“विशुद्ध वंदना” : परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के चरणों में समर्पित
डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ वेष दिगम्बर धारी मुनिवर करुणा अब जगाएँगे पार करो खेवैया नहीं तो हम भव में ठहर जाएँगे । भक्ति भाव से आपको पुकारें हे! विशुद्ध महासंत कृपा प्रकटाओ अपनी नहीं तो […]