीश निष्क्रिय दिख रहे हैं; वहीं विपक्षी दलों के ठीकेदारों की ज़बान पर ताले […]

सिने-संसार का निराला व्यक्तित्व : आभास कुमार गांगुली उर्फ़ किशोर कुमार

August 4, 2018 0

आज (४ अगस्त), जिनकी जन्मतिथि है :—- डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ० ”ज़िन्दगी का ये सफ़र है ये कैसा सफ़र, कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं।” उनका नाम था ‘आभास कुमार गांगुली’। १९४६ ईसवी में ‘शिकारी’ […]

गुरु-शिष्य-सम्बन्ध : अब समाप्ति की ओर!

August 4, 2018 0

———० खरी-खोटी ०——– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अतीव तीव्र गति में गुरु-शिष्य-सम्बन्ध क्षरण को प्राप्त हो रहा है; कारण के मूल में आन्तरिक और बाह्य परिवेश हैं। अब घर-परिवार के भी सम्बन्ध तिक्त होते जा रहे […]

सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज का मंत्र देने वाले प्रभु श्री कृष्ण के अवतरण दिवस पर विशेष

August 2, 2018 0

राघवेन्द्र कुमार राघव- ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का मन्त्र विश्व को देने वाले भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव ही कृष्णजन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। योगेश्वर श्री कृष्ण के भगवद्गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए […]

दो हज़ार रुपये दीजिए और तुलसी, कबीर, मीराँ, प्रेमचन्द, महादेवी, निराला, अज्ञेय, मुक्तिबोध इत्यादिक को अपने ‘घर’ ले आइए!

July 31, 2018 0

– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आपकी लेखनी यदि ‘पराधीनता’ की ओर बढ़ने के लिए मचल रही हो तो उसे पहले दुलराइए-पुचकारिए- समझाइए; उसके बाद भी उस धृष्ट की अक्खड़पना दूर न हो तो झट उस लेखनी […]

किसी पर भी “वन्दे मातरम्” कहने का दबाव क्यों?

July 28, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कोई यदि कहता है— हमारा धर्म कहता है कि हम ‘अल्लाह’ के अलावा और किसी की पूजा नहीं कर सकते; परन्तु वह व्यक्ति इस धरती माँ के साथ बेइन्तिहाँ मुहब्बत करता है। […]

‘आरक्षण’ के विरुद्ध अब ‘समग्र आन्दोलन’ अपरिहार्य 

July 26, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय किसी भी जाति-वर्गादिक को आरक्षण न देकर, ‘आर्थिक स्थिति’ के आधार पर उनकी आर्थिक दशा सरकार सुधारे और उन्हें इस योग्य बनाये कि उनका भविष्य सुखद हो जाये। आरक्षण से उत्पन्न सामाजिक […]

फ़िलहाल, ‘नोटा’ के अलावा और कोई रास्ता नहीं

July 25, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जी०एस०टी० विधेयक को क़ानून बनाने का औचित्य क्या रहा है? १- किस दवा और चिकित्सीय सामग्री के मूल्यों में कमी हुई है? २- खाने-पीने की किस वस्तु के दाम में कमी हुई […]

भारत की ‘सत्ता’ की राजनीति में ‘म’ की दमदार उपस्थिति!

July 25, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की राजनीति में इस समय ‘म’ का अत्यन्त महत्त्व है, क्योंकि सत्ता प्रत्यक्षत: तीन प्रकार के चरित्रवाले ‘म’ के मुँह लग चुकी है। ‘म की माया’ विलक्षण है। हमारे क्रान्तिधर्मी कवि […]

बिहार में जघन्य और बीभत्स काण्ड!

July 23, 2018 0

——० ज्वलन्त विषय ०—– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज सम्पूर्ण देश में एक ‘बालिका से लेकर वृद्धा’ तक के साथ जिस तरह का दुराचरण किया जा रहा है; बलप्रयोग करते हुए, उनके साथ जघन्य और बीभत्स […]

नरेन्द्र मोदी के लिए शराब ‘बुराई’ है और ‘कमाई’ भी!..?

July 21, 2018 0

 डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वाह, नरेन्द्र मोदी वाह! कमाल कर दिया!वक्ता हो तो नरेन्द्र मोदी-जैसा। हमारे युवा-वर्ग को मोदी ने ही आश्वासन दिया था– ‘मेरी सरकार’ आयेगी तो प्रतिवर्ष दो करोड़ युवाओं को रोज़गार देगी। अब […]

समाचार-चैनल ‘ज़ी हिन्दुस्तान’ का ‘थप्पड़-काण्ड’

July 19, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्राय: देखा गया है कि जब महिला-पुरुष के मध्य विवाद अथवा हाथापाई होती है तो हमारा ‘अन्धा समाज’ बिना सोचे-समझे निराधार होकर ‘महिला’ का पक्षधर बन जाता है; क्योंकि विवेकहीन लोग ‘भीड़’ […]

अपंग-असमर्थ राजनेता ‘सम्प्रदाय’, ‘जाति’ तथा ‘वर्ग’ का सहारा लेते हैं

July 17, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- हमारे प्रथम श्रेणी के राजनेताओं की आँखों में विश्वासघात के चित्र झिलमिलाते आ रहे हैं। वे आत्मविश्वास, आत्मबल तथा इच्छाशक्ति से रहित हैं; चरित्र, चाल, चेहरे से क्षत-विक्षत हैं; मनसा-वाचा-कर्मणा हीनतम हैं; […]

देश की जनता के रुपयों पर कब तक ‘ऐश’ होता रहेगा?

July 16, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे देश के प्रधानमन्त्री कहते हैं : मैं ‘जनता का सेवक’ हूँ; मैं आप सबका ‘प्रधान चौकीदार’ हूँ; परन्तु विडम्बना देखिए, उनका काम ‘चौकीदारी’ का और मीडिया की सुर्ख़ियों में बने रहते […]

सावधान! ‘दो-तिहाई’ देश को चुनौती दे रही, हमारी ‘परा-प्रकृति’

July 15, 2018 0

डॉ. पृथ्वीनाथ पाण्डेय-     ‘दो-तिहाई’ शब्द देश में सत्ता-सुख भोगने के लिए है; राजधर्म से वंचित रखने के लिए है तो ‘निरंकुशता’ का चरित्र जीने के लिए है। हाँ, दो-तिहाई बहुमत प्राय: पूर्णत: विश्वसनीय सिद्ध […]

‘रिश्वतख़ोरी’ और ‘दलाली’ हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है

July 14, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘मुण्डकोपनिषद्’ से लिया गया राष्ट्रीय आदर्श वाक्य ”सत्यमेव जयते” को निरस्त कर, देश के समस्त निजी, शासकीय-अर्द्ध-शासकीय कार्यालयों, प्रतिष्ठानों, साहित्यिक संस्थानों, अधिष्ठानों, परिषदों, समितियों, मण्डियों, मन्त्रालयों, न्यायालयों, संसद्, विधानमण्डल, विधान परिषद्, विधानसभा […]

देश की समाचार-चैनलों और समाचारपत्र-पत्रिकाओं का नंगा सच!

July 12, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘भाषा-परिष्कार-समिति’ केन्द्रीय कार्यालय, इलाहाबाद   अब अनिवार्य हो गया है, देश के मीडिया-तन्त्र (मुद्रित-वैद्युत) में प्रत्येक स्तर पर काम करनेवाले-वालियों संवाददाताओं, समाचारलेखकों, समाचारवाचकों, सम्पादकों, प्रधान सम्पादकों, प्रूफ़-संशोधकों उद्घोषकों, सूत्रधारों इत्यादिक के लिए ‘मीडिया-पाठशाला’ […]

निर्भया (रागिनी) सामूहिक बलात्कार और हत्या-प्रकरण के दुर्दान्त अपराधियों को ‘मृत्युदण्ड’ कब?

July 10, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की न्याय-पद्धति और न्याय-प्रक्रिया कितनी शिथिल है, इसका प्रमाण प्रस्तुत करता है, ‘निर्भया सामूहिक बलात्कार और जघन्य हत्या-प्रकरण’। पाँच वर्षों से भी अधिक की अवधि व्यतीत हो चुकी है; परन्तु देश […]

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के विश्वासघाती खेल का सच!

July 10, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का औचित्यविहीन गीत गानेवालो! हमारी उन बेटियों को पढ़ाने में तुमने कितने रुपये की सहायता की है, जो ढंग से दो वक़्त का भोजन तक करने में पूर्णतः समर्थ […]

बलात्कार :- यह एक साइकोलॉजीकल ट्रॉमा है

July 7, 2018 0

उपेन्द्र यादव  किसी भी महिला के लिए बलात्कार का शिकार होना बहुत बड़ा हादसा है। शायद उसके लिए इससे बड़ी त्रासदी कोई है ही नहीं। बदकिस्मती से अपने देश में महिलाओं से बलात्कार की दर […]

सॉरी, आपको गलतफहमी हुई, मैं वैसी लड़की नहीं

July 7, 2018 0

इशा थानकी ‘अकीरा’ और ‘जतिन’ की मुलाकात सोशल मीडिया से हुई और धीरे-धीरे वे एक-दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त बन गये तब एक दिन सुबह-सुबह ‘जतिन’ ने मोबाइल पर चैट करते हुये ‘अकीरा’ से जैसे […]

अध्यापक-वर्ग की ‘घटती प्रतिष्ठा’ के लिए कौन है उत्तरदायी?

July 5, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक वह समय था, जब अध्यापक की सारे समाज में सर्वाधिक मान-प्रतिष्ठा हुआ करती थी और एक समय आज का है, जब अध्यापक समाज की दृष्टि में पतित होता जा रहा है। […]

देश आर्थिक ग़ुलामी की ओर!

July 3, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘नोट-परिवर्त्तन’ (नोटबन्दी), ‘जी०एस०टी०’, ‘अघोषित मूल्यवृद्धि’ आदिक कृत्यों के परिणाम देश के सम्मुख नकारात्मक रूप में आ चुके हैं। जो भी लाभ मिला, वह सरकार के राजस्व के पक्ष में रहा और देश-नेतृत्व […]

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का मानस पुत्र बनने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

July 3, 2018 0

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का मानस पुत्र बनने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका -13 दिन की सरकार गिरने पर संसद में अटल बिहारी बाजपेयी के भाषण सुनने के बाद माना पिता -अटल […]

अप्रासंगिक होती भारतीय जातिव्यवस्था

July 2, 2018 0

 डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के शीर्षस्थ न्यायमन्दिर ‘उच्चतम न्यायालय’ के विधिज्ञ न्यायाधीशगण ‘भारत’ से ‘जाति-व्यवस्था’ सदैव के लिए समाप्त करने-हेतु , स्वत: संज्ञान करते हुए, कोई लोकवादी निर्णय करने की स्थिति में आ सकते हैं; […]

पुलिस बल का सहयोग लेकर बाल श्रमिकों का चिन्हीकरण करना सुनिश्चित करेंः-डी0एम0

July 1, 2018 0

जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बताया है कि बाल श्रमिकों के चिन्हीकरण हेतु अभियान 01 जुलाई से 05 जुलाई तक तहसील सदर, बिलग्राम, शाहाबाद तथा सण्डीला में चलाया जायेगा। उन्होने बताया कि 01 जुलाई को तहसील […]

‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का ‘वितण्डावाद’!

June 29, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रश्न हैं– भारतीय सेना के ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का वीडियो ‘सार्वजनिक’ किसने और क्यों किया है? क्या भारतीय सेना के सारे सैनिक और शीर्षस्थ अधिकारी इतने अविश्वसनीय, दुर्बल, शिथिल तथा बौने पड़ चुके […]

आइए! आरक्षण और प्रति-आरक्षण का मुखर ‘विरोध’ करें

June 27, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘आरक्षण’ का परिणाम और प्रभाव देश को अयोग्य और असमर्थ की पंक्ति में ला खड़ा करेगा और एक दिन ऐसा भी आयेगा, जब देश पर ‘नितान्त’ अक्षम, मूल्य और संस्कारविहीन लोग शासन-प्रशासन […]

भारतीय समाज में आरक्षण का औचित्य?

June 27, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय केन्द्र-शासन की आरक्षण-नीति की स्पष्ट मंशा अब समझ में आने लगी है कि देश को योग्य, कर्मठ तथा प्रतिभाशाली जातियों की आवश्यकता नहीं है। या तो संख्या के आधार पर जातियों को […]

‘उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग’ के कल-पुर्ज़ों में ‘ज़ंग’ लग चुका है?…!

June 23, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग’ ईंट, बालू-सीमेण्ट गारे का बहुप्रकोष्ठीय एक भवन है। वह भवन तो सदैव ‘अचेतन’ की अवस्था में रहा है। ऐसे में, वहाँ से दशकों से भ्रष्टाचार की सन्दूषित गन्ध निकल […]

देश की सरकार पाकिस्तान के सम्मुख घुटने टेकते आ रही है!..?

June 14, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं पर भारत-सरकार की नीतियाँ कितनी खोखली हैं और राजनीतिक इच्छाशक्ति का कितना अभाव है, सुस्पष्ट होता जा रहा है। भारत की सामरिक नीतियों को अपने कूटनीतिक आचरण से पाकिस्तान ध्वस्त […]

देश के प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी! कहाँ छुपे हो?

June 13, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे चार सैनिकों की हत्या आज (१३ जून, २०१८ ई०) पाकिस्तान ने कर दी है, जिसके लिए ‘तुम’, सिर्फ़ ‘तुम’ उत्तरदायी हो। तुम्हारी रक्षा और विदेशनीतियाँ निहायत खोखली हैं। न तुम्हारी सरकार […]

तथाकथित नारी-विमर्श का ‘सच’

June 12, 2018 0

नारी को जहाँ तक सम्भव है, सब तरह से बाँध कर रखना; पुरुष का एकान्त अनुगत कर देना, यह समाज-व्यवस्था के लिए कार्यकर होने पर भी समाज-जाति की प्रगति के लिए एक अन्तरार्थ है; क्योंकि […]

शिवराज सिंह चौहान ! उत्तर दीजिए

June 12, 2018 0

आपने जब किसानों की फ़सल के लिए समर्थन मूल्य घोषित किया था तब किसानों की फ़सल आपने नहीं ख़रीदी थी, क्यों? किसान के खाद्यान्न बिचौलिये औने-पौने मूल्य में ख़रीद रहे थे तब आप मौनी बाबा […]

क्योंकि पत्रकार…पत्रकार होता है

June 9, 2018 0

सैफ अली जाफरी बिलग्राम (पत्रकार) मो. नं. 7897722206- पत्रकार…पत्रकार होता है, उसे केवल इंसान समझने की गलती तो बिल्कुल ही नहीं करनी चाहिए। पत्रकार की शक्ल इंसान की जरूर होती है, मगर वो इंसान तो […]

‘समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी’

June 7, 2018 0

बृजेश पाण्डेय ‘बृजकिशोर’ (रीवा, म.प्र. Mo. 9424623018) ‘मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है’ – अरस्तू।            मनुष्य समाज में जन्म लेता है, समाज के अन्दर पलता-बढ़ता है। समाज में रहकर उससे बहुत […]

यह है, भारत का बुद्धिजीवी-वर्ग; इसका चेहरा पहचानिए!

June 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- सिद्धान्त-व्यवहार में रेल की दो पटरियों की भाँति दिखनेवाले, आपस में लड़-कटकर मरनेवाले, सामाजिक अन्याय के विरुद्ध चुप रहनेवाले, हर टुकड़े को पाने की आस में जीनेवाले, क़लम बेचकर तमाशा दिखानेवाले, बुद्धि […]

अतिरिक्त बुद्धिमान मोदी-सरकार अथवा स्वार्थी मोदी-सरकार?

June 3, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जम्मू-कश्मीर में हमारे दो सैनिक सत्यनारायण यादव और विजय कुमार पाण्डेय की हत्या पाकिस्तानियों ने कर दी है। अब भी निर्मम मोदी-सरकार की आँखें नहीं खुल रही हैं। रमज़ान के नाम पर […]

पत्रकारिता ‘मौज-मस्ती’ नहीं, ‘साधना’ है

June 3, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कहाँ से शुरू करूँ? यह प्रश्न स्वाभाविक है; क्योंकि मैं ‘नख-शिख’ स्वयं में ‘पत्रकारिता’ हूँ। तीन अंकों में भी अर्जन किया और पाँच अंकों में भी। इन्हीं तीन और पाँच के बीच […]

शिक्षे-परीक्षे! तुम्हारा नाश हो

June 1, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- श्रमिक-वर्ग की बेकारी उतनी चिन्त्य नहीं है जितनी कि शिक्षित-वर्ग की। श्रमिक-वर्ग श्रम कहीं-न-कहीं सामयिक काम पाकर अपना जीवन-यापन कर लेता है; परन्तु शिक्षित-वर्ग जीविका के अभाव में आधियों-व्याधियों का शिकार बनता […]

राहुल गांधी! ‘विपक्ष’ की राजनीति नहीं कर सकते तो ‘ऐश’ करो

May 31, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- पेट्रोल-डीजल के नाम पर ट्वीट कर देशवासियों के ज़ख़्म पर नमक मत छिड़को; बन्द कमरे से बाहर आओ और अपने सहयोगी दलों के साथ देश की जनता के पक्ष में सड़कों पर […]

एक परीक्षार्थी को ५०० में से ‘४९९’ अंकों का दिया जाना, ‘जाँच’ का विषय बनता है

May 26, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आज (२६ मई, २०१८ ई०) सी०बी०एस०ई० बारहवीं का परीक्षापरिणाम घोषित किया गया है, जिसमें नोएडा की ‘स्टेप बाई स्टेप स्कूल’ की मेघना श्रीवास्तव को ५०० पूर्णांक में से ४९९ अंक दिये गये […]

‘राष्ट्रीय विकल्प-संघ’ का गठन अब अपरिहार्य

May 24, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज देश में जिस प्रकार की राजनीतिक प्रवृत्ति दिख रही है, वह भारतीय लोकतन्त्र के स्वास्थ्य के लिए अतीव घातक सिद्ध हो रही है। सभी राजनीतिक दल ‘लोकतन्त्र’ की भट्ठी में ‘दलित […]

और इस तरह कर्नाटक का पर्दा गिरा!

May 20, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय माना कि कर्नाटक में काँग्रेस ने जोड़-तोड़ कर अपनी सरकार बना ‘ही’ ली है; परन्तु सम्पूर्ण देश के राजनीतिक मानचित्र पर उसकी स्थिति अभी अतीव शोचनीय है; संघटन के स्तर पर वह […]

आधुनिक समाज में महिलाएं

May 13, 2018 0

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’- आधुनिक समाज में पुरुष आज भी सर्वोपरि है परन्तु हम यह नहीं भूल सकते कि एक महिला का जीवन मनुष्य के जीवन से कहीं अधिक जटिल है। एक महिला को अपनी […]

भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का ‘इतिहास-बोध’ समझिए!

May 11, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ३ मई, २०१८ ई० को कर्नाटक-राज्य में अपने चुनावी भाषणों में स्थान-स्थान पर जिस तरह से, जिन शब्दों, तथ्यों का भारत के प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी ने उद्घाटन किया था, उनसे अब […]

कर्नाटक भेदना भाजपा नेतृत्व के लिए क्या चुनौती है ?

May 10, 2018 0

नरेश दीक्षित (संपादक समर विचार) कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी की साख से जुड़ गया है । गुजरात चुनाव के बाद दुसरी बार ऐसा हो रहा है जब देश का प्रधान मंत्री अपनी साख को […]

कहीं जलती-कहीं पिघलती निर्मम होती धरती!

May 6, 2018 0

सुनामी, कैटरिना, रीटा-जैसी समुद्री तबाही और भूकम्प, तूफ़ान, भूस्खलन, ज्वालामुखी-विस्फोटन, बाढ़, महामारी-जैसी अनेक आपदाएँ पर्यावरण में बढ़ रही मानव की दखलअंदाज़ी के नतीजे हैं। तापमान में अकस्मात् उतार-चढ़ाव– कहीं वर्षा की बारम्बारता का बढ़ना और […]

अचानक ज़िन्ना का भूत कहाँ से आ गया ?

May 5, 2018 0

अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय में दशकों से ‘ज़िन्ना’ का चित्र लगा हुआ है; इस सच को अटलबिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवानी, स्व० प्रमोद महाजन, सुषमा स्वराज तथा कई हिन्दूवादी नेता भी जानते थे; परन्तु किसी ने आपत्ति […]

‘दलित’ सम्बोधन समाज के लिए अपमानसूचक और महाघातक!

May 4, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय केन्द्र और राज्य की सरकारें स्वस्थ तन-मन से युक्त कुछ जाति-विशेष को ‘दलित’ कहकर अपमानित करती आ रही हैं और अफ़सोस! वे जातियाँ फूले नहीं समा रही हैं। इस ‘दलित’ शब्द को […]

इसे कहते हैं, ‘दलितप्रेम’ का घटिया नज़ारा

May 3, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सरकारी दलितप्रेम प्रदर्शित करनेवालो! तुम सबके भीतर वास्तव में, यदि दलितप्रेम है तो अपने बेटी-बेटों की शादी दलित-परिवारों में कराकर दिखाओ। पंच सितारा होटलों से भाँति-भाँति के व्यंजन मँगवाकर सरकारी दलितों के […]

राहुल गांधी! एक करोड़ नौकरियाँ कहाँ से लाओगे?

April 28, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कर्नाटक-विधानसभा-चुनाव के प्रसंग में तुमने भी ‘श्री-श्री १००८ फेंकूदास झाँसाराम स्वामी’ के पगचिह्नों का अनुसरण करते हुए, अपने बावन पृष्ठीय चुनावी घोषणापत्र में ‘कर्नाटक के एक करोड़ युवाओं को नौकरी’ देने की […]

‘आरक्षण’ की राजनीति करनेवालों को ‘मुँहतोड़’ जवाब दीजिए

April 26, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘आरक्षण’ के नाम पर जिस प्रकार से ‘भारतीय जनता पार्टी’ शासित राज्यों में मनबढ़ होकर मुख्य मन्त्री और केन्द्र-शासन में प्रधान मन्त्री अपनी निरंकुशता का परिचय दे रहे हैं, वे देश के […]

नारी-सम्मान को आघात पहुँचानेवाला ‘फेवीकोल इजी स्प्रे’ का विज्ञापन!..?

April 22, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय दूरदर्शन के सभी चैनलों (सरकारी-ग़ैरसरकारी) पर ‘फेवीकोल’ का जो विज्ञापन सुनाया-दिखाया जा रहा है, वह निस्सन्देह, नारी-सम्मान के प्रति अक्षम्य धृष्टता है। देश के सूचना एवं प्रसारण-मन्त्रालय को सम्बद्ध विज्ञापन-एजेंसी से स्पष्टीकरण […]

केन्द्र-शासन के ‘मृत्युदण्ड’ की व्यवस्था का स्वागत है

April 21, 2018 0

  डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनों जिस अमानवीयता का परिचय देते हुए, निर्दोष, निरपराध तथा निश्छल बालिकाओं के साथ शारीरिक दुष्कर्म किये जा रहे हैं और साक्ष्य मिटाने के लिए उनकी निर्मम हत्याएँ की जा […]

चिन्तन की एक कड़ी

April 18, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वाह रे मनुष्य ! ‘मोदी-मोदी’ अथवा ‘योगी-योगी’ अथवा इस तरह की कोई भी गतिविधि मात्र पानी का एक बुलबुला है। जल की सतह पर कुछ ही पल के लिए ‘बुलबुला’ दिखता है […]

एक दिन यही आरक्षण देश का विभाजन करेगा!

April 17, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आरक्षण को बनाये रखने के ‘औचित्य’ की समीक्षा अब अपरिहार्य है। आरक्षण १० वर्षों के लिए था, फिर बिना इसकी समीक्षा किये क्यों बढ़ाया जाता रहा है? ग़रीबी कुछ जातियों-वर्गों में है? […]

संसद में काम ना होने पर देशव्यापी उपवास रखने वाले कठुआ और उन्नाव गैंगरेप पर चुप क्यों ?

April 13, 2018 0

अनुराग सिंह (पत्रकार)- संसद में काम ना होने पर जिस पार्टी के सांसदों ने देशव्यापी उपवास रखा वो कठुआ और उन्नाव गैंगरेप पर चुप है । उन्नाव गैंगरेप को 261 दिन बीत गए आरोपी बीजेपी […]

साम्प्रदायिकता और प्रगतिशीलता

April 8, 2018 0

  डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल विलम्ब रात्रि में अचानक मेरा घर ढूँढ़ते-ढूँढ़ते सम्बित पात्रा और अतुल अनजाना आ गये। हम तीनों किसी और विषय पर संवाद करना चाहते थे कि अचानक सम्बित और अतुल में […]

आदित्यनाथ योगी के पास बुन्देलखण्ड के ‘सर्वहारा-वर्ग’ के लिए समय तक नहीं

April 7, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उत्तरप्रदेश के एक महत्त्वपूर्ण भाग ‘बुन्देलखण्ड’ की जीवन-शैली को अब ‘मुक्त मीडिया’ के माध्यम से सप्रमाण सामने लाने की आवश्यकता बन गयी है, क्योंकि वह महत्त्वपूर्ण भाग उत्तरप्रदेश के अन्तर्गत है, परन्तु […]

हमें ‘राजनीतिक’ आरक्षण नहीं, ‘वास्तविक’ आरक्षण चाहिए

April 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्तमान सरकार बहुत ही ढीठ और ख़ुदगर्ज़ है। सत्ता की राजनीति के अलावा अब तक जनहित में कुछ नहीं कर पायी है। उसे मालूम है कि अब तक जिनको आरक्षण का लाभ […]

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